✦ High Court of India · 12 Feb 2025

High Court · 2025

Case Details High Court of India · 12 Feb 2025
Court
High Court of India
Decided
12 Feb 2025
Length
2,194 words

Cited in this judgment

5. It would be apt to indicate that priot to the order, quoted above, impugned in the application, the trial Court on similar application of the accused/applicant had passed the following order dated 21.11.2024:- " पतपवलप पपररनप पत 71 ख पर आदरशपरर परश हहयप। उभय पक कर भवदपन असधवकपगण कक पयवर मम सयनप जप चयकप हह। अपनर चहनलल पर पसपररत भप सवपकपर करतर हह, पपररनप पत 71 ख अभभययक वसपम दपरप इस आशय कप पसतयत भकयप गयप हह भक सव० सयररनद पतपप सससह कर सवगरवपस कर बपद मरभडकल कपलरज पररकरत मम पप०डबलयय- 2 शप अभय पतपप सससह कप वपभडयकगपफक करकर टप०वप० चहनलल नर सपकपतकपर सलयप रप व अपनर- भकयप रप। सपकपतकपर कप तथय पप०डबलयय0-1 इस तथय सर इसकपर करतप हह, सलए नययज चहनल ए०बप०पप० नययज व यय०पप० उतरपखणड सजसर पमपभणत करनर कर नययज चहनल मय समसत मयल पमपण पत, अभभलरख, हपडरभडसक भनगरभटव कह मरप आभद जक अभय पतपप सससह दपरप भदनपसक 26.05.2019 कक कर ०जप०एम०सप० लखनऊ मम भदए गए सपकपतकपर सर समबसधत हह। सभप उक चहनल कर कमरचपरप व असधकपरप कक तलब करनर कक यपचनप कक गई हह, सपर हप रपमसयनदर लकध पयत रपमलखन गपम हरदद पयरर शयकलन रपमपयर, नदरसगपबपद, सजलप अमरठप कक तलब करनर कक यपचनप कक गई हह। भकनतय पप०डबलय०-2 रपनप जपमल, कर भवरद वपदप कक ओर सर आपसत 72 भपतप सयररनद पतपप सससह कक हतयप हहई रप, सर उक सपकपतकपर कर ससबध मम सजरह भप कक गई हह, ख यह कसरत करतर हहए पसतयत भकयप उक कर गयप हह भक ददरपन भवचपरण अभभययकगण दपरप इसप आशय कर दक पपररनपपत और पसतयत भकयर गयर रर, जक नयपयपलय दपरप भनरसत भकयर जप चयकर हह। अभभयकजन सपकप ससखयप 2 सजसनर उसनर सपष तदर पर भकसप चहनल कक ककई सपकपतकपर दरनर सर इनकपर भकयप हह। अभभयकजन सपकप ससखयप 2 लपश उसकर सपमनर रप और उसप समय नययज चहनल दपरप तरपकसरत सपकपतकपर कक बपत कहप जप रहप हह, उस वह ककई पररससरभत मम अभभयकजन सपकप ससखयप-2 सपकपतकपर दरनर कक ससरभत मम हप नहह रप, उसकप भदमपग पररशपन एवस इतनप भवभकप रप भक उस समय उसकर सलए भकसप सर बपत करनप भप समभव नहह रप। आधयभनक तकनपक इतनप भवकससत हक चयकक हह भक भकसप वयभक कप फकटल जभनत चरहरप भदखपकर दयसरर कर दपरप डब कक गयप उसप कक आवपज कक जकडकर भदखपयप जप सकतप हह। ऐसप पररससरभत मम अभभययकगण दपरप अपनर बचपव मम गलत कय टरभचत सपकपतकपर तहयपर करपयप गयप हक, इस समभपवनप सर भप इनकपर नहह भकयप जप सकतप हह। तरपकसरत सपकपतकपर कक सतयतप व वहधतप ससभदगध हह और बनपवटप हक सकतप हह तरप मयकदमम कक भदखपयप गयप हह। तरपकसरत सपकपतकपर सर समबससधत कपगजपत व सपकप कक तलब भकयप जपनप नयपयससगत नहह हह। मपनससक तदर पर भवभकप रप, भवलसमबत करनर कक भनयत सर बचपव पक कक ओर सर भवसध वयवसरप Tomaso Bruno & Anr. Vs. State UP 2015(1) JIC 363 (SC) कक भनणरयपभवसध पर बल भदयप गयप हह। उबसध भनणरय हकटल कर सप०सप०टप०वप०न मम हकटल कर कह मरर कर फय टरज कर समबसध मम हह, सजसकर समबसधन महनरजर कप बयपन रप भक उसनर पयरप सप०सप०टप०वप०न फय टरज दरख सलयप रप और वह ररसपरन पर बहठकर सप०सप०टप०वप० फय टरज कक गगभनटररसग करतप हह. उसर सयटरर मम घटनप कर समय यप घटनप कर आसपपस घटनप सरल पर सप०सप०टप०वप०न ककई भप आतप- जपतप नहह भदखपई भदयप। इसप पकपर कप सपकय भववरचक दपरप भदयप गयप भक उसनर भप सप०सप०टप०वप० फय टरज कप अवलककन भकयप और उसर भप उसमम ककई महतवपयणर सपकय नहह भमलप, सजसर अभभयकजन सपकय मम शपभमल भकयप जप सकर । वतरमपन मपमलप भकसप ऐसर सप०सप०टप०वप० फय टरज कप नहह हह और न हप उसकर भनयभमत मगभनटररसग कप हह और न हप ऐसप ककई इलरकटटपभनक सपकय अभभयकजन दपरप भववरचनप मम शपभमल हप भकयप गयप हह, इससलए उक भनणरयजभवसध वतरमपन मपमलर कर तथयल सर भभन हकनर कर कपरण पसतयत पकरण मम कपनयनप रप सर लपगय नहह भकयप जप सकतप हह। जक पहलर हप कपट- पर नयपयपलय भवशवपस नहह कर सकतप हह, धयपन मम रखतर हहए करतर हह और ऐसप सपकय, समपचपर कप पशन हह, समपचपर जहपस तक समपचपर चहनलल पर पसपररत सपकपतकपर / चहनलल पर पतयरक कनटरनट ससपपभदत करकर पसपररत भकयप जपतप हह न भक उनकक मयलरप मम पसपररत भकयप जपतप हह, ऐसप कपयर चहनल अपनप सयभवधपनयसपर अपनर भहत कक छपसट कर समपपभदत भकयप जप चयकप हक, इससलए ऐसर सपकय कक पसतयत करनप और ऐसर सपकय कक पमपभणत करनर कर सलए भकसप सपकप कप परपकण करनप नयपयपलय कर समय व शम कक बरबपदप करनर कर अभतररक और कय छ नहह हक सकतप, पपररनप पत मम उसकर सलए एक शबद भप कसरत नहह भकयप गयप हह भक वह मपमलर सर भकस पकपर सर समबसधत हह। आरकप पत कर अवलककन सर यह पकट हह भक उक रपमसयनदर आरकप पत मम भप गवपह कर रप मम नपभमत नहह हह। ऐसप दशप मम पभतरकप सपकय कप अवसर भदयर जपनर कप तपतपयर यह नहह हक सकतप हह भक पभतरकप मम भकसप भप वयभक कक जब चपहर तब तलब करपकर उसकक उपससरत करप भदयप जपए, अभपतय बचपव पक कक भकसप वयभक कक अरवप भकसप वसतय कक सपकय मम पसतयत भकयर जपनर कप आदरश पपप करनर सर पयवर नयपयपलय कक यह बतपनप हकतप हह भक वह वयभक व वसतय भकस पकपर मपमलर मम सयससगत हह, जहपस तक रपमसयनदर लकध कप पशन हह, ख इस ससबसध मम पयरप तरह सर मदन हह। जबभक पपररनप पत 71 अभभयकजन दपरप अपनप आपसत मम यह भप कसरत भकयप गयप हह भक इसप आशय कर पपररनप पत बचपव पक दपरप पयवर मम भप पसतयत भकए गए हह, सजसर पयवर मम हप नयपयपलय दपरप खररज भकयप जप चयकप हह और सजनकर भवरद बचपव पक दपरप ककई चपरपजकई कक गई हक, न हप ककई करन भकयप गयप हह। यहह नहह बचपव पक ऐसप ककई सपकय नहह हह, दपरप इस तथय कप भप उलरख नहह भकयप गयप हह भक बचपव पक कक ओर सर ऐसर पसतयत भकसप पपररनप पत कक पहलर भप भनरसत भकयप जप चयकप हह, जक तथयल कक भछपपनर कर सदश हह। उपरकक समसत पररससरभतयल मम नयपयपलय पपररनप पत 71 यकगय नहह पपतप हह। ख सवपकपर भकयर जपनर आदरश पपररनप पत 71 ख भनरसत भकयप जपतप हह आपसत तदनननयसपर भनसतपररत कक जपतप हह। पतपवलप वपसतर सफपई सपकय / अभगम आदरश भदनपसक 30.11.2024 कक परश हक।"

6. Upon due consideration of the aforesaid as also the contents of the application(s), quoted above, i.e. the order(s) dated 28.01.2025 and

21.11.2024, quoted above as also the observations of the Hon'ble Apex Court in the case of State of M.P. Vs. Badri Yadav and Another, reported in (2006) 9 SCC 549 and considered subsequently by this Court in the cases of Lokesh Pal Vs. State of U.P., 2018 SCC OnLine All 6789, Raj Kumar Vs. State of U.P., 2009 SCC OnLine All 1911, Anupam Singh Vs. State of U.P., 2024 SCC OnLine All 156, Mathura Prasad Vs. State of U.P., 2023 SCC OnLine All 4256 and Karan Singh Vs. State of U.P., 2007 SCC OnLine All 1887, this Court is not inclined to interfere in the order impugned. It is for the following reasons: (i) To establish that the evidence indicated in the application under Section 233 Cr.P.C. preferred by the accused- applicant would be useful, defence taken in response to the question(s) put to the accused-applicant in terms of Section 313 Cr.P.C.C. has not been placed on record. (ii) Hon'ble Apex Court has already directed for expedite of the trial vide orer dated 18.12.2020 passed in SLP (Crl.) Diary No. 14700/2020 (Narendra Bahadur Singh Vs. State of UP. and Anr.). The order dated 18.12.2020 reads as under: "1. Permission to file the Special Leave Petitions is granted.

2. We are not inclined to entertain the Special Leave Petitions under Article 136 of the Constitution. However, having regard to the facts and circumstances, the trial be expedited.

3. The Special Leave Petitions are dismissed.

4. Pending applications, if any, stand disposed of." (iii) Earlier the application of the applicant preferred in relation to the 'C.D.' in issue praying therein that the same be treated as secondary evidence was rejected, in absence of Section 65-B of Indian Evidence Act, 1872, vide order dated

10.01.2022 and this order is in issue in APPLICATION U/S 482 No. 928 of 2022 (Ram Chandra Vs. State of U.P.), which is pending before this Court and in this application, no favourable order has been passed till date by this Court. (iv) How the news clip(s) related to the incident dated

25.05.2019, in relation to which the applicant is facing trial under Sections 120-B, 147, 149, 302 IPC, would prove the innocence of the applicant has not been indicated in the entire application under Section 233 Cr.P.C. (v) APPLICATION U/S 482 No. 57 of 2025 challenging the order dated 21.11.2024, whereby the trial Court rejected the similar prayer, was dismissed by this Court vide order dated

20.01.2025 without giving any liberty to the applicant on the subject. (vi) While cross-examining the PW2, relevant question(s) were not put to this witness with regard to 'interview' in relation to which the application under Section 233 Cr.P.C. was preferred.

7. For the reason aforesaid, the instant application is rejected. MOHIT SINGH High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Order Date :- 12.2.2025/Mohit Singh/-

5. It would be apt to indicate that priot to the order, quoted above, impugned in the application, the trial Court on similar application of the accused/applicant had passed the following order dated 21.11.2024:- " पतपवलप पपररनप पत 71 ख पर आदरशपरर परश हहयप। उभय पक कर भवदपन असधवकपगण कक पयवर मम सयनप जप चयकप हह। अपनर चहनलल पर पसपररत भप सवपकपर करतर हह, पपररनप पत 71 ख अभभययक वसपम दपरप इस आशय कप पसतयत भकयप गयप हह भक सव० सयररनद पतपप सससह कर सवगरवपस कर बपद मरभडकल कपलरज पररकरत मम पप०डबलयय- 2 शप अभय पतपप सससह कप वपभडयकगपफक करकर टप०वप० चहनलल नर सपकपतकपर सलयप रप व अपनर- भकयप रप। सपकपतकपर कप तथय पप०डबलयय0-1 इस तथय सर इसकपर करतप हह, सलए नययज चहनल ए०बप०पप० नययज व यय०पप० उतरपखणड सजसर पमपभणत करनर कर नययज चहनल मय समसत मयल पमपण पत, अभभलरख, हपडरभडसक भनगरभटव कह मरप आभद जक अभय पतपप सससह दपरप भदनपसक 26.05.2019 कक कर ०जप०एम०सप० लखनऊ मम भदए गए सपकपतकपर सर समबसधत हह। सभप उक चहनल कर कमरचपरप व असधकपरप कक तलब करनर कक यपचनप कक गई हह, सपर हप रपमसयनदर लकध पयत रपमलखन गपम हरदद पयरर शयकलन रपमपयर, नदरसगपबपद, सजलप अमरठप कक तलब करनर कक यपचनप कक गई हह। भकनतय पप०डबलय०-2 रपनप जपमल, कर भवरद वपदप कक ओर सर आपसत 72 भपतप सयररनद पतपप सससह कक हतयप हहई रप, सर उक सपकपतकपर कर ससबध मम सजरह भप कक गई हह, ख यह कसरत करतर हहए पसतयत भकयप उक कर गयप हह भक ददरपन भवचपरण अभभययकगण दपरप इसप आशय कर दक पपररनपपत और पसतयत भकयर गयर रर, जक नयपयपलय दपरप भनरसत भकयर जप चयकर हह। अभभयकजन सपकप ससखयप 2 सजसनर उसनर सपष तदर पर भकसप चहनल कक ककई सपकपतकपर दरनर सर इनकपर भकयप हह। अभभयकजन सपकप ससखयप 2 लपश उसकर सपमनर रप और उसप समय नययज चहनल दपरप तरपकसरत सपकपतकपर कक बपत कहप जप रहप हह, उस वह ककई पररससरभत मम अभभयकजन सपकप ससखयप-2 सपकपतकपर दरनर कक ससरभत मम हप नहह रप, उसकप भदमपग पररशपन एवस इतनप भवभकप रप भक उस समय उसकर सलए भकसप सर बपत करनप भप समभव नहह रप। आधयभनक तकनपक इतनप भवकससत हक चयकक हह भक भकसप वयभक कप फकटल जभनत चरहरप भदखपकर दयसरर कर दपरप डब कक गयप उसप कक आवपज कक जकडकर भदखपयप जप सकतप हह। ऐसप पररससरभत मम अभभययकगण दपरप अपनर बचपव मम गलत कय टरभचत सपकपतकपर तहयपर करपयप गयप हक, इस समभपवनप सर भप इनकपर नहह भकयप जप सकतप हह। तरपकसरत सपकपतकपर कक सतयतप व वहधतप ससभदगध हह और बनपवटप हक सकतप हह तरप मयकदमम कक भदखपयप गयप हह। तरपकसरत सपकपतकपर सर समबससधत कपगजपत व सपकप कक तलब भकयप जपनप नयपयससगत नहह हह। मपनससक तदर पर भवभकप रप, भवलसमबत करनर कक भनयत सर बचपव पक कक ओर सर भवसध वयवसरप Tomaso Bruno & Anr. Vs. State UP 2015(1) JIC 363 (SC) कक भनणरयपभवसध पर बल भदयप गयप हह। उबसध भनणरय हकटल कर सप०सप०टप०वप०न मम हकटल कर कह मरर कर फय टरज कर समबसध मम हह, सजसकर समबसधन महनरजर कप बयपन रप भक उसनर पयरप सप०सप०टप०वप०न फय टरज दरख सलयप रप और वह ररसपरन पर बहठकर सप०सप०टप०वप० फय टरज कक गगभनटररसग करतप हह. उसर सयटरर मम घटनप कर समय यप घटनप कर आसपपस घटनप सरल पर सप०सप०टप०वप०न ककई भप आतप- जपतप नहह भदखपई भदयप। इसप पकपर कप सपकय भववरचक दपरप भदयप गयप भक उसनर भप सप०सप०टप०वप० फय टरज कप अवलककन भकयप और उसर भप उसमम ककई महतवपयणर सपकय नहह भमलप, सजसर अभभयकजन सपकय मम शपभमल भकयप जप सकर । वतरमपन मपमलप भकसप ऐसर सप०सप०टप०वप० फय टरज कप नहह हह और न हप उसकर भनयभमत मगभनटररसग कप हह और न हप ऐसप ककई इलरकटटपभनक सपकय अभभयकजन दपरप भववरचनप मम शपभमल हप भकयप गयप हह, इससलए उक भनणरयजभवसध वतरमपन मपमलर कर तथयल सर भभन हकनर कर कपरण पसतयत पकरण मम कपनयनप रप सर लपगय नहह भकयप जप सकतप हह। जक पहलर हप कपट- पर नयपयपलय भवशवपस नहह कर सकतप हह, धयपन मम रखतर हहए करतर हह और ऐसप सपकय, समपचपर कप पशन हह, समपचपर जहपस तक समपचपर चहनलल पर पसपररत सपकपतकपर / चहनलल पर पतयरक कनटरनट ससपपभदत करकर पसपररत भकयप जपतप हह न भक उनकक मयलरप मम पसपररत भकयप जपतप हह, ऐसप कपयर चहनल अपनप सयभवधपनयसपर अपनर भहत कक छपसट कर समपपभदत भकयप जप चयकप हक, इससलए ऐसर सपकय कक पसतयत करनप और ऐसर सपकय कक पमपभणत करनर कर सलए भकसप सपकप कप परपकण करनप नयपयपलय कर समय व शम कक बरबपदप करनर कर अभतररक और कय छ नहह हक सकतप, पपररनप पत मम उसकर सलए एक शबद भप कसरत नहह भकयप गयप हह भक वह मपमलर सर भकस पकपर सर समबसधत हह। आरकप पत कर अवलककन सर यह पकट हह भक उक रपमसयनदर आरकप पत मम भप गवपह कर रप मम नपभमत नहह हह। ऐसप दशप मम पभतरकप सपकय कप अवसर भदयर जपनर कप तपतपयर यह नहह हक सकतप हह भक पभतरकप मम भकसप भप वयभक कक जब चपहर तब तलब करपकर उसकक उपससरत करप भदयप जपए, अभपतय बचपव पक कक भकसप वयभक कक अरवप भकसप वसतय कक सपकय मम पसतयत भकयर जपनर कप आदरश पपप करनर सर पयवर नयपयपलय कक यह बतपनप हकतप हह भक वह वयभक व वसतय भकस पकपर मपमलर मम सयससगत हह, जहपस तक रपमसयनदर लकध कप पशन हह, ख इस ससबसध मम पयरप तरह सर मदन हह। जबभक पपररनप पत 71 अभभयकजन दपरप अपनप आपसत मम यह भप कसरत भकयप गयप हह भक इसप आशय कर पपररनप पत बचपव पक दपरप पयवर मम भप पसतयत भकए गए हह, सजसर पयवर मम हप नयपयपलय दपरप खररज भकयप जप चयकप हह और सजनकर भवरद बचपव पक दपरप ककई चपरपजकई कक गई हक, न हप ककई करन भकयप गयप हह। यहह नहह बचपव पक ऐसप ककई सपकय नहह हह, दपरप इस तथय कप भप उलरख नहह भकयप गयप हह भक बचपव पक कक ओर सर ऐसर पसतयत भकसप पपररनप पत कक पहलर भप भनरसत भकयप जप चयकप हह, जक तथयल कक भछपपनर कर सदश हह। उपरकक समसत पररससरभतयल मम नयपयपलय पपररनप पत 71 यकगय नहह पपतप हह। ख सवपकपर भकयर जपनर आदरश पपररनप पत 71 ख भनरसत भकयप जपतप हह आपसत तदनननयसपर भनसतपररत कक जपतप हह। पतपवलप वपसतर सफपई सपकय / अभगम आदरश भदनपसक 30.11.2024 कक परश हक।"

6. Upon due consideration of the aforesaid as also the contents of the application(s), quoted above, i.e. the order(s) dated 28.01.2025 and

21.11.2024, quoted above as also the observations of the Hon'ble Apex Court in the case of State of M.P. Vs. Badri Yadav and Another, reported in (2006) 9 SCC 549 and considered subsequently by this Court in the cases of Lokesh Pal Vs. State of U.P., 2018 SCC OnLine All 6789, Raj Kumar Vs. State of U.P., 2009 SCC OnLine All 1911, Anupam Singh Vs. State of U.P., 2024 SCC OnLine All 156, Mathura Prasad Vs. State of U.P., 2023 SCC OnLine All 4256 and Karan Singh Vs. State of U.P., 2007 SCC OnLine All 1887, this Court is not inclined to interfere in the order impugned. It is for the following reasons: (i) To establish that the evidence indicated in the application under Section 233 Cr.P.C. preferred by the accused- applicant would be useful, defence taken in response to the question(s) put to the accused-applicant in terms of Section 313 Cr.P.C.C. has not been placed on record. (ii) Hon'ble Apex Court has already directed for expedite of the trial vide orer dated 18.12.2020 passed in SLP (Crl.) Diary No. 14700/2020 (Narendra Bahadur Singh Vs. State of UP. and Anr.). The order dated 18.12.2020 reads as under: "1. Permission to file the Special Leave Petitions is granted.

2. We are not inclined to entertain the Special Leave Petitions under Article 136 of the Constitution. However, having regard to the facts and circumstances, the trial be expedited.

3. The Special Leave Petitions are dismissed.

4. Pending applications, if any, stand disposed of." (iii) Earlier the application of the applicant preferred in relation to the 'C.D.' in issue praying therein that the same be treated as secondary evidence was rejected, in absence of Section 65-B of Indian Evidence Act, 1872, vide order dated

10.01.2022 and this order is in issue in APPLICATION U/S 482 No. 928 of 2022 (Ram Chandra Vs. State of U.P.), which is pending before this Court and in this application, no favourable order has been passed till date by this Court. (iv) How the news clip(s) related to the incident dated

25.05.2019, in relation to which the applicant is facing trial under Sections 120-B, 147, 149, 302 IPC, would prove the innocence of the applicant has not been indicated in the entire application under Section 233 Cr.P.C. (v) APPLICATION U/S 482 No. 57 of 2025 challenging the order dated 21.11.2024, whereby the trial Court rejected the similar prayer, was dismissed by this Court vide order dated

20.01.2025 without giving any liberty to the applicant on the subject. (vi) While cross-examining the PW2, relevant question(s) were not put to this witness with regard to 'interview' in relation to which the application under Section 233 Cr.P.C. was preferred.

7. For the reason aforesaid, the instant application is rejected. MOHIT SINGH High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Order Date :- 12.2.2025/Mohit Singh/-

This is the original judgment text as indexed from the source corpus. Always verify against the official court record before relying on it in a filing — you can do so on eCourts or the Supreme Court of India website. ← Search more judgments