✦ High Court of India · 17 Jan 2009

High Court · 2009

Case Details High Court of India · 17 Jan 2009
Court
High Court of India
Decided
17 Jan 2009
Bench
Not available
Length
1,145 words

Section 20- Only a prima facie right, that too conditional, had been conferred upon the holder of the negotiable instrument- Request of the appellant for referring the cheque to Forensic examination was bona fide." उनका यह भी तकर् है िक िवचारण न् यायालय (cid:430)ारा पािरत (5) आदेश तथ् य, अिभलेख पर उपलब् ध साममी एवं िविध िवरू(cid:424) होने के कारण िनरः तनीय है। (6) सुयोग् य लोक अिभयोजक ने िव(cid:430)ान अिधवक् ता ूाथ(cid:568) (cid:430)ारा 5 ूः तुत तक(cid:607) का घोर िवरोध करते हए तकर् िदया िक आ्षेिपत आदेश में ऐसी कोई िविधक सारभूत ऽुिट पिरलि्षत नहीं होती िजससे िक आ्षेिपत आदेश के सम् बन् ध में पुनरी्षण यािचका में हः त्षेप िकया जा सके । (7) उभय प्ष के िव(cid:430)ान अिधवक् तागण (cid:430)ारा ूः तुत परः पर िवरोधी तक(cid:607) को ध् यान पूवर्क सुना गया तथा अिभलेख का गहनता पूवर्क परी्षण िकया गया। (8) उभय प्ष के िव(cid:430)ान अिधवक् तागण की बहस सुनने, अिभलेख का आ(cid:429)ोपांत अनुशीलन एवं मेरे सम्ष ूः तुत िविनँ चयों के अवलोकन के उपरान् त, ूकरण के तथ् य एवं पिरिः थितयों में मैं ूकरण को पुन: नये िसरे से िवचारण हेतु िवचारण न् यायालय को ूित-ूेिषत िकया जाना उिचत समझता हं।ू (9) पिरणामत: यह दािण् डक पुनरी्षण यािचका ः वीकार की जाती है। अितिरक् त िसिवल न् यायाधीश (क.ख.) एवं न् याियक मिजः शेट बम-22, जयपुर नगर, जयपुर (cid:430)ारा पािरत िनणर्य िदनांक- 17.9.2008 अपाः त िकया जाता है तथा ूकरण इस िनद(cid:566)श के साथ अितिरक् त िसिवल न् यायाधीश (क.ख.) एवं न् याियक मिजः शेट बम-22, जयपुर नगर, जयपुर को ूित-ूेिषत िकया जाता है िक वह ूकरण में प्षकारों को सुनवाई , इस आदेश की स(cid:215) य ूितिलिप ूा(cid:220) त होने से का अवसर देते हएु पन् िह िदन के भीतर-भीतर, उक् त संदिभर्त न् याियक दृं टान् तों में , पुन: नये िसरे से ूितपािदत अिभमतों को मध् य नजर रखते हएु िविध अनुसार आदेश पािरत करेगा। (न् या. महेश चन् ि शमार्) एमसीएस. ु

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