✦ High Court of India · 21 Nov 2025

Gyanpata v. Ajay Kumar & others

Case Details High Court of India · 21 Nov 2025
Court
High Court of India
Decided
21 Nov 2025
Length
1,539 words

1. Heard learned Counsel for the appellant, Sri S.P.Tiwari, learned AGA appearing for the State and perused the records.

2. The present appeal has been filed for the following main relief:- "Wherefore it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow the appeal and set-aside the impugned order dated 31.10.2025 passed by the learned Special Judge SC/ST Act Gonda in Criminal Misc Case No. 537/2025, Gyanpata Vs Ajay Kumar & others."

3. By means of the present appeal, the appellant has assailed the order dated 31.10.2025 passed by Special Judge SC/ST Act, Gonda ( in short 'trial court') in Misc Case No.537/2025 (Gyanpata Versus Ajay Kumar and Others).

4. Vide impugned order dated 31.10.2025, the trial court has rejected the application preferred by the appellant under Section 173(4) BNSS.

5. It is to be noted that application under Section 173(4) of BNSS was preferred by the appellant has not been placed on record.

6. In the aforesaid background of the case, this Court has to consider the order under challenge dated 31.10.2025 passed by the trial court, in the light of submissions advanced by learned Counsel for the parties as also the facts narrated in the order dated 31.10.2025, which is extracted hereinunder:- "प्ऴावली आदेशाथर् पेश हुई। आवेिदका के िव्षान अिधव्वा को ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० पर पूवर् में सुना जा चुका है। आवेिदका ्ञानपता के ्षारा ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० इस कथन के साथ ्ऺस्तुत िकया गया है िक ्ऺािथनी अनुसूिचत जाित (कोरी) िवधवा मिहला हैं एवं िवप्षीगण सामान्य जाित के ़्ाहमण हैं। ्ऺािथनी के िपता स्व० कराबू थे, जो िनवासी ्षाम-टकटोना, थाना-तरबगंज, जनपद गोण्डा के मूल िनवासी थे, जो भूिम गाटा सं० -136/0.639 - हे0, 509/0.1700 हे० िस्थत मौजा-टकटोना, परगना िडिक्सर, तहसील तरबगंज, जनपद-गोण्डा में 2 CRLA No. 3770 of 2025 सं्वमणीय भूिमधर थे, उनकी मृत्यु के बाद उनकी सम्पि्त उनकी पत्नी लख्खा उफर् सुख्खा पत्नी स्व० कराबू व उनके सगे पोता संिचत पु्ऴ स्व नकछेद िनवासी ्षाम-टकटोना, परगना िडिक्सर, तहसील तरबगंज, जनपद-गोण्डा के नाम जिरये वरासत 1/2, 1/2 भाग पर दजर् कागजात हुए, जो राजस्व अिभलेख में दजर्। कागजात हैं। कराबू के पु्ऴ स्व० नकछेद की मृत्यु कराबू के जीवनकाल में हो गया था। ्ऺािथनी अपनी माता लख्खा उफर् सुख्खा की सेवा सत्कार करती थी उन्होनें अपना सम्पूणर् िहस्सा अपने पु्ऴी यािन ्ऺािथनी के नाम पंजीकृ त वसीयतनामा सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में िदनांक 08.12.2011 को कर िदया था। इस आधार पर ्ऺािथनी व उनका भतीजा 1/2, 1/2 भाग के मािलक हो गये। ्ऺािथनी का भतीजा कु छ मोटे िदमाग का था. गांव के िवप्षी सं0-01 व िवप्षी सं0-02 अपने भाई कृ ष्ण ्ऺकाश के नाम अपने सहयोगी िवप्षी सं0-03 व 04 से सांठ-गांठ करके सम्पूणर् अंश का बैनामा िदनांक 02.01.2007 को करा िलया था, जो सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में बही सं0-1. खण्ड सं0-1716. पृ्ष सं 0-239 से 258 पर पंजीकृ त, है, िजसमें िवप्षी सं0-03 व 04 हािसया गवाह है। जबिक 1/2 भाग की मालिकन ्ऺािथनी है। िवप्षी सं0-02 के भाई कृ ष्ण ्ऺकाश की मृत्यु हो चुकी है। ्ऺािथनी व ्ऺािथनी के माता को उपरो्व बैनामें की जानकारी हुई तो िवपं्षीगण के बीच पंचायत हुई। पंचायत में िवप्षीगण कब्जा न करने व बैनामा वापस करने की बात कही परन्तु िवप्षीगण टाल-मटोल करते रहे तब ्ऺािथनी की माँ ने एक बैनामा िनरस्सीकरण का वाद न्यायालय िसिवल जज (जू०िड०) महोदय, गोण्डा के यहाँ ्ऺस्तुत िकया जो सा०वा०सं०-297/08 बमुकदमा लेख्खा उफर् सुख्खा बनाम अजय कु मार आिद न्यायालय पंचम अपर िसिवल जज (जू०िड०), गोण्डा के यहाँ िवचाराधीन है, िजसमें तारीख पेशी-25.09.2025 िनयत है। ्ऺािथनी के घर से उनका मायका करीब 25-30 िकमी० की दूरी पर है। िवप्षीगण ने सम्पूणर् भूिम पर जबरदस्ती कब्जा कर िलये है। ्ऺािथनी ने िदनांक-22.08.2025 को समय करीब 11 बजे िदन में अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ िववािदत. भूिम पर गयी और िवप्षी सं0-01 व 02 से कब्जा हटाने की बात कही तो िवप्षीगण काफी नाराज हो गये और ्ऺािथनी व ्ऺािथनी के पु्ऴ एवं िरश्तेदार को 'जाितसूचक कोिरन मादरचोद की भ्दी-भ्दी गाली देते हुए एवं जान से मार डालने की धमकी देने लगे। ्ऺािथनी अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ डर वश िववािदत स्थान से चली आँयी और उ्व घटना की सूचना ्ऺािथनी ने उसी िदन करीब 01 बजे स्थानीय थाना तरबगंज को िदया और दरोगा जी टाल-मटोल करते रहे न तो िवप्षीगण को थाने पर बुलाया और न ही िवप्षीगण के िवरू्ध ्ऺथम सूचना िरपोटर् दजर् िकया। ्ऺािथनी ने िदनांक 01.09.2025 को गोण्डा आकर ्िि्व रूप से िमलकर उ्व घटना को िलखकर एक ्ऺाथर्ना प्ऴ पुिलस अधी्षक महोदय, गोण्डा को िदया एवं एक ्ऺित रिजस््िी भी िकया, लेिकन कोई कायर्वाही नहीं हुई तो िदनांक-06.09.2025 को एक ्ऺाथर्ना प्ऴ की सूचना जिरये रिजस््िी िजलािधकारी महोदय, गोण्डा को िदया, परन्तु कोई कायर्वाही आज तक िवप्षीगण के िवरु्ध नहीं हुई। इसिलए ्ऺािथनी स्षम न्यायालय पर ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० का ्ऺस्तुत कर रही है। ऐसे में िवप्षीगण के िवरू्ध मुकदमा दजर् कराकर मामले की िववेचना कराए जाने की ्ऺाथर्ना की गयी है। ्ऺस्तुत ्ऺकरण के आलोक में सम्बिन्धत थाने से आख्या आहूत की गयी। थाने से ्ऺाप्त जख्या िदनांिकत 21.10.2025 के अनुसार ्ऺस्तुत ्ऺकरण के सम्बन्ध में कोई अिभयोग थाने पर पंजीकृ त नहीं है। ्ऺाथर्ना प्ऴ पर आवेिदका के िव्षान अिधव्वा को सुना एवं प्ऴावली का अवलोकन िकया। प्ऴावली के अवलोकन से िविदत होता है िक आवेिदका ्षारा िवप्षी सं0-01 व "िवप्षी सं0-02 अपने भाई कृ ष्ण ्ऺकाश के नाम अपने सहयोगी िवप्षी सं0-03 व 04 से साठ-गाठ करके सम्पूणर् अंश का बैनामा िदनांक 02.01.2007 को करा लेने का कथन िकया है, 'जो सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में बही सं0-1, खण्ड सं0- 1716. पृ्ष सं0-239 से 258 पर पंजीकृ त है, िजसमें िवप्षी सं०-03 व 04 हािसया गवाह हैं। जबिक 1/2 भाग की मालिकन आवेिदका है। िवप्षी सं०-02 के भाई कृ ष्ण ्ऺकोश की मृत्यु हो चुकी है। िजसका बैनामा िनरस्तीकरण का वाद न्यायालय पंचम िसिवल जज (जू०िड०), गोण्डा के यहाँ सा०वा०सं०-297/08 लख्खा उफर् सुख्खा बनाम अजय कु मार आिद िवचाराधीन है, इस ्ऺकार ्ऺस्तुत ्ऺकरण िसिवल वाद से सम्बिन्धत है। आवेिदका ्षारा अपने ्ऺाथर्ना प्ऴ में यह भी कथन िकया गया है िक िदनांक-22.08.2025 को समय करीब 11 बजे िदन में अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ िववािदत भूिम पर गयी तब िवप्षीगण आवेिदका व उसके पु्ऴ एवं िरश्तेदार को जाितसूचक कोिरन मादरचोद की भ्दी- भ्दी गाली देते हुए एवं जान से मार डालने की धमकी िदया। इस के सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय के िनणर्य मोहम्मद इ़्ािहम बनाम िबहार राज्य 2009 (11) जे0टी 553 एस०सी० में यह अवधािरत िकया गया है िक दण्ड न्यायालय को यह सुिनि्ात करना है िक उनके सम्ष कायर्वािहयों का ्ऺयोग श्ऴुता का बदला लेने के िलए, िसिवल िववाद के िनस्तारण कराने हेतु दवाब बनाने के िलए नहीं होने देना चािहए। अतः मामले के तथ्य एवं पिरिस्थितयों में ्ऺाथर्ना प्ऴ में दिशत आधार बाबत दजर् कराये जाने ्ऺथम सूचना िरपोटर् मनगढन्त एं व कपोलकिल्पत तथा फजर् ्ऺतीत होता है। इन पिरिस्थितयों को दृि्िगत रखते हुए यह न्यायालय इस मत का है िक ्ऺाथर्ना प्ऴ बी०एन०एस०एस० की धारा-173 (4) िनरस्त िकये जाने योग्य है। आदेश आवेिदका ्ञानपता ्षारा ्ऺस्तुत ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173 (4) बी०एन०एस०एस० िनरस्त िकया जाता है। प्ऴावली िनयमानुसार दािखल अिभलेखागार हो।"

7. Upon due consideration of aforesaid, this Court finds no force in the present appeal. It is for the following reasons:- 3 CRLA No. 3770 of 2025 (i) The appellant is claiming his rights over the property in issue based upon the 'Will' dated 08.12.2011. (ii) The side opposite is claiming his rights over the property in issue on the basis of registered sale deed dated 02.01.2007. (iii) From the impugned order dated 31.10.2025 it appears that till date 'Will' dated 08.12.2011 has not been established/proved before the competent court of jurisdiction. (iv) The order impugned dated 31.10.2025 also indicates that mother of the appellant way back i.e. in the year 2008 filed a case for cancellation of sale deed which is pending as Case No. 297/2008 [Lakhkha alias Sukhkha Versus Ajay Kumar (opposite party no.2 in the present appeal) and Others], which is pending before Vth Additional Civil Judge (Junior Division), Gonda. (v) This Court is prima-facie of the view that side opposite was in possession in terms of sale deed dated 02.01.2007. (vi) Thus, to the view of this Court, appellant wants to give a criminal colour to a civil dispute, which practice has been deprecated by the Hon'ble Apex Court in various judgments including the judgment(s) passed in the case of Deepak Gaba and others Vs. State of Uttar Pradesh and another, Criminal Appeal No.2328 of 2022, decided on 02.01.2023, Prof R.K. Vijayasarathy & Anr. Vs. Sudha Seetharam & Anr., Criminal Appeal No.238 of 2019, arising out of Special Leave Petition (Crl) No.1434 of 2018, decided on 15.02.2019, and Lalit Chaturvedi & others Vs. State of Uttar Pradesh & another, SLP (Crl) No.13485 of 2023, order dated 06.02.2024.

8. For the reasons aforesaid, the present appeal is dismissed. Costs made easy. November 21, 2025 Jyoti/- (Saurabh Lavania,J.) JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

1. Heard learned Counsel for the appellant, Sri S.P.Tiwari, learned AGA appearing for the State and perused the records.

2. The present appeal has been filed for the following main relief:- "Wherefore it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow the appeal and set-aside the impugned order dated 31.10.2025 passed by the learned Special Judge SC/ST Act Gonda in Criminal Misc Case No. 537/2025, Gyanpata Vs Ajay Kumar & others."

3. By means of the present appeal, the appellant has assailed the order dated 31.10.2025 passed by Special Judge SC/ST Act, Gonda ( in short 'trial court') in Misc Case No.537/2025 (Gyanpata Versus Ajay Kumar and Others).

4. Vide impugned order dated 31.10.2025, the trial court has rejected the application preferred by the appellant under Section 173(4) BNSS.

5. It is to be noted that application under Section 173(4) of BNSS was preferred by the appellant has not been placed on record.

6. In the aforesaid background of the case, this Court has to consider the order under challenge dated 31.10.2025 passed by the trial court, in the light of submissions advanced by learned Counsel for the parties as also the facts narrated in the order dated 31.10.2025, which is extracted hereinunder:- "प्ऴावली आदेशाथर् पेश हुई। आवेिदका के िव्षान अिधव्वा को ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० पर पूवर् में सुना जा चुका है। आवेिदका ्ञानपता के ्षारा ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० इस कथन के साथ ्ऺस्तुत िकया गया है िक ्ऺािथनी अनुसूिचत जाित (कोरी) िवधवा मिहला हैं एवं िवप्षीगण सामान्य जाित के ़्ाहमण हैं। ्ऺािथनी के िपता स्व० कराबू थे, जो िनवासी ्षाम-टकटोना, थाना-तरबगंज, जनपद गोण्डा के मूल िनवासी थे, जो भूिम गाटा सं० -136/0.639 - हे0, 509/0.1700 हे० िस्थत मौजा-टकटोना, परगना िडिक्सर, तहसील तरबगंज, जनपद-गोण्डा में 2 CRLA No. 3770 of 2025 सं्वमणीय भूिमधर थे, उनकी मृत्यु के बाद उनकी सम्पि्त उनकी पत्नी लख्खा उफर् सुख्खा पत्नी स्व० कराबू व उनके सगे पोता संिचत पु्ऴ स्व नकछेद िनवासी ्षाम-टकटोना, परगना िडिक्सर, तहसील तरबगंज, जनपद-गोण्डा के नाम जिरये वरासत 1/2, 1/2 भाग पर दजर् कागजात हुए, जो राजस्व अिभलेख में दजर्। कागजात हैं। कराबू के पु्ऴ स्व० नकछेद की मृत्यु कराबू के जीवनकाल में हो गया था। ्ऺािथनी अपनी माता लख्खा उफर् सुख्खा की सेवा सत्कार करती थी उन्होनें अपना सम्पूणर् िहस्सा अपने पु्ऴी यािन ्ऺािथनी के नाम पंजीकृ त वसीयतनामा सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में िदनांक 08.12.2011 को कर िदया था। इस आधार पर ्ऺािथनी व उनका भतीजा 1/2, 1/2 भाग के मािलक हो गये। ्ऺािथनी का भतीजा कु छ मोटे िदमाग का था. गांव के िवप्षी सं0-01 व िवप्षी सं0-02 अपने भाई कृ ष्ण ्ऺकाश के नाम अपने सहयोगी िवप्षी सं0-03 व 04 से सांठ-गांठ करके सम्पूणर् अंश का बैनामा िदनांक 02.01.2007 को करा िलया था, जो सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में बही सं0-1. खण्ड सं0-1716. पृ्ष सं 0-239 से 258 पर पंजीकृ त, है, िजसमें िवप्षी सं0-03 व 04 हािसया गवाह है। जबिक 1/2 भाग की मालिकन ्ऺािथनी है। िवप्षी सं0-02 के भाई कृ ष्ण ्ऺकाश की मृत्यु हो चुकी है। ्ऺािथनी व ्ऺािथनी के माता को उपरो्व बैनामें की जानकारी हुई तो िवपं्षीगण के बीच पंचायत हुई। पंचायत में िवप्षीगण कब्जा न करने व बैनामा वापस करने की बात कही परन्तु िवप्षीगण टाल-मटोल करते रहे तब ्ऺािथनी की माँ ने एक बैनामा िनरस्सीकरण का वाद न्यायालय िसिवल जज (जू०िड०) महोदय, गोण्डा के यहाँ ्ऺस्तुत िकया जो सा०वा०सं०-297/08 बमुकदमा लेख्खा उफर् सुख्खा बनाम अजय कु मार आिद न्यायालय पंचम अपर िसिवल जज (जू०िड०), गोण्डा के यहाँ िवचाराधीन है, िजसमें तारीख पेशी-25.09.2025 िनयत है। ्ऺािथनी के घर से उनका मायका करीब 25-30 िकमी० की दूरी पर है। िवप्षीगण ने सम्पूणर् भूिम पर जबरदस्ती कब्जा कर िलये है। ्ऺािथनी ने िदनांक-22.08.2025 को समय करीब 11 बजे िदन में अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ िववािदत. भूिम पर गयी और िवप्षी सं0-01 व 02 से कब्जा हटाने की बात कही तो िवप्षीगण काफी नाराज हो गये और ्ऺािथनी व ्ऺािथनी के पु्ऴ एवं िरश्तेदार को 'जाितसूचक कोिरन मादरचोद की भ्दी-भ्दी गाली देते हुए एवं जान से मार डालने की धमकी देने लगे। ्ऺािथनी अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ डर वश िववािदत स्थान से चली आँयी और उ्व घटना की सूचना ्ऺािथनी ने उसी िदन करीब 01 बजे स्थानीय थाना तरबगंज को िदया और दरोगा जी टाल-मटोल करते रहे न तो िवप्षीगण को थाने पर बुलाया और न ही िवप्षीगण के िवरू्ध ्ऺथम सूचना िरपोटर् दजर् िकया। ्ऺािथनी ने िदनांक 01.09.2025 को गोण्डा आकर ्िि्व रूप से िमलकर उ्व घटना को िलखकर एक ्ऺाथर्ना प्ऴ पुिलस अधी्षक महोदय, गोण्डा को िदया एवं एक ्ऺित रिजस््िी भी िकया, लेिकन कोई कायर्वाही नहीं हुई तो िदनांक-06.09.2025 को एक ्ऺाथर्ना प्ऴ की सूचना जिरये रिजस््िी िजलािधकारी महोदय, गोण्डा को िदया, परन्तु कोई कायर्वाही आज तक िवप्षीगण के िवरु्ध नहीं हुई। इसिलए ्ऺािथनी स्षम न्यायालय पर ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173(4) बी०एन०एस०एस० का ्ऺस्तुत कर रही है। ऐसे में िवप्षीगण के िवरू्ध मुकदमा दजर् कराकर मामले की िववेचना कराए जाने की ्ऺाथर्ना की गयी है। ्ऺस्तुत ्ऺकरण के आलोक में सम्बिन्धत थाने से आख्या आहूत की गयी। थाने से ्ऺाप्त जख्या िदनांिकत 21.10.2025 के अनुसार ्ऺस्तुत ्ऺकरण के सम्बन्ध में कोई अिभयोग थाने पर पंजीकृ त नहीं है। ्ऺाथर्ना प्ऴ पर आवेिदका के िव्षान अिधव्वा को सुना एवं प्ऴावली का अवलोकन िकया। प्ऴावली के अवलोकन से िविदत होता है िक आवेिदका ्षारा िवप्षी सं0-01 व "िवप्षी सं0-02 अपने भाई कृ ष्ण ्ऺकाश के नाम अपने सहयोगी िवप्षी सं0-03 व 04 से साठ-गाठ करके सम्पूणर् अंश का बैनामा िदनांक 02.01.2007 को करा लेने का कथन िकया है, 'जो सबरिजस््िार कायार्लय तरबगंज गोण्डा में बही सं0-1, खण्ड सं0- 1716. पृ्ष सं0-239 से 258 पर पंजीकृ त है, िजसमें िवप्षी सं०-03 व 04 हािसया गवाह हैं। जबिक 1/2 भाग की मालिकन आवेिदका है। िवप्षी सं०-02 के भाई कृ ष्ण ्ऺकोश की मृत्यु हो चुकी है। िजसका बैनामा िनरस्तीकरण का वाद न्यायालय पंचम िसिवल जज (जू०िड०), गोण्डा के यहाँ सा०वा०सं०-297/08 लख्खा उफर् सुख्खा बनाम अजय कु मार आिद िवचाराधीन है, इस ्ऺकार ्ऺस्तुत ्ऺकरण िसिवल वाद से सम्बिन्धत है। आवेिदका ्षारा अपने ्ऺाथर्ना प्ऴ में यह भी कथन िकया गया है िक िदनांक-22.08.2025 को समय करीब 11 बजे िदन में अपने पु्ऴ व िरश्तेदार के साथ िववािदत भूिम पर गयी तब िवप्षीगण आवेिदका व उसके पु्ऴ एवं िरश्तेदार को जाितसूचक कोिरन मादरचोद की भ्दी- भ्दी गाली देते हुए एवं जान से मार डालने की धमकी िदया। इस के सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय के िनणर्य मोहम्मद इ़्ािहम बनाम िबहार राज्य 2009 (11) जे0टी 553 एस०सी० में यह अवधािरत िकया गया है िक दण्ड न्यायालय को यह सुिनि्ात करना है िक उनके सम्ष कायर्वािहयों का ्ऺयोग श्ऴुता का बदला लेने के िलए, िसिवल िववाद के िनस्तारण कराने हेतु दवाब बनाने के िलए नहीं होने देना चािहए। अतः मामले के तथ्य एवं पिरिस्थितयों में ्ऺाथर्ना प्ऴ में दिशत आधार बाबत दजर् कराये जाने ्ऺथम सूचना िरपोटर् मनगढन्त एं व कपोलकिल्पत तथा फजर् ्ऺतीत होता है। इन पिरिस्थितयों को दृि्िगत रखते हुए यह न्यायालय इस मत का है िक ्ऺाथर्ना प्ऴ बी०एन०एस०एस० की धारा-173 (4) िनरस्त िकये जाने योग्य है। आदेश आवेिदका ्ञानपता ्षारा ्ऺस्तुत ्ऺाथर्ना प्ऴ अन्तगर्त धारा-173 (4) बी०एन०एस०एस० िनरस्त िकया जाता है। प्ऴावली िनयमानुसार दािखल अिभलेखागार हो।"

7. Upon due consideration of aforesaid, this Court finds no force in the present appeal. It is for the following reasons:- 3 CRLA No. 3770 of 2025 (i) The appellant is claiming his rights over the property in issue based upon the 'Will' dated 08.12.2011. (ii) The side opposite is claiming his rights over the property in issue on the basis of registered sale deed dated 02.01.2007. (iii) From the impugned order dated 31.10.2025 it appears that till date 'Will' dated 08.12.2011 has not been established/proved before the competent court of jurisdiction. (iv) The order impugned dated 31.10.2025 also indicates that mother of the appellant way back i.e. in the year 2008 filed a case for cancellation of sale deed which is pending as Case No. 297/2008 [Lakhkha alias Sukhkha Versus Ajay Kumar (opposite party no.2 in the present appeal) and Others], which is pending before Vth Additional Civil Judge (Junior Division), Gonda. (v) This Court is prima-facie of the view that side opposite was in possession in terms of sale deed dated 02.01.2007. (vi) Thus, to the view of this Court, appellant wants to give a criminal colour to a civil dispute, which practice has been deprecated by the Hon'ble Apex Court in various judgments including the judgment(s) passed in the case of Deepak Gaba and others Vs. State of Uttar Pradesh and another, Criminal Appeal No.2328 of 2022, decided on 02.01.2023, Prof R.K. Vijayasarathy & Anr. Vs. Sudha Seetharam & Anr., Criminal Appeal No.238 of 2019, arising out of Special Leave Petition (Crl) No.1434 of 2018, decided on 15.02.2019, and Lalit Chaturvedi & others Vs. State of Uttar Pradesh & another, SLP (Crl) No.13485 of 2023, order dated 06.02.2024.

8. For the reasons aforesaid, the present appeal is dismissed. Costs made easy. November 21, 2025 Jyoti/- (Saurabh Lavania,J.) JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

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