✦ High Court of India · 19 Aug 2025

Patti Kalan, Tehsil Bamanwas, District Sawai Madhopur v. Ramkhiladi S/o Prabhatya, Resident Of Bamanwas Patti Kalan

Case Details High Court of India · 19 Aug 2025
Court
High Court of India
Decided
19 Aug 2025
Bench
Not available
Length
1,493 words

: Mr. Rahul Sharma For Respondent(s) : HON'BLE MR. JUSTICE SAMEER JAIN Judgment 19/08/2025 By way of present petition, challenge is made to impugned order dated 25.07.2019, passed in revision petition No. 19/2019 filed against the order dated 17.01.2019 whereby the debt recovery application was allowed and order directing to pay Rs. 61,500/- along with 9% interest per annum was set aside. Upon perusal of the impugned order dated 25.07.2019, this Court is of the opinion that learned trial Court recorded the evidences, considered the issue qua limitation and considered the provisions of Section 18 of the Indian Evidence Act after detailed analysis and thereafter gave a finding that claim was not tenable [2025:RJ-JP:32390] (2 of 4) [CW-15349/2019] and therefore has taken a contra view. Relevant extract of the impugned order is reproduced herein below:- आया ्ቚाቕኍ(cid:6) के पिक उसके ्ቛारा को 63,860/- ए बही (Account book) पि(cid:10)ता ्ቛारा अ्ቚाቕኍ(cid:6) से 50.000/- रू(cid:10)ये उधार पि(cid:10)ता ्ቛारा चुकाये (cid:21)ाने के (cid:10)्ቐात् भी अ्ቚाቕኍ(cid:6) ्ቛारा रू(cid:10)ये और पिनका(cid:19) कर उस (cid:10)र ्ቛा(cid:21) दर ्ቛा(cid:21) (cid:21)ोड कर रू(cid:10)ये की मांग कर रहे हैं। (cid:21)ो नहीं पिनक(cid:19)ते हैं। इस कारण “14. पि(cid:19)ये। पि(cid:21)से उसके 63.860/- 1.50,000/- ्ቚाቕኍ(cid:6) उ(cid:10)रो्ሹ रापि* बाबत ऋण पिनधा-रण करवाने का हकदार है? (cid:10)्ቔाव(cid:19)ी (cid:10)र उ(cid:10)(cid:19)्ቓ साኚ᭻ एवं उभय (cid:10)्ቌ की ओर से पिकये गये 15. (cid:10)र पिवचार पिकया (cid:21)ावे तो ए.ड. 1 तक6 के (cid:10)रिर्ቚेኚ᭻ में पिववा्ቕक सं्ቅा 1 में अ(cid:10)ने ह्ቜा्ቌर रामखि<(cid:19)ाडी ने ्ቚद*- 1 पिक पिदनांक होना ्ቭीकार पिकया है और यह भी ्ቭीकार पिकया है रू(cid:10)ये का <ाता उसके नाम पि(cid:19)<ा गया 28.06.2012 पि(cid:19)ये गये ऋण ቕኍा। यह भी ्ቭीकार पिकया गया है रू(cid:10)ये के बाबत कोई डीआरए (cid:10)े* नहीं की है। यह भी 63,500/- ्ቭीकार पिकया है पिक उसके (cid:10)ास साढे नौ बीघा कृ पिD भूपिम है। एन.ए.ड.-1 पिक पिदनांक चेतराम ने इस खिFपित को अ(cid:10)नी साኚ᭻ से ्ቢ्ቖ पिकया है ्ቚा्቎ पिकये गये को ्ቭयं पिनगरानीकता- के ्ቛारा 63,500/- 29.06.2012 ቕኍे और उ्ሹ ऋण रापि* ्ቚा्቎ करने के अ(cid:10)ने ह्ቜा्ቌर ए से बी (cid:21)गह (cid:10)र पिकये ቕኍे। इनको ्ቭयं पिनगरानीकता- ने ्ቭीकार भी पिकया है। उ्ሹ <ाता के दार (cid:19)ा(cid:19) के ्ቛारा पि(cid:19)<ा गया ቕኍा। यह भी एक ्ቭीकृ त त्ቔ है पिक पि(cid:10)ता के ्ቛारा तቕኍाकपिቕኍत रू(cid:10) से पि(cid:19)ये गये 50,000/- पिनगरानीकता- के रू(cid:10)ये ऋण रापि* के बाबत कोई भी द्ቜावे(cid:21) पिनगरानीकता- की ओर से पिनगरानीकता- का कቕኍन रहा है पिक 50,000/- (cid:10)े* नहीं हुए हैं बखिL गैर- पि(cid:10)ता ने ्ቚा्቎ नहीं की है। वहीं रू(cid:10)ये की कोई ऋण रापि* पिनगरानीकता- के ए (cid:10)र दू सरी ओर ए.ड. 1 रू(cid:10)ये की ऋण रापि* का <ाता अ(cid:10)ने नाम से ्ቭीकार पिकया 63,500/- है और ्ቭयं के ह्ቜा्ቌर भी ्ቭीकार पिकये हैं। अतः यह ्ቢ्ቖ हो (cid:21)ाता है पिक पिनगरानीकता- के पि(cid:10)ता ्ቛ ाारा कोई ऋण रापि* 50,000/- रू(cid:10)ये ्ቚा्቎ नहीं की गई बखिL ्ቭयं पिनगरानीकता- के ्ቛारा 63,500/- रू(cid:10)ये की रापि* गैरपिनगरानीकता-गण से ्ቚा्቎ की ቕኍी। अतः इस स्ቚ्቏ में पिव्ቛान कृ पिD ऋण पिनवारण ्቗ायाधी* के ्ቛारा (cid:10)ारिरत आ्ቌेपि(cid:10)त पिनण-य में इस हद तक पिकसी ्ቚकार की कोई पिवपिधक या त्ቔा्ቒक ्ቔुपिT नहीं है। पिक पिनगरानीकता- के 16. पिव्ቛान अपिधव्ሹा ने ऋण रापि* समय बापिधत होने का पिब्቎दु कृ पिD ऋण पिनवारण ्቗ायाधी* के सम्ቌ भी उठाया ቕኍा (cid:19)ेपिकन पिनण-य के अव(cid:19)ोकन से ्ቚकT होता है पिक इस (cid:10)र कोई पिववेचन नहीं पिकया गया है। इस ्቗े(cid:21) (cid:10)र भी ऋण रापि* पिमयाद बाहर होने का पिब्቎दु उठाया गया है और उनका कहना है पिक ऋण रापि* पिमयाद बाहर होने का पिब्቎दु पिकसी भी ्቗े(cid:21) (cid:10)र (cid:21)ताया (cid:21)ा सकता है। ्ቚद*- 1 ए (cid:10)र पिदनांक 08.04.2015 व उ्ሹ मू(cid:19) रापि* 17.05.2015 रू(cid:10)ये के (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT के स्ቚ्቏ में पिनगरानीकता- के ्ቛारा (cid:21)मा 63,500/- करवाये (cid:21)ाने का कቕኍन गैरपिनगरानीकता- के पिव्ቛान अपिधव्ሹा ने पिकया है पिक (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT (cid:10)र उ्ሹ तारी<ों में (cid:19)ेपिकन यह एक ्ቭीकृ त त्ቔ है स्ቓ्ቚका* व एन.ए.ड. पिनगराबरीकता- के ह्ቜा्ቌर नहीं है। एन.ए.डी. 2 (cid:10)्ቔाव(cid:19)ी के अव(cid:19)ोकन से ्ቚकT होता है पिनगरानीकता- रामखि<(cid:19)ाडी ने ्ቚद*- 1 को एक एक ह(cid:21)ार रू(cid:10)ये की रापि*, [2025:RJ-JP:32390] (3 of 4) [CW-15349/2019] दामू पि(cid:21)्ቡोंनने अ(cid:10)ने ह्ቜ(cid:19)े< में उ्ሹ (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT के स्ቚ्቏ में इबारत उ्ቡोंनने अ(cid:10)ने <ुद के ही ह्ቜा्ቌर इस इबारत (cid:10)र करना पिक रामखि<(cid:19)ाडी के सम्ቌ यह (cid:19)ेपिकन यह 3 पि(cid:19)<ी है, बत(cid:19)ाया है। हा(cid:19)ांपिक उनका कहना है ह्ቜा्ቌर पिकये ቕኍे और रामखि<(cid:19)ाडी ने (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT पिकया ቕኍा, ्ቭीकृ त त्ቔ है पिक इन (cid:10)र रामखि<(cid:19)ाडी के ह्ቜा्ቌर नहीं है। ्቗ापियक दृ्ቖा्ቌ Jamnadas V. Panchayat Samiti, 17. में ्ቚपित(cid:10)ापिदत पिस्ቍा्ቌ के Sriganganagar, 1977 WLN (UC) 476 अनुसार यपिद कोई ऋण पिमयाद बाहर हो चुका है तो वह ऋण नहीं माना की धारा 18 (1), (2) व (cid:21)ा सकता। पिमयाद अपिधपिनयम, 963 ्ቢ्ቖीकरण बी पिन्ቖपि(cid:19)खि<त ्ቚावधान करती है-

18. Effect of acknowledgment in writing (1) Where, before the expiration of the prescribed period for a suit or application in respect of any property or right, an acknowledgment of liability in respect of such property or right has been made in writing signed by the party against whom such property or right is claimed, or by any person through whom he derives his title or liability, a fresh period of limitation shall be computed from the time when the acknowledgment was so signed. (2) Where the writing containing the acknowledgment is undated, oral evidence may be given of the time when it was signed; but subject to the provisions of the India Evidence Act, 1872, oral evidence of its contents shall not be received. Explanation- For the purposes of this section - a............ (b) the work "signed" means signed either personally or by an agent duly authorized in this behalf and c............. स्ቓ्ቚका* व एन.ए.ड. 2 उ्ሹ पिवपिधक ्ቚावधानों के अव(cid:19)ोकन से यह ्ቚकT होता है पिक (cid:10)ाT- 18. (cid:10)ैमेंT (cid:10)र पिनगरानीकता- के ह्ቜा्ቌर नहीं है। अतः यह नहीं माना (cid:21)ा सकता पिक उ्ሹ ऋण रापि* का कोई (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT पिनगरानीकता- के ्ቛारा पिकया गया हो। एन.ए.ड. 1 दामू को अ(cid:10)ने (cid:10)ाT- (cid:10)ैमेंT (cid:10)र ह्ቜा्ቌर करने हेतु अपिभकता- पिनयु्ሹ पिकये (cid:21)ाने का ना तो गैरपिनगरानीकता- का कቕኍन रहा है और ना ही पिनगरानीकता- का कቕኍन रहा है। अतः यह अपिभ्ቭीकृ पित वैध नहीं मानी (cid:21)ा सकती है। इन (cid:10)रिरखिFपितयों में पिव्ቛान कृ पिD ऋण पिनवारण ्቗ाया(cid:19)य को चापिहए ቕኍा पिक वह इस त्ቔ एवं पिवपिधक पिब्቎दु (cid:10)र पिवचार करता (cid:19)ेपिकन पिव्ቛान कृ पिD ऋण पिनवारण ्቗ायाधी* ने इस पिब्቎दु (cid:10)र कोई पिवचार अ(cid:10)ने आ्ቌेपि(cid:10)त पिनण-य में नहीं पिकया है। ऋण रापि* को वसू(cid:19)ने के पि(cid:19)ए तीन वD- के अ्቎र यापिचका (cid:10)े* करनी चापिहए ቕኍी (cid:19)ेपिकन यह यापिचका काउ्ቇर ्ቇेम के रू(cid:10) में ्ቭीकृ त पिव्ቛान अपिधव्ሹा का रू(cid:10) से तीन वD- से बाहर है। गैरपिनगरानीकता- के पि(cid:19)ए (cid:10)े* यह कቕኍन पिक पिनगरानीकता- ने ्ቭयं यापिचका ऋण पिनधा-रण के की है और उसने यह भी ्ቭीकार पिकया है पिक कोई बकाया पिनक(cid:19)ता है पि(cid:19)ए तैयार है। अतः ऋण रापि* समय से तो वादी पिक्ቚों में अदा करने के [2025:RJ-JP:32390] (4 of 4) [CW-15349/2019] बापिधत नहीं मानी (cid:21)ा सकती। इस स्ቚ्቏ में उ्ሹ ्቗ापियक दृ्ቖा्ቌ (cid:21)ो पिव्ቛान अपिधव्ሹा पिनगरानीकता- की ओर से (cid:10)े* पिकया गया है, उससे ्ቢ्ቖ है पिक ऋण रापि* का ता्቎य- ऐसी ऋण रापि* से है पि(cid:21)सकी वसू(cid:19)ी की (cid:21)ा सकती हो और समय से बापिधत नहीं हो, (cid:19)ेपिकन ह्ቜगत ्ቚकरण में वसू(cid:19)ी समय से बापिधत हो चुकी है। अतः कोई भी ऋण रापि* बकाया होना नहीं माना (cid:21)ा सकता। इन (cid:10)रिरखिFपितयों में यह ्ቢ्ቖ है पिक ऋण रापि* समय बापिधत हो चुकी है। ' पिववा्ቕक सं्ቅा- 2 अनुतोD. यह पिववा्ቕक अनुतोD से स्ቚखि्቏त है। पिववा्ቕक सं्ቅा 1 में 19. हा(cid:19)ांपिक गैरपिनगरानीकता-गण की ऋण रापि* 63,860/- रू(cid:10)ये (cid:19)ेपिकन यह भी ्ቢ्ቖ है पिक उ्ሹ ऋण पिनगरानीकता- की ओर बकाया है, रापि* समय बापिधत हो चुकी है, पि(cid:21)सकी वसू(cid:19)ी कृ पिD ऋण पिनवारण अपिधपिनयम के तहत पिकये (cid:21)ाने का कोई भी अपिधकार गैरपिनगरानीकता-गण को नहीं है। चू ंपिक पिनगरानीकता- के काउ्ቇर ्ቇेम अवपिध बापिधत होने क अपिभवचन (cid:10)र इस ्቗ाया(cid:19)य ्ቛारा पिवचार कर पि(cid:19)या गया है। ऐसी खिFपिव में पिगनरानीकता- की यह ्ቚाቕኍ-ना पिक माम(cid:19)े में पिमयाद बाहर होने क पिववा्ቕक पिवरपिचत कर (cid:10)ुनः सुनवाई हेतु अधीनF ्቗ाया(cid:19)य को ्ቚपित्ቚेपिDन पिकया (cid:21)ावे, ्ቭीकार पिकये (cid:21)ाने यो्ቆ नहीं है। अतः इन (cid:10)रिरखिFपितयों पिनगरानी उ(cid:10)रो्ሹ पिववेचनानुसार आंपि*क रू(cid:10) से ्ቭीकार पिकये (cid:21)ाने यो्ቆ है और आ्ቌेपि(cid:10)त पिनण-य व पिडकी अ(cid:10)ा्ቜ पिकये (cid:21)ाने यो्ቆ है। 20. ” ्ቚ्ቜुत पिनगरानी आंपि*क रू(cid:10) से ्ቭीकार पिकये (cid:21)ाने यो्ቆ (cid:10)ाई (cid:21)ाती है। अतः उ्ሹ स्ቘूण- पिववेचन के (cid:10)रिर्ቚेኚ᭻ में ्ቚाቕኍ(cid:6)- साय(cid:19) की ओर से In light of the aforementioned, this Court finds no reason to interfere in the instant matter. Accordingly, the present petition is dismissed. All pending application also stand disposed of. (SAMEER JAIN),J Pooja /28

This is the original judgment text as indexed from the source corpus. Always verify against the official court record before relying on it in a filing — you can do so on eCourts or the Supreme Court of India website. ← Search more judgments