Kusuma Devi v. State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And
Case Details
revisionist/Kusuma Devi and Sri Arun Kumar Pandey, learned State Law Officer as well as perused the record.
3. The instant revision has been preferred seeking following main relief(s) :- "WHEREFORE, on the ground stated above and on the ground which may be urged at the time of hearing, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may graciously be pleased to allow the criminal revision and set aside the impugned order dated 06/05/2025 passed by the Learned Additional Session Judge Court No.3 Gonda in session trial no. 160/2024 State Versus Peshkar Mishra And others under section 319 Cr.P.C.(358 BNSS) contained with this present criminal revision and further be pleased to direct the learned court concerned to make/conclude the trial of proposed accused persons namely Ashwani Shukla @ Lalu and Vakeel @ Mahesh of Session Trail no. 160/2024 along with other accused person in case crime no. 0346/2023 under section 323,504,506,308 IPC at police station Mankapur District Gonda pending before Learned Additional Session Judge Court No.3 Gonda."
4. Vide impugned order dated 06.05.2025 passed in Sessions Trial No. 160 of 2024 (State of U.P. vs. Peshkar Mishra and others), arising out of Case Crime No. 346/2023, under Sections 323, 504, 506, 308 IPC, the Additional 2 CRLRD No. 426 of 2025 Sessions Judge, Court No. 3, Gonda (in short "trial court") rejected the application No. 36-Ka preferred by the prosecution in terms of Section 319 Cr.P.C. The relevant portion of the impugned order dated 06.05.2025 reads as under:- "सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। प्ऴावली के अवलोकन से िविदत होता है िक यह मुकदमा वािदनी की तहरीर के आधार पवर चार अिभयु्वगण अ्षनी शुक्ला, पेशकार शुक्ला, वकील उफर् महेश व सुरेश के िवरू्ध अस्तगत धारा-323,504,506 भा०दं०सं० में पंजीकृ त कराया गया है। िववेचक ्षारा बाद सम्पूणर् िववेचना अिभयु्वगण पेशकार शुक्ला व सुरेश कु मार ितवारी के िवरू्ध अस्तगत धारा-323,504,506,308 भा०द०स० में आरोप प्ऴ ्ऺेिषत िकया गया है। वािदनी ्षारा तहरीर ्ऺदशर् क-1 में यह कथन िकया है िक- "सेवा में, ्ऺभारी िनरी्षक महोदय, थाना मनकापुर गोण्डा। महोदय, िनवेदन है िक ्ऺािथनी कु सुमा देवी पत्नी ्शी राम्ऺीत चौहान िनवासी ग्वािलयर ि्षन्ट थाना रेहरा बाजार, जनपद बलरामपुर की रहने वाली हूँ। मेरे पित आज िदनांक-11.06.2023 को दतौली (कु डासन) बाजार में डा0 से ्ऱिसग कराने करीब 8.30 बजे ्ऺातः गये थे। मेरे पित ने अभी कु छ समय पूवर् हाइ्ऱोसील का आपरेशन कराया था, जैसे ही धानेपुर मोड पर मेरे पित टेम्पो से उतरे तभी वहाँ पहले से मौजूद मेरे ही गाँव के अ्षनी शुक्ला पु्ऴ िनत्यानन्द शुक्ला, पेशकार शुक्ला, वकील उफर् महेश व सुरेश लाठी डन्डों से लैस होकर एक राय होकर मेरे पित को मारने पीटने लगे। मैं अपने बेटे अवधेश चौहान के साथ पीछे सायिकल से आ रही थी िक शोर शराबा सुन कर हम लोग रूको तो देखों से सब मेरे पित मार-पीट रहे है। हम लोगो ने बचाने की गुहार लगाई तभी आस-पास के लोग इक्िा हो गये। तभी वह खुद को िघरता देख गाली गेलौज करने हुये जान से मारने की धमकी देते हुये िक इस बात तो तुम बच गये िफर िमलने पर नहीं छोड़ेंगे इन लोगो ने मेरे गाँव ग्वािलयर ि्षन्ट थाना रेहरा बाजार बलरामपुर में िदनांक-31.05.2023 को मार पीट की थी, िजसकी िरपोटर् हमने थाना रेहरा बाजार में की है मेरे िवप्षी सरकार व बदमाश िकस्म के ्िि्व है। मैं अपने पित को घायल अवस्था में िजला अस्पताल गोण्डा लेकर गयी जहाँ डाक्टर साहब ने कहा िक पहले थाने जाकर िरपोटर् िलखवाओं तब हलाज होगा, आपके थाने िरपोटर् िलखावाने आयी हूँ। कृ पया िरपोटर् िलख कर कड़ी कानूनी कायर्वाही करने की कृ पा करे। ्ऺािथनी कु सुमा देवी पत्नी ्शी राम्ऺीत चौहान िनवासी ्षाम ग्वािलयर ि्षन्ट थाना देहरा बाजार, िजला बलरामपुर, िनशानी अंगूठा िदनांक-11.06 2023 मोवाइल नं0-9616269583" वािदनी के अिभकथनों और वयानों से यह तथ्य स्प्ि होता है िक वािदनी के पित घटना के समय अके ले थे। घटना के समय वािदनी के पित राम्ऺीत अके ले थे जो िक िचिकत्सक ओम ्ऺकाश ्शीवास्तव के क्लीिनक पर उपचार हेतु उपिस्थत थे। िववेचक ्षारा घटना के समय दो ्िि्व मोटर साइिकल पर आना कहा गया है चू ँिक डा० ओम ्ऺकाश घटना के एक मा्ऴ च्षुदशर् सा्षी है, उ्व सा्षी के बयान के उपरान्त ही शेष अिभयु्वगण के िवरू्ध कािरत अपराध के सम्बन्ध में िनष्कषर् िनकाला जा सकता है। तत्काल मामले के स्तर पर अिभयु्वगण को तलब िकया जाना न्यायोिचत ्ऺतीत नहीं होता है। जहाँ तक अिभयोजन सा्षीगण के साष्य का ्ऺश्न है तो सा्षी। पी०डब्लू०१ कु सुमा देवी अपने बयान में कथन िकया है िक घटना िपछले साथ जून में सुबह लगभग 8 बजे की है। मेरे पित कु डासन बाजार धानेपुर मोड पर डॉक्टर के पास प्टी बदलवाने आये थे, तभी वहाँ पर महेश उफर् वकील, पेशकार, सुरेश और लालू ने िमलकर मेरे पित को लाठी डन्डा से मार कर मरणसन्न कर िदया। मैने व मेरे लडके ने घटना अपनी आँखों से देख है। बीच बचाव कराया व हल्ला गुहार िकया तब वहाँ पर बहुत से लोग इक्िा हुये तब यह लोग चले गये। जाते समय अिभयु्वगण ने कहा िक ज्यादा बोलोगे तो तुम लोगो को भी जान से मार डालेगे। इस घटना के 8 िदन पहले भी अिभयु्वगण जमीन की रंिजश को लेकर मेरे घर पर आये थे और मार डालने की धमकी िदये थे. िजसकी िरपोटर् मैने रेहरा थाने पर िलखाया था। 3 CRLRD No. 426 of 2025 िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक घटना के 20-25 िदन पहले मेरे पित ने कु डासन में िस्थत एक क्लीिनक में आपरेशन कराया था। वह पटटी बदलवाने अके ले जाते थे। दूसरे िदन अके ले प्टी बदलवाने जाते थे। घटना वाले िदन प्टी बदलवाने सुबह 8 बजे बोलेरो गाड़ी से गये थे और उनके साथ घर का अन्य सदस्य नहीं था। मैं साइिकल से गयी थी। मै सूचना पर नहीं गयी थी। दवा कराने हम भी जा रहे थे। धानेपुर मोड़ पर घटना होते देखा था। मुझे 8 बजे जानकारी हुयी है िक मेरे पित को चोट लगी है। जब मै पहुँची तो मेरे पित जहाँ पड़े थे, वहाँ दस-पन््शह लोग मौजूद थे। ओम ्ऺकाश के क्लीिनक से मेरे पित िकतनी दूर पड़े थे, नहीं बता सकती। मेरे पित सडक के उस पार पड़े थे। िकसी और ने मेरे पित को नहीं उठाया था। अपने पित को मैने व मेरे लडके ने उठाया था। पी०डब्लू02 राम्ऺीत ने अपने बयान में कथन िकया है िक मैने हाई्ऱोसील का ऑपरेशन कु डऋासन बाजार में ्शीवास्तव डॉक्टर से उनके क्लीिनक पर ऑपरेशन कराया था। िजसके घाव की प्टी बदलवाने के िलये िदनांक-
11.06.2023 को मै डॉक्टर के यहाँ गया था, जैसे ही चौराहे पर पहुँचा, चौराहे पर बोलेरो से उतरा और धानेपुर बाजार की तरफ 200 मीटर गया तभी अ्षनी शुक्ला, महेश िम्शा, पेशकार िम्शा, सुरेश ने मुझे रोक िलया और डन्डा, हॉकी और लात घू ंसा से मारा, इन लोगो के मारने से मुझे िसर में गम्भीर चोट लगी थी तथा शरीर के अन्य िहस्सों में गम्भीर चोटे लगी थी। मुिल्जमान के मारने से मै मौके पर बेहोश हो गया था। चोट लगने से मुझे उिल्टयां हो रही थी और िसर में ददर् हो रहा था। िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक जब मुझे चोट लगी उस समय मेरे अलावा वहाँ कोई नहीं था। मैं अके ला था। बुलेरो भी चली गयी थी। अगल बगल भी कोई नहीं था। मेरी खोपड़ी में चॉट लगी मैं बेहोश हो गया। मुझे नहीं पता मुझे कब होश आया। मुझे नहीं पता है िक मुझे गोण्डा लाया िक बलरामपुर ले जाया गया। मुझे अपनी पत्नी से पीजी.आई. लखनऊ में मुलाकात हुयी। पाँच छः िदन बाद मुलाकात हुयी थी। मैने उनसे नहीं पू ँछा िक इस मामले की कोई िरपोटर् िकया है िक नहीं। मेरी पत्नी ने मुझे नहीं बताया िक उन्होने कु छ लोगो के िखलाफ िरपोटर् िलखाया है िक नहीं। मुझे दस िदन बाद पता चला िक मेरी पत्नी ने अ्षनी शुक्ला, पेशकार, वकील उफर् महेश व सुरेश के िखलाफ िरपोटर् िलखायी गयी िक नहीं। मै पन््शह िदन बाद लखनऊ से घर आया था। मेरे घर लौटने के तीसरे िदन पुिलस मुझसे िमलने आयी। पुिलस मुझको लेकर कहीं नहीं गयी तथा घटना स्थल भी नहीं गयी। पुिलस के साथ मैं कभी घटना स्थल पर भी नहीं गया था। पी०डब्लू03 अवधेश चौहान ने अपने बयान में कथन िकया है िक घटना वाले िदन िदनांक-11.06.2023 को सुबह करीब 08.00 बजे मेरे िपता जो हॉइ्ऱोसील का ऑपरेशन कराये हुये थे, उसी की प्टी बदलवाने डॉ० ्शीवास्तव के यहाँ बोलेरो गाड़ी से गये थे। मैं अपनी माँ को लेकर साइिकल से उनके पीछे गया था। जब मै दूकान के पास पहुँचा तो डाक्टर के क्लीिनक के पास अ्षनी शुक्ला, पेशकार िम्शा. सुरेश ितवारी व महेश उफर् वकील मेरे िपता को हॉकी डन्डा व लात मूके से गाली गुप्ता देते हुये मार रहे थे। मैं व मेरी माँ हल्ला गोहार करते हुये अपने िपता को बचाने दौडे तो सभी मुिल्जमान गाली गुप्ता व देख लेने की धमकी देते हुये मौके से चले गये। मेरे िपता के िसर में गम्भीर चोट आयी थी, िजससे यह मौके पर ही बेहाश हो गये थे। िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक जब मैं िपता के पास पहुँचा तो िपता जी बेहोश थे और पीठ के बल पड़े हुये थे। मौके पर लगभग 10-15 लोग मौजूद थे जब में पहुंचा था। मैं उन लोगो को पहचानता नहीं हूँ। कु डासन बाजार में कोई दवाखाना नहीं है, मुझे नहीं मालूम िक वहाँ पर कोई डाक्टर बैठता है या नहीं। एम्बुलेन्स पर 102 नम्बर पर मैने फोन िकया था, एम्बुलेस आने पर िपता जी को लेकर मनकापुर अस्पताल गये थे, जो वहाँ से लगभग 12 िक०मी०दूर है। कु डासन बाजार में गोण्डा सदर अस्पताल िकतना दूर है मुझे नहीं पता है। मनकापुर सरकारी अस्पताल में लगभग १ घन्टा रूके थे, मनकापुर थाने की पुिलस भी वहाँ पर आ गयी थी। मैं अपनी मम्मी के साथ िरपोटर् िलखाने मनकापुर थाने गया था। मनकापुर अस्पताल से थाना लगभग 500 मीटर दूर है। मुझे मालूम है िक मुिल्जम अ्षनी शुक्ला की मम्मी ्षाम ्ऺधान है। मुझे नहीं मालूम है िक इनका चुनाव अ्षनी िम्शा से हुआ था या नहीं। मेरे गाँव में अ्षनी शुक्ला नाम के ्िि्व है। मुझे राजनीित से कोई मतलब नहीं है, इसिलये मैं नहीं बता सकता हूँ िक मेरे गाँव में अ्षनी शुक्ला का चुनाव अ्षनी िम्शा या अन्य िकसी से हुआ था या नहीं। 4 'धारा-319 दं०्ऺ०सं० में यह उपबिन्धत है िक- CRLRD No. 426 of 2025 धारा-319 दं०्ऺ०सं०- अपराध के दोषी ्ऺतीत होने वाले अन्य ्िि्वयों िवरु्ध कायर्वाही करने की शि्व- जहाँ िकसी अपराध की जाँच या िवचारण के दौरान साष्य से यह ्ऺतीत होता है िक िकसी ्िि्व ने जो अिभयु्व नहीं है, कोई ऐसा अपराध िकया है िजसके िलये ऐसे ्िि्व का अिभयु्व के साथ िवचारण िकया जा सकता है, वहाँ न्यायालय उस ्िि्व के िवरू्ध उसे अपराध के िलये िजसका उसके ्षारा िकया जाना ्ऺतीत होता है, कायर्वाही कर सकता है"। इस सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा िनणर्त वाद हरदीप िसह बनाम पंजाब राज्य, (2014) 3 एस.एस.सी.92, (2014) 2 एस.एस.सी. (cri) 86. (2014) 1 स्के ल 241 के वाद में यह िनधार्िरत िकया गया है िक "धारा-319 दं०्ऺ०स० के तहत शि्व एक िववेकाधीन और असाधारण शि्व है, इसका ्ऺयोग संयम से और के वल उन मामलों में िकया जाना चािहये जहाँ मामले की पिरिस्थितयां ऐसा करने की माँग करती हो। इसका ्ऺयोग इसिलये नहीं िकया जाना चािहये, क्योंिक मिजस््िेट या स्ऴ न्यायाधीश की राय है िक कोई अन्य ्िि्व भी उस अपराध करने का दोषी हे सकता है, के वल तभी जब न्यायालय के सम्ष ्ऺस्तुत साष्य से िकसी ्िि्व के िखलाफ मजबूत और ठोस सबूत सामने आते है, ऐसी शि्व का ्ऺयोग िकया जाना चािहये न िक स्वाभािवक और आकिस्मक तरीके से। इस ्ऺकार धारा-319 द०्ऺ०सं० के ्ऺािवधानों का उपयोग करते समय न्यायालय को अत्यन्त सतकर् ता के साथ िव्शेषण करना चािहये। इस सम्बन्ध में सुस्थािपत िविध है िक धारा-319 दं०्ऺ०स० के अन्तगर्त न्यायालय को िववेकीय शि्व ्ऺाप्त है, िजसका ्ऺयोग बहुत कम मामलो में करना चािहये जहाँ िक ्ऺत्य्ष साष्य नहीं है वहां अिभयु्वगण को तलब िकया जाना न्यायोिचत नहीं है। अिभयोजन के उपरो्व सा्षीगण के बयानों से यह तथ्य स्प्ि होता है िक घटना स्थल पर के वल चुटेल वािदनी का पित राम्ऺीत ही मौजूद था। इसके अितिर्व अन्य सा्षी घटना के उपरान्त घटना स्थल पर आ गये, जहाँ पर लोग इक्िा हो गये थे। चू ँिक ्ऺस्तुत ्ऺकरण में घटना स्थल चुटैल वािदनी का पित उपिस्थत था, जो िक डॉ० ओम ्ऺकाश की क्लीिनक पर इलाज कराने गया था। िववेचक ्षारा िववेचना में घटना के दौरान दो ्िि्व मोटर साइिकल पर आकर मार पीट करना पाया गया है। डॉ० सा्षी ओम ्ऺकाश का साष्य न्यायालय में अिभिलिखत नहीं िकया गया है। अिभयोजन के उपरो्व सा्षी घटना स्थल पर बाद में पहुँचे है। दो ्ऺमुख ्िि्व घटना में संिलप्त होना िववेचना में पाया गया है। वािदनी ्षारा अपने बयान में िवप्षीगण के िवरू्ध एक मुकदमा पहले भी जमीनी रंिजश के कारण पंजीकृ त कराया गया है, जैसा िक वािदनी के बयान में आया है। घटना िदनांक-11.06.2023 के 08.30 बजे की है, िजसके सम्बन्ध में ्ऺथम सूचना िरपोटर् उस िदन ही दजर् की गयी है। स्वतन््ऴ साि्षयों का साष्य अिभिलिखत िकया जाना शेष है। अतः अिभयोजन की ओर से ्ऺस्तुत ्ऺाथर्ना प्ऴ के सम्बन्ध में प्ऴावली पर उपलब्ध साष्य के िव्शेषण के आधार पर यह िनष्कषर् िनकलता है िक वािदनी ्षारा िदया गया शेष अिभयु्वगण को तलब िकये जाने का ्ऺाथर्ना प्ऴ वाद के इस स्तर पर स्वीकार िकये जाने योग्य नहीं है। डाक्टर ओम ्ऺकाश के बयान अिभिलिखत िकये जाने के उपरान्त शेष अिभयु्वगण के तलब िकये जाने के िवन्दु पर िवचार िकया जायेगा, तदानुसार ्ऺाथर्ना प्ऴ वाद के इस स्तर पर िनरस्त िकये जाने योग्य है। आदेश वािदनी का ्ऺाथर्ना प्ऴ 36क अन्तगर्त धारा-319 दण्ड ्ऺि्वया संिहता िनरस्त िकया जाता है। प्ऴावली िदनांक-
27.05.2025 को वास्तें शेष साष्य पेश हो।"
5. Relevant brief facts of the case are as under:- (i) In regard to the incident, in which injured/Rampreet Chauhan (husband of injuries, an FIR was revisionist) sustained lodged by 5 CRLRD No. 426 of 2025 revisionist/Kusuma Devi at Police Station- Mankapur, District- Gonda on
11.06.2023, which was registered as Case Crime No. 346 of 2023. (ii) The aforesaid FIR was lodged after taking note of the allegations levelled in written report against Ashwani Shukla, Peshkar Shukla, Vakeel @ Mahesh and Suresh under Sections 323, 504, 506 IPC. (iii) Upon completion of investigation, the names of Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev (opposite party Nos. 2 and 3, respectively, herein) were dropped by the Investigating Officer (in short "IO") and accordingly, the charge sheet was filed only against Peshkar Mishra and Suresh under Sections 323, 504, 506 and 308 IPC. (iv) During trial, an application under Section 319 Cr.P.C., on which the impugned order dated 06.05.2025 has been passed, was preferred by the prosecution for the purposes of summoning accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev. (v) The aforesaid application was preferred based upon the testimony of revisionist/Kusuma Devi (PW-1), injured-Rampreet (PW-2) (husband of revisionist) and Awadhesh Chauhan (PW-3) (son of revisionist). (vi) The trial court after considering the facts indicated in FIR and also the testimony of PW-1 and PW-3 came to the conclusion that PW-1 and PW-3 were not present at the situs/place of crime and as such, they are not the eye- witnesses of the alleged incident and this aspect of the case has not been impeached in the instant revision. (vi) Rampreet (PW-2) is an injured witness whose testimony is relevant in the instant case.
6. In the aforesaid brief facts, the instant revision has been preferred before this Court challenging the order dated 06.05.2025.
7. Impeaching the impugned order dated 06.05.2025, learned counsel for the revisionist stated that the trial court has committed error in law in not considering the evidence placed before it in its true spirit on the merits of the case and at this stage, mini trial is not permissible.
8. On the contrary, Sri Pandey, learned State Law Officer stated that no interference is required in the impugned order dated 06.05.2025 for the 6 CRLRD No. 426 of 2025 reason that application in terms of Section 319 Cr.P.C. was preferred by the prosecution after cross-examination of PW-2, who is the only relevant witness being injured witness, and other witnesses are not the eye-witnesses of the incident and the trial court in considering the entire statement of injured witness namely Rampreet (PW-2) has not committed any error of law while passing the impugned order dated 06.05.2025.
9. Considered the aforesaid and perused the record.
10. Upon perusal of testimony of injured witness namely Rampreet (PW-2), this Court finds that in examination-in-chief, he indicated the name of the accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev. However, in cross-examination, he did not support the case of the prosecution. As per cross-examination, the accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev were not involved in the crime. Accordingly, this Court finds that the reasons recorded by the trial court in rejecting the application preferred in terms of Section 319 Cr.P.C., to the view of this Court, are correct. The instant revision is accordingly dismissed. No orders as to costs. August 26, 2025 Arun/- (Saurabh Lavania,J.) ARUN KUMAR GANGWAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench
revisionist/Kusuma Devi and Sri Arun Kumar Pandey, learned State Law Officer as well as perused the record.
3. The instant revision has been preferred seeking following main relief(s) :- "WHEREFORE, on the ground stated above and on the ground which may be urged at the time of hearing, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may graciously be pleased to allow the criminal revision and set aside the impugned order dated 06/05/2025 passed by the Learned Additional Session Judge Court No.3 Gonda in session trial no. 160/2024 State Versus Peshkar Mishra And others under section 319 Cr.P.C.(358 BNSS) contained with this present criminal revision and further be pleased to direct the learned court concerned to make/conclude the trial of proposed accused persons namely Ashwani Shukla @ Lalu and Vakeel @ Mahesh of Session Trail no. 160/2024 along with other accused person in case crime no. 0346/2023 under section 323,504,506,308 IPC at police station Mankapur District Gonda pending before Learned Additional Session Judge Court No.3 Gonda."
4. Vide impugned order dated 06.05.2025 passed in Sessions Trial No. 160 of 2024 (State of U.P. vs. Peshkar Mishra and others), arising out of Case Crime No. 346/2023, under Sections 323, 504, 506, 308 IPC, the Additional 2 CRLRD No. 426 of 2025 Sessions Judge, Court No. 3, Gonda (in short "trial court") rejected the application No. 36-Ka preferred by the prosecution in terms of Section 319 Cr.P.C. The relevant portion of the impugned order dated 06.05.2025 reads as under:- "सुना तथा प्ऴावली का अवलोकन िकया। प्ऴावली के अवलोकन से िविदत होता है िक यह मुकदमा वािदनी की तहरीर के आधार पवर चार अिभयु्वगण अ्षनी शुक्ला, पेशकार शुक्ला, वकील उफर् महेश व सुरेश के िवरू्ध अस्तगत धारा-323,504,506 भा०दं०सं० में पंजीकृ त कराया गया है। िववेचक ्षारा बाद सम्पूणर् िववेचना अिभयु्वगण पेशकार शुक्ला व सुरेश कु मार ितवारी के िवरू्ध अस्तगत धारा-323,504,506,308 भा०द०स० में आरोप प्ऴ ्ऺेिषत िकया गया है। वािदनी ्षारा तहरीर ्ऺदशर् क-1 में यह कथन िकया है िक- "सेवा में, ्ऺभारी िनरी्षक महोदय, थाना मनकापुर गोण्डा। महोदय, िनवेदन है िक ्ऺािथनी कु सुमा देवी पत्नी ्शी राम्ऺीत चौहान िनवासी ग्वािलयर ि्षन्ट थाना रेहरा बाजार, जनपद बलरामपुर की रहने वाली हूँ। मेरे पित आज िदनांक-11.06.2023 को दतौली (कु डासन) बाजार में डा0 से ्ऱिसग कराने करीब 8.30 बजे ्ऺातः गये थे। मेरे पित ने अभी कु छ समय पूवर् हाइ्ऱोसील का आपरेशन कराया था, जैसे ही धानेपुर मोड पर मेरे पित टेम्पो से उतरे तभी वहाँ पहले से मौजूद मेरे ही गाँव के अ्षनी शुक्ला पु्ऴ िनत्यानन्द शुक्ला, पेशकार शुक्ला, वकील उफर् महेश व सुरेश लाठी डन्डों से लैस होकर एक राय होकर मेरे पित को मारने पीटने लगे। मैं अपने बेटे अवधेश चौहान के साथ पीछे सायिकल से आ रही थी िक शोर शराबा सुन कर हम लोग रूको तो देखों से सब मेरे पित मार-पीट रहे है। हम लोगो ने बचाने की गुहार लगाई तभी आस-पास के लोग इक्िा हो गये। तभी वह खुद को िघरता देख गाली गेलौज करने हुये जान से मारने की धमकी देते हुये िक इस बात तो तुम बच गये िफर िमलने पर नहीं छोड़ेंगे इन लोगो ने मेरे गाँव ग्वािलयर ि्षन्ट थाना रेहरा बाजार बलरामपुर में िदनांक-31.05.2023 को मार पीट की थी, िजसकी िरपोटर् हमने थाना रेहरा बाजार में की है मेरे िवप्षी सरकार व बदमाश िकस्म के ्िि्व है। मैं अपने पित को घायल अवस्था में िजला अस्पताल गोण्डा लेकर गयी जहाँ डाक्टर साहब ने कहा िक पहले थाने जाकर िरपोटर् िलखवाओं तब हलाज होगा, आपके थाने िरपोटर् िलखावाने आयी हूँ। कृ पया िरपोटर् िलख कर कड़ी कानूनी कायर्वाही करने की कृ पा करे। ्ऺािथनी कु सुमा देवी पत्नी ्शी राम्ऺीत चौहान िनवासी ्षाम ग्वािलयर ि्षन्ट थाना देहरा बाजार, िजला बलरामपुर, िनशानी अंगूठा िदनांक-11.06 2023 मोवाइल नं0-9616269583" वािदनी के अिभकथनों और वयानों से यह तथ्य स्प्ि होता है िक वािदनी के पित घटना के समय अके ले थे। घटना के समय वािदनी के पित राम्ऺीत अके ले थे जो िक िचिकत्सक ओम ्ऺकाश ्शीवास्तव के क्लीिनक पर उपचार हेतु उपिस्थत थे। िववेचक ्षारा घटना के समय दो ्िि्व मोटर साइिकल पर आना कहा गया है चू ँिक डा० ओम ्ऺकाश घटना के एक मा्ऴ च्षुदशर् सा्षी है, उ्व सा्षी के बयान के उपरान्त ही शेष अिभयु्वगण के िवरू्ध कािरत अपराध के सम्बन्ध में िनष्कषर् िनकाला जा सकता है। तत्काल मामले के स्तर पर अिभयु्वगण को तलब िकया जाना न्यायोिचत ्ऺतीत नहीं होता है। जहाँ तक अिभयोजन सा्षीगण के साष्य का ्ऺश्न है तो सा्षी। पी०डब्लू०१ कु सुमा देवी अपने बयान में कथन िकया है िक घटना िपछले साथ जून में सुबह लगभग 8 बजे की है। मेरे पित कु डासन बाजार धानेपुर मोड पर डॉक्टर के पास प्टी बदलवाने आये थे, तभी वहाँ पर महेश उफर् वकील, पेशकार, सुरेश और लालू ने िमलकर मेरे पित को लाठी डन्डा से मार कर मरणसन्न कर िदया। मैने व मेरे लडके ने घटना अपनी आँखों से देख है। बीच बचाव कराया व हल्ला गुहार िकया तब वहाँ पर बहुत से लोग इक्िा हुये तब यह लोग चले गये। जाते समय अिभयु्वगण ने कहा िक ज्यादा बोलोगे तो तुम लोगो को भी जान से मार डालेगे। इस घटना के 8 िदन पहले भी अिभयु्वगण जमीन की रंिजश को लेकर मेरे घर पर आये थे और मार डालने की धमकी िदये थे. िजसकी िरपोटर् मैने रेहरा थाने पर िलखाया था। 3 CRLRD No. 426 of 2025 िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक घटना के 20-25 िदन पहले मेरे पित ने कु डासन में िस्थत एक क्लीिनक में आपरेशन कराया था। वह पटटी बदलवाने अके ले जाते थे। दूसरे िदन अके ले प्टी बदलवाने जाते थे। घटना वाले िदन प्टी बदलवाने सुबह 8 बजे बोलेरो गाड़ी से गये थे और उनके साथ घर का अन्य सदस्य नहीं था। मैं साइिकल से गयी थी। मै सूचना पर नहीं गयी थी। दवा कराने हम भी जा रहे थे। धानेपुर मोड़ पर घटना होते देखा था। मुझे 8 बजे जानकारी हुयी है िक मेरे पित को चोट लगी है। जब मै पहुँची तो मेरे पित जहाँ पड़े थे, वहाँ दस-पन््शह लोग मौजूद थे। ओम ्ऺकाश के क्लीिनक से मेरे पित िकतनी दूर पड़े थे, नहीं बता सकती। मेरे पित सडक के उस पार पड़े थे। िकसी और ने मेरे पित को नहीं उठाया था। अपने पित को मैने व मेरे लडके ने उठाया था। पी०डब्लू02 राम्ऺीत ने अपने बयान में कथन िकया है िक मैने हाई्ऱोसील का ऑपरेशन कु डऋासन बाजार में ्शीवास्तव डॉक्टर से उनके क्लीिनक पर ऑपरेशन कराया था। िजसके घाव की प्टी बदलवाने के िलये िदनांक-
11.06.2023 को मै डॉक्टर के यहाँ गया था, जैसे ही चौराहे पर पहुँचा, चौराहे पर बोलेरो से उतरा और धानेपुर बाजार की तरफ 200 मीटर गया तभी अ्षनी शुक्ला, महेश िम्शा, पेशकार िम्शा, सुरेश ने मुझे रोक िलया और डन्डा, हॉकी और लात घू ंसा से मारा, इन लोगो के मारने से मुझे िसर में गम्भीर चोट लगी थी तथा शरीर के अन्य िहस्सों में गम्भीर चोटे लगी थी। मुिल्जमान के मारने से मै मौके पर बेहोश हो गया था। चोट लगने से मुझे उिल्टयां हो रही थी और िसर में ददर् हो रहा था। िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक जब मुझे चोट लगी उस समय मेरे अलावा वहाँ कोई नहीं था। मैं अके ला था। बुलेरो भी चली गयी थी। अगल बगल भी कोई नहीं था। मेरी खोपड़ी में चॉट लगी मैं बेहोश हो गया। मुझे नहीं पता मुझे कब होश आया। मुझे नहीं पता है िक मुझे गोण्डा लाया िक बलरामपुर ले जाया गया। मुझे अपनी पत्नी से पीजी.आई. लखनऊ में मुलाकात हुयी। पाँच छः िदन बाद मुलाकात हुयी थी। मैने उनसे नहीं पू ँछा िक इस मामले की कोई िरपोटर् िकया है िक नहीं। मेरी पत्नी ने मुझे नहीं बताया िक उन्होने कु छ लोगो के िखलाफ िरपोटर् िलखाया है िक नहीं। मुझे दस िदन बाद पता चला िक मेरी पत्नी ने अ्षनी शुक्ला, पेशकार, वकील उफर् महेश व सुरेश के िखलाफ िरपोटर् िलखायी गयी िक नहीं। मै पन््शह िदन बाद लखनऊ से घर आया था। मेरे घर लौटने के तीसरे िदन पुिलस मुझसे िमलने आयी। पुिलस मुझको लेकर कहीं नहीं गयी तथा घटना स्थल भी नहीं गयी। पुिलस के साथ मैं कभी घटना स्थल पर भी नहीं गया था। पी०डब्लू03 अवधेश चौहान ने अपने बयान में कथन िकया है िक घटना वाले िदन िदनांक-11.06.2023 को सुबह करीब 08.00 बजे मेरे िपता जो हॉइ्ऱोसील का ऑपरेशन कराये हुये थे, उसी की प्टी बदलवाने डॉ० ्शीवास्तव के यहाँ बोलेरो गाड़ी से गये थे। मैं अपनी माँ को लेकर साइिकल से उनके पीछे गया था। जब मै दूकान के पास पहुँचा तो डाक्टर के क्लीिनक के पास अ्षनी शुक्ला, पेशकार िम्शा. सुरेश ितवारी व महेश उफर् वकील मेरे िपता को हॉकी डन्डा व लात मूके से गाली गुप्ता देते हुये मार रहे थे। मैं व मेरी माँ हल्ला गोहार करते हुये अपने िपता को बचाने दौडे तो सभी मुिल्जमान गाली गुप्ता व देख लेने की धमकी देते हुये मौके से चले गये। मेरे िपता के िसर में गम्भीर चोट आयी थी, िजससे यह मौके पर ही बेहाश हो गये थे। िकन्तु िजरह में इस ने कथन िकया है िक जब मैं िपता के पास पहुँचा तो िपता जी बेहोश थे और पीठ के बल पड़े हुये थे। मौके पर लगभग 10-15 लोग मौजूद थे जब में पहुंचा था। मैं उन लोगो को पहचानता नहीं हूँ। कु डासन बाजार में कोई दवाखाना नहीं है, मुझे नहीं मालूम िक वहाँ पर कोई डाक्टर बैठता है या नहीं। एम्बुलेन्स पर 102 नम्बर पर मैने फोन िकया था, एम्बुलेस आने पर िपता जी को लेकर मनकापुर अस्पताल गये थे, जो वहाँ से लगभग 12 िक०मी०दूर है। कु डासन बाजार में गोण्डा सदर अस्पताल िकतना दूर है मुझे नहीं पता है। मनकापुर सरकारी अस्पताल में लगभग १ घन्टा रूके थे, मनकापुर थाने की पुिलस भी वहाँ पर आ गयी थी। मैं अपनी मम्मी के साथ िरपोटर् िलखाने मनकापुर थाने गया था। मनकापुर अस्पताल से थाना लगभग 500 मीटर दूर है। मुझे मालूम है िक मुिल्जम अ्षनी शुक्ला की मम्मी ्षाम ्ऺधान है। मुझे नहीं मालूम है िक इनका चुनाव अ्षनी िम्शा से हुआ था या नहीं। मेरे गाँव में अ्षनी शुक्ला नाम के ्िि्व है। मुझे राजनीित से कोई मतलब नहीं है, इसिलये मैं नहीं बता सकता हूँ िक मेरे गाँव में अ्षनी शुक्ला का चुनाव अ्षनी िम्शा या अन्य िकसी से हुआ था या नहीं। 4 'धारा-319 दं०्ऺ०सं० में यह उपबिन्धत है िक- CRLRD No. 426 of 2025 धारा-319 दं०्ऺ०सं०- अपराध के दोषी ्ऺतीत होने वाले अन्य ्िि्वयों िवरु्ध कायर्वाही करने की शि्व- जहाँ िकसी अपराध की जाँच या िवचारण के दौरान साष्य से यह ्ऺतीत होता है िक िकसी ्िि्व ने जो अिभयु्व नहीं है, कोई ऐसा अपराध िकया है िजसके िलये ऐसे ्िि्व का अिभयु्व के साथ िवचारण िकया जा सकता है, वहाँ न्यायालय उस ्िि्व के िवरू्ध उसे अपराध के िलये िजसका उसके ्षारा िकया जाना ्ऺतीत होता है, कायर्वाही कर सकता है"। इस सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा िनणर्त वाद हरदीप िसह बनाम पंजाब राज्य, (2014) 3 एस.एस.सी.92, (2014) 2 एस.एस.सी. (cri) 86. (2014) 1 स्के ल 241 के वाद में यह िनधार्िरत िकया गया है िक "धारा-319 दं०्ऺ०स० के तहत शि्व एक िववेकाधीन और असाधारण शि्व है, इसका ्ऺयोग संयम से और के वल उन मामलों में िकया जाना चािहये जहाँ मामले की पिरिस्थितयां ऐसा करने की माँग करती हो। इसका ्ऺयोग इसिलये नहीं िकया जाना चािहये, क्योंिक मिजस््िेट या स्ऴ न्यायाधीश की राय है िक कोई अन्य ्िि्व भी उस अपराध करने का दोषी हे सकता है, के वल तभी जब न्यायालय के सम्ष ्ऺस्तुत साष्य से िकसी ्िि्व के िखलाफ मजबूत और ठोस सबूत सामने आते है, ऐसी शि्व का ्ऺयोग िकया जाना चािहये न िक स्वाभािवक और आकिस्मक तरीके से। इस ्ऺकार धारा-319 द०्ऺ०सं० के ्ऺािवधानों का उपयोग करते समय न्यायालय को अत्यन्त सतकर् ता के साथ िव्शेषण करना चािहये। इस सम्बन्ध में सुस्थािपत िविध है िक धारा-319 दं०्ऺ०स० के अन्तगर्त न्यायालय को िववेकीय शि्व ्ऺाप्त है, िजसका ्ऺयोग बहुत कम मामलो में करना चािहये जहाँ िक ्ऺत्य्ष साष्य नहीं है वहां अिभयु्वगण को तलब िकया जाना न्यायोिचत नहीं है। अिभयोजन के उपरो्व सा्षीगण के बयानों से यह तथ्य स्प्ि होता है िक घटना स्थल पर के वल चुटेल वािदनी का पित राम्ऺीत ही मौजूद था। इसके अितिर्व अन्य सा्षी घटना के उपरान्त घटना स्थल पर आ गये, जहाँ पर लोग इक्िा हो गये थे। चू ँिक ्ऺस्तुत ्ऺकरण में घटना स्थल चुटैल वािदनी का पित उपिस्थत था, जो िक डॉ० ओम ्ऺकाश की क्लीिनक पर इलाज कराने गया था। िववेचक ्षारा िववेचना में घटना के दौरान दो ्िि्व मोटर साइिकल पर आकर मार पीट करना पाया गया है। डॉ० सा्षी ओम ्ऺकाश का साष्य न्यायालय में अिभिलिखत नहीं िकया गया है। अिभयोजन के उपरो्व सा्षी घटना स्थल पर बाद में पहुँचे है। दो ्ऺमुख ्िि्व घटना में संिलप्त होना िववेचना में पाया गया है। वािदनी ्षारा अपने बयान में िवप्षीगण के िवरू्ध एक मुकदमा पहले भी जमीनी रंिजश के कारण पंजीकृ त कराया गया है, जैसा िक वािदनी के बयान में आया है। घटना िदनांक-11.06.2023 के 08.30 बजे की है, िजसके सम्बन्ध में ्ऺथम सूचना िरपोटर् उस िदन ही दजर् की गयी है। स्वतन््ऴ साि्षयों का साष्य अिभिलिखत िकया जाना शेष है। अतः अिभयोजन की ओर से ्ऺस्तुत ्ऺाथर्ना प्ऴ के सम्बन्ध में प्ऴावली पर उपलब्ध साष्य के िव्शेषण के आधार पर यह िनष्कषर् िनकलता है िक वािदनी ्षारा िदया गया शेष अिभयु्वगण को तलब िकये जाने का ्ऺाथर्ना प्ऴ वाद के इस स्तर पर स्वीकार िकये जाने योग्य नहीं है। डाक्टर ओम ्ऺकाश के बयान अिभिलिखत िकये जाने के उपरान्त शेष अिभयु्वगण के तलब िकये जाने के िवन्दु पर िवचार िकया जायेगा, तदानुसार ्ऺाथर्ना प्ऴ वाद के इस स्तर पर िनरस्त िकये जाने योग्य है। आदेश वािदनी का ्ऺाथर्ना प्ऴ 36क अन्तगर्त धारा-319 दण्ड ्ऺि्वया संिहता िनरस्त िकया जाता है। प्ऴावली िदनांक-
27.05.2025 को वास्तें शेष साष्य पेश हो।"
5. Relevant brief facts of the case are as under:- (i) In regard to the incident, in which injured/Rampreet Chauhan (husband of injuries, an FIR was revisionist) sustained lodged by 5 CRLRD No. 426 of 2025 revisionist/Kusuma Devi at Police Station- Mankapur, District- Gonda on
11.06.2023, which was registered as Case Crime No. 346 of 2023. (ii) The aforesaid FIR was lodged after taking note of the allegations levelled in written report against Ashwani Shukla, Peshkar Shukla, Vakeel @ Mahesh and Suresh under Sections 323, 504, 506 IPC. (iii) Upon completion of investigation, the names of Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev (opposite party Nos. 2 and 3, respectively, herein) were dropped by the Investigating Officer (in short "IO") and accordingly, the charge sheet was filed only against Peshkar Mishra and Suresh under Sections 323, 504, 506 and 308 IPC. (iv) During trial, an application under Section 319 Cr.P.C., on which the impugned order dated 06.05.2025 has been passed, was preferred by the prosecution for the purposes of summoning accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev. (v) The aforesaid application was preferred based upon the testimony of revisionist/Kusuma Devi (PW-1), injured-Rampreet (PW-2) (husband of revisionist) and Awadhesh Chauhan (PW-3) (son of revisionist). (vi) The trial court after considering the facts indicated in FIR and also the testimony of PW-1 and PW-3 came to the conclusion that PW-1 and PW-3 were not present at the situs/place of crime and as such, they are not the eye- witnesses of the alleged incident and this aspect of the case has not been impeached in the instant revision. (vi) Rampreet (PW-2) is an injured witness whose testimony is relevant in the instant case.
6. In the aforesaid brief facts, the instant revision has been preferred before this Court challenging the order dated 06.05.2025.
7. Impeaching the impugned order dated 06.05.2025, learned counsel for the revisionist stated that the trial court has committed error in law in not considering the evidence placed before it in its true spirit on the merits of the case and at this stage, mini trial is not permissible.
8. On the contrary, Sri Pandey, learned State Law Officer stated that no interference is required in the impugned order dated 06.05.2025 for the 6 CRLRD No. 426 of 2025 reason that application in terms of Section 319 Cr.P.C. was preferred by the prosecution after cross-examination of PW-2, who is the only relevant witness being injured witness, and other witnesses are not the eye-witnesses of the incident and the trial court in considering the entire statement of injured witness namely Rampreet (PW-2) has not committed any error of law while passing the impugned order dated 06.05.2025.
9. Considered the aforesaid and perused the record.
10. Upon perusal of testimony of injured witness namely Rampreet (PW-2), this Court finds that in examination-in-chief, he indicated the name of the accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev. However, in cross-examination, he did not support the case of the prosecution. As per cross-examination, the accused namely Ashwani Shukla @ Lalu s/o Nityanand and Vakeel @ Mahesh s/o Ramdev were not involved in the crime. Accordingly, this Court finds that the reasons recorded by the trial court in rejecting the application preferred in terms of Section 319 Cr.P.C., to the view of this Court, are correct. The instant revision is accordingly dismissed. No orders as to costs. August 26, 2025 Arun/- (Saurabh Lavania,J.) ARUN KUMAR GANGWAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench