✦ High Court of India · 17 Jul 2025

High Court · 2025

Case Details High Court of India · 17 Jul 2025
Court
High Court of India
Decided
17 Jul 2025
Length
1,472 words

Judgment

1. This is an application for condonation of delay in filing the appeal. On being found the reasons to be sufficient to condone the delay, 2. the application for condonation of delay is allowed. The delay in filing the appeal is condoned. (Order on the Appeal) Heard learned counsel for the appellant, learned A.G.A. for the

1. State and perused the record.

2. Present appeal under Section 14-A(2) of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989 has been filed against the impugned order dated 11.01.2021, passed by Additional District and Sessions Judge/Special Judge, SC/ST Act, Faizabad whereby the complaint preferred by the appellant in terms of Section 156(3) Cr.P.C. has been rejected.

3. The order dated 11.01.2021 reads as under :- "प्ቔावली पेश हुई। तलबी पर पूव(cid:18) में सुना जा चुका है। परिरवादी का कथन सं्ቌेप में इस ्ቚकार है किक किदनांक-12.08.20 को समय लगभग 11.00 बजे रात में किवप्ቌीगण जो थाना-रौनाही में तैनात एस. आई. व पुलिलसकम, है, जो परिरवादी के दरवाजे पर आये तथा किबना किकसी कारण के जातित सूचक शब्दों से अपमाकिनत किकया और गाली देने लगे और जान से मार डालने की धमकी देते हुए परिरवादी के ऊपर दौड़े तो किवप्ቌीगण अपने घर में घुस गया तो किवप्ቌीगण ने परिरवादी के माता-किपता, भाई, भाभी, पत्नी को लात, मूका, थप्पड़ एवं डंडा से काफी मारा-पीटा। किवप्ቌी शिशवम जाते समय परिरवादी के घर के ताखे पर रखे 500/ रूपये ले लिलया तथा किवप्ቌी सं.-1 व 2 ्ቛारा परिरवादी के गले की चेन नोच लिलया तथा शिशकायत करने पर एन.डी.पी.एस., लूट, डकैती, हत्या आकिद जघन्य अपराध के मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी। परिरवादी के पास घटना का वीतिडयो भी कुछ उपलब्ध है, लेकिकन परिरवादी का एक मोबाइल जिजसमें घटना का पूण(cid:18) वीतिडयो था, उस मोबाइल को किवप्ቌीगण उठा ले गये। परिरवादी के परिरवार के चार लोगों को पुलिलस ्ቛारा थाने पर ले जाकर 2.00 बजे राकि्ቔ में सामुदातियक स्वास्थय केन््ቖ सोहावल में चोटों का परी्ቌण अपने मनचाहा ढंग से करवा कर धारा-151 सी. आर.पी.सी. में चालान करवा किदया। परिरवादी की ओर से अपने कथन के समथ(cid:18)न में थानाध्य्ቌ-रौनाही. जनपद-फैजाबाद को किदये गये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप, वरिर्቗ पलिलस अधी्ቌक, फैजाबाद को ्ቚेकिKत ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की 2 ्ቚतितलिलकिप, पुलिलस महाकिनरी्ቌक, अयोध्या मण्डल, अयोध्या को किदये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप, जिजलातिधकारी, फैजाबाद को किदये गये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप, मानवातिधकार आयोग, उ० ्ቚ० शासन लखनऊ को किदये गये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप, मुख्यमं्ቔी उ० ्ቚ० लखनऊ को किदये गये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप, अनुसूतिचत जातित/जनजातित आयोग, उ० ्ቚ० लखनऊ को किदये गये ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ की ्ቚतितलिलकिप तथा चोटकिहल किदनेश कुमार, नीतू, कमला व राकेश कुमार की तिचकिकत्सीय परी्ቌण आख्या की ्ቚतितलिलकिपयों को दालिखल किकया गया है। प्ቔावली के अवलोकन से किवकिदत है किक परिरवादी के ्ቛारा स्वयं के बयान अंतग(cid:18)त धारा- 200 द.्ቚ.स. के रूप में ओथ ककिम्቞र ्ቛारा ्ቚमाशिणत बयान दालिखल किकया है तथा सा्ቌीगण वीरेन््ቖ कुमार, नीतू व नन्द कुमार का बयान अंतग(cid:18)त धारा-202 द.्ቚ.सं. अंकिकत हुआ है। -12.08.20 -200 परिरवादी के ्ቛारा परिरवाद प्ቔ में घटना का किदनांक , अकिपतु ओथ ककिम्቞र ्ቛारा ्ቚमाशिणत बयान दालिखल किकया गया है समय राकि्ቔ के बजे द . ्ቚ . सं . के अंतग(cid:18)त सशपथ दशा(cid:18)या गया है। परिरवादी के ्ቛारा स्वयं को न्यायालय के सम्ቌ धारा , जो किक परीति्ቌत नहीं कराया गया है किवतिधक रूप से स्वीकार योग्य नहीं है। परिरवादी के ्ቛारा परिरवाद प्ቔ में किवप्ቌीगण के ्ቛारा डंडे से माता-किपता, भाई, भाभी व पत्नी को मारना तथा घर के ताख पर रखे हुए पांच सौ रूपये उठा ले जाना तथा ्ቚाथ, की चेन को नोच लेना एवं ्ቚाथ, के मोबाइल को उठा ले जाना कहा है, जिजसका समथ(cid:18)न परिरवादी की ओर से परीति्ቌत सा्ቌीगण के बयानों से नहीं होता है। सा्ቌी वीरेन््ቖ कुमार के ्ቛारा अपने बयान अंतग(cid:18)त धारा द . ्ቚ . सं . में यह कहा है किक हम

11.00 -202 लोगों के सामने एक मोबाइल जो किदनेश का था , उसे पुलिलस वालों ने पटक किदया था। इसी ्ቚकार सा्ቌी नीतू पत्नी किदनेश ने अपने बयान अंतग(cid:18)त धारा , देवर , ससुर व छोटे , मुझे , सास , जेठानी द . ्ቚ . सं . में कहा किक , मूका किवप्ቌीगण घर में घुस कर मेरे पतित व थप्पड़ से मारा। साति्ቌया ने अपने बयान में यह भी कहा किक किवप्ቌी शिशवानन्द ने जाते समय ताख पर रखा हुआ पांच सौ रूपया उठा लिलया और शिशवानन्द व अमीन ्ቛारा उसके पतित के गले में पड़ी चेन को नोच लिलया और मोबाइल किवप्ቌीगण उठा ले गये। सा्ቌी नन्द कुमार ने अपने बयान अंतग(cid:18)त धारा -202 , पटक किदया था। द . ्ቚ . सं . में कहा किक हम लोगों के सामने जो मोबाइल किदनेश के हाथ में था -202 - छोटे ब्ሴों को लात प्ቔावली पर उपलब्ध 6 ब/3 ्ቚतितलिलकिप ्ቚाथ(cid:18)ना प्ቔ सम्बोतिधत थानाध्य्ቌ रौनाही में पांच सौ रूपये ताख से उठाने वाली बात का कोई अंकना नहीं है। प्ቔावली पर उपलब्ध 6 ब/12 ्ቚतितलिलकिप मेतिडकल पचा(cid:18) किदनांकिकत-14.08.20 कमला देवी तथा ्ቚतितलिलकिप आघात आख्या किदनांकिकत-14.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक कमला का मेतिडकल परी्ቌण घटना के दो किदन प्ቐात किदनांक 14.08.20 को कराया गया है। कमला के संदभ(cid:18) में एक अन्य ्ቚतितलिलकिप आघात आख्या किदनांकिकत 18.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक उसका दूसरा मेतिडकल घटना के लगभग 06 किदन प्ቐात किदनांक-18.08.20 को कराया गया है, जो किक स्वयं के ्ቛारा ही कराया गया है। इसी ्ቚकार 6 ब/15 मेतिडकल पचा(cid:18) नीतू किदनांकिकत-14.08.20 व आघात आख्या किदनांकिकत-14.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक ्ቚाथ, की पत्नी नीतू का मेतिडकल भी घटना के दो किदन प्ቐात कराया गया है। 6 ब/17 एक्सरे रिरपोट(cid:18) किदनांकिकत 18.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक उसमें कोई भी फैक्चर नहीं पाया गया है। इसी ्ቚकार 6 ब/18 राकेश कुमार की ्ቚतितलिलकिप आघात आख्या किदनांकिकत 15.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक उसका मेतिडकल घटना के तीन किदन प्ቐात कराया गया है। 6 ब/19 मेतिडकल पचा(cid:18) किदनेश कुमार किदनांकिकत-14.08.20 व 6 ब/20 आघात आख्या किदनांकिकत-14.08.20 के अवलोकन से किवकिदत है किक ्ቚाथ, के ्ቛारा भी स्वयं का मेतिडकल भी घटना के दो किदन प्ቐात कराया गया है। 6 ब/21 एक्सरे रिरपोट(cid:18) किदनांकिकत 17.08.20 किदनेश कुमार के अवलोकन से किवकिदत है किक उसमें कोई भी फैक्चर नहीं पाया गया है। उपरो्ሹ वቓኌणत आघात आख्याओं से यह स्प्ቖ है किक उ्ሹ सभी आघात आख्या घटना के दो-तीन-छः किदन प्ቐात कराया गया है। उ्ሹ सभी मेतिडकल चोटकिहलों ्ቛारा स्वयं कराया गया है। सभी चोटे खरोच अथवा दद(cid:18) की शिशकायत की है। कोई भी फैक्चर नहीं पाया गया है। परिरवादी की ओर से किवलम्ब का कोई स्प्ቖीकरण नहीं किदया गया है और न ही पुलिलस के ्ቛारा किकये गये चालान के संदभ(cid:18) में कोई अशिभलेख दालिखल किकया गया है। उपरो्ሹ वቓኌणत तथ्य एवं परिरቝኌस्थतितयों से ऐसा ्ቚतीत होता है चूंकिक किक समस्त किवप्ቌीगण पुलिलस कम, हैं। फलस्वरूप परिरवादी के ्ቛारा अपने कतितपय उ्ቌेश्यों की पूቔኌत के लिलये दबाव बनाने के उ्ቌेश्य से गलत तथ्यो के आधार पर मामला अनावश्यक रूप से अ०ज०/अ०जन० अतिधकिनयम के अंतग(cid:18)त लाने का ्ቚयांस किकया जा रहा है। परिरवादी स्वच्छ हाथों से न्यायालय के सम्ቌ नहीं आया है। अतः उपरो्ሹ वቓኌणत तथ्य एवं परिरቝኌस्थतितयों के आधार पर किवप्ቌीगण को तलब किकये जाने का आधार पया(cid:18)्቎ नहीं है। परिरवाद प्ቔ बलहीन होने के कारण खारिरज किकये जाने योग्य है। वादी/्ቚाथ, किदनेश कुमार ्ቛारा ्ቚस्तुत परिरवाद बलहीन होने के कारण अंतग(cid:18)त धारा-203 द.्ቚ.सं. किनरस्त किकया जाता है। प्ቔावली किनयमानुसार दालिखल दफ्तर हो।" आदेश 3

4. According to the learned counsel for the appellant as also the case set up in the complaint, which is against the police personnel, the police personnel have assaulted the complainant and his family members brutally on 12.08.2020 at 11.00 P.M. in the night and also snatched Rs.500 note and gold chain.

5. The injury report(s) filed in support of the complaint of 14.08.2020, 15.08.2020, 18.08.2020 and X-ray report is of 17.08.2020. The injuries indicate in the same are simple in nature viz. abrasion. The injury reports to the view of this Court were obtained only for the purposes of filing of the complaint against the police personnel. The complainant did not appear before the court for recording his statement. Thus, to the view of the court, the entire story was framed in order to implicate the police personnel. For the aforesaid, this Court is of the firm view that the complaint

6. has been filed with oblique motive. Accordingly, the reasons recorded by the court concerned in

7. dismissing the complaint are justified.

8. The appeal is accordingly dismissed. Order Date :- 17.7.2025 ML/- MUNNA LAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

4. According to the learned counsel for the appellant as also the case set up in the complaint, which is against the police personnel, the police personnel have assaulted the complainant and his family members brutally on 12.08.2020 at 11.00 P.M. in the night and also snatched Rs.500 note and gold chain.

5. The injury report(s) filed in support of the complaint of 14.08.2020, 15.08.2020, 18.08.2020 and X-ray report is of 17.08.2020. The injuries indicate in the same are simple in nature viz. abrasion. The injury reports to the view of this Court were obtained only for the purposes of filing of the complaint against the police personnel. The complainant did not appear before the court for recording his statement. Thus, to the view of the court, the entire story was framed in order to implicate the police personnel. For the aforesaid, this Court is of the firm view that the complaint

6. has been filed with oblique motive. Accordingly, the reasons recorded by the court concerned in

7. dismissing the complaint are justified.

8. The appeal is accordingly dismissed. Order Date :- 17.7.2025 ML/- MUNNA LAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench

This is the original judgment text as indexed from the source corpus. Always verify against the official court record before relying on it in a filing — you can do so on eCourts or the Supreme Court of India website. ← Search more judgments