State of U.P v. Party
Case Details
: Puneet Srivastava, Raghuvansh Misra : Anand Sagar Shukla, G.A. Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 76/2025 अन्तगर्त धारा 109, 191(2), 191(3), 190, 308(2), 115(2), 351(2), 352 भारतीय न्याय संिहता, थाना एअरपोटर्, िजला ्ऺयागराज में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की ओर से िव्षान अिधव्वा ्शी रघुवंशी िम्शा, पिरवादी की ओर से िव्षान अिधव्वा ्शी आनन्द सागर शुक्ला एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अधइव्वा ्षारा पूरकशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा ्ऺितशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय।
5. अिभयोजन प्ष की कहानी के अनुसार, सूचनाकतार् मुकदमा अपराध संख्या 1276/2017, 1244/2017, 498/2017 और 295/2023 का गवाह है, िजसके कारण उसकी कई लोगों से दुश्मनी है और उसे राज्य सरकार से सुर्षा िमली हुई है और सह- अिभयु्व ्िि्व वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज िनयिमत रूप से सूचनाकतार् से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग करते हैं और उपरो्व मामलों में गवाही न देने के िलए दबाव डालते हैं, और रंगदारी न देने पर वे उसे और उसके पिरवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, िकतु िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच िवप्षीगण अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर 2 BAIL No. 21968 of 2025 मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल ्ऺयागराज पहुंचा। पूरी कहानी ्ऺथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है।
6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक ्ऺश्नगत ्ऺकरण में सूचनाकतार् ने अपनी ्ऺथम सूचना िरपोटर् में कहा िक िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच ्ऺाथर् व अन्य ्िि्व अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल ्ऺयागराज पहुंचा। पूरी कहानी ्ऺथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है, िकतु यहां यह उल्लेख करना ्ऺासंिगक है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् के मा्ऴ अवलोकन से पता चलता है िक सूचनाकतार् किथत घटना का ्ऺत्य्षदशर् नहीं है और सूचनाकतार् ने किथत घटना को देखने वाले घायलों के अलावा िकसी अन्य ्िि्व का नाम भी नहीं बताया है तथा आवेदक के िवरु्ध कोई िविश्ि आरोप नहीं लगाया गया है, आवेदक और अन्य सह-अिभयु्वों के िवरु्ध सामान्य आरोप लगाया गया है। इस घटना में किथत घायल अतहर की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें 08 चोटें पाई गईं और कु छ चोटों के संबंध में डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। घायल मोहम्मद अमजद की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें उसके शरीर पर कोई स्प्ि चोट नहीं पाई गई तथा किथत रंगदारी मांगने का कोई ्ऺत्य्ष साष्य उपलब्ध नहीं है। आगे यह भी ्ऺस्तुत िकया गया िक अिभयोजन प्ष के अनुसार, 22 ्िि्वयों ने सूचनाकतार् के भाई और उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद और मोहम्मद अफजल के साथ मारपीट की, जबिक मोहम्मद अमजद के शरीर पर चोट का कोई िनशान नहीं है और घायल अतहर के शरीर पर के वल 08 चोटें है तथा कोई भी चोट शरीर के महत्वपूणर् िहस्से पर नहीं है और न ही िकसी अिभयोजन सा्षीगण ्षारा इस घटना में आवेदक की िविश्ि भूिमका अिभकिथत की गयी। इससे यह पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयोगी ्षारा दुराशय के तहत आवेदक को इस मामलें में नािमत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक िनदरॏष ्िि्व है, उसने कोई अपराध नहीं िकया है और आवेदक के िवरु्ध लगाया गया आरोप पूणर्तः झूठा है। आवेदक पर रंगदारी का कोई 3 BAIL No. 21968 of 2025 आ्षेप नहीं है, अिपतु किथत रंगदारी का आरोप सहअिभयु्वगण वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज पर आ्षेिपत िकया गया है। आवेदक को वतर्मान मामले में दुभार्वना से उत्पीड़न के कारण झूठा फं साया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 18.05.2025 से कारागार में िनरु्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
7. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के िव्षान अिधव्वा के तकॏल का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर उ्व घटना कािरत की गयी, िजसमें चुटैल अतहर को गंभीर चोटें आयी, िजसकी पिरपुि्ि मेदांत अस्पताल के िचिकत्सीय आख्या के अनुसार भी हो रही है। अिभयु्व एक िवशेष गैंग से जुड़ा अभ्यस्थ अपराधी है। अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
8. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
9. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय।
1. आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
2. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
3. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 4 BAIL No. 21968 of 2025
4. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
5. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत ़। रहना पडे
10. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। September 10, 2025 CP.sahani (Dr. Gautam Chowdhary,J.) CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad
: Puneet Srivastava, Raghuvansh Misra : Anand Sagar Shukla, G.A. Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 76/2025 अन्तगर्त धारा 109, 191(2), 191(3), 190, 308(2), 115(2), 351(2), 352 भारतीय न्याय संिहता, थाना एअरपोटर्, िजला ्ऺयागराज में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की ओर से िव्षान अिधव्वा ्शी रघुवंशी िम्शा, पिरवादी की ओर से िव्षान अिधव्वा ्शी आनन्द सागर शुक्ला एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अधइव्वा ्षारा पूरकशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा ्ऺितशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय।
5. अिभयोजन प्ष की कहानी के अनुसार, सूचनाकतार् मुकदमा अपराध संख्या 1276/2017, 1244/2017, 498/2017 और 295/2023 का गवाह है, िजसके कारण उसकी कई लोगों से दुश्मनी है और उसे राज्य सरकार से सुर्षा िमली हुई है और सह- अिभयु्व ्िि्व वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज िनयिमत रूप से सूचनाकतार् से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग करते हैं और उपरो्व मामलों में गवाही न देने के िलए दबाव डालते हैं, और रंगदारी न देने पर वे उसे और उसके पिरवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, िकतु िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच िवप्षीगण अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर 2 BAIL No. 21968 of 2025 मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल ्ऺयागराज पहुंचा। पूरी कहानी ्ऺथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है।
6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक ्ऺश्नगत ्ऺकरण में सूचनाकतार् ने अपनी ्ऺथम सूचना िरपोटर् में कहा िक िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच ्ऺाथर् व अन्य ्िि्व अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल ्ऺयागराज पहुंचा। पूरी कहानी ्ऺथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है, िकतु यहां यह उल्लेख करना ्ऺासंिगक है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् के मा्ऴ अवलोकन से पता चलता है िक सूचनाकतार् किथत घटना का ्ऺत्य्षदशर् नहीं है और सूचनाकतार् ने किथत घटना को देखने वाले घायलों के अलावा िकसी अन्य ्िि्व का नाम भी नहीं बताया है तथा आवेदक के िवरु्ध कोई िविश्ि आरोप नहीं लगाया गया है, आवेदक और अन्य सह-अिभयु्वों के िवरु्ध सामान्य आरोप लगाया गया है। इस घटना में किथत घायल अतहर की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें 08 चोटें पाई गईं और कु छ चोटों के संबंध में डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। घायल मोहम्मद अमजद की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें उसके शरीर पर कोई स्प्ि चोट नहीं पाई गई तथा किथत रंगदारी मांगने का कोई ्ऺत्य्ष साष्य उपलब्ध नहीं है। आगे यह भी ्ऺस्तुत िकया गया िक अिभयोजन प्ष के अनुसार, 22 ्िि्वयों ने सूचनाकतार् के भाई और उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद और मोहम्मद अफजल के साथ मारपीट की, जबिक मोहम्मद अमजद के शरीर पर चोट का कोई िनशान नहीं है और घायल अतहर के शरीर पर के वल 08 चोटें है तथा कोई भी चोट शरीर के महत्वपूणर् िहस्से पर नहीं है और न ही िकसी अिभयोजन सा्षीगण ्षारा इस घटना में आवेदक की िविश्ि भूिमका अिभकिथत की गयी। इससे यह पिरलि्षत हो रहा है िक अिभयोगी ्षारा दुराशय के तहत आवेदक को इस मामलें में नािमत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक िनदरॏष ्िि्व है, उसने कोई अपराध नहीं िकया है और आवेदक के िवरु्ध लगाया गया आरोप पूणर्तः झूठा है। आवेदक पर रंगदारी का कोई 3 BAIL No. 21968 of 2025 आ्षेप नहीं है, अिपतु किथत रंगदारी का आरोप सहअिभयु्वगण वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज पर आ्षेिपत िकया गया है। आवेदक को वतर्मान मामले में दुभार्वना से उत्पीड़न के कारण झूठा फं साया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 18.05.2025 से कारागार में िनरु्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
7. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के िव्षान अिधव्वा के तकॏल का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर उ्व घटना कािरत की गयी, िजसमें चुटैल अतहर को गंभीर चोटें आयी, िजसकी पिरपुि्ि मेदांत अस्पताल के िचिकत्सीय आख्या के अनुसार भी हो रही है। अिभयु्व एक िवशेष गैंग से जुड़ा अभ्यस्थ अपराधी है। अिभयु्व ्षारा अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
8. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
9. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय।
1. आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
2. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
3. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 4 BAIL No. 21968 of 2025
4. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
5. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत ़। रहना पडे
10. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। September 10, 2025 CP.sahani (Dr. Gautam Chowdhary,J.) CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad