Nisar Khan and another v. Shahzad Khan and
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4. Vide impugned order dated 18.01.2025 the First Additional Sessions Judge, Bahraich dismissed the revision registered as Criminal Revision No.116 of 2023; CRN No.UPBH0100-2746-2023 (Nisar Khan & another Vs. Shahjad Khan & others). The relevant portion of the order dated 18.01.2025 reads as under. 10- पतरावलरी कके अवलणोकन सके कवकदित हहै कक नरायब तहसरीलदिरार दराररा इस आशय ककी आख्यरा कदिनरायंक -
20.08.2021 ्ቚस्तकत ककी गयरी कक, गराम कनकबयरा हहसहैनपकर मम कनसरार खरायं आकदि पकत रमजरान खरायं व शहजरादि खरायं आकदि पकतगर कनहराल खरायं कनवरासरी कनकबयरा हहसहैनपकर कके मध्य आम ररास्तके कणो लकेकर कववरादि हहै। उ्ሹ कववराकदित स्थल शकेररी 6 (2) आवरादिरी ककी भपूकम मम शस्थत हहै। स्थलरीय सत्यरापन मम परायरा गयरा कक कनसरार खरायं आकदि कके दिणो मकरान आमनके-सरामनके पड़तके हहै सजसमम एक मकरान जणो पपूरब कदिशरा मम शस्थत हहै वह पकररानरा मकरान हहै तथरा पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत मकरान नयरा मकरान हहै। दिणोनोሱ मकरानोሱ कके बरीቐኌ मम कनसरार खरायं ककी सहन ककी भपूकम पड़तरी हहै जणो कनकवरवरादि रूप सके कनसरार खरायं ककी हहै। इनकके , पपूवብኍ मकरान कके सहन ककी भपूकम सके सटरा हहआ दिक्ቌर तरफ आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर ቐኌचौड़राई 12 फक ट हहै (सजसमम खड़न्जरा व पटररी भपूकम शराकमल हहै) सराथ हरी सराथ कनसरार खरायं कके पशश्ቐኌमरी मकरान मम लगरा बररामदिरा व सहन ककी भपूकम सके दिक्ቌर तरफ शस्थत आम ररास्तरा खड़यंजरा मरागर कणो आनके जरान कके सलए 03 फक ट 02 इयंቐኌ ቐኌचौड़री गलरी हहै। इसरी गलरी सके हणोकर कनसरार खरायं मकख्य खड़न्जरा मरागर तक आतके जरातके हहै इस ्ቚकरार कनसरार खरायं दराररा अपनके मकरान सके उ्ቈर तरफ शस्थत आर०सरी०सरी० आम ररास्तरा तक जरानके कके सलए सरावरजकनक ररास्तके ककी मरायंग करतके हह जणो इनकके मकरान कके जराकनब उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत शहजरादि खरायं व हराससम खरायं आकदि कके मकरानोሱ कके सरामनके छणोड़री गयरी सहन भपूकम सके ቐኌराहतके हहै। इनकके अलरावरा उ्ሹ ቐኌराहरी गयरी ररास्तके पर ककसरी अन्य करा कनकरास नहीሻ हहै। कके वल आम ररास्तरा आर०सरी०सरी० तक जरानके कके सलए मणो० हराससम खरायं व शहजरादि खरायं आकदि दराररा स्वययं कके ्ቚयणोजनराथर पगडयंडरी कके रूप मम ्ቚयणोग करतके हह सजस पर कवप्ቌरी कनसरार खरायं सरावरजकनक आम ररास्तके ककी मरायंग करतके हहै। 11- उपरणो्ሹ जरायंቐኌ आख्यरा सके स्प्ቖ हहै कक कववराकदित भपूकम आबरादिरी सके सम्बशन्धत हहै। उ्ሹ आख्यरा कणो ्ቚथम प्ቌ दराररा न मरानतके हहए पकननः तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ सके जरायंቐኌ कररायके जरानके कके आशय सके ्ቚराथरनरा -पत ्ቚस्तकत ककयरा गयरा। 12- तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ नके स्वययं स्थलरीय जरायंቐኌणोपररान्त अपनरी आख्यरा कदिनरायंककत- 28.03.2022 कणो ्ቚकेकषत इस आशय ककी ्ቚकेकषत ककी हहै कक , गराम कनकबयरा हहसहैनपकर मम कनसरार खरायं पकत रमजरान खरायं आकदि व शहजरादि खरायं पकत कनहराल खरायं आकदि कके मध्य ररास्तके कणो लकेकर कववरादि हहै , उ्ሹ कववराकदित स्थल शकेररी 6(2) आबरादिरी भपूकम मम शस्थत हहै। स्थलरीय कनररी्ቌर मम यह परायरा गयरा कक कनसरार खरायं आकदि कके दिणो मकरान पपूरब व पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत हहै। पपूरब कदिशरा मम शस्थत मकरान पकररानरा हहै तथरा पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत मकरान नयरा हहै। उपरणो्ሹ दिणोनोሱ मकरानोሱ कके मध्य कनसरार खरायं ककी सहन भपूकम पड़तरी हहै। कनसरार खरायं कके पपूवብኍ मकरान कके सहन भपूकम सके सटरा हहआ दिक्ቌर तरफ आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर ቐኌचौड़राई 12 फक ट हहै एवयं कनसरार खरायं कके पशश्ቐኌमरी मकरान सके लगरा बररामदिरा व सहन ककी भपूकम सके दिक्ቌर तरफ शस्थत आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर पर जरानके कके सलए 3 फक ट 2 इयंज ቐኌचौड़री गलरी हहै, सजसकरा इस्तकेमराल कनसरार खरायं दराररा ककयरा जरातरा हहै। कनसरार खरायं कके मकरान कके उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत शहजरादि खरायं व सईदि खरायं , इसलयरास, मकेरराज खरायं कके मकरान कके सरामनके सहन भपूकम हहै जणो कक शहजरादि खरााሗ आकदि कके दराररा छणोड़री गयरी सहन भपूकम हहै। उ्ሹ सहन भपूकम सके हणोकर उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत आर०सरी०सरी० ररास्तरा पर जरानके कके सलए पगडयंडरी कके रूप मम ्ቚयणोग करतके हहै। कनसरार खरायं उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत आर०सरी०सरी० ररास्तरा तक जरानके कके सलए शहजरादि खरायं आकदि कके सहन भपूकम सके ररास्तरा ककी मरायंग कर रहके हहै, इनकके आलरावरा उ्ሹरा ቐኌराहरी गयरी ररास्तरा पर ककसरी अन्य करा कनकरास नहीሻ हहै। गरायंव मम एक दिपूसरके कके सहन भपूकम सके लणोग आतके जरातके हहै इसकरा तरात्पयर वह आम ररास्तरा नहीሻ हणो सकतरा हहै। शहजरादि आकदि कके मकरान कके सरामनके वरालरी सहन भपूकम कणो लकेकर कनसरार खरााሗ आकदि कके मध्य आबरादिरी शकेररी 6 (2) कणो लकेकर कववरादि हहै। उ्ሹ कववरादि कके सम्बन्ध मम उभयप्ቌोሱ कके मध्य व्यवहरार न्यरायरालय मम वरादि कवቐኌरारराधरीन हहै। इस ्ቚकरार सके उ्ሹ ्ቚकरर मम दिण्ड ्ቚकቅኌयरा सयंकहतरा अन्तगरत धराररा -133 ककी करायरवराहरी ककयरा जरानरा कवसधसयंगत नहीሻ हहै। नरायब तहसरीलदिरार व तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ ककी आख्यराओयं कणो कनरस्त करकके सशतर जराररी कर वरादि करा कनररय गकर-दिणोष पर ककयके जरानके ककी मरायंग ्ቚथम प्ቌगर दराररा ककी गयरी हहै। 13- उ्ሹ सके भरी ्ቚथम प्ቌ सयंतक्ቖ नहीሻ थरा इससलए उनकके दराररा धराररा -411 सरी०आर०परी०सरी० सजलरा मसजस्टट केट महणोदिय बहरराइቐኌ कके न्यरायरालय पर ्ቚस्तकत वरादि स्थरानरान्तरर कवषयक ्ቚराथरनरा पत कके ቅኌम मम पराररत अपनके आदिकेश कदिनरायंककत -27.03.2023 मम अधणोहस्तरा्ቌरकतरार कणो कनदिरकशत ककयरा गयरा कक अधणोहस्तरा्ቌरकतरार दिणोनोሱ प्ቌोሱ कणो सपूकቐኌत करकके स्वययं स्थलरीय जरााሗቐኌ कर मरामलके करा कनस्तरारर 15 कदिन कके अन्दिर गकर-दिणोष कके आधरार पर करनरा सककनशश्ቐኌत करम। 14- सजलरा मसजस्टट केट, बहरराइቐኌ कके आदिकेश करा अनकपरालन कवदरान मसजस्टट केट दराररा उभयप्ቌोሱ कणो पपूवर कनररी्ቌर ककी सपूቐኌनरा दिकेकर कदिनरायंक -08.04.2023 कणो स्वययं स्थलरीय कनररी्ቌर कर ककयरा तथरा स्थल ककी शस्थकत कके अनकरूप आदिकेश पराररत ककयरा गयरा, सजसमम यह स्प्ቖ आयरा कक कनजरी सम्पस्ቈ मम ररास्तरा बनरानके करा कववरादि हहै। सम्पस्ቈ शकेररी 6 (2) ककी आबरादिरी भपूकम हहै। नरायब तहसरीलरार ककी आख्यरा तथरा तहसरीलदिरार सदिर , बहरराइቐኌ ककी आख्यरा तथरा स्वययं कवदरान मसजस्टट केट दराररा ककयके गयके स्थल कके कनररी्ቌर कके उपररान्त पराररत आदिकेश कवसध कके अनकरूप , सकस्थराकपत कवसधक सस्ቍरान्त कके पररपकेቌኚय मम हहै। मरामलके मम कणोई सशतर आदिकेश पराररत नहीሻ ककयरा गयरा हहै। आख्यराओयं मम एवयं स्वययं मसजस्टट केट कके स्थल कनररी्ቌर मम कववराकदित भपूकम आबरादिरी शकेररी 6 (2) ककी कनजरी भपूकम हहै जणो सवरजकनक भपूकम यरा लणोक स्थरान नहीሻ हणोनरा परायरा गयरा हहै। ऐसके मम यह न्यरायरालय इस मत करा हहै कक कवदरान मसजस्टट केट दराररा पराररत आदिकेश मम कणोई अवहैधराकनकतरा , अकनयकमततरा दिकशरत नहीሻ हणो रहरी हहै। कनगररानरी बलहरीन हहै जणो कनरस्त ककयके जरानके यणोग्य हहै। आदिकेश ्ቚस्तकत दिराशण्डक कनगररानरी सयंख्यरा-116/2023- कनसरार खरायं व अन्य बनराम शराहजरादि खरायं आकदि कनरस्त ककी जरातरी हहै। कवदरान मसजस्टट केट, न्यरायरालय दराररा पराररत आलणोच्य आदिकेश कदिनरायंककत- 19.05.2023 ककी पकक्ቖ ककी जरातरी हहै। आदिकेश ककी ्ቚकत कके सराथ अवर न्यरायरालय ककी पतरावलरी सम्बशन्धत न्यरायरालय कणो ्ቚकेकषत ककी जरायके। बरादि आवश्यक करायरवराहरी हकेतक इस न्यरायरालय ककी पतरावलरी कनयमरानकसरार दिरासखल दिफ्तर हणो।"
5. Considered the submission of learned counsel for the applicants, which in nutshell, is to the effect that the Magistrate as also the Revisional Court without taking note of the map prepared in the proceedings instituted under Section 133 Cr.P.C. passed the impugned order(s) as also the learned A.G.A., according to him, the impugned orders are not liable to be interfered with as the dispute in fact is a private dispute between applicants and and private opposite parties and the same relates to claiming rights over the land which according to private opposite parties is 'Sahan land'.
6. Upon due consideration of the aforesaid including the recitals of the impugned order(s) dated 19.05.2023 and 18.01.2025 passed by the Magistrate and Revisional Court, respectively, this Court finds that the same are not liable to be interfered with by this Court. It is for the reason that according to the report of Tehsildar Sadar, Bahraich dated 28.03.2022, the house of applicants namely Nisar Khan and Taiyyab Khan and the house of side opposite namely Shahzad Khan, Meraj, Arshad Khan and Gulam Mohiddeen Khan is situated over the abadi land of village Nibiya Husenpur, Tehsil Sadar, District Bahraich and the applicants namely Nisar Khan and Taiyyab Khan are claiming rights over 'Sahan land' of the private opposite parties and to establish otherwise no evidence has been brought on record and also that in relation to the land in issue, the suit for perpetual injunction was instituted by the side opposite which is pending consideration.
7. Rejected. Order Date :- 4.2.2025 Anand/- ANAND KUMAR SRIVASTAVA ANAND KUMAR SRIVASTAVA High Court of Judicature at Allahabad, High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Lucknow Bench
4. Vide impugned order dated 18.01.2025 the First Additional Sessions Judge, Bahraich dismissed the revision registered as Criminal Revision No.116 of 2023; CRN No.UPBH0100-2746-2023 (Nisar Khan & another Vs. Shahjad Khan & others). The relevant portion of the order dated 18.01.2025 reads as under. 10- पतरावलरी कके अवलणोकन सके कवकदित हहै कक नरायब तहसरीलदिरार दराररा इस आशय ककी आख्यरा कदिनरायंक -
20.08.2021 ्ቚस्तकत ककी गयरी कक, गराम कनकबयरा हहसहैनपकर मम कनसरार खरायं आकदि पकत रमजरान खरायं व शहजरादि खरायं आकदि पकतगर कनहराल खरायं कनवरासरी कनकबयरा हहसहैनपकर कके मध्य आम ररास्तके कणो लकेकर कववरादि हहै। उ्ሹ कववराकदित स्थल शकेररी 6 (2) आवरादिरी ककी भपूकम मम शस्थत हहै। स्थलरीय सत्यरापन मम परायरा गयरा कक कनसरार खरायं आकदि कके दिणो मकरान आमनके-सरामनके पड़तके हहै सजसमम एक मकरान जणो पपूरब कदिशरा मम शस्थत हहै वह पकररानरा मकरान हहै तथरा पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत मकरान नयरा मकरान हहै। दिणोनोሱ मकरानोሱ कके बरीቐኌ मम कनसरार खरायं ककी सहन ककी भपूकम पड़तरी हहै जणो कनकवरवरादि रूप सके कनसरार खरायं ककी हहै। इनकके , पपूवብኍ मकरान कके सहन ककी भपूकम सके सटरा हहआ दिक्ቌर तरफ आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर ቐኌचौड़राई 12 फक ट हहै (सजसमम खड़न्जरा व पटररी भपूकम शराकमल हहै) सराथ हरी सराथ कनसरार खरायं कके पशश्ቐኌमरी मकरान मम लगरा बररामदिरा व सहन ककी भपूकम सके दिक्ቌर तरफ शस्थत आम ररास्तरा खड़यंजरा मरागर कणो आनके जरान कके सलए 03 फक ट 02 इयंቐኌ ቐኌचौड़री गलरी हहै। इसरी गलरी सके हणोकर कनसरार खरायं मकख्य खड़न्जरा मरागर तक आतके जरातके हहै इस ्ቚकरार कनसरार खरायं दराररा अपनके मकरान सके उ्ቈर तरफ शस्थत आर०सरी०सरी० आम ररास्तरा तक जरानके कके सलए सरावरजकनक ररास्तके ककी मरायंग करतके हह जणो इनकके मकरान कके जराकनब उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत शहजरादि खरायं व हराससम खरायं आकदि कके मकरानोሱ कके सरामनके छणोड़री गयरी सहन भपूकम सके ቐኌराहतके हहै। इनकके अलरावरा उ्ሹ ቐኌराहरी गयरी ररास्तके पर ककसरी अन्य करा कनकरास नहीሻ हहै। कके वल आम ररास्तरा आर०सरी०सरी० तक जरानके कके सलए मणो० हराससम खरायं व शहजरादि खरायं आकदि दराररा स्वययं कके ्ቚयणोजनराथर पगडयंडरी कके रूप मम ्ቚयणोग करतके हह सजस पर कवप्ቌरी कनसरार खरायं सरावरजकनक आम ररास्तके ककी मरायंग करतके हहै। 11- उपरणो्ሹ जरायंቐኌ आख्यरा सके स्प्ቖ हहै कक कववराकदित भपूकम आबरादिरी सके सम्बशन्धत हहै। उ्ሹ आख्यरा कणो ्ቚथम प्ቌ दराररा न मरानतके हहए पकननः तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ सके जरायंቐኌ कररायके जरानके कके आशय सके ्ቚराथरनरा -पत ्ቚस्तकत ककयरा गयरा। 12- तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ नके स्वययं स्थलरीय जरायंቐኌणोपररान्त अपनरी आख्यरा कदिनरायंककत- 28.03.2022 कणो ्ቚकेकषत इस आशय ककी ्ቚकेकषत ककी हहै कक , गराम कनकबयरा हहसहैनपकर मम कनसरार खरायं पकत रमजरान खरायं आकदि व शहजरादि खरायं पकत कनहराल खरायं आकदि कके मध्य ररास्तके कणो लकेकर कववरादि हहै , उ्ሹ कववराकदित स्थल शकेररी 6(2) आबरादिरी भपूकम मम शस्थत हहै। स्थलरीय कनररी्ቌर मम यह परायरा गयरा कक कनसरार खरायं आकदि कके दिणो मकरान पपूरब व पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत हहै। पपूरब कदिशरा मम शस्थत मकरान पकररानरा हहै तथरा पशश्ቐኌम कदिशरा मम शस्थत मकरान नयरा हहै। उपरणो्ሹ दिणोनोሱ मकरानोሱ कके मध्य कनसरार खरायं ककी सहन भपूकम पड़तरी हहै। कनसरार खरायं कके पपूवብኍ मकरान कके सहन भपूकम सके सटरा हहआ दिक्ቌर तरफ आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर ቐኌचौड़राई 12 फक ट हहै एवयं कनसरार खरायं कके पशश्ቐኌमरी मकरान सके लगरा बररामदिरा व सहन ककी भपूकम सके दिक्ቌर तरफ शस्थत आम ररास्तरा खड़न्जरा मरागर पर जरानके कके सलए 3 फक ट 2 इयंज ቐኌचौड़री गलरी हहै, सजसकरा इस्तकेमराल कनसरार खरायं दराररा ककयरा जरातरा हहै। कनसरार खरायं कके मकरान कके उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत शहजरादि खरायं व सईदि खरायं , इसलयरास, मकेरराज खरायं कके मकरान कके सरामनके सहन भपूकम हहै जणो कक शहजरादि खरााሗ आकदि कके दराररा छणोड़री गयरी सहन भपूकम हहै। उ्ሹ सहन भपूकम सके हणोकर उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत आर०सरी०सरी० ररास्तरा पर जरानके कके सलए पगडयंडरी कके रूप मम ्ቚयणोग करतके हहै। कनसरार खरायं उ्ቈर कदिशरा मम शस्थत आर०सरी०सरी० ररास्तरा तक जरानके कके सलए शहजरादि खरायं आकदि कके सहन भपूकम सके ररास्तरा ककी मरायंग कर रहके हहै, इनकके आलरावरा उ्ሹरा ቐኌराहरी गयरी ररास्तरा पर ककसरी अन्य करा कनकरास नहीሻ हहै। गरायंव मम एक दिपूसरके कके सहन भपूकम सके लणोग आतके जरातके हहै इसकरा तरात्पयर वह आम ररास्तरा नहीሻ हणो सकतरा हहै। शहजरादि आकदि कके मकरान कके सरामनके वरालरी सहन भपूकम कणो लकेकर कनसरार खरााሗ आकदि कके मध्य आबरादिरी शकेररी 6 (2) कणो लकेकर कववरादि हहै। उ्ሹ कववरादि कके सम्बन्ध मम उभयप्ቌोሱ कके मध्य व्यवहरार न्यरायरालय मम वरादि कवቐኌरारराधरीन हहै। इस ्ቚकरार सके उ्ሹ ्ቚकरर मम दिण्ड ्ቚकቅኌयरा सयंकहतरा अन्तगरत धराररा -133 ककी करायरवराहरी ककयरा जरानरा कवसधसयंगत नहीሻ हहै। नरायब तहसरीलदिरार व तहसरीलदिरार सदिर बहरराइቐኌ ककी आख्यराओयं कणो कनरस्त करकके सशतर जराररी कर वरादि करा कनररय गकर-दिणोष पर ककयके जरानके ककी मरायंग ्ቚथम प्ቌगर दराररा ककी गयरी हहै। 13- उ्ሹ सके भरी ्ቚथम प्ቌ सयंतक्ቖ नहीሻ थरा इससलए उनकके दराररा धराररा -411 सरी०आर०परी०सरी० सजलरा मसजस्टट केट महणोदिय बहरराइቐኌ कके न्यरायरालय पर ्ቚस्तकत वरादि स्थरानरान्तरर कवषयक ्ቚराथरनरा पत कके ቅኌम मम पराररत अपनके आदिकेश कदिनरायंककत -27.03.2023 मम अधणोहस्तरा्ቌरकतरार कणो कनदिरकशत ककयरा गयरा कक अधणोहस्तरा्ቌरकतरार दिणोनोሱ प्ቌोሱ कणो सपूकቐኌत करकके स्वययं स्थलरीय जरााሗቐኌ कर मरामलके करा कनस्तरारर 15 कदिन कके अन्दिर गकर-दिणोष कके आधरार पर करनरा सककनशश्ቐኌत करम। 14- सजलरा मसजस्टट केट, बहरराइቐኌ कके आदिकेश करा अनकपरालन कवदरान मसजस्टट केट दराररा उभयप्ቌोሱ कणो पपूवर कनररी्ቌर ककी सपूቐኌनरा दिकेकर कदिनरायंक -08.04.2023 कणो स्वययं स्थलरीय कनररी्ቌर कर ककयरा तथरा स्थल ककी शस्थकत कके अनकरूप आदिकेश पराररत ककयरा गयरा, सजसमम यह स्प्ቖ आयरा कक कनजरी सम्पस्ቈ मम ररास्तरा बनरानके करा कववरादि हहै। सम्पस्ቈ शकेररी 6 (2) ककी आबरादिरी भपूकम हहै। नरायब तहसरीलरार ककी आख्यरा तथरा तहसरीलदिरार सदिर , बहरराइቐኌ ककी आख्यरा तथरा स्वययं कवदरान मसजस्टट केट दराररा ककयके गयके स्थल कके कनररी्ቌर कके उपररान्त पराररत आदिकेश कवसध कके अनकरूप , सकस्थराकपत कवसधक सस्ቍरान्त कके पररपकेቌኚय मम हहै। मरामलके मम कणोई सशतर आदिकेश पराररत नहीሻ ककयरा गयरा हहै। आख्यराओयं मम एवयं स्वययं मसजस्टट केट कके स्थल कनररी्ቌर मम कववराकदित भपूकम आबरादिरी शकेररी 6 (2) ककी कनजरी भपूकम हहै जणो सवरजकनक भपूकम यरा लणोक स्थरान नहीሻ हणोनरा परायरा गयरा हहै। ऐसके मम यह न्यरायरालय इस मत करा हहै कक कवदरान मसजस्टट केट दराररा पराररत आदिकेश मम कणोई अवहैधराकनकतरा , अकनयकमततरा दिकशरत नहीሻ हणो रहरी हहै। कनगररानरी बलहरीन हहै जणो कनरस्त ककयके जरानके यणोग्य हहै। आदिकेश ्ቚस्तकत दिराशण्डक कनगररानरी सयंख्यरा-116/2023- कनसरार खरायं व अन्य बनराम शराहजरादि खरायं आकदि कनरस्त ककी जरातरी हहै। कवदरान मसजस्टट केट, न्यरायरालय दराररा पराररत आलणोच्य आदिकेश कदिनरायंककत- 19.05.2023 ककी पकक्ቖ ककी जरातरी हहै। आदिकेश ककी ्ቚकत कके सराथ अवर न्यरायरालय ककी पतरावलरी सम्बशन्धत न्यरायरालय कणो ्ቚकेकषत ककी जरायके। बरादि आवश्यक करायरवराहरी हकेतक इस न्यरायरालय ककी पतरावलरी कनयमरानकसरार दिरासखल दिफ्तर हणो।"
5. Considered the submission of learned counsel for the applicants, which in nutshell, is to the effect that the Magistrate as also the Revisional Court without taking note of the map prepared in the proceedings instituted under Section 133 Cr.P.C. passed the impugned order(s) as also the learned A.G.A., according to him, the impugned orders are not liable to be interfered with as the dispute in fact is a private dispute between applicants and and private opposite parties and the same relates to claiming rights over the land which according to private opposite parties is 'Sahan land'.
6. Upon due consideration of the aforesaid including the recitals of the impugned order(s) dated 19.05.2023 and 18.01.2025 passed by the Magistrate and Revisional Court, respectively, this Court finds that the same are not liable to be interfered with by this Court. It is for the reason that according to the report of Tehsildar Sadar, Bahraich dated 28.03.2022, the house of applicants namely Nisar Khan and Taiyyab Khan and the house of side opposite namely Shahzad Khan, Meraj, Arshad Khan and Gulam Mohiddeen Khan is situated over the abadi land of village Nibiya Husenpur, Tehsil Sadar, District Bahraich and the applicants namely Nisar Khan and Taiyyab Khan are claiming rights over 'Sahan land' of the private opposite parties and to establish otherwise no evidence has been brought on record and also that in relation to the land in issue, the suit for perpetual injunction was instituted by the side opposite which is pending consideration.
7. Rejected. Order Date :- 4.2.2025 Anand/- ANAND KUMAR SRIVASTAVA ANAND KUMAR SRIVASTAVA High Court of Judicature at Allahabad, High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Lucknow Bench