State v. Rajkaran), directed the revenue official to correct the mistake in the revenue
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04.11.2024, placed before this Court by Sri Hemant Kumar Pandey, learned State Counsel, is taken on record. The order dated
04.11.2024 passed in the suit instituted under the Code of 2006, is extracted hereinunder:- "्ቚस्तुत (cid:13)ाद अन्तग2त (cid:29)ारा-144 उ० ्ቚ० रा० संनिहता-2006 (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह पु्ቔ रामपाल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ्ቇाम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी ्ቛारा नि(cid:13)प्ቌीगण गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)(cid:13)ाजिस(cid:7)ी ्ቇाम सजिEहा परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी जिजला खीरी के नि(cid:13)रू्ቍ निद(cid:7)ॉक 14/11/2022 को ्ቚस्तुत निकया गया। (cid:13)ाद दज2 कर ्ቚधित(cid:13)ादीगणों को (cid:7)ोनिटस नि(cid:7)ग2त निकये गयें। जो तामील संल्ሿ प्ቔा(cid:13)ली है। (cid:13)ादी के अप(cid:7)े (cid:13)ाद प्ቔ में उEेख निकया गया है, निक (cid:13)ादी की भूनिम ቜኌस्थत ्ቇाम गफ्फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की गाटा संख्या 170/0.227 हे0, 171/0.340 हे0, 172/0.668 हे0 37/0.769 हे०, 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में ्ቚाथO के कब्जे (cid:13) दखल में है। उ्ሹ भूनिम के पू(cid:13)2 चकबन्दी के गाटा संख्या 185, 186, 187 ्ቚथम चक(cid:13)न्दी के गाटा है तथा नि्ቛतीय चकबन्दी के 92, 93, 291, 292 (cid:13) 295 जिज(cid:7)की (cid:7)ई गाटा संख्याए 170/0.227 हे० (cid:13) गाटा संख्या 171/0.340 हे० (cid:13) गाटा संख्या 172/0.668 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 37/0.769 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में दज2 कागजात है जिजस पर (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल चला आ रहा है। उ्ሹ भूनिम के कब्जा (cid:13) दखल के आ(cid:29)ार पर (cid:13)ादी उ्ሹ भूनिम का सं्ቅमणीय भूनिम(cid:29)र हो गया है और नि(cid:13)प्ቌीगणो के स्(cid:13)त्(cid:13) समा् हो गये है। (cid:13)त2मा(cid:7) समय में भूनिम नि(cid:13)प्ቌीगणो के (cid:7)ाम दज2 कागजात है और नि(cid:13)प्ቌीगण (cid:13)ादी की भूनिम पर अ(cid:7)ाधि(cid:29)कार रूप से (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्प्ቐ करते है इस कारण (cid:13)ादी (cid:13) ्ቚधित(cid:13)ादीगणो में (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्प्ቐ होता रहता है इस कारण (cid:13)ादी उ्ሹ भूनिम को राजस्(cid:13) अभिभलेखो में अप(cid:7)े (cid:7)ाम दज2 करा(cid:7)ा चाहता है उ्ሹ भूनिम (cid:13)ादी की पैतृक भूनिम है (cid:13)ादी (cid:13)रासत (cid:13) (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर उ्ሹ भूनिम का उ्ቈराधि(cid:29)कारी है ए(cid:13)ं (cid:13)त2मा(cid:7) समय में (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल है। चकबन्दी के दौरा(cid:7) भूनिम ्ቦेणी-4 में दज2 थी, जिजसको चकबन्दी कम2चारिरयो ्ቛारा खुद2-बुद2 कर निदया गया परन्तु (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल बराबर ब(cid:7)ा रहा। (cid:13)ाद प्ቔ की (cid:29)ारा-2 में (cid:13)ቓኌणत भूनिम का (cid:13)ादी की सं्ቅमणीय भूनिम(cid:29)र घोनिषत निकये जा(cid:7)े तथा हजा2 मुकदमा निदलाये जाये की याच(cid:7)ा की गयी है। प्ቔा(cid:13)ली में ्ቚधित(cid:13)ादी संख्या 04 सरकार उ०्ቚ० की ओर से जिजला शासकीय अधि(cid:29)(cid:13)्ሹा ्ቛारा खिलखिखत कथ(cid:7) ्ቚस्तुत कर मुख्य रूप से कहा गया है निक (cid:13)ादी का (cid:13)ाद (cid:29)ारा-34 भू० राजस्(cid:13) अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 106 पंचायतीराज अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 8 ०सी०पी०सी० (cid:13) (cid:29)ारा-49 चकबन्दी अधि(cid:29)नि(cid:7)यम से बाधि(cid:29)त है। (cid:13)ादी का नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर कोई कब्जा (cid:7)ही है (cid:13)ादी के कोई स्(cid:13)त्(cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम में उत्प्ቐ (cid:7)ही हुये है नि(cid:13)(cid:13)ानिदत 4 आराजी नि(cid:7)यमतः राजस्(cid:13) अभिभलेख में दज2 है। (cid:13)ादी निकसी भी अ(cid:7)ुतोष को ्ቚा् कर(cid:7)े का अधि(cid:29)कारी (cid:7)ही है। प्ቔा(cid:13)ली में नि(cid:7)म्(cid:7)खिलखिखत (cid:13)ाद सृजिजत निकये गये जो नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त है। 1- क्या (cid:7)न्हू (cid:13) ्ቛारिरका पु्ቔगण लल्तू की पू(cid:13)2 गाटा संख्या 185, 186 (cid:13) 187 (cid:13)त2मा(cid:7) गाटा संख्या 172 के दज2 खातेदार थे यनिद हाँ तो ्ቚभा(cid:13)? 2:- क्या (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13)? 3:- क्या (cid:13)ादी कब्जे (cid:13) उ्ቈराधि(cid:29)कार के आ(cid:29)ार पर नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम(cid:29)र हो गया है यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13) ? 4:- क्या के दार पु्ቔ गोपाल नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर (cid:13)ादी के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर हकदार हो गये है यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13)? 5:- क्या के दार पु्ቔ गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है यनिद हाँ तो ्ቚभा(cid:13)? 6:- (cid:13)ादी को अन्य कोई सहता न्यायसंगत हो तो ्ቚदा(cid:7) की जाये। बाद निबन्दु सृजिजत कर(cid:7)े के प्ቐात प्ቔा(cid:13)ली साቌኚय हेतु नि(cid:7)यत की गयी। प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा अभिभलेखीय साቌኚय में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम से सम्बቜኌन्(cid:29)त (cid:13)त2मा(cid:7) उ्ቍरण खतौनि(cid:7)या (cid:13) फसली (cid:13)ष2 1425 फ० की खसरा की छाया्ቚधितयां ए(cid:13)ं जो०च०आ०प्ቔ-2 क (cid:13) सी०एच०-45 की ्ቚमाभिणत ्ቚधितयां तथा आ(cid:29)ार (cid:13)ष2 खतौ(cid:7)ी स(cid:7)् फसली 1392 से 1397 फ० (cid:13) (cid:7)कल (cid:7)क्शा चकबन्दी स(cid:7)् 1362 (cid:13) 1363 फ० (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा निद(cid:7)ांनिकत 14/10/1998 की मूल ्ቚधित (cid:13) (cid:13)ादी ्ቛारा स्(cid:13)ंय की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ (cid:13) ग(cid:13)ाह अ(cid:7)ूप कु मार की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ, (cid:13) सतीश िሺसह की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ (cid:13) (cid:13)ीर िሺसह की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ ्ቚस्तुत निकये गये है। (cid:13)ादी ्ቛारा फ० स(cid:7)् 1425 (cid:13) 1417 के खसरा ्ቚस्तुत निकये गये है जिजसमें राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम दज2 है तथा उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी में राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम दज2 (cid:7)ही है। जो संल्ሿ प्ቔा(cid:13)ली है। उपरो्ሹ के सम्बन्(cid:29) में ्ቌे्ቔीय लेखपाल के बया(cid:7) दज2 निकये गये जिजसमें कहा गया है, निक उ्ሹ (cid:13)ाद में (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह पु्ቔ रामपाल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ्ቇाम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर ्ቛारा दाखिखल निकया गया खसरा ्ቇाम गफ् फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की बा(cid:13)त गाटा संख्या 171, 172, 170, 474, 468 (cid:13) 37 मेरे ्ቛारा (cid:7)ही ब(cid:7)ाया गया है इस खसरे पर मेरे हस्ता्ቌर (cid:13) मोहर (cid:7)ही है फजO हस्ता्ቌर से खसरा तैयार निकया गया है खसरे पर ्ቑाली गयी निद(cid:7)ांक 11/08/2023 है उ्ሹ खसरे पर मेरे हस्ता्ቌर (cid:7)ही है जारी खसरे पर लेखपाल ्ቌे्ቔ गफ् फार(cid:7)गर खिलखा गया है जबनिक लेखपाल ्ቌे्ቔ जिससोक(cid:7) है खसरा पूण2 रूप से फजO है। प्ቔा(cid:13)ली पर संल्ሿ खसरे को देखकर लेखपाल ्ቛारा कहा गया यह खसरा मेरे ्ቛारा जारी (cid:7)ही है। मै(cid:7)े (cid:13)ादी के नि(cid:13)्ቍा(cid:7) अधि(cid:29)(cid:13)्ሹा के नि(cid:13)्ቛतापू(cid:13)2क तक\ को न्यायालय में नि(cid:13)स्तार से सु(cid:7)ा ए(cid:13)ं प्ቔा(cid:13)ली पर उपलब्(cid:29) साቌኚयो का सम्यक परिरशील(cid:7) निकया गया, तत्प्ቐात बाद निबन्दु (cid:13)ार नि(cid:7)स्तारण नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-01 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसा कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक गाटा संख्या 172 (cid:7)न्हू (cid:13) ्ቛारिरका पु्ቔगण लल्तू के (cid:7)ाम हो तथा गाटा संख्या 172/0.668 हे0 जोनिक मौजूदा समय में (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती में दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 01 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-02 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे या (cid:13)ाखिलग। (cid:13)ाद नि(cid:13)न्दु संख्या 02 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-03 प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी के अ(cid:13)लोक(cid:7) से नि(cid:13)निदत हो रहा है निक (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी कब्जा है या (cid:7)ही तथा प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ 5 (cid:13)त2मा(cid:7) उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख (cid:7)ही है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी (cid:13) (cid:13)ादी के पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम पू(cid:13)2त में दज2 थे या (cid:7)ही। बाद निबन्दु संख्या 03 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-04 प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयम(cid:7)ामा के दार के ्ቛारा निद(cid:7)ांक 14/10/1998 को राजकर(cid:7) िሺसह के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत कराया गया था जिजसमें (cid:13)ादी को स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिस्ቍ कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था जोनिक (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:7)ही कराया गया है। (cid:13)ादी का कोई भी कब्जा (cid:13) दखल नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:7)ही है। कब्जे के समथ2(cid:7) में कोई भी अभिभलेख ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है (cid:7) ही (cid:13)ादी ्ቛारा ्ቚस्तुत उ्ቍरण खतौनि(cid:7)यो में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 04 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-05 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसा कोई भी ऐसा अभिभलेख (cid:13) साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकया गया है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक के दार पु्ቔ गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है या (cid:7)हीं। बाद निबन्दु संख्या 05 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-06 प्ቔा(cid:13)ली के संल्ሿ अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिस्ቍ करते हुए (cid:13)ादी को स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था। इस न्यायालय ्ቛारा कोई भी सहायता ्ቚदा(cid:7) निकया जा(cid:7)ा न्यायसंगत (cid:7)ही है। बाद नि(cid:13)न्दु संख्या 06 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। प्ቔा(cid:13)ली के अ(cid:13)लोक(cid:7) से स्पZ होता है, निक (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह के (cid:7)ाम भूनिम दज2 अभिभलेख हो। प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ सी०एच०-41 (cid:13) 45 में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम गाटा संख्या 170 गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)० सजिEया जंगबहादुरगंज परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी का (cid:7)ाम बतौर बै(cid:7)ामा दज2 अभिभलेख है (cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत गाटा संख्या 171 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 172 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 37 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 474 ्ቇाम समाज के (cid:7)ाम ए(cid:13)ं 468 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम तथा गाटा संख्या 153 रामकु मार पु्ቔ सीताराम, हलीमा पत्(cid:7)ी मो० इकबाल, कमला दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी फू ल िሺसह, ्ቚेमा दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी रामभज(cid:7), सन्तोष कु मार (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न््ቖ िሺसह पु्ቔगण भिश(cid:13)राम दज2 अभिभलेख थे जिजसमें से रामकु मार पु्ቔ सीताराम (cid:7)े अप(cid:7)े निहस्से की कु ल भूनिम संन्तोष (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न््ቖ कु मार पु्ቔगण भिश(cid:13)राम िሺसह (cid:13) रिरनिषपाल (cid:13) सतेन््ቖ कु मार पु्ቔगण रामभज(cid:7) (cid:13) नि(cid:13)निप(cid:7) कु मार (cid:13) नि(cid:13)(cid:7)ीत कु मार पु्ቔगण फू ल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर के हक में बै(cid:7)ामा नि(cid:7)ष्पानिदत निकया गया है, प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ऐसा कोई साቌኚय (cid:7)ही ्ቚस्तुत निकया गया है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख था या (cid:7)हीं। ्ቌे्ቔीय लेखपाल के बया(cid:7)ो से भी स्पZ है निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह ्ቛारा दाखिखल खसरा फजO है इस ्ቚकार (cid:13)ादी ्ቛारा फजO अभिभलेखो के आ(cid:29)ार पर न्यायालय से अ(cid:7)ुतोष चाहा गया है जो निदया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत (cid:7)ही है। नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह का कब्जा (cid:13) दखल मौजूदा समय में (cid:7)ही है। (cid:13)ादी को चानिहए था निक अंपजीकृ त (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था। (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:29)ारा-144 उ० ्ቚ० रा० संनिहता-2006 अन्तग2त ्ቚस्तुत (cid:13)ाद ्ቇाहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण नि(cid:7)रस्त निकया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत ्ቚतीत होंता है। आदेश उपरो्ሹ नि(cid:13)(cid:13)ेच(cid:7)ा(cid:7)ुसार (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:29)ारा-144 उ०्ቚ०रा० संनिहता-2006 अन्तग2त ्ቚस्तुत (cid:13)ाद ्ቇाहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण सव्यय नि(cid:7)रस्त निकया जाता है। प्ቔा(cid:13)ली (cid:13)ाद आ(cid:13)श्यक काय2(cid:13)ाही दाखिखल दफ्तर हो।" 7) Thus, the subject matter of the present petition relates to correction of revenue records. 6 8) It is to be noted that the proceedings related to correction of revenue records are summary in nature and they do not decide any right or title between the parties. Furthermore, the order passed in proceedings of such nature are always subject to declaration of rights which may be sought by the parties concerned by instituting a regular suit. 9) Section 40A of the U.P. Land Revenue Act, 1901, (now repealed) as also Section 39 of U.P. Revenue Code, 2006, which is applicable w.e.f. 11.02.2016, make it clear that no order passed in the proceedings related to correction of revenue records shall debar any person from establishing his rights in the land by means of a regular suit. 10) Considering the aforesaid as also that the issue involved in this petition, which requires proper adjudication, I am not inclined to interfere in this petition, which is disposed of with liberty to the petitioner to pursue the remedy of regular suit for his rights over the property in dispute. 11) It is made clear that this Court has not considered the merits of the case, as such, it is expected that the concerned authority/court, would pass the order after due consideration of the facts of the case and the evidence adduced by the parties as also the law on the issue involved. 12) With the aforesaid observations, the petition is disposed of. Order Date :- 24.04.2025 Jyoti/- JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench
04.11.2024, placed before this Court by Sri Hemant Kumar Pandey, learned State Counsel, is taken on record. The order dated
04.11.2024 passed in the suit instituted under the Code of 2006, is extracted hereinunder:- "्ቚस्तुत (cid:13)ाद अन्तग2त (cid:29)ारा-144 उ० ्ቚ० रा० संनिहता-2006 (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह पु्ቔ रामपाल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ्ቇाम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी ्ቛारा नि(cid:13)प्ቌीगण गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)(cid:13)ाजिस(cid:7)ी ्ቇाम सजिEहा परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी जिजला खीरी के नि(cid:13)रू्ቍ निद(cid:7)ॉक 14/11/2022 को ्ቚस्तुत निकया गया। (cid:13)ाद दज2 कर ्ቚधित(cid:13)ादीगणों को (cid:7)ोनिटस नि(cid:7)ग2त निकये गयें। जो तामील संल्ሿ प्ቔा(cid:13)ली है। (cid:13)ादी के अप(cid:7)े (cid:13)ाद प्ቔ में उEेख निकया गया है, निक (cid:13)ादी की भूनिम ቜኌस्थत ्ቇाम गफ्फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की गाटा संख्या 170/0.227 हे0, 171/0.340 हे0, 172/0.668 हे0 37/0.769 हे०, 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में ्ቚाथO के कब्जे (cid:13) दखल में है। उ्ሹ भूनिम के पू(cid:13)2 चकबन्दी के गाटा संख्या 185, 186, 187 ्ቚथम चक(cid:13)न्दी के गाटा है तथा नि्ቛतीय चकबन्दी के 92, 93, 291, 292 (cid:13) 295 जिज(cid:7)की (cid:7)ई गाटा संख्याए 170/0.227 हे० (cid:13) गाटा संख्या 171/0.340 हे० (cid:13) गाटा संख्या 172/0.668 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 37/0.769 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में दज2 कागजात है जिजस पर (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल चला आ रहा है। उ्ሹ भूनिम के कब्जा (cid:13) दखल के आ(cid:29)ार पर (cid:13)ादी उ्ሹ भूनिम का सं्ቅमणीय भूनिम(cid:29)र हो गया है और नि(cid:13)प्ቌीगणो के स्(cid:13)त्(cid:13) समा् हो गये है। (cid:13)त2मा(cid:7) समय में भूनिम नि(cid:13)प्ቌीगणो के (cid:7)ाम दज2 कागजात है और नि(cid:13)प्ቌीगण (cid:13)ादी की भूनिम पर अ(cid:7)ाधि(cid:29)कार रूप से (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्प्ቐ करते है इस कारण (cid:13)ादी (cid:13) ्ቚधित(cid:13)ादीगणो में (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्प्ቐ होता रहता है इस कारण (cid:13)ादी उ्ሹ भूनिम को राजस्(cid:13) अभिभलेखो में अप(cid:7)े (cid:7)ाम दज2 करा(cid:7)ा चाहता है उ्ሹ भूनिम (cid:13)ादी की पैतृक भूनिम है (cid:13)ादी (cid:13)रासत (cid:13) (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर उ्ሹ भूनिम का उ्ቈराधि(cid:29)कारी है ए(cid:13)ं (cid:13)त2मा(cid:7) समय में (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल है। चकबन्दी के दौरा(cid:7) भूनिम ्ቦेणी-4 में दज2 थी, जिजसको चकबन्दी कम2चारिरयो ्ቛारा खुद2-बुद2 कर निदया गया परन्तु (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल बराबर ब(cid:7)ा रहा। (cid:13)ाद प्ቔ की (cid:29)ारा-2 में (cid:13)ቓኌणत भूनिम का (cid:13)ादी की सं्ቅमणीय भूनिम(cid:29)र घोनिषत निकये जा(cid:7)े तथा हजा2 मुकदमा निदलाये जाये की याच(cid:7)ा की गयी है। प्ቔा(cid:13)ली में ्ቚधित(cid:13)ादी संख्या 04 सरकार उ०्ቚ० की ओर से जिजला शासकीय अधि(cid:29)(cid:13)्ሹा ्ቛारा खिलखिखत कथ(cid:7) ्ቚस्तुत कर मुख्य रूप से कहा गया है निक (cid:13)ादी का (cid:13)ाद (cid:29)ारा-34 भू० राजस्(cid:13) अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 106 पंचायतीराज अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 8 ०सी०पी०सी० (cid:13) (cid:29)ारा-49 चकबन्दी अधि(cid:29)नि(cid:7)यम से बाधि(cid:29)त है। (cid:13)ादी का नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर कोई कब्जा (cid:7)ही है (cid:13)ादी के कोई स्(cid:13)त्(cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम में उत्प्ቐ (cid:7)ही हुये है नि(cid:13)(cid:13)ानिदत 4 आराजी नि(cid:7)यमतः राजस्(cid:13) अभिभलेख में दज2 है। (cid:13)ादी निकसी भी अ(cid:7)ुतोष को ्ቚा् कर(cid:7)े का अधि(cid:29)कारी (cid:7)ही है। प्ቔा(cid:13)ली में नि(cid:7)म्(cid:7)खिलखिखत (cid:13)ाद सृजिजत निकये गये जो नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त है। 1- क्या (cid:7)न्हू (cid:13) ्ቛारिरका पु्ቔगण लल्तू की पू(cid:13)2 गाटा संख्या 185, 186 (cid:13) 187 (cid:13)त2मा(cid:7) गाटा संख्या 172 के दज2 खातेदार थे यनिद हाँ तो ्ቚभा(cid:13)? 2:- क्या (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13)? 3:- क्या (cid:13)ादी कब्जे (cid:13) उ्ቈराधि(cid:29)कार के आ(cid:29)ार पर नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम(cid:29)र हो गया है यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13) ? 4:- क्या के दार पु्ቔ गोपाल नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर (cid:13)ादी के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर हकदार हो गये है यनिद हों तो ्ቚभा(cid:13)? 5:- क्या के दार पु्ቔ गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है यनिद हाँ तो ्ቚभा(cid:13)? 6:- (cid:13)ादी को अन्य कोई सहता न्यायसंगत हो तो ्ቚदा(cid:7) की जाये। बाद निबन्दु सृजिजत कर(cid:7)े के प्ቐात प्ቔा(cid:13)ली साቌኚय हेतु नि(cid:7)यत की गयी। प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा अभिभलेखीय साቌኚय में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम से सम्बቜኌन्(cid:29)त (cid:13)त2मा(cid:7) उ्ቍरण खतौनि(cid:7)या (cid:13) फसली (cid:13)ष2 1425 फ० की खसरा की छाया्ቚधितयां ए(cid:13)ं जो०च०आ०प्ቔ-2 क (cid:13) सी०एच०-45 की ्ቚमाभिणत ्ቚधितयां तथा आ(cid:29)ार (cid:13)ष2 खतौ(cid:7)ी स(cid:7)् फसली 1392 से 1397 फ० (cid:13) (cid:7)कल (cid:7)क्शा चकबन्दी स(cid:7)् 1362 (cid:13) 1363 फ० (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा निद(cid:7)ांनिकत 14/10/1998 की मूल ्ቚधित (cid:13) (cid:13)ादी ्ቛारा स्(cid:13)ंय की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ (cid:13) ग(cid:13)ाह अ(cid:7)ूप कु मार की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ, (cid:13) सतीश िሺसह की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ (cid:13) (cid:13)ीर िሺसह की ग(cid:13)ाही का शपथप्ቔ ्ቚस्तुत निकये गये है। (cid:13)ादी ्ቛारा फ० स(cid:7)् 1425 (cid:13) 1417 के खसरा ्ቚस्तुत निकये गये है जिजसमें राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम दज2 है तथा उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी में राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम दज2 (cid:7)ही है। जो संल्ሿ प्ቔा(cid:13)ली है। उपरो्ሹ के सम्बन्(cid:29) में ्ቌे्ቔीय लेखपाल के बया(cid:7) दज2 निकये गये जिजसमें कहा गया है, निक उ्ሹ (cid:13)ाद में (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह पु्ቔ रामपाल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ्ቇाम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर ्ቛारा दाखिखल निकया गया खसरा ्ቇाम गफ् फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की बा(cid:13)त गाटा संख्या 171, 172, 170, 474, 468 (cid:13) 37 मेरे ्ቛारा (cid:7)ही ब(cid:7)ाया गया है इस खसरे पर मेरे हस्ता्ቌर (cid:13) मोहर (cid:7)ही है फजO हस्ता्ቌर से खसरा तैयार निकया गया है खसरे पर ्ቑाली गयी निद(cid:7)ांक 11/08/2023 है उ्ሹ खसरे पर मेरे हस्ता्ቌर (cid:7)ही है जारी खसरे पर लेखपाल ्ቌे्ቔ गफ् फार(cid:7)गर खिलखा गया है जबनिक लेखपाल ्ቌे्ቔ जिससोक(cid:7) है खसरा पूण2 रूप से फजO है। प्ቔा(cid:13)ली पर संल्ሿ खसरे को देखकर लेखपाल ्ቛारा कहा गया यह खसरा मेरे ्ቛारा जारी (cid:7)ही है। मै(cid:7)े (cid:13)ादी के नि(cid:13)्ቍा(cid:7) अधि(cid:29)(cid:13)्ሹा के नि(cid:13)्ቛतापू(cid:13)2क तक\ को न्यायालय में नि(cid:13)स्तार से सु(cid:7)ा ए(cid:13)ं प्ቔा(cid:13)ली पर उपलब्(cid:29) साቌኚयो का सम्यक परिरशील(cid:7) निकया गया, तत्प्ቐात बाद निबन्दु (cid:13)ार नि(cid:7)स्तारण नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-01 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसा कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक गाटा संख्या 172 (cid:7)न्हू (cid:13) ्ቛारिरका पु्ቔगण लल्तू के (cid:7)ाम हो तथा गाटा संख्या 172/0.668 हे0 जोनिक मौजूदा समय में (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती में दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 01 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-02 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे या (cid:13)ाखिलग। (cid:13)ाद नि(cid:13)न्दु संख्या 02 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-03 प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी के अ(cid:13)लोक(cid:7) से नि(cid:13)निदत हो रहा है निक (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी कब्जा है या (cid:7)ही तथा प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ 5 (cid:13)त2मा(cid:7) उ्ቍरण खतौ(cid:7)ी में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख (cid:7)ही है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी (cid:13) (cid:13)ादी के पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम पू(cid:13)2त में दज2 थे या (cid:7)ही। बाद निबन्दु संख्या 03 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-04 प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयम(cid:7)ामा के दार के ्ቛारा निद(cid:7)ांक 14/10/1998 को राजकर(cid:7) िሺसह के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत कराया गया था जिजसमें (cid:13)ादी को स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिस्ቍ कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था जोनिक (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:7)ही कराया गया है। (cid:13)ादी का कोई भी कब्जा (cid:13) दखल नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:7)ही है। कब्जे के समथ2(cid:7) में कोई भी अभिभलेख ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकये गये है (cid:7) ही (cid:13)ादी ्ቛारा ्ቚस्तुत उ्ቍरण खतौनि(cid:7)यो में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 04 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-05 प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसा कोई भी ऐसा अभिभलेख (cid:13) साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)ही निकया गया है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक के दार पु्ቔ गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है या (cid:7)हीं। बाद निबन्दु संख्या 05 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-06 प्ቔा(cid:13)ली के संल्ሿ अ(cid:7)रजिजस्ट्ቑ2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिस्ቍ करते हुए (cid:13)ादी को स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था। इस न्यायालय ्ቛारा कोई भी सहायता ्ቚदा(cid:7) निकया जा(cid:7)ा न्यायसंगत (cid:7)ही है। बाद नि(cid:13)न्दु संख्या 06 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। प्ቔा(cid:13)ली के अ(cid:13)लोक(cid:7) से स्पZ होता है, निक (cid:13)ादी ्ቛारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साቌኚय ्ቚस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिस्ቍ हो सके निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह के (cid:7)ाम भूनिम दज2 अभिभलेख हो। प्ቔा(cid:13)ली में संल्ሿ सी०एच०-41 (cid:13) 45 में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम गाटा संख्या 170 गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)० सजिEया जंगबहादुरगंज परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी का (cid:7)ाम बतौर बै(cid:7)ामा दज2 अभिभलेख है (cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत गाटा संख्या 171 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 172 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 37 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 474 ्ቇाम समाज के (cid:7)ाम ए(cid:13)ं 468 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम तथा गाटा संख्या 153 रामकु मार पु्ቔ सीताराम, हलीमा पत्(cid:7)ी मो० इकबाल, कमला दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी फू ल िሺसह, ्ቚेमा दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी रामभज(cid:7), सन्तोष कु मार (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न््ቖ िሺसह पु्ቔगण भिश(cid:13)राम दज2 अभिभलेख थे जिजसमें से रामकु मार पु्ቔ सीताराम (cid:7)े अप(cid:7)े निहस्से की कु ल भूनिम संन्तोष (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न््ቖ कु मार पु्ቔगण भिश(cid:13)राम िሺसह (cid:13) रिरनिषपाल (cid:13) सतेन््ቖ कु मार पु्ቔगण रामभज(cid:7) (cid:13) नि(cid:13)निप(cid:7) कु मार (cid:13) नि(cid:13)(cid:7)ीत कु मार पु्ቔगण फू ल िሺसह नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर के हक में बै(cid:7)ामा नि(cid:7)ष्पानिदत निकया गया है, प्ቔा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ऐसा कोई साቌኚय (cid:7)ही ्ቚस्तुत निकया गया है निक जिजससे जिस्ቍ हो सके निक नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख था या (cid:7)हीं। ्ቌे्ቔीय लेखपाल के बया(cid:7)ो से भी स्पZ है निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह ्ቛारा दाखिखल खसरा फजO है इस ्ቚकार (cid:13)ादी ्ቛारा फजO अभिभलेखो के आ(cid:29)ार पर न्यायालय से अ(cid:7)ुतोष चाहा गया है जो निदया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत (cid:7)ही है। नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) िሺसह का कब्जा (cid:13) दखल मौजूदा समय में (cid:7)ही है। (cid:13)ादी को चानिहए था निक अंपजीकृ त (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर स्ቌम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष ्ቚा् कर(cid:7)ा चानिहए था। (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:29)ारा-144 उ० ्ቚ० रा० संनिहता-2006 अन्तग2त ्ቚस्तुत (cid:13)ाद ्ቇाहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण नि(cid:7)रस्त निकया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत ्ቚतीत होंता है। आदेश उपरो्ሹ नि(cid:13)(cid:13)ेच(cid:7)ा(cid:7)ुसार (cid:13)ादी ्ቛारा (cid:29)ारा-144 उ०्ቚ०रा० संनिहता-2006 अन्तग2त ्ቚस्तुत (cid:13)ाद ्ቇाहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण सव्यय नि(cid:7)रस्त निकया जाता है। प्ቔा(cid:13)ली (cid:13)ाद आ(cid:13)श्यक काय2(cid:13)ाही दाखिखल दफ्तर हो।" 7) Thus, the subject matter of the present petition relates to correction of revenue records. 6 8) It is to be noted that the proceedings related to correction of revenue records are summary in nature and they do not decide any right or title between the parties. Furthermore, the order passed in proceedings of such nature are always subject to declaration of rights which may be sought by the parties concerned by instituting a regular suit. 9) Section 40A of the U.P. Land Revenue Act, 1901, (now repealed) as also Section 39 of U.P. Revenue Code, 2006, which is applicable w.e.f. 11.02.2016, make it clear that no order passed in the proceedings related to correction of revenue records shall debar any person from establishing his rights in the land by means of a regular suit. 10) Considering the aforesaid as also that the issue involved in this petition, which requires proper adjudication, I am not inclined to interfere in this petition, which is disposed of with liberty to the petitioner to pursue the remedy of regular suit for his rights over the property in dispute. 11) It is made clear that this Court has not considered the merits of the case, as such, it is expected that the concerned authority/court, would pass the order after due consideration of the facts of the case and the evidence adduced by the parties as also the law on the issue involved. 12) With the aforesaid observations, the petition is disposed of. Order Date :- 24.04.2025 Jyoti/- JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench