State of U.P v. Party
Case Details
Srivastava Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 78/2025 अन्तगर्त धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316(2), 61(2), 352, 351 भारतीय न्याय संिहता, थाना मंडावली, िजला िबजनौर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक की ओर से विर्ष िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. सं्षेप में अिभयोजन कथानक यह है िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में ्ऺथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयु्वों ्षारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयु्वों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िब्वी का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िब्वी का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िब्वी का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िब्वी का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है और उसे यह भी पता चला िक आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य ्िि्वयों को भी िमलाकर कु ल एक करोड़ िछह्तर लाख और पांच हजार रुपये की ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी 2 BAIL No. 27495 of 2025 पीिड़त ्िि्व मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, जहां आवेदक और सह-अिभयु्व अिभषेक गुप्ता पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक ्ऺश्नगत ्ऺकरण में आवेदक पर यह आ्षेप आरोिपत िकया गया िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में ्ऺथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयु्वों ्षारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयु्वों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िब्वी का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िब्वी का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िब्वी का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िब्वी का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है तथा आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य ्िि्वयों से भी ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी पीिड़त ्िि्व मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, तो उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे, िकतु इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक आवेदक के िवरु्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं और उसने कोई अपराध नहीं िकया है और उसे इस मामले में झूठा फं साया गया है। के स डायरी के पचार् संख्या 1 के माध्यम से सूचनाकतार् ्षारा सह- अिभयु्व शाहवेज के बैंक खाते में िकए गए ऑनलाइन लेन-देन िकया गया तथा सहअिभयु्व शाहवेज के नाम से 100 स्टांप पेपर ्ऺाप्त िकए गये। आगे यह भी कहा गया िक सूचनाकतार् ने अपने बयान में स्प्ि रूप से कहा है िक उसने इसके िलए सह-अिभयु्व शाहवेज को 12,00,000 रुपये नकद भी िदए थे। आवेदक ने अपने प्लॉट पर नई कॉलोिनयों के िनमार्ण का ्ऺोजेक्ट सह-अिभयु्व शाहवेज को िदया था और वह प्लॉटों की िब्वी और प्लॉट के असली मािलकों को िब्वी िवलेख देने के िलए भी िजम्मेदार था, लेिकन कु छ समय बाद सह-अिभयु्व शाहवेज ने ्षाहकों को उनके नाम पर पंजीकृ त जाली िब्वी िवलेख कागजात िदखाकर धोखाधड़ी करना शुरू कर िदया और बाद में जब उसने उनसे पैसे ्ऺाप्त कर िलए, तो 3 BAIL No. 27495 of 2025 शाहवेज ने उन्हें िब्वी िवलेख नहीं िदया। यहाँ यह उल्लेख करना उिचत है िक जैसे ही आवेदक को पता चला िक सह-अिभयु्व शाहवेज ने आवेदक के नाम पर धोखाधड़ी की है, तो उसने तुरंत कानूनी सहारा िलया और शाहवेज के िवरु्ध िदनांक 18.06.2025 को धारा 316(2) और 351(2) बीएनएस, थाना मंडावली, िजला िबजनौर के अंतगर्त मुकदमा अपराध संख्या 74/2025 के तहत एक ्ऺाथिमकी दजर् कराई। जहाँ तक किथत बैंक लेन-देन का संबंध है, िजसमें गवाहों ने आवेदक के बैंक खाते में धनरािश हस्तांतिरत नहीं हुई है। आगे पुनः कथन िकया गया िक अिभयोगी ्षारा किथत धनरािश सहअिभयु्व शाहवेज को नकद दी व खाते में ही हस्तांतिरत की गयी है, आवेदक के खाते में कोई धनरािश ्ऺाप्त नहीं हुई और न ही किथत नकद धनरािश देने का कोई दस्तावेजी साष्य है। सुसंगत तथ्य यह भी है िक यह पूरा िववाद पूरी तरह से दीवानी ्ऺकृ ित का है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 29.06.2025 से कारागार में िनरु्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के िव्षान अिधव्वा के तकॏल का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा सहअिभयु्व शाहवेज व अन्य के साथ िमलकर किथत धनरािश आवेदक से ली गयी, िजसकी पिरपुि्ि बैंक स्टेंटमेंट के अनुसार भी हो रही है, िकतु अिभयु्व ्षारा किथत भूिम का बैनामा सूचनाकतार् के प्ष में नहीं िकया गया, िजसके कारण आवेदक घोर मानिसक व आिथक ्षित कािरत हुई है। आगे यह भी कहा गया िक अिभयु्व ्षारा इसी तरह अपराध/गबन कई अन्य ्िि्वयों के साथ भी िकया गया, जो ्ऺथम सूचना िरपोटर् में विणत है। अिभयु्व एक अभ्यस्थ ्ऺकृ ित का अपराधी है। अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय। 6. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व 4 BAIL No. 27495 of 2025 विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय।
3. आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/ धमकायेगा नहीं। आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
4. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
5. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर ़। करने से िवरत रहना पडे
8. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। September 8, 2025 CP.sahani (Dr. Gautam Chowdhary,J.) CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad
Srivastava Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 78/2025 अन्तगर्त धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316(2), 61(2), 352, 351 भारतीय न्याय संिहता, थाना मंडावली, िजला िबजनौर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक की ओर से विर्ष िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. सं्षेप में अिभयोजन कथानक यह है िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में ्ऺथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयु्वों ्षारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयु्वों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िब्वी का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िब्वी का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िब्वी का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िब्वी का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है और उसे यह भी पता चला िक आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य ्िि्वयों को भी िमलाकर कु ल एक करोड़ िछह्तर लाख और पांच हजार रुपये की ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी 2 BAIL No. 27495 of 2025 पीिड़त ्िि्व मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, जहां आवेदक और सह-अिभयु्व अिभषेक गुप्ता पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक ्ऺश्नगत ्ऺकरण में आवेदक पर यह आ्षेप आरोिपत िकया गया िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में ्ऺथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयु्वों ्षारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयु्वों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िब्वी का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िब्वी का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िब्वी का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िब्वी का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है तथा आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य ्िि्वयों से भी ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी पीिड़त ्िि्व मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, तो उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे, िकतु इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक आवेदक के िवरु्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं और उसने कोई अपराध नहीं िकया है और उसे इस मामले में झूठा फं साया गया है। के स डायरी के पचार् संख्या 1 के माध्यम से सूचनाकतार् ्षारा सह- अिभयु्व शाहवेज के बैंक खाते में िकए गए ऑनलाइन लेन-देन िकया गया तथा सहअिभयु्व शाहवेज के नाम से 100 स्टांप पेपर ्ऺाप्त िकए गये। आगे यह भी कहा गया िक सूचनाकतार् ने अपने बयान में स्प्ि रूप से कहा है िक उसने इसके िलए सह-अिभयु्व शाहवेज को 12,00,000 रुपये नकद भी िदए थे। आवेदक ने अपने प्लॉट पर नई कॉलोिनयों के िनमार्ण का ्ऺोजेक्ट सह-अिभयु्व शाहवेज को िदया था और वह प्लॉटों की िब्वी और प्लॉट के असली मािलकों को िब्वी िवलेख देने के िलए भी िजम्मेदार था, लेिकन कु छ समय बाद सह-अिभयु्व शाहवेज ने ्षाहकों को उनके नाम पर पंजीकृ त जाली िब्वी िवलेख कागजात िदखाकर धोखाधड़ी करना शुरू कर िदया और बाद में जब उसने उनसे पैसे ्ऺाप्त कर िलए, तो 3 BAIL No. 27495 of 2025 शाहवेज ने उन्हें िब्वी िवलेख नहीं िदया। यहाँ यह उल्लेख करना उिचत है िक जैसे ही आवेदक को पता चला िक सह-अिभयु्व शाहवेज ने आवेदक के नाम पर धोखाधड़ी की है, तो उसने तुरंत कानूनी सहारा िलया और शाहवेज के िवरु्ध िदनांक 18.06.2025 को धारा 316(2) और 351(2) बीएनएस, थाना मंडावली, िजला िबजनौर के अंतगर्त मुकदमा अपराध संख्या 74/2025 के तहत एक ्ऺाथिमकी दजर् कराई। जहाँ तक किथत बैंक लेन-देन का संबंध है, िजसमें गवाहों ने आवेदक के बैंक खाते में धनरािश हस्तांतिरत नहीं हुई है। आगे पुनः कथन िकया गया िक अिभयोगी ्षारा किथत धनरािश सहअिभयु्व शाहवेज को नकद दी व खाते में ही हस्तांतिरत की गयी है, आवेदक के खाते में कोई धनरािश ्ऺाप्त नहीं हुई और न ही किथत नकद धनरािश देने का कोई दस्तावेजी साष्य है। सुसंगत तथ्य यह भी है िक यह पूरा िववाद पूरी तरह से दीवानी ्ऺकृ ित का है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 29.06.2025 से कारागार में िनरु्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के िव्षान अिधव्वा के तकॏल का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा सहअिभयु्व शाहवेज व अन्य के साथ िमलकर किथत धनरािश आवेदक से ली गयी, िजसकी पिरपुि्ि बैंक स्टेंटमेंट के अनुसार भी हो रही है, िकतु अिभयु्व ्षारा किथत भूिम का बैनामा सूचनाकतार् के प्ष में नहीं िकया गया, िजसके कारण आवेदक घोर मानिसक व आिथक ्षित कािरत हुई है। आगे यह भी कहा गया िक अिभयु्व ्षारा इसी तरह अपराध/गबन कई अन्य ्िि्वयों के साथ भी िकया गया, जो ्ऺथम सूचना िरपोटर् में विणत है। अिभयु्व एक अभ्यस्थ ्ऺकृ ित का अपराधी है। अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय। 6. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व 4 BAIL No. 27495 of 2025 विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय।
3. आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/ धमकायेगा नहीं। आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
4. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
5. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर ़। करने से िवरत रहना पडे
8. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। September 8, 2025 CP.sahani (Dr. Gautam Chowdhary,J.) CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad