Smt. Girisha Upadhyay v. Shyam Sunder Upadhyay), under Section
Case Details
Court No. - 86 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 27596 of 2022 Applicant :- Shyam Sundar Upadhyay Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rang Nath Pandey,Rahul Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A.,Brijendra Kumar Raj,Shriraman Pandey Hon'ble Karunesh Singh Pawar,J. Heard learned counsel for the applicant, learned A.G.A. for the State as well as Sri Shriraman Pandey, learned counsel appearing for the opposite party No. 2. The present 482 Cr.P.C. application has been filed against the impugned judgment and order dated 10.08.2022 passed in Maintenance Case No.798 of 2014 (Smt. Girisha Upadhyay Vs. Shyam Sunder Upadhyay), under Section 125 of Cr.P.C., District Allahabad by Principal Judge, Family Court, Allahabad. Learned counsel for the applicant submits that opposite party no.2 is deaf and dumb The three daughters which were born out of the wedlock of the applicant and opposite party no.2, had already been married way back. The amount of Rs.12,000/- awarded by Principal Judge, Family Court, Allahabad is excessive. She is not having any liability. The applicant has challenged this order for the reason that the maintenance amount awarded by the learned Trial Judge is in excess, looking to the marriage of three daughters of opposite party no.2. Per contra, learned counsel for opposite party no.2 has opposed the petition and submits that the applicant is a Clerk in the Commercial Tax Department and presently is getting salary of Rs.53,000/- per month and therefore, the maintenance amount awarded is disproportionate. It is liable to be enhanced. The fact that the applicant is getting salary of Rs.53,000/- is not disputed by learned counsel for the applicant. It appears that it is not in dispute that opposite party no.2 is legally wedded wife of the applicant. It is also not disputed that she is destitute and who is unable to maintain herself and it is also not disputed that she is residing away from the applicant and for sufficient cause, therefore, she is entitled to maintenance amount. The relevant portion of the judgment of the court below is extracted below:- "उभयप्ቌ कके अभभवचनोሪ एववं तकरवं कको दृभቖኌगत रखतके हहए ्ቚस्ततुत ्ቚकरण मम भनम्न अवधधायर भबिन्दतु भवरभचत भकयके जधातके हह- 1-क्यधा ्ቚधारररयधा यतुभሹኌयतुሹኌ कधारण सके भवप्ቌቌኍ सके पपृरक रह रहቌኍ हह? 2- क्यधा ्ቚधारररयधा अपनधा भरण-पकोषण करनके मम असमरर हह ? उ-क्यधा ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ सके भरण-पकोषण ्ቚधा् करनके ककी अरधकधाररणቌኍ हह ? यभद हधावं तको भकतनधा ? भनस्तधारण अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-1 अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-1 इस आशय कधा भवरभचत भकयधा गयधा हह भक 1-क्यधा ्ቚधारररयधा यतुभሹኌयतुሹኌ कधारण सके भवप्ቌቌኍ सके पपृरक रह रहቌኍ हह ? इस सवंबिवंध मम यह उलकेखनቌኍय हह भक ्ቚधारररयधा दधारधा भदनधावंक 21.05.1986 कको भहवंदद रቌኍभत ररवधाज सके भवप्ቌቌኍ सके भववधाह हकोनधा कहधा गयधा हह। भवप्ቌቌኍ दधारधा आपरቈኌ कधागज सवंख्यधा 9 क ककी धधारधा 1 मम यह स्वቌኍकधार भकयधा गयधा हह भक ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ ककी भववधाभहतधा पत्नቌኍ हह। इस ्ቚकधार उभप्ቌ कके मध्य स्वቌኍकपृत तथ्य हह भक ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ ककी भववधाभहतधा पत्नቌኍ हह । ्ቚधारररयधा दधारधा ्ቚधाररनधा प्ቔ ककी धधारधा 5 मम यह करन भकयधा गयधा हह भक भववधाह कके पश्चधात ्ቚधारररयधा कको तቌኍन पतुभ्ቔयधावं दቌኍपधा, भ्ቚयवंकधा व ्ቚजधा उत्प्ቐ हहई हह भवप्ቌቌኍ दधारधा आपरቈኌ 9 क ककी धधारधा 6 मम यह स्वቌኍकधार भकयधा गयधा हह भक ्ቚधारररयधा व भवप्ቌቌኍ कके वहवधाभहक सवंबिवंधोሪ कके फलस्वरुप तቌኍन पतुभ्ቔयधावं उत्प्ቐ हहई रቌኍ । इस ्ቚकधार उभप्ቌ कके मध्य यह भቌኍ स्वቌኍकपृत तथ्य हह भक उभयप्ቌ कके वहवधाभहक सवंबिवंधोሪ कके फलस्वरूप तቌኍन पतुभ्ቔयधााሰ उत्प्ቐ हहई हह । जहधावं तक इस तथ्य कधा ्ቚश्न हह भक क्यधा ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ सके यतुभሹኌ यतुሹኌ कधारणोሪ सके पपृरक रह रहቌኍ हह इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा दधारधा अपनके ्ቚधाररनधा प्ቔ ककी धधारधा-7 मम मतुख्य रूप सके यह करन भकयधा गयधा हह भक भवप्ቌቌኍ कधा मकेरठ मम भनवधास करतके हहए मकधान मम रहनके वधालቌኍ भवधवधा रधाजरधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध हह रजसकके कधारण भवप्ቌቌኍ व रधाजरधानቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा च उसककी पतुभ्ቔयोሪ कधा उत्पቌኍड़न भकयधा गयधा और मधारपቌኍट ककी गई और भवप्ቌቌኍ दधारधा रधाजरधानቌኍ कके कधारण ्ቚधारररयधा व उसककी पतुभ्ቔयोሪ कको घर सके भनकधाल भदयधा गयधा हह। इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा स्वयवं पቌኍ0 डब्लद0-1 कके रूप मम ममौरखक सधाቌኚय मम परቌኍभ्ቌत हहई हह । ्ቚधारररयधा दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम करन भकयधा गयधा हह भक मकेरके पभत कधा भकसቌኍ अन्य मभहलधा सके ककोई सवंबिवंध नहीሻ हह । इस ्ቚकधार ्ቚधारररयधा दधारधा स्वयवं भवप्ቌቌኍ कके भकसቌኍ अन्य मभहलधा सके सवंबिवंध हकोनके सके इवंकधार कर भदयधा गयधा हह और मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम ऐसधा ककोई करन नहीሻ भकयधा गयधा हह भक भवप्ቌቌኍ कधा मकेरठ रहनके कके दमौरधान उसककी मकधान मधालभकन रधाजरधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध हह उሹኌ पररसस्रभत मम ्ቚधारररयधा कके मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम भकए गए करन सके यह सधाभबित नहीሻ हकोतधा हह भक भवप्ቌቌኍ कधा मकेरठ रहनके कके दमौरधान मकधान मधालभकन रधाजरधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध हह । ्ቚधारररयधा ककी ओर सके पቌኍ0 डब्लद -2 कके रूप मम ववंशቌኍधर भम्ቦ कको करधायधा गयधा हह रजसकके दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम करन भकयधा गयधा हह भक मह उपधाध्यधाय कधा खधातधा हहाሰ। इस ्ቚकधार पቌኍ0 डब्लद-2 बिशቌኍधर भम्ቦ ्ቚधारररयधा कधा यधाचधा भहत बि्ቍ सधा्ቌቌኍ हह । उሹኌ सधा्ቌቌኍ दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम यह करन भकयधा गयधा हह। पतुभ्ቔयोሪ सके जधात हहआ भक घर ककी मकधान मधालभकन रधाजरधानቌኍ टवंडन सके श्यधामसतुन्दर नधाजधायज सकधा हह। पቌኍ0 डब्लद0-2 दधारधा अपनቌኍ रजरह मम पपृष-1 पर यह करन भक गयधा हह भक महनके स्वयवं कभቌኍ रधाजरधानቌኍ टण्डन कको गलत सस्रभत मम श्यधाम सतुन्दर कके नहीሻ दकेखधा हह। इस ्ቚकधार उሹኌ सधा्ቌቌኍ दधारधा स्वयवं ऐसधा ककोई करन नहीሻ भकयधा गयधा। भक उसके रधाजरधानቌኍ एववं भवप्ቌቌኍ कके अवहध सवंबिवंधोሪ कके भवषय मम व्यभሹኌगत जधानकधारቌኍ हह उसकके दधारधा ्ቚधारररयधा ककी पतुभ्ቔयोሪ कके मधाध्यम सके भवप्ቌቌኍ कधा रधाजधधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध ककी जधानकधारቌኍ हकोनधा कहधा गयधा हह। उሹኌ पररसस्रभत मम मधा्ቔ पቌኍ0 डब्लद 2 कके करन सके सधाभबित नहीሻ हह भक भवप्ቌቌኍ कके रधाजरधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध हह यह उलकेखनቌኍय हह भक सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा ककी ओर सके अपनቌኍ भकसቌኍ पतु्ቔቌኍ कको सधाቌኚय मम ्ቚस्ततुत नहीሻ भकयधा गयधा। रजसकके मधाध्यम सके पቌኍ 0 डब्लद0 2 कको भवप्ቌቌኍ व रधाजरधानቌኍ कके अवहध सवंबिवंधोሪ कके भवषय जधानकधारቌኍ हहई। ऐसके भकसቌኍ सधाቌኚय कके अभधाव मम ्ቚधारररयधा कधा यह करन भक भवप्ቌቌኍ रधाजधधानቌኍ सके अवहध सवंबिवंध हह, भवश्वधास भकए जधानके यकोग्य नहीሻ हह । ्ቚधारररयधा ककी ओर सके ्ቚधाररनधाप्ቔ मम यह भቌኍ आधधार रलयधा गयधा हह रधाजरधानቌኍ कधा अवहध सवंबिवंध हकोनके कके कधारण भवप्ቌቌኍ एववं रधाजरधानቌኍ ्ቚधारररयधा कके सधार नमौकरधा जहसधा व्यवहधार करतके रके और ्ቚतधाभड़त करतके रके च ्ቚधारररयधा ककी पतुभ्ቔयोሪ कके सधार मधार- करतके रके। इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम पቌኍ0 डब्लद0-1 कके रूप पपृष-1 पर यह करन भकयधा गयधा हह भक मकेरके और मकेरके पभत कके बिቌኍच मम ककोई झगड़धा हह और न हቌኍ मकेरधा पभत मतुझसके ककोई मधारपቌኍट करतधा हह। इस ्ቚकधार ्ቚधारररयधा दधारधा अफ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम हቌኍ अपनके पभत सके ककोई झगड़धा हकोनके सके इवंकधार कर भदयधा गयधा हह और पवं दधारधा ्ቚधारररयधा सके मधार -पቌኍट करनके सके भቌኍ इकधार भकयधा गयधा हह। उሹኌ सधा्ቌቌኍ दधारधा सके ककोई करन नहीሻ भकयधा गयधा हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा ककी तቌኍनोሪ पतुभ्ቔयोሪ कके स रधाजरधानቌኍ सके भमलकर ककोई मधारपቌኍट ककी गयቌኍ हह। उሹኌ पररस्रभत मम ्ቚधारररयधा हधा ्ቚधाररनधाप्ቔ मम भकयधा गयधा यह करन भक भवप्ቌቌኍ व रधाजरधानቌኍ आपस मम भमलकर ्ቚधारररयधा । तቌኍनोሪ पतुभ्ቔयोሪ कके सधार दतुव्यरवहधार करतके रके ्ቚतधाभड़त करतके रके और मधार-पቌኍट करतके भवश्वधास भकयके जधानके यकोग्य नहीሻ हह ररक यह भቌኍ उलकेखनቌኍय हह भक ्ቚधारररयधा ककी ओर सके पቌኍ0 डब्लद0-2 कके रूप मकोधर भम्ቦ दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम पपृष सवंख्यधा-1 पर यह करन भकयधा गयधा [4:33 pm, 22/11/2022] A K S: पतुभ्ቔयोሪ दधारधा यह भቌኍ बितधायधा गयधा भक उनकके दधारधा रधाजरधानቌኍ टण्डन कके घर मम हकोनके भनमधारण कधायर मम कधाम करधायधा जधातधा हह। इसकधा भवरकोध करनके पर ए श्यधामसतुन्दर उपध्यधाय दधारधा दतुव्यरवहधार भकयधा जधातधा रधा। इस्ቚकधार परम्ቦ दधारधा ्ቚधाररयधा ककी पतुभ्ቔयोሪ कके सधार हधार करनके मम ककीदधारधा कको बितधायधा जधानधा कहधा गयधा हह। दधारधा अपनቌኍ मतुख्य परቌኍ्ቌधा मम ऐसधा ककोई करन नहीሻ भकयधा गयधा हह भक उसकके दधारधा ्ቚधारररयधा ककी पतुभ्ቔयोሪ कके सधार दतुव्यरवहधार भकयधा गयधा हह। उሹኌ पररसस्रभत उपरकोሹኌ करन कके आधधार पर यह नहीሻ मधानधा जधा सकतधा हह भक दधारधा ककी सधार दतुव्यरवहधार भकयधा गयधा हह भवशकेष रूप सके उस पररसस्रभतयोሪ मम जबिभक ्ቚधारर पतुभ्ቔयोሪ कको सधाቌኚय मम ्ቚस्ततुत नहीሻ भकयधा गयधा हह। भवप्ቌ ककी ओर सके आपरቈኌ मम मतुख्य रूप सके यह करन भकयधा गयधा हह भक . ्ቚधारररयधा नके कभቌኍ भቌኍ भवप्ቌቌኍ व उसकके पररवधार वधालोሪ कको सम्मधान नहीሻ भदयधा। भववधाह ककेहቌኍ भदनोሪ कके बिधाद ्ቚधारररयधा मधार-पቌኍट करनके पर उतधारू हको जधातቌኍ रቌኍ और कपड़के आभद फधाड़ भदयधा करतቌኍ रቌኍ परवंततु एक भदन सबि ठቌኍक हकोनके ककी उम्मቌኍद मम भवप्ቌቌኍ सबि सहतधा रहधा | प ्ቚधारररयधा कके पररवधार वधालोሪ नके यह बिधात छतुपधाकर शधादቌኍ ककी रቌኍ भक ्ቚधारररयधा गदवंगቌኍ बिहरቌኍ हह जबि भदप कको पतधा चलधा भक उसककी पत्नቌኍ गदगቌኍ बिहरቌኍ हह तको उसके अत्यवंत मधानरसक कቖኌ हहआ तरधा सदमधा पहहवंचधा परन्ततु भवप्ቌቌኍ बिदधारश्त करतधा रहधा। ्ቚधारररयधा न तको अपनके बिच्चोሪ कधा दकेखभधाल कर पधातቌኍ रቌኍ और न हቌኍ स्वयवं कधा दकेखभधाल कर पधातቌኍ रቌኍ क्योሪभक जन्म सके गदवंगቌኍ बिहरቌኍ हकोनके कके कधारण ्ቚधारररयधा पररवधार ककी बिहहत दतुलधारቌኍ रቌኍ और इसቌኍ कधारण झगड़धालद और भचड़भचड़ቌኍ रቌኍ तरधा खधानधा बिनधानधा भቌኍ नहीሻ जधानतቌኍ रቌኍ । जबि ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ कके सधार रहतቌኍ रቌኍ तको भवप्ቌቌኍ खधानधा बिनधातधा रधा और जबि ्ቚधारररयधा मधातधा-भपतधा कके सधार रहतቌኍ रቌኍ तको मधातधा-भपतधा खधानधा बिनधातके रखलधातके रके भवप्ቌቌኍ जबि कभቌኍ अपनके मधावं बिधाप भधाई ककी सहधायतधा करतधा तको ्ቚधारररयधा उत्पधात मचधातቌኍ रቌኍ. अभ्ቖतधा व मधारपቌኍट पर उतधारू हको जधातቌኍ रቌኍ, पररवधार ककी सहधायतधा कधा भवरकोध करतቌኍ रቌኍ परवंततु भवप्ቌቌኍ सबि बिदधारश्त करतधा रहधा। भवप्ቌቌኍ नके कभቌኍ भकसቌኍ रखकेल कको नहीሻ रखधा न हቌኍ पतुभ्ቔयोሪ कको मधारधा पቌኍटधा न अल्ककोहल यधा भकसቌኍ नशके कधा ्ቚयकोग भकयधा रजसमम मकेभडकल टकेस्ट कके रलए भቌኍ तहयधार हह। रधाजरधानቌኍ भवप्ቌቌኍ ककी मधालभकन हह और भवप्ቌቌኍ कके मकधान मधारलक व भकरधायकेदधार कधा सवंबिवंध हह इसकके अलधावधा ककोई सवंबिवंध नहीሻ हह। उሹኌ मकधान मम भवप्ቌቌኍ कके अलधावधा अन्य कई ररश्तकेदधार हह। ्ቚधारररयधा झदठቌኍ और कलहभ्ቚय मभहलधा हह भवप्ቌቌኍ कको ्ቚतधाभड़त करनके कके रलए अपनके मधातधा-भपतधा कके सहयकोग सके झदठके आरकोप लगधातቌኍ रहतቌኍ हह यह उलकेखቌኍय हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा आपरቈኌ एक मम उभलरखत उपरकोሹኌ करनोሪ कको सधाभबित करनके कके रलए ककोई ममौरखक सधाቌኚय प्ቔधावलቌኍ पर ्ቚस्ततुत नहीሻ भकयधा गयधा हह न हቌኍ. स्वयवं कको ममौरखक सधाቌኚय मम परቌኍभ्ቌत करधायधा गयधा हह। उሹኌ पररसस्रभत मम भवप्ቌቌኍ दधारधा आपरቈኌ एक मम जको करन भकयके गयके हह वह सधाቌኚय कके अभधाव मम भवश्वधास भकयके जधानके यकोग्य नहीሻ हह । यह उलकेखनቌኍय हह भक ्ቚधारररयधा दधारधा अपनके ्ቚधाररनधाप्ቔ ककी धधारधा -9 मम यह भቌኍ करन भकयधा गयधा हह भक ्ቚभतवधादቌኍ कके ऊपर मधाचर 2010 मम ्ቚधारररनቌኍ कके भवरु्ቍ तलधाक कधा एक 2014 ्ቚधारररयधा मतुकदमधा सवंख्यधा 103/2010 पररवधार न्यधायधालय मकेरठ मम भकयधा गयधा रजस सके ्ቚधारररयधा सके लकेकर भवप्ቌቌኍ श्यधामसतुन्दर रखकेल रधाजरधानቌኍ सके ददसरቌኍ शधादቌኍ कर लके । ्ቚधारररयधा कके अनतुरकोध मतुकदमधा वतरमधान मम मधाननቌኍय उच्च न्यधायधालय इलधाहधाबिधाद कके आदकेशधानतुसधार फरवरቌኍ जनपद इलधाहधाबिधाद मम स्रधानधान्तररत हको गयधा । इस ्ቚकधार भवप्ቌቌኍ कके दधारधा लगधातधार उसककी पतुभ्ቔयोሪ कको परकेशधान करनके ककी कधायरवधाहቌኍ ककी जधा रहቌኍ हह ्ቚधारररयधा कके पधास कधा ककोई जररयधा नहीሻ हह । ्ቚधारररयधा कके पधास रहनके एववं खधानके कधा ककोई ्ቚबिन्ध नहीሻ हह मतुकदमधा करकके परकेशधान अलग सके भकयधा जधा रहधा हह रजससके ्ቚधारररयधा ्ቚभतवधादቌኍ कके आत्मसमपरण कर दके और तलधाक स्वቌኍकधार कर लके। इस ्ቚकधार ्ቚधारररयधा दधारधा भवप्ቌቌኍ ककी और ्ቚधारररयधा कके भवरु्ቍ तलधाक कधा मतुकदमधा ्ቚस्ततुत करनके कधा करन भकयधा गयधा हह। भवप्ቌቌኍ अपनቌኍ आपरቈኌ ककी धधारधा-10 मम यह करन भकयधा गयधा हह भक ्ቚधाररनधाप्ቔ ककी धधारधा- 9 मम दभत करन असत्य एववं भनरधाधधार हह अततः इवंकधार हह सत्य यह हह भक मधा्ቔ तलधाक दधारखल क हधाईककोटर कके आदकेश ककी बिधातम स्वቌኍकधार हह इस ्ቚकधार भवप्ቌቌኍ दधारधा अपनቌኍ आपरቈኌ मम। स्वቌኍकधार भकयधा गयधा हह भक भवप्ቌቌኍ कके दधारधा ्ቚधारररयधा कके भवरू्ቍ धधारधा 13 भहन्दद भववधाह अरधभनय कके अन्तगरत भववधाह भवच्छकेद हकेततु यधाभचकधा ्ቚस्ततुत ककी गयቌኍ हह यह भቌኍ उलकेखनቌኍय हह भक ्ቚधारररयधा ककी ओर सके धधारधा 13 भहन्दद भववधाह अरधभनयम मम पधाररत भनणरय ककी फकोटको पभत कधाग सवंख्यधा 58 ख / 10 मधाननቌኍय उच्चतम न्यधायधालय ककी भवरध व्यवस्रधा
Legal Reasoning
भकभमनल अपቌኍल सवंख 730/2020 (Arising out of SLP (Crl.) No. 9503of 2018 रजनቌኍश बिनधाए नकेहधा एववं अन्य मम भपधा भनणरय भदनधावंभकत 04.11.2020 कके अनतुपधालन मम ्ቚस्ततुत शपरप्ቔ कधागज सवंख्यधा-58 ख कके सधा ्ቚस्ततुत भकयधा गयधा हह। उሹኌ भनणरय कके अवलकोकन सके स्पቖኌ हह भक न्यधायधालय दधारधा वहवधाभह वधाद सवंख्यधा 103/2010, श्यधाम सतुन्दर उपधाध्यधाय बिनधाम ्ቦቌኍमतቌኍ भगरቌኍशधा उपधाध्यधाय, अन्तगरत धधारधा 13 (1) (1-क) (1-ख) भहन्दद भववधाह अरधभनयम भदनधावंक 23.03.2021 कको सव्यय खधारर भकयधा गयधा हह। इस ्ቚकधार न्यधायधालय दधारधा भवप्ቌቌኍ ककी ओर सके ्ቚस्ततुत अन्तगरत धधारधा 13 0 (1-क) (1-ख) भहन्दद भववधाह अरधभनयम कधा वधाद भवप्ቌቌኍ कके भवरू्ቍ भनरस्त भकयधा जधा चतुकधा हह यह भቌኍ उलकेखनቌኍय हह भक दमौरधान तकर भवप्ቌቌኍ ककी ओर सके भवदधान अरधवकतधा दधारधा करन भक गयधा हह भक उሹኌ भनणरय कके भवरू्ቍ मधाननቌኍय उच्च न्यधायधालय मम भवप्ቌቌኍ दधारधा अपቌኍल यकोरजत व गयቌኍ हह जको वतरमधान मम लवंभबित हह। ्ቚधारररयधा ककी ओर सके भवदधान अरधवሹኌधा दधारधा उሹኌ त कको स्वቌኍकधार भकयधा गयधा हह। इस ्ቚकधार यह स्पቖኌ हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा कके भवरू्ቍ धधा 13 भहन्दद भववधाह अरधभनयम कके अन्तगरत भववधाह भवच्छकेद हकेततु यधाभचकधा ्ቚस्ततुत ककी गयቌኍ हह ्ቚधधान न्यधायधाधቌኍश, पररवधार न्यधायधालय, इलधाहधाबिधाद दधारधा भनरस्त कर दቌኍ गयቌኍ हह और उस भवरू्ቍ मधाननቌኍय उच्च न्यधायधालय मम अपቌኍल लवंभबित हह । इससके यह स्पቖኌ हह भक भवप्ቌቌኍ ्ቚधाररर सके भववधाह भवच्छकेद करधानधा चधाहतधा हह और उसकधा ककोई आशय ्ቚधारररयधा कके सधार रहनके कधा नहीሻ । उሹኌ पररसस्रभत मम जबि भक भवप्ቌቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा कके भवरु्ቍ भववधाह भवच्छकेद हकेततु यधाभण वस्ततुत ककी गयቌኍ हह तबि ्ቚधारररयधा सके यह अपके्ቌधा नहीሻ ककी जधा सकतቌኍ हह भक वह भवप्ቌቌኍ नस्र यतुभሹኌयतुሹኌ रूप सके रहनके मम समरर हह। भवशकेष रूप मम उस पररसस्रभतयोሪ मम जबि स्वቌኍकपृत रूप सके ्ቚधारररयधा एक गदवंगቌኍ बिहरቌኍ मभहलधा हह उሹኌ पररसस्रभत मम ्ቚधारररयधा कधा अपनके पभत अरधारत भवप्ቌቌኍ सके पपृरक रहनके कधा यतुभሹኌयतुሹኌ आधधार हह । तदनतुसधार अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-1 ्ቚधारररयधा कके प्ቌ मम एववं भवप्ቌቌኍ कके भवरू्ቍ भनस्तधाररत भकयधा जधातधा हह । भनस्तधारण अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-2 अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-2 इस आशय कधा भवरभचत भकयधा गयधा हह भक क्यधा ्ቚधारररयधा अपनधा भरण-पकोषण करनके मम असमरर हह ? इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा दधारधा ्ቚधाररनधाप्ቔ ककी धधारधा -9 मम यह करन भकयधा गयधा हह भक ्ቚधारररयधा कके पधास आमदनቌኍ कधा ककोई जररयधा नहीሻ हह ्ቚधारररयधा कके पधास रहनके एववं खधानके कधा भቌኍ ककोई ्ቚबिन्ध नहीሻ हह तरधा धधारधा-13 मम यह करन भकयधा हह भक ्ቚधारररयधा कके पधास ककोई ददसरधा आय कधा जररयधा नहीሻ हह रजससके अपनके पररवधार कधा खतुद कधा खचर चलधानके मम असमरर हह। इस ्ቚकधार ्ቚधारररयधा दधारधा स्वयवं ककी ककोई आय हकोनके सके इकधार भकयधा गयधा हह । ्ቚधारररयधा ककी ओर सके मधाननቌኍय उच्चतम न्यधायधालय ककी भवरध व्यवस्रधा भकभमनल अपቌኍल सवंख्यधा 730/2020 (Arising out of SLP(CH.) No. 9503of 2018 रजनቌኍश बिनधाम नकेहधा एववं अन्य मम पधाररत भनणरय भदनधावंभकत 04.11. 2020 कके अनतुपधालन मम शपरप्ቔ कधागज सवंख्यधा-58 ख / 1 ्ቚस्ततुत भकयधा गयधा हह रजसकके व्यवसधाय कके कधालम क 4 मम स्वयवं कको गपृभहणቌኍ हकोनधा कहधा गयधा हह तरधा ्ቚधारररयधा स्वቌኍकपृत रूप सके गदवंगቌኍ बिहरቌኍ मभहलधा हह यह उलकेखनቌኍय हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा अपनቌኍ आपरቈኌ मम भቌኍ ऐसधा ककोई करन नहीሻ भकयधा गयधा हह भक ्ቚधारररयधा ककी आय कधा ककोई सधाधन हह और वह स्वयवं अपनधा भरण-प 1-पकोषण करनके मम समरर हह। इस ्ቚकधार प्ቔधावलቌኍ पर यह सधाभबित हह भक ्ቚधारररयधा ककी आय कधा ककोई सधाधन नहीሻ हह और वह अपनधा भरण -पकोषण करनके मम असमरर हह तदतुनसधार अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-2 ्ቚधारररयधा कके प्ቌ मम और भवप्ቌቌኍ कके भवरू्ቍ भनस्तधाररत भकयधा जधातधा हह भनस्तधारण अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-3 अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-3 इस आशय कधा भवरभचत भकयधा गयधा हह भक क्यधा ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ सके भरण-पकोषण ्ቚधा् करनके ककी अरधकधाररणቌኍ हह ? यभद हधावं, तको भकतनधा ? ्ቚस्ततुत ्ቚकरण मम अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा- 1 व 2 कके भनस्तधारण मम यह पधायधा गयधा हह भक ्ቚधारररयधा यतुभሹኌ-यतुሹኌ कधारण सके भवप्ቌቌኍ सके पपृरक रह रहቌኍ हह और ्ቚधारररयधा स्वयवं अपनधा भरण-पकोषण करनके मम असमरर हह अततः ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ सके भरण -पकोषण पधानके ककी अरधकधाररणቌኍ हह । जहधावं तक इस तथ्य कधा ्ቚश्न हह भक ्ቚधारररयधा भवप्ቌቌኍ सके भकतनधा भरण -पकोषण पधानके ककी अरधकधाररणቌኍ हह इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररयधा दधारधा ्ቚधाररनधाप्ቔ ककी धधार -12 मम यह करन भकयधा गयधा हह भक सरकधारቌኍ कमरचधारቌኍ हकोनके कके नधातके पररवधादቌኍ कको हर 6 मधाह पर माሰहगधाई भቈኌधा तरधा एक सधाल बिधाद तቌኍन ्ቚभतशत वधाभषरक वपृभ्ቍ ककी सतुभवधधा ्ቚधा् हह तरधा उसककी मधारसक आय 25,000/- रूपए वकेतन सके तरधा इसकके अलधावधा बिकेनधामቌኍ मकधान सके लगभग दस हजधार रूपए ्ቚभतमधाह भकरधायके ककी भቌኍ ्ቚधाभ् हको जधातቌኍ हह तरधा पररवधादቌኍ वधाभणज्य कर भवभधाग मम रजस सቌኍट पर कधाम करतधा हह उस सቌኍट ककी आमदनቌኍ लगभग एक लधाख रूपए ्ቚभतमधाह हह लकेभकन इस आमदनቌኍ कधा ्ቚमधाण न दकेकर ककेवल पररसस्रभतजन्य सधाቌኚयोሪ सके अवगत भकयधा जधा सकतधा। इस सवंबिवंध मम ्ቚधारररनቌኍ दधारधा भवप्ቌቌኍ कके वकेतन सके सवंबिवंरधत वकेतन पचर कधागज सवंख्यधा 18 ख / प्ቔधावलቌኍ पर ्ቚस्ततुत ककी गयቌኍ हह रजसकके अवलकोकन सके स्पቖኌ हह भक मधाह अ्ቚहल 2015 मम भवप्ቌ कधा कतुल वकेतन 22,850/- रूपए दभशरत भकयधा गयधा हह तरधा 2,000/- रूपए जቌኍ०पቌኍ०एफ० 100 /- रूपए जቌኍ०आई०एस० ककी कटमौतቌኍ कके उपरधान्त भवप्ቌቌኍ कधा कतुल वकेतन 20,750 / ्ቚभतमधाह दभशरत भकयधा गयधा हह। ्ቚधारररयधा ककी ओर सके भवप्ቌቌኍ ककी मधाह फरवरቌኍ 2022 कके वकेतन पचर ककी फकोटको ्ቚभत कधागज सवंख्यधा 55 ख / 1 प्ቔधावलቌኍ पर ्ቚस्ततुत ककी गयቌኍ हह रजसकके अवलकोकन सके स्पቖኌ हह भक भवप्ቌቌኍ कधा मधाह फरवरቌኍ 2022 मम कतुल वकेतन 50,369/- रूपए हह तरधा कटमौतቌኍ 13,100/- रूपए दभशरत ककी गयቌኍ हह तरधा भवप्ቌቌኍ कको कटमौतቌኍ कके उपरधान्त भमलनके वकेतन 37.209/- रूपए ्ቚभतमधाह दभशरत भकयधा गयधा हह। ्ቚधारररयधा दधारधा भवप्ቌቌኍ ककी बिकेनधामቌኍ सवंपभत सके सवंबिवंरधत आय अरवधा अन्य आय कके सवंबिवंध मम ककोई दस्तधावकेजቌኍ सधाቌኚय प्ቔधावलቌኍ पर ्ቚस्ततुत नह भकयधा गयधा हह । उሹኌ पररसस्रभत मम ्ቚधारररयधा कधा यह करन भक भवप्ቌቌኍ ककी 1,00,000/- रूपधा ्ቚभतमधाह आय हह भवश्वधास भकयके जधानके यकोग्य नहीሻ हह । यह उलकेखनቌኍय हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा मधाननቌኍय उच्चतम न्यधायधालय ककी भवरध व्यवस्रधा भकभमनल अपቌኍल सवंख्यधा 730 / 2020 (Arising out of SLP (Crl.) No. 9503of 2011) रजनቌኍश बिनधाम नकेहधा एववं अन्य मम पधाररत भनणरय भदनधावंभकत 04.11.2020 कके अनतुपधालन मम शपरप कधागज सवंख्यधा-63 ख ्ቚस्ततुत भकयधा गयधा हह रजसकके पहरधा चधार कके खण्ड-ग मम आर्ቦत पररजन कके भववरण मम अपनके भपतधा ्ቦቌኍ पधारसनधार उपधाध्यधाय आयतु 80 वषर कको स्वयवं पर आर्ቦत हको दभशरत भकयधा गयधा हह । इसकके अभतररሹኌ भवप्ቌቌኍ दधारधा मकधान कके भकरधायके कके रूप 6,000/- पए ्ቚभतमधाह एववं इलधाज कके व्यय कके सवंबिवंध मम 5,000/- रूपए व्यय भकयधा जधानधा क गयधा हह । यह उलकेखቌኍय हह भक भवप्ቌቌኍ दधारधा इलधाज कके सवंबिवंध मम जको दस्तधावकोजቌኍ सधाቌኚय प्ቔधादधा पर ्ቚस्ततुत भकयधा गयधा हह उससके यह सधाभबित नहीሻ हह भक भवप्ቌቌኍ ्ቚभतमधाह अपनके इलधाज 5,000 /- रूपए ्ቚभतमधाह खचर कर रहधा हह। यह उलकेखनቌኍय हह भक ्ቚधारररयधा दधारधा ्ቚधाररनधा ककी धधारधा 5 मम यह करन भकयधा हह भक ्ቚधारररयधा कको पहलቌኍ पतु्ቔቌኍ दቌኍपधा वषर 1990 मम, ददसरቌኍ पतु भ्ቚयवंकधा वषर 1992 मम, तቌኍसरቌኍ पतु्ቔቌኍ ्ቚजधावं वषर 1994 मम उत्प्ቐ हहई हह। इस ्ቚकधार ्ቚधाररनधार ्ቚस्ततुत करतके समय ्ቚधारररयधा ककी तቌኍनोሪ पतुभ्ቔयोሪ वयस्क रहቌኍ हह। ्ቚधारररयधा दधारधा मधाननቌኍय उच्च न्यधायधालय ककी भवरध व्यवस्रधा कके अनतुपधालन मम ्ቚस्ततुत शपरप्ቔ 58 ख / 1 ककी धधारधा 4 ग आर्ቦत पररजनोሪ कके भववरण मम भकसቌኍ पररजन कको दभशरत नहीሻ भकयधा गयधा हह । अततः वधाद । सवंपदणर तथ्योሪ एववं पररसस्रभतयोሪ कको दृभቖኌगत रखतके हहए मकेरके भवचधार सके ्ቚधारररयधा कको ्ቚधाररनधा ्ቚस्ततुत करनके ककी भतरर अरधारत 31.10.2014 सके भनणरय ककी भतरर तक भरण-पकोषण कके रू 7,000/- (सधात हजधार रूपए) ्ቚभतमधाह एववं भनणरय ककी भतरर सके ्ቚधारररयधा कको 12,000/- (बिधारह हजधार रूपए) ्ቚभतमधाह भदलधायधा जधानधा भवरध सम्मत हह। तदनतुसधार अवधधायर भबिन्दतु सवंख्यधा-3 ्ቚधारररयधा कके प्ቌ मम एववं भवप्ቌቌኍ कके भनस्तधाररत भकयधा जधातधा हह । ्ቚधारररयधा कधा भरण-पकोषण ्ቚधाररनधाप्ቔ अन्तगरत धधारधा 125 दण्ड ्ቚभቅኌयधा सवंभहतधा स्वቌኍकधार भकयधा जधातधा हह। भवप्ቌቌኍ श्यधामसतुन्दर उपधाध्यधाय कको आदकेभशत भकयधा जधातधा हह भक यह ्ቚधारररयधा दधारधा ्ቚधाररनधाप्ቔ ्ቚस्ततुत करनके ककी भतरर 31.10.2014 सके भनणरय ककी भतरर तक ्ቚधारररयधा ्ቦቌኍमतቌኍ भगरቌኍशधा उपधाध्यधाय कको 7,000/-(सधात हजधार रूपए) ्ቚभतमधाह भरण-पकोषण कके रूप मम एववं भनणरय ककी भतरर सके ्ቚधारररयधा ्ቦቌኍमतቌኍ भगरቌኍशधा उपधाध्यधाय कको 12,000/- (बिधारह हजधार रूपए) ्ቚभतमधाह भरण-पकोषण कके रूप मम अदधा करकेगधा। भरण -पकोषण ककी धनरधाभश ्ቚत्यकेक मधाह ककी दस तधारቌኍख तक भवप्ቌቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा कको अदधा ककी जधाएगቌኍ। यभद भकसቌኍ अन्य बिधाद मम उपरकोሹኌ अवरध कके दमौरधान भवप्ቌቌኍ दधारधा ्ቚधारररयधा कको ककोई भरण- पकोषण ककी धनरधाभश अदधा ककी गई हह तको उसकधा समधायकोजन इस आदकेश दधारधा भनधधारररत ककी गई भरण-पकोषण ककी रधाभश मम भकयधा जधाएगधा।" On due consideration to the submissions advanced by learned counsel for the parties, perusal of the judgment and order passed by learned trail court, I do not find any illegality in the order impugned. I am of the considered opinion that the trial court has rightly awarded Rs.12,000/- per month maintenance amount and looking to the monthly income of the applicant it cannot be reduced. The petition is devoid of merit and it is accordingly dismissed. Order Date :- 22.11.2022 Atul Digitally signed by ATUL KUMAR SRIVASTAVA Date: 2022.11.23 16:35:06 IST Reason: Location: High Court of Judicature at Allahabad