Mohammad Rafiq v. State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And
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Acts & Sections
1. Heard learned counsel for the revisionist and Mrs. Shikha Sinha, learned counsel appearing for the State.
2. Instant revision has been filed challenging the order dated 28.08.2025 passed by the Principal Judge, Family Court, Balrampur in Criminal Misc. Case No. 143 of 2022 (Mhd. Rafiq vs. Smt. Shahajahan Begam and others) under Section 127 CrPC dated 18.05.2022, registered as Case No. M 143/2022. Relevant portion of the application reads as under:- "महोदय, आपि(cid:485)कता(cid:259)गण का सादर कथन िन(cid:286)निलिखत हैः- धारा-1 यह िक वादी ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 1 म(cid:517) गलत एवं (cid:355)ामक कथन िकया है वष(cid:259) 1987 म(cid:517) शादी होना (cid:293)वीकार है पर(cid:281)तु मो० शफीक उफ(cid:259) राजू की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 26 साल होगी तथा सािहल की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 18 वष(cid:259) होगी और िसराजुि(cid:281)नशां की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 20 वष(cid:259) होगी और बनारसी की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 13 वष(cid:259) होगी। उ(cid:289)लेखनीय है िक िदनांक 19.9.2011 (cid:352)(cid:277)येक (cid:498)ि(cid:472) को 500/- (cid:627)पया (cid:352)ितमाह आदेश की ितिथ से देना है और जब तक बािलग नह(cid:514) हो जाते है तब तक की देनदारी बनती है तथा पु(cid:347)ी िसराजुि(cid:281)नशां की शादी होने तक और उसके शादी के (cid:498)य की िज(cid:286)मेदारी िपता मो० रफीक की है और सभी अ(cid:498)सक ब(cid:267)चे तथा पु(cid:347)ी व (cid:352)ािथनी शाहजहां के भरण पोषण की िज(cid:286)मेदारी आवेदक की बनती है। धारा-2 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 2 म(cid:517) गलत कथन िकया है गलत ढंग से चािरि(cid:347)क लांछन लगाया है (cid:352)ािथनी आवेदक के सभी ब(cid:267)च(cid:523) का देख रेख की है और आज भी ब(cid:267)चे (cid:352)ािथनी के साथ ही है यिद (cid:352)ािथनी का चाल चलन ठीक न होता तो ब(cid:267)चे अव(cid:291)य िवरोध करते। धारा-3 यह िक आवेदक के (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 3 म(cid:517) गलत कथन िकया है अवय(cid:293)क का सही उ(cid:356) िलखकर ही वाद दायर िकया गया है। 2 CRLR No. 1342 of 2025 धारा-4 यह िक आवेदक के (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 4 म(cid:517) गलत कथन िकया है िनण(cid:259)य चाहे एक प(cid:87)ीय हो या गुण दोष पर उसकी मू(cid:289)य वही है जब तक वह िनर(cid:293)त नह(cid:514) कर िदया जाता है। धारा-5 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 5 म(cid:517) गलत कथन िकया है चू ंिक माननीय (cid:281)यायालय का िनण(cid:259)य िदनांक 19.9.2021 का है इसिलए (cid:498)सक् ब(cid:267)च(cid:523) का भी जो धनरािश (cid:498)(cid:293)कता की ितिथ तब बताया है उसे पाने के अिधकारी है तथा पु(cid:347)ी िववाह होने तक भरण पोषण पाने के अिदकारी है तथा पु(cid:347)ी की शादी (cid:498)य भी (cid:352)ा(cid:282)त करने की अिधकारी है। धारा-6 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 6-7 म(cid:517) (cid:355)ामक कथन िकया है माननीय उ(cid:267)च (cid:281)यायालय के सम(cid:87) जो यािचका दािखल िकया गया था तथा 125 सीआर पी सी म(cid:517) वाद दायर करते समय (cid:352)ािथनी ने उ(cid:356) सही िलखा है आवेदक ने गलत त(cid:278)य के आधार पर यह वाद दायर िकया है। धारा-7 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 8 म(cid:517) (cid:355)ामक कथन िकया है 11 साल की अविध (cid:498)तीत होने के बाद 500/- (cid:627)पया (cid:352)ितमाह का भरण पोषण अपया(cid:259)(cid:282)त है और भरण पोषण की धनरािश ब(cid:238)ाया जाना आव(cid:291)यक है। अतः (cid:361)ीमान जी से सादर (cid:352)ाथ(cid:259)ना है िक आवेदक का (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) िनर(cid:293)त िकया जावे। िदनांक 18-5-22 आपि(cid:485)क(cid:347)ी शाहजहां प(cid:277)नी मो० रफीक पु(cid:347)ी गुलाम रसूल िनवािसनी नहर बालागंज थाना को० देहात िजला बलरामपुर"
3. In response to the aforesaid facts particularly approximate age of the opposite party No(s). 3 to 6, children born out of wedlock of the revisionist and opposite party No. 2, the opposite party No. 2 pleaded and proved before the Family Court the correct age of the opposite party No(s). 3 to 6. The same is evident from para 8.4 of the order in issue which reads as under:- "(cid:352)ाथ(cid:515)/वादी की ओर से 20 ख/2 एन०सी०आर० सं(cid:263)या 229/1999 की छाया(cid:352)ित दािखल की गई है, जो
19.11.1999 को (cid:631)ई घटना की िरपोट(cid:259) दज(cid:259) कराई गई है िजसम(cid:517) मो० रफीक (cid:497)ारा यह कथन िकया गया है िक उसके दो ब(cid:267)चे भी ह(cid:520) और यह भी कहा गया है िक बहला-फु सलाकर उसके प(cid:277)नी दोन(cid:523) ब(cid:267)च(cid:523) को, िजनका नाम सु ्(cid:281)नत जहां और मो० शफीक, िजनकी उ(cid:334) (cid:332)मशः 1 वष(cid:259) और 4 वष(cid:259) है, उसकी प(cid:277)नी लेकर चली गई। िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 की ओर से िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 2 लगायत 5 के आधार काड(cid:259) की छाया(cid:352)ित दािखल की गई है, िजसम(cid:517) अशरफ (cid:631)सैन पु(cid:347) रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2009, मो० शफीक पु(cid:347) मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 08.08.1998, सु(cid:281)नत जहां पु(cid:347)ी मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2006, सािहल अहमद पु(cid:347) मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.1998 है तथा रशीद की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2006अंिकत है। इस (cid:352)कार से 2010 को (cid:352)ाथ(cid:259)ना-प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुतीकरण के समय मो० शफीक 12 साल, अशरफ 1 साल, सु(cid:281)नत जहां 4 साल, सािहल 12 साल, रसीद 4 साल होती है। (cid:352)ािथनी शाहजहां बेगम (cid:497)ारा (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुतीकरण म(cid:517) मो० शफीक उफ(cid:259) राजू की उ(cid:356) 14 वष(cid:259) अंिकत िकया था, िसराजुलिनशा उफ(cid:259) सु(cid:281)नत जहां की उ(cid:356) 10 वष(cid:259), सािहल की उ(cid:356) 8 वष(cid:259) और बनारसी की उ(cid:356) 2 वष(cid:259) अंिकत िकया था। चू ंिक 1999 म(cid:517) दािखल 3 CRLR No. 1342 of 2025 एन०सी०आर० म(cid:517) मो० शफीक 4 वष(cid:259) व सु(cid:281)नत जहां को 1 वष(cid:259) बताया गया, जो िक सबसे ब(cid:237)े दोन(cid:523) स(cid:281)तान(cid:517) थी, इस (cid:352)कार 2010 म(cid:517) (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुत िकये जाने की ितिथ पर उनकी उ(cid:356) (cid:332)मश 15 वष(cid:259) 12 वष(cid:259) होगी। इस (cid:352)कार (cid:293)प(cid:504) है िक जबिक दोन(cid:523) के म(cid:280)य वाद नह(cid:514) था तब उ(cid:356) बताई गई है। अतः इस आधार पर यह उपधारणा करना बलवती होती है िक (cid:352)ाथ(cid:259)ना-प(cid:347) एम 107/2010 के (cid:352)(cid:293)तुतीकरण पर राजू उफ(cid:259) शफीक की उ(cid:356) 15 वष(cid:259) ((cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) म(cid:517) 14 वष(cid:259)) िसराजुि(cid:281)नशा की उ(cid:356) 12 वष(cid:259) ((cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) म(cid:517) 10 वष(cid:259)) अंिकत है। जो यह (cid:293)प(cid:504) करता है िक (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की (cid:352)(cid:293)तुतीकरण के समय सभी अवय(cid:293)क थे। तदनुसार यह िब(cid:281)(cid:621) अवधािरत िकया जाता है।"
4. The above observations made by the Family Court in para 8.4, quoted above, have not been impeached by the revisionist before this Court. No evidence was placed before the Family Court by the revisionist in this regard nor has been placed before this Court.
5. In view of the aforesaid, the Family Court has not committed any error while deciding the Issue No. 3, according to which, the minors would be entitled to the amount of maintenance till attaining the age of majority. The decision on the issue No.3 reads as under:- "िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 3:- अनुतोष? िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 1 के िन(cid:293)तारण से (cid:293)प(cid:504) है िक िवप(cid:87)ीगण मुकदमा सं(cid:263)या एम 107/2010 अ(cid:281)तग(cid:259)त धारा 125 दं०(cid:352)०सं० के (cid:352)(cid:293)तुत िकये जाने के समय वय(cid:293)क नह(cid:514) थे। िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 2 से (cid:293)प(cid:504) है िक आवेदक यह सािबत करने म(cid:517) असमथ(cid:259) रहा िक िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 जारता का जीवन (cid:498)तीत कर रही है। िसराजुि(cid:281)नशा की शादी हो चुकी है। अ(cid:281)य ब(cid:267)चे वय(cid:293)कता की ितिथ से भरण पोषण पाने के अिधकारी नह(cid:514) ह(cid:520), िक(cid:281)तु िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 िनण(cid:259)य/आदेश िदनांक 19.09.2011के अनुसार भरण पोषण पाने की अिधकािरणी है। तदनुसार यह िब(cid:281)(cid:621) िनण(cid:515)त िकया जाता है।"
6. For the reasons aforesaid, this Court finds no force in the revision and accordingly it is dismissed. November 20, 2025 Vinay/- (Saurabh Lavania,J.) VINAY KUMAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench
1. Heard learned counsel for the revisionist and Mrs. Shikha Sinha, learned counsel appearing for the State.
2. Instant revision has been filed challenging the order dated 28.08.2025 passed by the Principal Judge, Family Court, Balrampur in Criminal Misc. Case No. 143 of 2022 (Mhd. Rafiq vs. Smt. Shahajahan Begam and others) under Section 127 CrPC dated 18.05.2022, registered as Case No. M 143/2022. Relevant portion of the application reads as under:- "महोदय, आपि(cid:485)कता(cid:259)गण का सादर कथन िन(cid:286)निलिखत हैः- धारा-1 यह िक वादी ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 1 म(cid:517) गलत एवं (cid:355)ामक कथन िकया है वष(cid:259) 1987 म(cid:517) शादी होना (cid:293)वीकार है पर(cid:281)तु मो० शफीक उफ(cid:259) राजू की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 26 साल होगी तथा सािहल की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 18 वष(cid:259) होगी और िसराजुि(cid:281)नशां की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 20 वष(cid:259) होगी और बनारसी की उ(cid:356) वत(cid:259)मान समय म(cid:517) 13 वष(cid:259) होगी। उ(cid:289)लेखनीय है िक िदनांक 19.9.2011 (cid:352)(cid:277)येक (cid:498)ि(cid:472) को 500/- (cid:627)पया (cid:352)ितमाह आदेश की ितिथ से देना है और जब तक बािलग नह(cid:514) हो जाते है तब तक की देनदारी बनती है तथा पु(cid:347)ी िसराजुि(cid:281)नशां की शादी होने तक और उसके शादी के (cid:498)य की िज(cid:286)मेदारी िपता मो० रफीक की है और सभी अ(cid:498)सक ब(cid:267)चे तथा पु(cid:347)ी व (cid:352)ािथनी शाहजहां के भरण पोषण की िज(cid:286)मेदारी आवेदक की बनती है। धारा-2 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 2 म(cid:517) गलत कथन िकया है गलत ढंग से चािरि(cid:347)क लांछन लगाया है (cid:352)ािथनी आवेदक के सभी ब(cid:267)च(cid:523) का देख रेख की है और आज भी ब(cid:267)चे (cid:352)ािथनी के साथ ही है यिद (cid:352)ािथनी का चाल चलन ठीक न होता तो ब(cid:267)चे अव(cid:291)य िवरोध करते। धारा-3 यह िक आवेदक के (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 3 म(cid:517) गलत कथन िकया है अवय(cid:293)क का सही उ(cid:356) िलखकर ही वाद दायर िकया गया है। 2 CRLR No. 1342 of 2025 धारा-4 यह िक आवेदक के (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 4 म(cid:517) गलत कथन िकया है िनण(cid:259)य चाहे एक प(cid:87)ीय हो या गुण दोष पर उसकी मू(cid:289)य वही है जब तक वह िनर(cid:293)त नह(cid:514) कर िदया जाता है। धारा-5 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 5 म(cid:517) गलत कथन िकया है चू ंिक माननीय (cid:281)यायालय का िनण(cid:259)य िदनांक 19.9.2021 का है इसिलए (cid:498)सक् ब(cid:267)च(cid:523) का भी जो धनरािश (cid:498)(cid:293)कता की ितिथ तब बताया है उसे पाने के अिधकारी है तथा पु(cid:347)ी िववाह होने तक भरण पोषण पाने के अिदकारी है तथा पु(cid:347)ी की शादी (cid:498)य भी (cid:352)ा(cid:282)त करने की अिधकारी है। धारा-6 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की धारा 6-7 म(cid:517) (cid:355)ामक कथन िकया है माननीय उ(cid:267)च (cid:281)यायालय के सम(cid:87) जो यािचका दािखल िकया गया था तथा 125 सीआर पी सी म(cid:517) वाद दायर करते समय (cid:352)ािथनी ने उ(cid:356) सही िलखा है आवेदक ने गलत त(cid:278)य के आधार पर यह वाद दायर िकया है। धारा-7 यह िक आवेदक ने (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) के धारा 8 म(cid:517) (cid:355)ामक कथन िकया है 11 साल की अविध (cid:498)तीत होने के बाद 500/- (cid:627)पया (cid:352)ितमाह का भरण पोषण अपया(cid:259)(cid:282)त है और भरण पोषण की धनरािश ब(cid:238)ाया जाना आव(cid:291)यक है। अतः (cid:361)ीमान जी से सादर (cid:352)ाथ(cid:259)ना है िक आवेदक का (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) िनर(cid:293)त िकया जावे। िदनांक 18-5-22 आपि(cid:485)क(cid:347)ी शाहजहां प(cid:277)नी मो० रफीक पु(cid:347)ी गुलाम रसूल िनवािसनी नहर बालागंज थाना को० देहात िजला बलरामपुर"
3. In response to the aforesaid facts particularly approximate age of the opposite party No(s). 3 to 6, children born out of wedlock of the revisionist and opposite party No. 2, the opposite party No. 2 pleaded and proved before the Family Court the correct age of the opposite party No(s). 3 to 6. The same is evident from para 8.4 of the order in issue which reads as under:- "(cid:352)ाथ(cid:515)/वादी की ओर से 20 ख/2 एन०सी०आर० सं(cid:263)या 229/1999 की छाया(cid:352)ित दािखल की गई है, जो
19.11.1999 को (cid:631)ई घटना की िरपोट(cid:259) दज(cid:259) कराई गई है िजसम(cid:517) मो० रफीक (cid:497)ारा यह कथन िकया गया है िक उसके दो ब(cid:267)चे भी ह(cid:520) और यह भी कहा गया है िक बहला-फु सलाकर उसके प(cid:277)नी दोन(cid:523) ब(cid:267)च(cid:523) को, िजनका नाम सु ्(cid:281)नत जहां और मो० शफीक, िजनकी उ(cid:334) (cid:332)मशः 1 वष(cid:259) और 4 वष(cid:259) है, उसकी प(cid:277)नी लेकर चली गई। िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 की ओर से िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 2 लगायत 5 के आधार काड(cid:259) की छाया(cid:352)ित दािखल की गई है, िजसम(cid:517) अशरफ (cid:631)सैन पु(cid:347) रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2009, मो० शफीक पु(cid:347) मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 08.08.1998, सु(cid:281)नत जहां पु(cid:347)ी मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2006, सािहल अहमद पु(cid:347) मो० रफीक की ज(cid:281)मितिथ 01.01.1998 है तथा रशीद की ज(cid:281)मितिथ 01.01.2006अंिकत है। इस (cid:352)कार से 2010 को (cid:352)ाथ(cid:259)ना-प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुतीकरण के समय मो० शफीक 12 साल, अशरफ 1 साल, सु(cid:281)नत जहां 4 साल, सािहल 12 साल, रसीद 4 साल होती है। (cid:352)ािथनी शाहजहां बेगम (cid:497)ारा (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुतीकरण म(cid:517) मो० शफीक उफ(cid:259) राजू की उ(cid:356) 14 वष(cid:259) अंिकत िकया था, िसराजुलिनशा उफ(cid:259) सु(cid:281)नत जहां की उ(cid:356) 10 वष(cid:259), सािहल की उ(cid:356) 8 वष(cid:259) और बनारसी की उ(cid:356) 2 वष(cid:259) अंिकत िकया था। चू ंिक 1999 म(cid:517) दािखल 3 CRLR No. 1342 of 2025 एन०सी०आर० म(cid:517) मो० शफीक 4 वष(cid:259) व सु(cid:281)नत जहां को 1 वष(cid:259) बताया गया, जो िक सबसे ब(cid:237)े दोन(cid:523) स(cid:281)तान(cid:517) थी, इस (cid:352)कार 2010 म(cid:517) (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुत िकये जाने की ितिथ पर उनकी उ(cid:356) (cid:332)मश 15 वष(cid:259) 12 वष(cid:259) होगी। इस (cid:352)कार (cid:293)प(cid:504) है िक जबिक दोन(cid:523) के म(cid:280)य वाद नह(cid:514) था तब उ(cid:356) बताई गई है। अतः इस आधार पर यह उपधारणा करना बलवती होती है िक (cid:352)ाथ(cid:259)ना-प(cid:347) एम 107/2010 के (cid:352)(cid:293)तुतीकरण पर राजू उफ(cid:259) शफीक की उ(cid:356) 15 वष(cid:259) ((cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) म(cid:517) 14 वष(cid:259)) िसराजुि(cid:281)नशा की उ(cid:356) 12 वष(cid:259) ((cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) म(cid:517) 10 वष(cid:259)) अंिकत है। जो यह (cid:293)प(cid:504) करता है िक (cid:352)ाथ(cid:259)ना प(cid:347) की (cid:352)(cid:293)तुतीकरण के समय सभी अवय(cid:293)क थे। तदनुसार यह िब(cid:281)(cid:621) अवधािरत िकया जाता है।"
4. The above observations made by the Family Court in para 8.4, quoted above, have not been impeached by the revisionist before this Court. No evidence was placed before the Family Court by the revisionist in this regard nor has been placed before this Court.
5. In view of the aforesaid, the Family Court has not committed any error while deciding the Issue No. 3, according to which, the minors would be entitled to the amount of maintenance till attaining the age of majority. The decision on the issue No.3 reads as under:- "िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 3:- अनुतोष? िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 1 के िन(cid:293)तारण से (cid:293)प(cid:504) है िक िवप(cid:87)ीगण मुकदमा सं(cid:263)या एम 107/2010 अ(cid:281)तग(cid:259)त धारा 125 दं०(cid:352)०सं० के (cid:352)(cid:293)तुत िकये जाने के समय वय(cid:293)क नह(cid:514) थे। िब(cid:281)(cid:621) सं(cid:263)या 2 से (cid:293)प(cid:504) है िक आवेदक यह सािबत करने म(cid:517) असमथ(cid:259) रहा िक िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 जारता का जीवन (cid:498)तीत कर रही है। िसराजुि(cid:281)नशा की शादी हो चुकी है। अ(cid:281)य ब(cid:267)चे वय(cid:293)कता की ितिथ से भरण पोषण पाने के अिधकारी नह(cid:514) ह(cid:520), िक(cid:281)तु िवप(cid:87)ी सं(cid:263)या 1 िनण(cid:259)य/आदेश िदनांक 19.09.2011के अनुसार भरण पोषण पाने की अिधकािरणी है। तदनुसार यह िब(cid:281)(cid:621) िनण(cid:515)त िकया जाता है।"
6. For the reasons aforesaid, this Court finds no force in the revision and accordingly it is dismissed. November 20, 2025 Vinay/- (Saurabh Lavania,J.) VINAY KUMAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench