High Court
Case Details
Court No. - 80 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 58841 of 2022 Applicant :- Hardeep Opposite Party :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Applicant :- Ajay Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A.,Jitendra Kumar Yadav Hon'ble Umesh Chandra Sharma,J. यह जममानत अजቌኍ अभभिययक/पमारቌኍ ककी तरफ ससे मय०अ०ससं० 743 वरर 2022 अन्तररत धमारमा 376, 506 भिमा०दसं०ससं० एवसं 5/6 पपॉक्ससो अधधभनयम रमानमा पपूरनपयर, पपीलपीभिपीत कसे वमाद मम उससे जममानत पर ररहमा करनसे ककी पमाररनमा कसे समार दमाधखिल भकयमा रयमा हहै। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा शपी अजय शपीवमास्तव कसे सहयसोरपी अधधवकमा उपसस्रत हहए परन्तय भवपकपी ककी तरफ ससे कसोई उपसस्रत नहीሻ हहै , रमाज्य ककी तरफ ससे भवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा शपी पसंकज कय ममार भቔኌपमाठपी कसो सयनमा एवसं पቔኌमावलपी कमा अवलसोकन भकयमा। पቔኌमावलपी पर उपलब्ध पपቔኌኘ᭖ कसे अनयसमार घटनमा कसे समय पपीभ़በतमा लरभिर 16 वरर 6 ममाह ककी रपी तरमा बमाल भववमाह पभतरसेध अधधभनयम 1978 कसे अनयसमार 18 वरर ससे कम आयय ककी ल़በककी तरमा 21 वरर ससे कम आयय कसे ल़በकसे कसे मध्य भववमाह हसोतमा हहै तसो वह दण्डनपीय हहै परन्तय यभद बमालभववमाह हसो जमातमा हहै तसो वह भवधध कसे अररसं मम शपून्य नहीሻ हहै वरनन् कयब्ध पककमार कसे पस्तमाव कसे अनयसमार एक वरर कसे अन्दर उसकसे शपून्य करण हसेतय वमाद ममाቔኌ पस्तयत भकयमा जमा सकतमा हहै। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा नसे यह तकर पस्तयत भकयमा भक वह स्वपीकमार करतमा हहै भक पपीभ़በतमा उनककी भववमाभहतमा पत्नपी हहै , अभभियय न्क तरमा पत्नपी कसे ससंसरर ससे एक ससंतमान भिपी उत्प्ቐ हसो रई हहै। उन्हኘ᭖नसे पቔኌमावलपी पर उपलब्ध मसन्दर महमापभिय शपी जर्ቐमार धमाम पपीलपीभिपीत कसे भववमाह पममाण पቔኌ भदनमााሩभकत 05.06.2022 पर बल भदयमा धजसकसे अनयसमार अभभियय न्क तरमा पपीभ़በतमा कमा भववमाह सनमातन धमर एवसं रपीभत-ररवमाज कसे अनयसमार सम्प्ቐ भकयमा रयमा तरमा उभियपकኘ᭖ नसे वहैवमाभहक घसोरणमा सम्बन्धपी नसोटरपी शपरपቔኌ भिपी पस्तयत भकयमा हहै। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा नसे यह तकर पस्तयत भकयमा भक वमास्तव मम उभियपक वहैवमाभहक जपीवन व्यतपीत कर रहसे रसे परन्तय पपीभ़በतमा कसो उसकसे ममातमा -भपतमा नसे दबमाव डमालकर परम सपूचनमा ररपसोटर दजर करमा भदयमा धजसमम उसनसे उसकसे भवरु्ቍ समाቌኚय भदयमा। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा नसे यह भिपी तकर पस्तयत भकयमा भक यभद वमास्तव मम अभभिययक नसे उससे बलमात भिरमायमा हसोतमा तसो वह महमापभिय शपी जर्ቐमार धमाम मसन्दर मम स्वसेच्छयमा सनमातन धमर एवसं रपीभत -ररवमाज कसे अनयसमार पमारቌኍ कसे समार भववमाह नहीሻ करतपी तरमा उस समय वह चपीखि-भचलमा सकतपी रपी तरमा इसपी पकमार जब वह नसोटरपी वहैवमाभहक घसोरणमा पቔኌ सम्बन्धपी नसोटरपी शपरपቔኌ भनष्पमाभदत भकयमा तरमा भिपी़በ-भिमा़በ ययक कचसेहरपी मम रयपी तसो भिपी वह अलमामर कर सकतपी रपी। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा नसे यह तकर पस्तयत भकयमा भक चपू ाሩभक पपीभ़በतमा ककी आयय 18 वरर ससे कम हहै तसो उसककी सहमभत कमा महत्व नहीሻ हहै परन्तय यह भिपी ध्यमान दसेनसे यसोग्य हहै भक पमारቌኍ/अभभिययक दमारमा पपीभ़በतमा कसो कसोई शमारपीररक चसोट नहीሻ पहह ाሩचमाई रई हहै वरनन् उससे एक समाममाधजक ममान्यतमा दसेकर उससे वहैवमाभहक पत्नपी कसे रूप मम रखि रहमा रमा तरमा बमाद मम पपीभ़በतमा कसे ममातमा -भपतमा कसे लसोभि एवसं धलप्समा कसे कमारण यह कमानपूनपी वमाद उत्प्ቐ हहआ। पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा नसे यह तकर पस्तयत भकयमा भक यभद अभभिययक कसो जममानत पर ररहमा भकयमा जमातमा हहै तसो वह अपनपी पत्नपी एवसं बच्चኘ᭖ कसो अपनसे समार रखिसेरमा। उक कसे भवरु्ቍ भवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा नसे तकर पस्तयत भकयमा भक यभद अभभिययक पपीभ़በतमा कसो अपनसे समार रखिनमा हसोतमा तसो डपी०एन०ए० परपीकण हसेतय अभभियसोजन कसो भववश नहीሻ भकयमा जमातमा। इस न्यमायमालय कसे मतमानयसमार यह ममानमा जमाएरमा भक इस न्यमायमालय मम आज पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा जसो भिपी वकव्य दसे रहसे हह वह पमारቌኍ/अभभिययक कसे भनदरश पर दसे रहसे हह तरमा पमारቌኍ कसे भवदमान अधधवकमा उसकसे पभतभनधध कसे रूप मम न्यमायमालय मम भव्ቕममान हह तरमा उनकसे दमारमा आज इस न्यमायमालय कसे समक भकयसे रयसे अभभिकरन पमारቌኍ/अभभिययक पर बमाध्यकमारपी हኘ᭖रसे। ऐसपी दशमा मम इस न्यमायमालय कसे मतमानयसमार जब पमारቌኍ अपनसे भवदमान अधधवकमा कसे दमारमा पपीभ़በतमा कसो पत्नपी कसे रूप मम एवसं स्वयसंकसे ससंसरर ससे बच्चኘ᭖ कमा उत्प्ቐ हसोनमा स्वपीकमार करतमा हहै, डपी०एन०ए० परपीकण ककी आवश्यकतमा पतपीत नहीሻ हसोतपी। आज इस न्यमायमालय कसे दमारमा रसेखिमासंभकत तथ्यኘ᭖ कसो भवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा अधपीनस्र न्यमायमालय मम आवश्यक सन्दभिर हसेतय उपलब्ध करमा सकतसे हह। उपरसोक भववसेचनमा कसे आधमार पर इस न्यमायमालय कसे मतमानयसमार यह जममानत पमाररनमा पቔኌ स्वपीकमार भकयमा जमातमा हहै। यह भिपी शतर आरसोभपत ककी जमातपी हहै भक पमारቌኍ /अभभिययक जममानत पर छसो़በनसे कसे उपरमान्त एक ममाह कसे अन्दर पपीभ़በतमा कसो अपनसे पमास लसे आएरमा एवसं उससे पत्नपी कसे समस्त अधधकमार पदमान करसेरमा। यभद पपीभ़በतमा कसे ममायकसे वमालसे उससे नहीሻ भिसेजतसे हह तरमा पपीभ़በतमा नसे 18 वरर ककी आयय पपूणर कर लपी हहै तसो पमारቌኍ /अभभिययक धमारमा 9 भहन्दय भववमाह अधधभनयम कसे अन्तररत दमाम्पत्य अधधकमारኘ᭖ कसे पयनस्रमारपन हसेतय वमाद पस्तयत कर सकतमा हहै। यभद पपीभ़በतमा पमारमार कसे समार रहनसे आतपी हहै तसो उस दशमा मम उस भतधर ससे 3 ममाह कसे अन्दर पमारቌኍ अपनपी पत्नपी कसे समार भववमाह पसंजपीयन भिपी करमानसे कसे धलए बमाध्य हसोरमा। उपरसोक मम ससे भकसपी भिपी शतर कमा अनयपमालन न करनसे ककी दशमा मम यह जममानत पमाररनमा पቔኌ स्वततः भनष्पभिमावपी हसो जमाएरमा। पमारቌኍ, हरदपीप कसो उक ममामलसे मम ससंबसंधधत न्यमायमालय ककी ससंतयभቖኌ कसे धलए एक व्यभकरत मयचलकमा और सममान रमाभश मम दसो जममानतदमार पस्तयत करनसे पर भनम्नधलधखित शतरसं कसे अधपीन जममानत पर ररहमा भकयमा जमाए- 1. जमासंच यमा भवचमारण कसे ददौरमान पमारቌኍ समाभकयኘ᭖ कसो डरमा धमकमाकर /दबमाव दसेकर अभभियसोजन समाቌኚय कसे समार छसे़በछमा़በ नहीሻ करसेरमा; 2. पमारቌኍ भबनमा भकसपी स्ररन ककी ममासंर भकए ईममानदमारपी ससे परपीकण मम सहयसोर करसेरमा; 3. जममानत पर ररहमा हसोनसे कसे बमाद पमारቌኍ भकसपी आपरमाधधक रभतभवधध यमा भकसपी अपरमाध मम शमाभमल नहीሻ हसोरमा; 4. पमारቌኍ, पत्यक यमा अपत्यक रूप ससे , ममामलसे कसे तथ्यኘ᭖ ससे पररभचत भकसपी भिपी व्यभक कसो कसोई पलसोभिन , धमककी यमा वमादमा नहीሻ करसेरमा , तमाभक उन्हम ऐससे तथ्यኘ᭖ कसो न्यमायमालय यमा भकसपी पयधलस अधधकमारपी कसो पकट करनसे ससे रसोकमा जमा सकसे ; 5. पमारቌኍ इस आशय कमा एक वचनबसंध दमाधखिल करसेरमा भक वह समाቌኚय कसे धलए भनधमारररत तमारपीखिኘ᭖ पर भकसपी स्ररन ककी ममासंर नहीሻ करसेरमा , अरर रवमाह अदमालत मम मदौजपूद हह 6. पमारቌኍ (i) ममामलमा खिसोलनसे , (ii) आरसोप तय करनसे और (iii) धमारमा 313 Cr.P.C कसे तहत बयमान दजर करनसे कसे धलए भनधमारररत तमारपीखिኘ᭖ पर व्यभकरत रूप ससे टटमायल कसोटर कसे समक उपसस्रत रहसेरमा। यभद टटमायल कसोटर ककी रमाय मम , इस शतर कमा चपूक जमानबपूझकर यमा पयमार् कमारण कसे भबनमा हहै , तसो टटमायल कसोटर कसे धलए यह खियलमा हसोरमा भक वह इस तरह ककी चपूक कसो अपनपी जममानत ककी स्वतसंቔኌतमा कसे दयरुपयसोर कसे रूप मम ममानसे और कमानपून कसे अनयसमार उसकसे धखिलमाफ कमायरवमाहपी करसे। उपरसोक शतरसं मम ससे भकसपी कसे उलसंघन कसे ममामलसे मम , यह जममानत र्ቌ करनसे कमा आधमार हसोरमा। यह स्पቖኌ भकयमा जमातमा हहै भक पपूवरक ममामलसे ककी सयनवमाई यहमासं ऊपर भकए रए भकसपी अवलसोकन ससे पभिमाभवत हहए भबनमा ससंचमाधलत ककी जमाएरपी जसो जममानत कसे धलए तत्कमाल आवसेदन कसे भनपटमान तक हपी सपीभमत हहै। Order Date :- 21.3.2023 Rahul
Legal Reasoning
Digitally signed by :- RAHUL KUMAR High Court of Judicature at Allahabad