Keshav Ram v. Ram Krishna Singh' Under Section
Case Details
1. Heard learned counsel for the appellant, learned AGA for the State of U.P. as well as perused the record.
2. The instant appeal has been preferred seeking following main relief(s):- "Wherefore, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may be pleased to allow the appeal and set aside the impugned Order Dated 18.09.2025 Passed By The Court Of Learned Special Judge, SC/St Act, Lucknow, In Criminal Misc. Case No. 3980/2025, 'Keshav Ram Vs Ram Krishna Singh' Under Section 173(4) B.N.S.S. [Old Section 156(3) Cr.P.C.] Pertaining to Police Station Chinhat, District - Lucknow, and kindly be pleased to direct the Police Station concerned to register the First Information Report on the application Under Section 173(4) B.N.S.S. [Old Section 156(3) Cr.P.C.] filed by appellant dated 22.05.2025."
3. Vide impugned order dated 18.09.2025 passed in Criminal Misc. Case No. 3980 of 2025 (Keshavram vs. Ram Krishna Singh), the Special Judge, SC/ST Act, Lucknow (in short "trial court") rejected the application preferred by the appellant in terms of Section 173(4) B.N.S.S., akin to Section 156(3) Cr.P.C. (now repealed).
4. The application(s) dated 12.04.2025, 21.04.2025 and 16.05.2025 (Annexure No. 1), alleged to have been submitted by the appellant before the Police Officer(s), are relevant in the instant case and being so the relevant portion of one of the applications i.e. application dated 12.04.2025 is extracted hereunder:- "्ऺाथर् के शवराम पु्ऴ ्शी राम चरन, िनवासी: नौबस्ता कलां, हरदासी खेड़ा, थाना : िचनहट लखनऊ का िनवासी है। आरोपी रामकृ ष्ण िसह आयु लगभग, पु्ऴ ्शी नारायण िसह, िनवासी प्लाट नं. 1166, अमराई गांव, थाना इंिदरानगर, िजला- लखनऊ (मो. 9118004116) का रहने वाला है। ्ऺाथर् अनुसूिचत जाित का है तथा वह स््वै प (कबाड़) का िबजनेस करता है। आरोपी रामकृ ष्ण िसह से ्ऺाथर् की पुरानी जान - पहचान व सम्बंध है। फरवरी 2024 में िवप्षी ने ्ऺाथर् से लोहे का कबाड़ खरीद कर रुपये एक लाख का भुगतान िकया था। िदनांक 14 फरवरी 2024 को रामकृ ष्ण िसह, ्ऺाथर् के घर आया और साथ में िमलकर कबाड़ का बड़ा िबजनेस करने का ्ऺस्ताव रखा और ्ऺाथर् को िबजनेस के फायदे समझाये। रामकृ ष्ण िसह की बातों में आकर ्ऺाथर् साथ में िमलकर कबाड़ का िबजनेस करने को तैयार हो गया। रामकृ ष्ण िसह के कहने पर ्ऺाथर् ने अपनी लोडर गाड़ी व दस लेबर को लोहा काटने के िलए सम्भावली 2 CRLA No. 3319 of 2025 शुगरिमल, बहराइच भेजा। टेंडर में खचर् करने के िलए रामकृ ष्ण िसह ्षारा पहले रुपये 2,23000/- मांगने पर ्ऺाथर् ्षार वालसर वाले गुप्ता जी से लेकर रामकृ ष्ण िसह को िदया। पुनः मांगने पर रुपये पचास हजार पुनः िवप्षी को ्ऺाथर् ्षारा िदया गया िजसके पूवर् रामकृ ष्ण िसह के कहने पर ्ऺाथर् ्षारा रुपये चार लाख ्शी अहमद अंसारी के बैंक खाते से पीसीपीएल कम्पनी जो िक रामकृ ष्ण िसह की है, में भेजा गया। इसके पूवर् िदनांक 16 फरवरी 2024 दो लाख रूपये कै श मंसूर अहमद से लेकर ्ऺाथर् ने रामकृ ष्ण िसह को मंसूर के सामने ही िदया। इस ्ऺकार 20 फरवरी 2024 को महेश के सामने पचास हजार रुपये कै श महेश से लेकर ्ऺाथर् ने िवप्षी को िदया। तथा कायर् के दौरान गैस िसलेंडर रुपये दस हजार का, गैस कटर रुपये बीस हजार का खरीद कर ्ऺाथर् ने रामकृ ष्ण िसह के पास भेजा। लोहे की कटाई होने के बाद ्ऺाथर् ने माल उठाने के िलए लोडर गाड़ी ्िैक भेजा, अहमद अंसारी ्िैक लेकर गए व ्िैक पूरा एक िदन खड़ा रहा परन्तु माल उठवाने के िलए रामकृ ष्ण िसह रुपये दस लाख मांगने लगा कहने लगा िक पहले हमारा िहस्सा दो। जबिक ्ऺाथर् ्षारा पूवर् में उसका िहस्सा िदया जा चुका था और फाइनल िहसाब होना था परन्तु रामकृ ष्ण िसह ने न माल उठाने िदया और न ही ्ऺाथर् का रुपये 14,43,300 ही वापस िकया। मांगने पर बाद में देने की बात कर रहा है। और उसने ्ऺाथर् को फोन भी ब्लाक कर िदया है। उ्व लोहा कटाई में 45 िदन तक ्ऺाथर् का लोडर गाड़ी व 10 लेबर, 2 गैस कटरमैन ने काम िकया। रामकृ ष्ण िसह ने धोखाधड़ी करके ्ऺाथर् के रूपयों व संसाधनों का उपयोग िकया है और अपने वायदे से मुकर गया है। िजसके कारण ्ऺाथर् को रूपये 14,43,300/- की ्षित व मानिसक व शारीिरक पीड़ा हुई है। उपरो्व सम्बंध में जब ्ऺाथर् हरदासी खेड़ा िनवासी मन्जू गौतम के साथ बात करने िदनांक 10.04.2025 को सुबह लगभग 8.30 बजे रामकृ ष्ण िसह के घर गया तो वहां कई लोग बैठें थे। रामकृ ष्ण िसह ने ्ऺाथर् से कहा िक तुम्हारे वजह से हमें नुकसान हो गया है और कहने लगा िक उसने माल दूसरे को उठवा िदया है ्ऺाथर् ्षारा अपना रुपया मांगने पर रामकृ ष्ण िसह ्षारा जाितसूचक गािलयां देने लगा और कहने लगा िक चमरऊ साले उठ कु सर् से तुम्हारी औकात नहीं है कु सर् पर बैठने की ंह में भरा और यह कहकर जोर से लात मारकर कु सर् से नीचे ढके ल िदया तथा िवप्षी ने मु गुटखा ्ऺाथर् के ऊपर थूक कर ्ऺाथर् को लात से मारकर भागने के िलए कहा िक दुबारा यहां िदखाई न देना नहीं तो तुम्हारी औकात तुम्हें बता देगें। अतः िनवेदन है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् आरोपी रामकृ ष्ण िसह के िवरु्ध दजर् कर आवश्यक कायर्वाही करने की कृ पा करें। धन्यवाद।"
5. A perusal of above quoted portion of the application dated 12.04.2025 indicates that the appellant and opposite party No. 2 started a scrap business 'स््वै प (कबाड़)' and in the said business, the appellant invested some amount and the opposite party No. 2 has not returned/paid the amount due i.e. Rs. 14,43,300/- to the appellant.
6. Upon due consideration of the aforesaid, this Court finds that the appellant just to get/recover Rs. 14,43,300/- from the opposite party No. 2 initiated the proceedings in issue and therefore, this Court is not inclined to cause any interference in the impugned order dated 18.09.2025 passed by the trial court.
7. For the aforesaid reason, the instant appeal is dismissed. October 14, 2025 Arun/- (Saurabh Lavania,J.) ARUN KUMAR GANGWAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench
1. Heard learned counsel for the appellant, learned AGA for the State of U.P. as well as perused the record.
2. The instant appeal has been preferred seeking following main relief(s):- "Wherefore, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may be pleased to allow the appeal and set aside the impugned Order Dated 18.09.2025 Passed By The Court Of Learned Special Judge, SC/St Act, Lucknow, In Criminal Misc. Case No. 3980/2025, 'Keshav Ram Vs Ram Krishna Singh' Under Section 173(4) B.N.S.S. [Old Section 156(3) Cr.P.C.] Pertaining to Police Station Chinhat, District - Lucknow, and kindly be pleased to direct the Police Station concerned to register the First Information Report on the application Under Section 173(4) B.N.S.S. [Old Section 156(3) Cr.P.C.] filed by appellant dated 22.05.2025."
3. Vide impugned order dated 18.09.2025 passed in Criminal Misc. Case No. 3980 of 2025 (Keshavram vs. Ram Krishna Singh), the Special Judge, SC/ST Act, Lucknow (in short "trial court") rejected the application preferred by the appellant in terms of Section 173(4) B.N.S.S., akin to Section 156(3) Cr.P.C. (now repealed).
4. The application(s) dated 12.04.2025, 21.04.2025 and 16.05.2025 (Annexure No. 1), alleged to have been submitted by the appellant before the Police Officer(s), are relevant in the instant case and being so the relevant portion of one of the applications i.e. application dated 12.04.2025 is extracted hereunder:- "्ऺाथर् के शवराम पु्ऴ ्शी राम चरन, िनवासी: नौबस्ता कलां, हरदासी खेड़ा, थाना : िचनहट लखनऊ का िनवासी है। आरोपी रामकृ ष्ण िसह आयु लगभग, पु्ऴ ्शी नारायण िसह, िनवासी प्लाट नं. 1166, अमराई गांव, थाना इंिदरानगर, िजला- लखनऊ (मो. 9118004116) का रहने वाला है। ्ऺाथर् अनुसूिचत जाित का है तथा वह स््वै प (कबाड़) का िबजनेस करता है। आरोपी रामकृ ष्ण िसह से ्ऺाथर् की पुरानी जान - पहचान व सम्बंध है। फरवरी 2024 में िवप्षी ने ्ऺाथर् से लोहे का कबाड़ खरीद कर रुपये एक लाख का भुगतान िकया था। िदनांक 14 फरवरी 2024 को रामकृ ष्ण िसह, ्ऺाथर् के घर आया और साथ में िमलकर कबाड़ का बड़ा िबजनेस करने का ्ऺस्ताव रखा और ्ऺाथर् को िबजनेस के फायदे समझाये। रामकृ ष्ण िसह की बातों में आकर ्ऺाथर् साथ में िमलकर कबाड़ का िबजनेस करने को तैयार हो गया। रामकृ ष्ण िसह के कहने पर ्ऺाथर् ने अपनी लोडर गाड़ी व दस लेबर को लोहा काटने के िलए सम्भावली 2 CRLA No. 3319 of 2025 शुगरिमल, बहराइच भेजा। टेंडर में खचर् करने के िलए रामकृ ष्ण िसह ्षारा पहले रुपये 2,23000/- मांगने पर ्ऺाथर् ्षार वालसर वाले गुप्ता जी से लेकर रामकृ ष्ण िसह को िदया। पुनः मांगने पर रुपये पचास हजार पुनः िवप्षी को ्ऺाथर् ्षारा िदया गया िजसके पूवर् रामकृ ष्ण िसह के कहने पर ्ऺाथर् ्षारा रुपये चार लाख ्शी अहमद अंसारी के बैंक खाते से पीसीपीएल कम्पनी जो िक रामकृ ष्ण िसह की है, में भेजा गया। इसके पूवर् िदनांक 16 फरवरी 2024 दो लाख रूपये कै श मंसूर अहमद से लेकर ्ऺाथर् ने रामकृ ष्ण िसह को मंसूर के सामने ही िदया। इस ्ऺकार 20 फरवरी 2024 को महेश के सामने पचास हजार रुपये कै श महेश से लेकर ्ऺाथर् ने िवप्षी को िदया। तथा कायर् के दौरान गैस िसलेंडर रुपये दस हजार का, गैस कटर रुपये बीस हजार का खरीद कर ्ऺाथर् ने रामकृ ष्ण िसह के पास भेजा। लोहे की कटाई होने के बाद ्ऺाथर् ने माल उठाने के िलए लोडर गाड़ी ्िैक भेजा, अहमद अंसारी ्िैक लेकर गए व ्िैक पूरा एक िदन खड़ा रहा परन्तु माल उठवाने के िलए रामकृ ष्ण िसह रुपये दस लाख मांगने लगा कहने लगा िक पहले हमारा िहस्सा दो। जबिक ्ऺाथर् ्षारा पूवर् में उसका िहस्सा िदया जा चुका था और फाइनल िहसाब होना था परन्तु रामकृ ष्ण िसह ने न माल उठाने िदया और न ही ्ऺाथर् का रुपये 14,43,300 ही वापस िकया। मांगने पर बाद में देने की बात कर रहा है। और उसने ्ऺाथर् को फोन भी ब्लाक कर िदया है। उ्व लोहा कटाई में 45 िदन तक ्ऺाथर् का लोडर गाड़ी व 10 लेबर, 2 गैस कटरमैन ने काम िकया। रामकृ ष्ण िसह ने धोखाधड़ी करके ्ऺाथर् के रूपयों व संसाधनों का उपयोग िकया है और अपने वायदे से मुकर गया है। िजसके कारण ्ऺाथर् को रूपये 14,43,300/- की ्षित व मानिसक व शारीिरक पीड़ा हुई है। उपरो्व सम्बंध में जब ्ऺाथर् हरदासी खेड़ा िनवासी मन्जू गौतम के साथ बात करने िदनांक 10.04.2025 को सुबह लगभग 8.30 बजे रामकृ ष्ण िसह के घर गया तो वहां कई लोग बैठें थे। रामकृ ष्ण िसह ने ्ऺाथर् से कहा िक तुम्हारे वजह से हमें नुकसान हो गया है और कहने लगा िक उसने माल दूसरे को उठवा िदया है ्ऺाथर् ्षारा अपना रुपया मांगने पर रामकृ ष्ण िसह ्षारा जाितसूचक गािलयां देने लगा और कहने लगा िक चमरऊ साले उठ कु सर् से तुम्हारी औकात नहीं है कु सर् पर बैठने की ंह में भरा और यह कहकर जोर से लात मारकर कु सर् से नीचे ढके ल िदया तथा िवप्षी ने मु गुटखा ्ऺाथर् के ऊपर थूक कर ्ऺाथर् को लात से मारकर भागने के िलए कहा िक दुबारा यहां िदखाई न देना नहीं तो तुम्हारी औकात तुम्हें बता देगें। अतः िनवेदन है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् आरोपी रामकृ ष्ण िसह के िवरु्ध दजर् कर आवश्यक कायर्वाही करने की कृ पा करें। धन्यवाद।"
5. A perusal of above quoted portion of the application dated 12.04.2025 indicates that the appellant and opposite party No. 2 started a scrap business 'स््वै प (कबाड़)' and in the said business, the appellant invested some amount and the opposite party No. 2 has not returned/paid the amount due i.e. Rs. 14,43,300/- to the appellant.
6. Upon due consideration of the aforesaid, this Court finds that the appellant just to get/recover Rs. 14,43,300/- from the opposite party No. 2 initiated the proceedings in issue and therefore, this Court is not inclined to cause any interference in the impugned order dated 18.09.2025 passed by the trial court.
7. For the aforesaid reason, the instant appeal is dismissed. October 14, 2025 Arun/- (Saurabh Lavania,J.) ARUN KUMAR GANGWAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench