✦ High Court of India · 04 Nov 2025

Ram Bachan Singh vs Counsel for Petitioner(s)

Case Details High Court of India · 04 Nov 2025
Court
High Court of India
Decided
04 Nov 2025
Length
1,914 words

2. Heard Sri Vinod Kumar Singh, learned counsel for the petitioner, learned AGA for the State and perused the record.

3. The instant petition has been preferred seeking following main relief:- "Issue a writ, order or direction in the nature of certiorari thereby quashing the impugned order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and impugned exparte order 23.12.2010 passed by opposite party no.2 contained in annexure no.1 and 2 to the writ petition."

4. By the order dated 23.12.2010, the opposite party no.2/Collector, Unnao, in exercise of power under Section 6A of E.C. Act, confiscated the tractor trolley of the petitioner. The operative portion of the order dated 23.12.2010 is extracted as under:- "मैने प(cid:347)ावली का अ(cid:280)ययन िकया। प(cid:347)ावली पर उपलबध िज०पू०अ० की आ(cid:263)या व उपल(cid:284)ध सा(cid:296)य(cid:523) से मै इस मत की (cid:632)ँ िक बरामदशुदा ग(cid:517)(cid:632)ँ का पिरवहन िवप(cid:87)ी रामबचन के (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली (cid:497)ारा िकया जा रहा था। वाहन की संिल(cid:282)तता मा(cid:347) इस त(cid:278)य से ही (cid:293)प(cid:504) हो जाती है िक बरामदशुदा माल (cid:352)(cid:291)नगत वाहन पर बरामद िकया गया था। (cid:281)यायालय के आदेश िद० 19.07.10 व त(cid:623)परांत पािरत आदेश िद० 05.10.10 (cid:497)ारा वाहन (cid:293)वामी को वाहन पर पिरवहन िकये जा रहे खा(cid:495)ा(cid:281)न की बाजारी कीमत से अनिधक धनरािश अथ(cid:259) द(cid:276)ड के (cid:628)प म(cid:517) जमा करने का िवक(cid:289)प भी उसे िदया गया िकतु वाहन (cid:293)वामी ने उ(cid:472) िवक(cid:289)प का लाभ (cid:352)ा(cid:282)त करने म(cid:517) कोई (cid:628)िच नह(cid:514) िदखाई वरन् वह आपि(cid:485) िद० 1.07.10 (cid:352)(cid:293)तुत करने के उपरांत (cid:281)यायालय से अनुपि(cid:293)थत हो गया उसे (cid:281)यायालय (cid:497)ारा अथ(cid:259)द(cid:276)ड की धनरािश जमा करने हेतु पया(cid:259)(cid:282)त अवसर िदया गया। इस मामले म(cid:517) वाहन (cid:293)वामी ने अपने दािय(cid:277)व(cid:523) का िनवा(cid:259)हन नह(cid:514) िकया है, और यह (cid:352)थम (cid:623)(cid:504)या िस(cid:490) है िक बरामदशुदा खा(cid:495)ा(cid:281)न वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली से ही बरामद िकया गया है। ऐसी ि(cid:293)थित म(cid:517) बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली को रा(cid:269)य सरकार के प(cid:87) म(cid:517) अंतग(cid:259)त धारा 6ए ई०सी०ए(cid:262)ट म(cid:517) ज(cid:284)त िकये जाने व लोक नीलामी (cid:497)ारा िन(cid:293)तािरत िकया जाना म(cid:520) उिचत पाती (cid:632)ँ। अतः मु०अ०सं० 494/10 धारा 3/7 ई०सी०ए(cid:262)ट थाना को० पुरवा म(cid:517) बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली को खा(cid:495)ा(cid:281)न की अवैध कालाबाजारी म(cid:517) संिल(cid:282)त पाये जाने के कारण धारा 6ए ई०सी०ए(cid:262)ट के अंतग(cid:259)त रा(cid:269)य सरकार के प(cid:87) म(cid:517) 2 CRLP No. 1004998 of 2011 ज(cid:284)त िकया जाता है । बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली के िन(cid:293)तारण हेतु उप िजलामिज(cid:293)(cid:342)ेट, पुरवा को िनयु(cid:472) िकया जाता है। उप िजला मिज(cid:293)(cid:342)ेट, पुरवा को िनद(cid:518)िशत िकया जाता है िक वह वाहन का संभागीय पिरवहन अिधकारी उ(cid:281)नाव से तकनीकी परी(cid:87)ण (cid:497)ारा मू(cid:289)यांकन करा ल(cid:517)। उनके (cid:497)ारा जो मू(cid:289)यांकन बताया जाय उसे आधार मू(cid:289)य िनधा(cid:259)िरत करते (cid:631)ये लोक नीलामी (cid:497)ारा वाहन का िन(cid:293)तारण सुिनि(cid:499)त कर(cid:517)। िजसम(cid:517) इस बात का अिनवाय(cid:259) (cid:628)प से (cid:280)यान रखा जाय िक यिद वाहन के पंजीकृ त (cid:293)वामी (cid:293)वयं वाहन को आधार मू(cid:289)य पर (cid:352)ा(cid:282)त करने हेतु आवेदन करे तो (cid:352)थम िवक(cid:289)प उ(cid:281)ह(cid:517) ही (cid:352)दान िकया जाय। इस हेतु उ(cid:281)ह(cid:517) एक माह पूव(cid:259) िलिखत सूचना भी (cid:352)ा(cid:282)त करा दी जाय। अ(cid:281)यथा की ि(cid:293)थित म(cid:517) वाहन के िन(cid:293)तारण हेतु लोकनीलामी सुिनि(cid:499)त की जाय और (cid:352)ा(cid:282)त धनरािश को िनधा(cid:259)िरत मद म(cid:517) जमा कराकर अनुपालन आ(cid:263)या इस (cid:281)यायालय म(cid:517) एक माह के अंदर (cid:352)(cid:293)तुत की जाय। आदेश की (cid:352)ित पुिलस अधी(cid:87)क उ(cid:281)नाव उप िजलामिज० पुरवा िज०पू०अिधकारी उ(cid:281)नाव व (cid:352)०िन०को० पुरवा को इस िनद(cid:518)श के साथ भेजी जाती है िक वह आदेश के अनुपालन म(cid:517) की जाने वाली सम(cid:293)त अ(cid:334)ेतर काय(cid:259)वाही कर(cid:517)। आव(cid:291)यक काय(cid:259)वाही के उपरांत प(cid:347)ावली अिभलेखागार म(cid:517) सुरि(cid:87)त की जाय ।"

5. Thereafter, the petitioner preferred an appeal no. 7 of 2011 before the Additional Sessions Judge, Court No.4, Unnao (in short 'Appellate Court'). The Appellate Court vide order dated 25.07.2011, dismissed the appeal and affirmed the order dated 23.12.2010, with some modifications. The operative portion of order dated 25.07.2011 reads as under:- "8-आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम के तहत उ(cid:485)र (cid:352)देश शेडयूल कमोिडटीज िड(cid:293)टी(cid:284)यूशनआड(cid:259)र 2004 उ(cid:485)र (cid:352)देश शासन (cid:497)ारा जारी िकया गया है. इसके श(cid:517)(cid:482)ूल म(cid:517) गे(cid:632)ं चावल, दाल व चीनी आिदखा(cid:495)ा(cid:281)न का संदभ(cid:259) िदया गया है। इस िवतरण आदेश 2004 के आदेश 22 के तहत स(cid:87)म (cid:352)ािधकारी को यह अिधकािरता दी गयी है िक वह पिरसर के साथही साथ िकसी भी वाहन की भी जांच करे, िजसके स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) उ(cid:281)ह(cid:517) ऐसा करना उपयु(cid:472) लगता है । 9.वत(cid:259)मान (cid:352)करण की पिरि(cid:293)थितयां यह है िक िद० 24.4.10 को ही रात म(cid:517) (cid:352)(cid:291)नगत (cid:342)ै(cid:262)टर पर फू ड कारपोरेशन के गोदाम से उठान िकये गये चावल गे(cid:632)ं िमलने के बाद कोटेदार कु सुमा िसह के घर पर तलाशी ली गयी और वहां जो (cid:293)टाक अिनयिमतता पायी गयी उसके आधार पर उप िजला मिज(cid:293)(cid:342)ेट ने यह स(cid:286)भावना (cid:498)(cid:472) िकया िक रात म(cid:517) गोदाम से उठाये जा रहे माल की काला बजारी की स(cid:286)भावना थी । 10- इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) (cid:352)करण से स(cid:286)बि(cid:281)धत मामला िनि(cid:499)त (cid:627)पसे स(cid:87)म (cid:281)यायालय म(cid:517) िवचाराधीन है और यह गुणदोष का िवषय है िक िकन पिरि(cid:293)थितय(cid:523) म(cid:517) कोट(cid:517)दार (cid:497)ारा भेज(cid:517) गये (cid:342)ै(cid:262)टरपर िनयत समय के बाद रात 11 बजे उठान ग(cid:289)ले की जा रही थी िक(cid:281)तु मामले की कु ल पिरि(cid:293)थित को देखते (cid:631)ये कल(cid:262)टर उ(cid:281)नाव अपना जो यह िन(cid:292)कष(cid:259) िनकालािक पकडा गया ग(cid:289)ला व(cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली ज(cid:284)त िकये जाने के िब(cid:281)(cid:621) पर सुनवाई उिचत है और इसी कम म(cid:517) नोिटस की काय(cid:259)वाही िकया तो यह नह(cid:514) कहा जा सकता िक स(cid:87)म (cid:352)ािधकारी ने िबना िकसी आधार के काय(cid:259)वाही िकया । 11- पुनः प(cid:347)ावली का पिरशीलन यह (cid:293)प(cid:504) कर रहा है िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत काय(cid:259)वाही करने के बाद (cid:342)ै(cid:262)टर पर लदे ग(cid:289)ले की बाजारी कीमत (cid:627)पया 72,450-00 अथ(cid:259)द(cid:276)ड के (cid:627)पम(cid:517) जमा िकये जाने के का आदेश िकया गया था, जो अपीलाथ(cid:515) (cid:497)ारा जमा नह(cid:514) िकया गया । अतः यह भी (cid:293)प(cid:504) ह(cid:523) रहा है िक इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) अपीलाथ(cid:515) को सुनवाई का पूरा अवसर भी िदया गया । 12- िक(cid:281)तु जैसािक िनण(cid:259)य िविध (2007) 3 एस०सी०सी० (िक०) 14 कै लाश (cid:352)साद गनाम (cid:293)ट(cid:517)ट आफ झारख(cid:276)ड म(cid:517) माननीय उ(cid:267)चतम (cid:281)यायालय ने एक अ(cid:281)य िनण(cid:259)य िविध (2000) 3 एस०सी०सी० 306 िड(cid:282)टी किम(cid:291)नर बनाम (cid:627)डो(cid:289)फ फना(cid:259)(cid:281)डीज का संदभ(cid:259) सहमित के साथ िदया ज(cid:284)त िकये जा रहे वाहन का मू(cid:289)यांकन करते (cid:631)ये अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा िकये जाने का आदेश कल(cid:262)टर (cid:497)ारा िदया जाना था,न िक इसपर लदे ग(cid:289)ले के मू(cid:289)यांकन के आधार पर । 3 CRLP No. 1004998 of 2011 13- िक(cid:281)तु यह एक पैसा आधार नह(cid:514) है िक िजसके कारण यह अपील (cid:293)वीकार की जा सके , (cid:262)य(cid:523)िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6 सी म(cid:517) दी गयी (cid:498)व(cid:293)था के अनुसार अपील की काय(cid:259)वाही म(cid:517) कले(cid:262)टर के आदेश की पुि(cid:504) की जा सकती है या उसे उपा(cid:281)तिरत (मोडीफाई) िकया जा सकता है या उसे बाितल करते (cid:631)ये आदेश पािरत िकया जा सकता है। 14- कल(cid:262)टर उ(cid:281)नाव (cid:497)ारा जो (cid:352)(cid:291)नगत वाहन का मू(cid:289)यांकन न करके ग(cid:289)ले के मू(cid:289)यांकन के आधार पर अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा करने का आदेश िदया था. उसे इस अपील की काय(cid:259)वाही म(cid:517) उपा(cid:281)तिरत िकया जा सकता है । 15- चू ंिक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत जारी काय(cid:259)वाही म(cid:517) अपीलाथ(cid:515) हािजर (cid:631)आ था. उसको सुनवाई का पूरा अवसर िदया गया था इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) उ(cid:472) अिधिनयम की धारा 6 बी की शत(cid:525) का पालन करते (cid:631)ये काय(cid:259)वाही की गयी थी, इसिलये यह नह(cid:514) कहा जा सकता िक कले(cid:262)टर उ(cid:281)नाव को (cid:352)(cid:291)नगत आदेश पािरत करने की अिधकािरता नह(cid:514) थी या उ(cid:281)होन(cid:517) एक प(cid:87)ीय (cid:627)पसे आदेश पािरत िकया। यह भी नह(cid:514) कहा जा सकता िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम के (cid:352)ािवधान का उ(cid:289)लंघन करते (cid:631)ये (cid:352)(cid:291)नगत आदेश पािरत िकया। 16- (cid:352)(cid:291)नगत अपील म(cid:517) जो आधार िलये गये ह(cid:520), वे बलहीन ह(cid:520) और अपील (cid:293)वीकार िकये जाने यो(cid:264)य नह(cid:514) है, िक(cid:281)तु जैसािक उपर कहा गया है िक ज(cid:284)त िकये जाने वाले वाहन का मू(cid:289)यांकन करते (cid:631)ये अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा करने का अवसर अपीलाथ(cid:515) को िदये जाने के बाद ही इस (cid:342)ै(cid:262)टर की लोक नीलामी कराने की काय(cid:259)वाही िकया जाना (cid:281)यायोिचत होगा ।"

6. The aforesaid order(s) has been challenged on the ground that in fact no offence was committed by the petitioner. To support the aforesaid submission, the learned Counsel for the petitioner placed reliance on the order dated 28.05.2025, annexed with the supplementary affidavit of the petitioner dated 21.07.2025, passed by Chief Judicial Magistrate, Purwa, Unnao (in short 'Magistrate') in Misc. Case No. 12 of 2023 arising out of Case Crime No. 494 of 2010 under Section 3/7 of E.C. Act, Police Station- Purwa, District-Unnao, whereby the Magistrate accepted the final report. The order dated 28.05.2025 reads as under:- "िविवध वाद पेश (cid:631)आ। वादी अनुपि(cid:293)थत। प(cid:347)ावली के अवलोकन से िविदत होता है िक िववेचक के (cid:497)ारा िववेचना करने के उपरा(cid:281)त मु०10सं0-494/2010 धारा 3/7 ई०सी०ए(cid:262)ट थाना पुरवा, िजला उ(cid:281)नाव के (cid:352)करण म(cid:517) अि(cid:281)तम िरपोट(cid:259) (cid:352)ेिषत की गयी। िजस पर (cid:281)यायालय (cid:497)ारा वादी मुकदभा को नोिटस (cid:352)ेिषत की गयी, पर(cid:281)तु वादी का (cid:293)प(cid:504) पता न चल पाने के कारण उसपर नोिटस का तामीला नह(cid:514) हो सका है। प(cid:347)ावली के अवलोकन से िविदत होता है िक (cid:281)यायालय (cid:497)ारा वादी को नोिटस के तामीला हेतु िजलापूित अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव तथा अपर पुिलस अधी(cid:87)क दि(cid:87)णी / नोडल अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव को प(cid:347) (cid:352)ेिषत िकये गये। अपर पुिलस अधी(cid:87)क दि(cid:87)णी / नोडल अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव से इस आशय की आ(cid:263)या (cid:352)ा(cid:282)त (cid:631)ई है िक "वादी के बारे म(cid:517) कोई जानकारी नह(cid:514) हो सकी है।" अि(cid:281)तम िरप(cid:524)ट (cid:281)यायालय म(cid:517) वष(cid:259) 2011 से लि(cid:286)बत है। िकसी अ(cid:281)य (cid:498)ि(cid:472) (cid:497)ारा भी कोई (cid:352)ोटे(cid:293)ट (cid:352)ाथ(cid:259)नाप(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुत भी (cid:352)(cid:293)तुत नह(cid:514) िकया गया है। मैने प(cid:347)ावली का स(cid:286)यक अवलोकन कर िलयः । िववेचना म(cid:517) (cid:352)थम (cid:623)(cid:504)या कोई (cid:347)ुिट (cid:352)तीत नह(cid:514) होती है। अतः नामले के त(cid:278)य एं व पिरि(cid:293)थितः। को (cid:623)ि(cid:504)गत रखते (cid:631)ए अि(cid:281)तम आ(cid:263)या सं0 21/2010 (cid:293)वीकार िकये जाने यो(cid:264)य है।"

7. It is also stated that tractor trolley is in possession of the petitioner in terms of order of Appellate Court dated 18.01.2011, which reads as under:- "सुना। फौज०अपील अंगीकृ त की जाती है एवं पंजीकृ त की जावे। िवप(cid:87)ी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वा(cid:293)ते सुनवाई िनयत कर िनग(cid:259)त होवे। अवर (cid:281)यायालय का अिभलेख तलब हो। 4 CRLP No. 1004998 of 2011 (cid:352)ाथ(cid:259)नाप(cid:347) 6ख समिथत शपथप(cid:347) 7ख पर सुना। िवप(cid:87)ी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वा(cid:293)ते आपि(cid:485) व िन(cid:293)तारण िनयत कर िनग(cid:259)त होवे। अथ(cid:259)द(cid:276)ड मु0-72,450/- का 1/3 भाग स(cid:286)बि(cid:281)धत (cid:281)यायालय म(cid:517) 15 िदन के अ(cid:281)दर जमा करने पर (cid:352)(cid:291)नगत (cid:342)ै(cid:262)टर की नीलामी िनयत ितिथ तक (cid:293)थिगत की जाती है।"

8. It is also stated that in view of the final report submitted and accepted by the Magistrate concerned vide order dated 28.05.2025, this petition is liable to be allowed and the amount deposited by the petitioner for the purposes of releasing the vehicle in terms of order dated 18.01.2011 is liable to released in favour of the petitioner.

9. Sri S.P. Tiwari, learned A.G.A. based upon the counter affidavit filed today, which is taken on record, does not dispute the aforesaid aspect of the case.

10. Considering the order of Magistrate dated 28.05.2025, which has not been refuted by the side opposite, this Court finds that interference in the impugned order(s) is required. Accordingly, is allowed and the present petition

11. the order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and order 23.12.2010 passed by opposite party no.2, are hereby set aside. Let amount, if, deposited by the petitioner in terms of order dated 18.01.2011 passed by Appellate Court, quoted above, in compliance of which tractor trolley in issue, is in possession of the petitioner, as stated, be returned to the petitioner. No order as to costs. November 4, 2025 Jyoti/- (Saurabh Lavania,J.) JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

2. Heard Sri Vinod Kumar Singh, learned counsel for the petitioner, learned AGA for the State and perused the record.

3. The instant petition has been preferred seeking following main relief:- "Issue a writ, order or direction in the nature of certiorari thereby quashing the impugned order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and impugned exparte order 23.12.2010 passed by opposite party no.2 contained in annexure no.1 and 2 to the writ petition."

4. By the order dated 23.12.2010, the opposite party no.2/Collector, Unnao, in exercise of power under Section 6A of E.C. Act, confiscated the tractor trolley of the petitioner. The operative portion of the order dated 23.12.2010 is extracted as under:- "मैने प(cid:347)ावली का अ(cid:280)ययन िकया। प(cid:347)ावली पर उपलबध िज०पू०अ० की आ(cid:263)या व उपल(cid:284)ध सा(cid:296)य(cid:523) से मै इस मत की (cid:632)ँ िक बरामदशुदा ग(cid:517)(cid:632)ँ का पिरवहन िवप(cid:87)ी रामबचन के (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली (cid:497)ारा िकया जा रहा था। वाहन की संिल(cid:282)तता मा(cid:347) इस त(cid:278)य से ही (cid:293)प(cid:504) हो जाती है िक बरामदशुदा माल (cid:352)(cid:291)नगत वाहन पर बरामद िकया गया था। (cid:281)यायालय के आदेश िद० 19.07.10 व त(cid:623)परांत पािरत आदेश िद० 05.10.10 (cid:497)ारा वाहन (cid:293)वामी को वाहन पर पिरवहन िकये जा रहे खा(cid:495)ा(cid:281)न की बाजारी कीमत से अनिधक धनरािश अथ(cid:259) द(cid:276)ड के (cid:628)प म(cid:517) जमा करने का िवक(cid:289)प भी उसे िदया गया िकतु वाहन (cid:293)वामी ने उ(cid:472) िवक(cid:289)प का लाभ (cid:352)ा(cid:282)त करने म(cid:517) कोई (cid:628)िच नह(cid:514) िदखाई वरन् वह आपि(cid:485) िद० 1.07.10 (cid:352)(cid:293)तुत करने के उपरांत (cid:281)यायालय से अनुपि(cid:293)थत हो गया उसे (cid:281)यायालय (cid:497)ारा अथ(cid:259)द(cid:276)ड की धनरािश जमा करने हेतु पया(cid:259)(cid:282)त अवसर िदया गया। इस मामले म(cid:517) वाहन (cid:293)वामी ने अपने दािय(cid:277)व(cid:523) का िनवा(cid:259)हन नह(cid:514) िकया है, और यह (cid:352)थम (cid:623)(cid:504)या िस(cid:490) है िक बरामदशुदा खा(cid:495)ा(cid:281)न वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली से ही बरामद िकया गया है। ऐसी ि(cid:293)थित म(cid:517) बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली को रा(cid:269)य सरकार के प(cid:87) म(cid:517) अंतग(cid:259)त धारा 6ए ई०सी०ए(cid:262)ट म(cid:517) ज(cid:284)त िकये जाने व लोक नीलामी (cid:497)ारा िन(cid:293)तािरत िकया जाना म(cid:520) उिचत पाती (cid:632)ँ। अतः मु०अ०सं० 494/10 धारा 3/7 ई०सी०ए(cid:262)ट थाना को० पुरवा म(cid:517) बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली को खा(cid:495)ा(cid:281)न की अवैध कालाबाजारी म(cid:517) संिल(cid:282)त पाये जाने के कारण धारा 6ए ई०सी०ए(cid:262)ट के अंतग(cid:259)त रा(cid:269)य सरकार के प(cid:87) म(cid:517) 2 CRLP No. 1004998 of 2011 ज(cid:284)त िकया जाता है । बरामदशुदा वाहन (cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली के िन(cid:293)तारण हेतु उप िजलामिज(cid:293)(cid:342)ेट, पुरवा को िनयु(cid:472) िकया जाता है। उप िजला मिज(cid:293)(cid:342)ेट, पुरवा को िनद(cid:518)िशत िकया जाता है िक वह वाहन का संभागीय पिरवहन अिधकारी उ(cid:281)नाव से तकनीकी परी(cid:87)ण (cid:497)ारा मू(cid:289)यांकन करा ल(cid:517)। उनके (cid:497)ारा जो मू(cid:289)यांकन बताया जाय उसे आधार मू(cid:289)य िनधा(cid:259)िरत करते (cid:631)ये लोक नीलामी (cid:497)ारा वाहन का िन(cid:293)तारण सुिनि(cid:499)त कर(cid:517)। िजसम(cid:517) इस बात का अिनवाय(cid:259) (cid:628)प से (cid:280)यान रखा जाय िक यिद वाहन के पंजीकृ त (cid:293)वामी (cid:293)वयं वाहन को आधार मू(cid:289)य पर (cid:352)ा(cid:282)त करने हेतु आवेदन करे तो (cid:352)थम िवक(cid:289)प उ(cid:281)ह(cid:517) ही (cid:352)दान िकया जाय। इस हेतु उ(cid:281)ह(cid:517) एक माह पूव(cid:259) िलिखत सूचना भी (cid:352)ा(cid:282)त करा दी जाय। अ(cid:281)यथा की ि(cid:293)थित म(cid:517) वाहन के िन(cid:293)तारण हेतु लोकनीलामी सुिनि(cid:499)त की जाय और (cid:352)ा(cid:282)त धनरािश को िनधा(cid:259)िरत मद म(cid:517) जमा कराकर अनुपालन आ(cid:263)या इस (cid:281)यायालय म(cid:517) एक माह के अंदर (cid:352)(cid:293)तुत की जाय। आदेश की (cid:352)ित पुिलस अधी(cid:87)क उ(cid:281)नाव उप िजलामिज० पुरवा िज०पू०अिधकारी उ(cid:281)नाव व (cid:352)०िन०को० पुरवा को इस िनद(cid:518)श के साथ भेजी जाती है िक वह आदेश के अनुपालन म(cid:517) की जाने वाली सम(cid:293)त अ(cid:334)ेतर काय(cid:259)वाही कर(cid:517)। आव(cid:291)यक काय(cid:259)वाही के उपरांत प(cid:347)ावली अिभलेखागार म(cid:517) सुरि(cid:87)त की जाय ।"

5. Thereafter, the petitioner preferred an appeal no. 7 of 2011 before the Additional Sessions Judge, Court No.4, Unnao (in short 'Appellate Court'). The Appellate Court vide order dated 25.07.2011, dismissed the appeal and affirmed the order dated 23.12.2010, with some modifications. The operative portion of order dated 25.07.2011 reads as under:- "8-आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम के तहत उ(cid:485)र (cid:352)देश शेडयूल कमोिडटीज िड(cid:293)टी(cid:284)यूशनआड(cid:259)र 2004 उ(cid:485)र (cid:352)देश शासन (cid:497)ारा जारी िकया गया है. इसके श(cid:517)(cid:482)ूल म(cid:517) गे(cid:632)ं चावल, दाल व चीनी आिदखा(cid:495)ा(cid:281)न का संदभ(cid:259) िदया गया है। इस िवतरण आदेश 2004 के आदेश 22 के तहत स(cid:87)म (cid:352)ािधकारी को यह अिधकािरता दी गयी है िक वह पिरसर के साथही साथ िकसी भी वाहन की भी जांच करे, िजसके स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) उ(cid:281)ह(cid:517) ऐसा करना उपयु(cid:472) लगता है । 9.वत(cid:259)मान (cid:352)करण की पिरि(cid:293)थितयां यह है िक िद० 24.4.10 को ही रात म(cid:517) (cid:352)(cid:291)नगत (cid:342)ै(cid:262)टर पर फू ड कारपोरेशन के गोदाम से उठान िकये गये चावल गे(cid:632)ं िमलने के बाद कोटेदार कु सुमा िसह के घर पर तलाशी ली गयी और वहां जो (cid:293)टाक अिनयिमतता पायी गयी उसके आधार पर उप िजला मिज(cid:293)(cid:342)ेट ने यह स(cid:286)भावना (cid:498)(cid:472) िकया िक रात म(cid:517) गोदाम से उठाये जा रहे माल की काला बजारी की स(cid:286)भावना थी । 10- इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) (cid:352)करण से स(cid:286)बि(cid:281)धत मामला िनि(cid:499)त (cid:627)पसे स(cid:87)म (cid:281)यायालय म(cid:517) िवचाराधीन है और यह गुणदोष का िवषय है िक िकन पिरि(cid:293)थितय(cid:523) म(cid:517) कोट(cid:517)दार (cid:497)ारा भेज(cid:517) गये (cid:342)ै(cid:262)टरपर िनयत समय के बाद रात 11 बजे उठान ग(cid:289)ले की जा रही थी िक(cid:281)तु मामले की कु ल पिरि(cid:293)थित को देखते (cid:631)ये कल(cid:262)टर उ(cid:281)नाव अपना जो यह िन(cid:292)कष(cid:259) िनकालािक पकडा गया ग(cid:289)ला व(cid:342)ै(cid:262)टर (cid:342)ाली ज(cid:284)त िकये जाने के िब(cid:281)(cid:621) पर सुनवाई उिचत है और इसी कम म(cid:517) नोिटस की काय(cid:259)वाही िकया तो यह नह(cid:514) कहा जा सकता िक स(cid:87)म (cid:352)ािधकारी ने िबना िकसी आधार के काय(cid:259)वाही िकया । 11- पुनः प(cid:347)ावली का पिरशीलन यह (cid:293)प(cid:504) कर रहा है िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत काय(cid:259)वाही करने के बाद (cid:342)ै(cid:262)टर पर लदे ग(cid:289)ले की बाजारी कीमत (cid:627)पया 72,450-00 अथ(cid:259)द(cid:276)ड के (cid:627)पम(cid:517) जमा िकये जाने के का आदेश िकया गया था, जो अपीलाथ(cid:515) (cid:497)ारा जमा नह(cid:514) िकया गया । अतः यह भी (cid:293)प(cid:504) ह(cid:523) रहा है िक इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) अपीलाथ(cid:515) को सुनवाई का पूरा अवसर भी िदया गया । 12- िक(cid:281)तु जैसािक िनण(cid:259)य िविध (2007) 3 एस०सी०सी० (िक०) 14 कै लाश (cid:352)साद गनाम (cid:293)ट(cid:517)ट आफ झारख(cid:276)ड म(cid:517) माननीय उ(cid:267)चतम (cid:281)यायालय ने एक अ(cid:281)य िनण(cid:259)य िविध (2000) 3 एस०सी०सी० 306 िड(cid:282)टी किम(cid:291)नर बनाम (cid:627)डो(cid:289)फ फना(cid:259)(cid:281)डीज का संदभ(cid:259) सहमित के साथ िदया ज(cid:284)त िकये जा रहे वाहन का मू(cid:289)यांकन करते (cid:631)ये अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा िकये जाने का आदेश कल(cid:262)टर (cid:497)ारा िदया जाना था,न िक इसपर लदे ग(cid:289)ले के मू(cid:289)यांकन के आधार पर । 3 CRLP No. 1004998 of 2011 13- िक(cid:281)तु यह एक पैसा आधार नह(cid:514) है िक िजसके कारण यह अपील (cid:293)वीकार की जा सके , (cid:262)य(cid:523)िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6 सी म(cid:517) दी गयी (cid:498)व(cid:293)था के अनुसार अपील की काय(cid:259)वाही म(cid:517) कले(cid:262)टर के आदेश की पुि(cid:504) की जा सकती है या उसे उपा(cid:281)तिरत (मोडीफाई) िकया जा सकता है या उसे बाितल करते (cid:631)ये आदेश पािरत िकया जा सकता है। 14- कल(cid:262)टर उ(cid:281)नाव (cid:497)ारा जो (cid:352)(cid:291)नगत वाहन का मू(cid:289)यांकन न करके ग(cid:289)ले के मू(cid:289)यांकन के आधार पर अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा करने का आदेश िदया था. उसे इस अपील की काय(cid:259)वाही म(cid:517) उपा(cid:281)तिरत िकया जा सकता है । 15- चू ंिक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत जारी काय(cid:259)वाही म(cid:517) अपीलाथ(cid:515) हािजर (cid:631)आ था. उसको सुनवाई का पूरा अवसर िदया गया था इस स(cid:286)ब(cid:281)ध म(cid:517) उ(cid:472) अिधिनयम की धारा 6 बी की शत(cid:525) का पालन करते (cid:631)ये काय(cid:259)वाही की गयी थी, इसिलये यह नह(cid:514) कहा जा सकता िक कले(cid:262)टर उ(cid:281)नाव को (cid:352)(cid:291)नगत आदेश पािरत करने की अिधकािरता नह(cid:514) थी या उ(cid:281)होन(cid:517) एक प(cid:87)ीय (cid:627)पसे आदेश पािरत िकया। यह भी नह(cid:514) कहा जा सकता िक आव(cid:291)यक व(cid:293)तु अिधिनयम के (cid:352)ािवधान का उ(cid:289)लंघन करते (cid:631)ये (cid:352)(cid:291)नगत आदेश पािरत िकया। 16- (cid:352)(cid:291)नगत अपील म(cid:517) जो आधार िलये गये ह(cid:520), वे बलहीन ह(cid:520) और अपील (cid:293)वीकार िकये जाने यो(cid:264)य नह(cid:514) है, िक(cid:281)तु जैसािक उपर कहा गया है िक ज(cid:284)त िकये जाने वाले वाहन का मू(cid:289)यांकन करते (cid:631)ये अथ(cid:259)द(cid:276)ड जमा करने का अवसर अपीलाथ(cid:515) को िदये जाने के बाद ही इस (cid:342)ै(cid:262)टर की लोक नीलामी कराने की काय(cid:259)वाही िकया जाना (cid:281)यायोिचत होगा ।"

6. The aforesaid order(s) has been challenged on the ground that in fact no offence was committed by the petitioner. To support the aforesaid submission, the learned Counsel for the petitioner placed reliance on the order dated 28.05.2025, annexed with the supplementary affidavit of the petitioner dated 21.07.2025, passed by Chief Judicial Magistrate, Purwa, Unnao (in short 'Magistrate') in Misc. Case No. 12 of 2023 arising out of Case Crime No. 494 of 2010 under Section 3/7 of E.C. Act, Police Station- Purwa, District-Unnao, whereby the Magistrate accepted the final report. The order dated 28.05.2025 reads as under:- "िविवध वाद पेश (cid:631)आ। वादी अनुपि(cid:293)थत। प(cid:347)ावली के अवलोकन से िविदत होता है िक िववेचक के (cid:497)ारा िववेचना करने के उपरा(cid:281)त मु०10सं0-494/2010 धारा 3/7 ई०सी०ए(cid:262)ट थाना पुरवा, िजला उ(cid:281)नाव के (cid:352)करण म(cid:517) अि(cid:281)तम िरपोट(cid:259) (cid:352)ेिषत की गयी। िजस पर (cid:281)यायालय (cid:497)ारा वादी मुकदभा को नोिटस (cid:352)ेिषत की गयी, पर(cid:281)तु वादी का (cid:293)प(cid:504) पता न चल पाने के कारण उसपर नोिटस का तामीला नह(cid:514) हो सका है। प(cid:347)ावली के अवलोकन से िविदत होता है िक (cid:281)यायालय (cid:497)ारा वादी को नोिटस के तामीला हेतु िजलापूित अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव तथा अपर पुिलस अधी(cid:87)क दि(cid:87)णी / नोडल अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव को प(cid:347) (cid:352)ेिषत िकये गये। अपर पुिलस अधी(cid:87)क दि(cid:87)णी / नोडल अिधकारी जनपद उ(cid:281)नाव से इस आशय की आ(cid:263)या (cid:352)ा(cid:282)त (cid:631)ई है िक "वादी के बारे म(cid:517) कोई जानकारी नह(cid:514) हो सकी है।" अि(cid:281)तम िरप(cid:524)ट (cid:281)यायालय म(cid:517) वष(cid:259) 2011 से लि(cid:286)बत है। िकसी अ(cid:281)य (cid:498)ि(cid:472) (cid:497)ारा भी कोई (cid:352)ोटे(cid:293)ट (cid:352)ाथ(cid:259)नाप(cid:347) (cid:352)(cid:293)तुत भी (cid:352)(cid:293)तुत नह(cid:514) िकया गया है। मैने प(cid:347)ावली का स(cid:286)यक अवलोकन कर िलयः । िववेचना म(cid:517) (cid:352)थम (cid:623)(cid:504)या कोई (cid:347)ुिट (cid:352)तीत नह(cid:514) होती है। अतः नामले के त(cid:278)य एं व पिरि(cid:293)थितः। को (cid:623)ि(cid:504)गत रखते (cid:631)ए अि(cid:281)तम आ(cid:263)या सं0 21/2010 (cid:293)वीकार िकये जाने यो(cid:264)य है।"

7. It is also stated that tractor trolley is in possession of the petitioner in terms of order of Appellate Court dated 18.01.2011, which reads as under:- "सुना। फौज०अपील अंगीकृ त की जाती है एवं पंजीकृ त की जावे। िवप(cid:87)ी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वा(cid:293)ते सुनवाई िनयत कर िनग(cid:259)त होवे। अवर (cid:281)यायालय का अिभलेख तलब हो। 4 CRLP No. 1004998 of 2011 (cid:352)ाथ(cid:259)नाप(cid:347) 6ख समिथत शपथप(cid:347) 7ख पर सुना। िवप(cid:87)ी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वा(cid:293)ते आपि(cid:485) व िन(cid:293)तारण िनयत कर िनग(cid:259)त होवे। अथ(cid:259)द(cid:276)ड मु0-72,450/- का 1/3 भाग स(cid:286)बि(cid:281)धत (cid:281)यायालय म(cid:517) 15 िदन के अ(cid:281)दर जमा करने पर (cid:352)(cid:291)नगत (cid:342)ै(cid:262)टर की नीलामी िनयत ितिथ तक (cid:293)थिगत की जाती है।"

8. It is also stated that in view of the final report submitted and accepted by the Magistrate concerned vide order dated 28.05.2025, this petition is liable to be allowed and the amount deposited by the petitioner for the purposes of releasing the vehicle in terms of order dated 18.01.2011 is liable to released in favour of the petitioner.

9. Sri S.P. Tiwari, learned A.G.A. based upon the counter affidavit filed today, which is taken on record, does not dispute the aforesaid aspect of the case.

10. Considering the order of Magistrate dated 28.05.2025, which has not been refuted by the side opposite, this Court finds that interference in the impugned order(s) is required. Accordingly, is allowed and the present petition

11. the order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and order 23.12.2010 passed by opposite party no.2, are hereby set aside. Let amount, if, deposited by the petitioner in terms of order dated 18.01.2011 passed by Appellate Court, quoted above, in compliance of which tractor trolley in issue, is in possession of the petitioner, as stated, be returned to the petitioner. No order as to costs. November 4, 2025 Jyoti/- (Saurabh Lavania,J.) JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

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