Allahabad High Court
Case Details
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32410 of 2025 Jitendra Alias Satendra Alias Jeetan State of U.P. Versus .....Applicant(s) .....Opposite Party(s) Counsel for Applicant(s) Counsel for Opposite Party(s) Pushpendra Singh : : G.A. Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 1106/2023, अंतगर्त धारा 395, 342, 120-बी. भा.दं.सं., थाना किवनगर, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं राज्य की तरफ से िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा आज पूरक शपथप्ऴ दािखल िकया गया, िजसे प्ऴावली पर रखा जाय। 4.(क) आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक ्षारा वादी को अपहृत करने का कायर् नहीं िकया गया है, न ही उसके ्षारा ऐसा कोई ष्यं्ऴ रचा गया है। आवेदक ्ऺाथिमकी में नािमत अिभयु्व नहीं था। िदनांक 11.12.2023 को जाँच के दौरान पुिलस ने सह-अिभयु्वों सौरभ िसरोही और िनितन शमार् को पुिलस मुठभेड़ में िगरफ्तार िकया और अपने इकबािलया बयानों में उन्होंने चार अन्य सह-अिभयु्वों के नाम बताए, लेिकन उन्होंने भी आवेदक का नाम नहीं िलया था। सह-अिभयु्वगण सौरभ िसरोही और िनितन शमार् के इकबािलया बयानों के अनुसार, उन्होंने सह-अिभयुक् तगण चं्शवीर उफर् कलुवा, सुनील, िनितन शमार् और मुन्ना को डकै ती की िविश्ि भूिमका सौंपी थी तथा आवेदक के बारे में कोई भी कथन नहीं िकया था। िदनांक 26.12.2023 को संबंिधत पुिलस ने सह-अिभयु्व दीपक पांचाल को िगरफ्तार िकया और ग्यारह लाख रुपये और एक स्कॉिपयो कार और वतर्मान मामले में ्ऺयु्व 32 बोर िपस्तौल बरामद की और पहली बार उसके इकबािलया बयान में आवेदक का नाम वतर्मान मामले में ्ऺकाश में आया। तत्प्ाात िदनांक 29.06.2025 को मुखिबर की सूचना पर 2 BAIL No. 32410 of 2025 पुिलस मुठभेड़ में आवेदक को िगरफ्तार िकया गया। आवेदक और अन्य नािमत सह-अिभयु्वों के इकबािलया बयान के अलावा आवेदक के िवरु्ध कोई ्ऺत्य्ष साष्य नहीं है। सूचनाकतार् के बयान तथा ्ऺाथिमकी संस्करण के अनुसार के वल तीन बदमाशों ने किथत घटना को अंजाम िदया, लेिकन जांच के दौरान पुिलस ने वतर्मान मामले में आवेदक सिहत 13 ्िि्वयों को अिभयु्व बना िदया।संबंिधत पुिलस ्षारा आवेदक की कोई पहचान परेड नहीं कराई गई है िजससे यह सुिनि्ात हो सके िक आवेदक वतर्मान मामले में शािमल था। आवेदक के कब्जे से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं दशार्यी गयी है।आवेदक की िगरफ्तारी के समय संबंिधत पुिलस ने आवेदक के पास से एक देशी िपस्तौल 315 बोर बरामद की है, िजसे पुिलस ्षारा स्वयं स्थािपत िकया गया था तथा उ्व बरामदगी का कोई स्वतं्ऴ सा्षी नहीं है। (ख) ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक वादी मुकदमा (िनशांत) ने भी अपने बयान में भी आवेदक के िवरु्ध कोई बयान नहीं िदया है तथा आवेदक का नाम नहीं िलया है, वरन् िसफर् एक सह- अिभयु्व सौरभ का नाम िलया है। वादी मुकदमा (िनशांत) के उ्व बयान को सी.डी. संख्या-1 के रूप में संलग्न है। आवेदक के पास वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी ्ऺकार की वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। उ्व वाद में अन्य सह-अिभयु्वगण सौरभ शमार्, सौरव िसरोही एवं िनितन शमार्, िजनके पास से ्ऺश्नगत घटना से संबंिधत बरामदगी विणत की गयी है, उनकी जमानत, जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ सं० 1270/2024, 10932/2024 एवं 13554/2024 में अन्य न्यायपीठों ्षारा िभन्न-िभन्न ितिथयों को स्वीकृ त की जा चुकी है। अतः जमानत ्ऺाप्त अन्य सह -अिभयु्वों से समान भूिमका के आधार पर आवेदक भी जमानत ्ऺाप्त करने का अिधकारी है। आवेदक ्षारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथप्ऴ के ्ऺस्तर सं० 24 एवं आज दािखल पूरक शपथप्ऴ के ्ऺस्तर सं० 3 में स्प्ि िकया गया है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 30.06.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत ं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं जमानत पर न छोड़ा जाय। 6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य 3 BAIL No. 32410 of 2025 को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण ़। उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे 8. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। September 22, 2025 Pawan Kumar (Dr. Gautam Chowdhary,J.)
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