✦ High Court of India

High Court

Case Details High Court of India
Court
High Court of India
Bench
Not available
Length
1,111 words

1. Heard learned counsel for the petitioners, learned A.G.A. for the State and learned counsel appearing for the private respondent.

2. This writ petition has been filed for quashing of the first information report dated 18.12.2024, registered as Case Crime No.359 of 2024, under Sections 85, 115(2), 352 & 351 (2) of B.N.S. and Section 3/4 D.P. Act, Police Station-Koraon, District- Prayagraj.

3. Due to matrimonial dispute, respondent no.4 had lodged an FIR and for quashing of it, the petitioners had filed the instant writ petition. The matter was remitted to the Mediation Centre of the Allahabad High Court by an order dated 17.1.2025, wherein the parties had settled the matter. The settlement agreement has been forwarded by the Mediation Centre to this Court. From paragraphs 7 and 8, it is clear that parties have settled their disputes. Paragraphs 7 & 8 of the settlement agreement are being reproduced here as under: "7. अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके अननुसरिण मम आज ददिनताअंक 13.05.2025 कको पक्षकतारिरों कके मध्य मम दनम्नललिलखित समझझौतता सम्पन्न हहआ हह:- क. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.4.2025 कके प्रस्तरि 7 (b) कके अननुसतारि, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) नके न्यतायतालिय प्रधतान पताररिवताररिक न्यतायताधशश, इलिताहताबतादि कके समक्ष दहअंदिनू दववताह अलधदनयम ककी धतारिता 13 कके अन्तरर्मात वहवतादहक वतादि सअं. 2613/2024 (दिशपक वमतार्मा बनतान शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा) मम वपसश हकेतनु प्रतारर्मानता पत्र दितालखिलि दकयता रता लजसमम ददिनताअंक 10.05.2025 कको आदिकेश पररित हको रयता हह। पक्षकतारि उपरिकोक प्रतारर्मानता पत्र एवअं आदिकेश ददिनताअंक 10.05.2025 दक प्रमतादणत प्रदत मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरम। खि. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7 (a & c) कके अननुसतारि, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) एवअं शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) नके यह दनणर्माय ललियता रता, दक वके अलिर-अलिर रिहनता चिताहतके हह एवअं दववताह दवच्छकेदि करिनता चिताहतके हह तरता दिकोनरों पक्ष आपसश सहमदत सके न्यतायतालिय प्रधतान न्यतायताधशश, इलिताहताबतादि कके समक्ष दहन्दिनू दववताह अलधदनयम दक धतारिता 13-बश कके अन्तरर्मात एक सअंयनुक दववताह दवच्छकेदि यतादचिकता (वहवतादहक वतादि सअं. 738/2025) दितालखिलि दकयता रता। उपरिकोक दववताह दवच्छकेदि यतादचिकता ककी प्रमतादणत प्रदत पक्षकतारि मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरम। र. यह दक अअंतररिम समझझौतता कके प्रस्तरि 7(d) कके अननुसतारि पक्षकतारिरों कके मध्य यह समझझौतता हहआ रता, दक, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) अपनश पत्नश-प्रदतवताददिनश सअं. 4 (शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा) कको एकमनुश्त धनरितादश र . 6,00,000/- (र. छछः लिताखि मतात्र), लजसमम पत्नश कता स्रतायश रनुजतारिता भतता, सशधन, भरिण-पकोषण एवअं अन्य सभश दवतशय दितावके शतादमलि हह , शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) दडिमताण्डि डिड ताफ्ट कके जररियके शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको अदिता करिमरके तरता एकमनुश्त तय धनरितादश प्रताप्त हको जतानके कके पश्चितातत् पत्नश दकसश भश अलधदनयम कके तहत भदवष्य मम दकसश भश प्रकतारि कता रनुजतारिता भतता भरिण -पकोषण कके ललिए हकदितारि नहहीं हकोरश न हश भदवष्य मम यतादचिकताकततार्मा सअं . 1-पदत एवअं उनकके पररिवतारिजनको ककी सम्पदत मम ककोई दितावता करिमरश। घ. यह दक अअंतररिम समझझौतता कके अननुसतारि ददिनताअंक 15.04.2025 कको शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) ननॅ र. 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र) कता एक दडिमताण्डि डिड ताफ्ट सअं. 012283 ददिनताअंक 11.04.2025 यनूकको बहक कके दतारिता प्रदतवताददिनश सअं .4-पत्नश (Ms Supriya Varma) कके नताम जतारिश दकयता रयता रता, मध्यस्रतता कके न्द्र मम प्रस्तनुत दकयता रता तरता पक्षकतारिरों ककी सहमदत सके पत्रतावलिश मम रिखिता रयता रता , लजसके आज ददिनताअंक 13-05- 2025 कको शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको ससौंप ददियता (प्रदतवताददिनश सअं . 4-पत्नश) रयता हह , लजसककी प्रतादप्त शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा दशवतानश वमतार्मा सनुदनशश्चित करितश हह। ङ. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7(f) कके अननुसतारि आज शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) नके र. 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र) कता एक अन्य दडिमताण्डि डिड ताफ्ट सअं. 012286 ददिनताअंक 23.04.2025 यनूकको बहक कके दतारिता प्रदतवताददिनश सअं .4-पत्नश (Ms Supriya Varma) कके नताम जतारिश दकयता रयता हह , मध्यस्रतता कके न्द्र मम प्रस्तनुत दकयता, लजसके शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको ससौंप ददियता रयता हह , लजसककी प्रतादप्त शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) सनुदनशश्चित करितश हह। चि. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके पस्तरि 7(g) कके अननुसतारि शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) नके एकमनुश्त भरिण-पकोषण ककी शकेष बकतायता धनरितादश अरतार्मातत् र . 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र ) कको पताररिवताररिक न्यतायतालिय , प्रयताररिताज कके खितातके मम जमता करि ददियता हह। उक बकतायता धनरितादश कता भनुरततान शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं . 4-पत्नश) कको मताननशय पताररिवताररिक न्यतायतालिय , इलिताहताबतादि दतारिता वहवतादहक वतादि सअं . 738/2025 कके अअंदतम दनणर्माय कके समय करि ददियता जतायकेरता। छ. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7(h) कके अननुसतारि, शश नरिकेन्द्र वमतार्मा (यतादचिकताकततार्मा सअं.2) नके न्यतायतालिय अपरि मनुख्य न्यतादयक मलजस्टड केट, कक्ष सअंख्यता- 10, प्रयताररिताज कके समक्ष प्रककीणर्मा प्रतारर्मानता पत्र सअं . 66/XII/2025 (नरिकेन्द्र कनु मतारि बनताम शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा (दशवतानश) एवअं अन्य) मम वतापसश हकेतनु प्रतारर्मानता पत्र दितालखिलि दकयता रता , लजसमम दितालखिलि दिफ्तरि कता आदिकेश पररित हको रयता हह। उपरिकोक ककी प्रमतादणत प्रदत पक्षकतारि मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरके। ज. यह दक दिकोनरों पक्षरों कके मध्य यह भश तय हहआ हह , दक उपरिकोक वतादि कके अदतररिक भश पक्षकतारिरों दतारिता यददि ककोई अन्य वतादि (civil and criminal) एक दिनूसरिके कके लखिलिताफ दितालखिलि दकयके हह, वके उन समस्त वतादिरों /मनुकदिमरों कको सम्बशन्धत न्यतायतालिय मम प्रतारर्मानता पत्र प्रस्तनुत करितके हहए वतापस/समताप्त करिता लिकेरम। झ. यह दक दिकोनरों पक्ष एक दिनूसरिके कके लखिलिताफ, अपनके वहवतादहक सअंबन्धरों सके सअंबशन्धत ककोई नयता वतादि / मनुकदिमता दितालखिलि नहहीं करिकेरम।

8. उपरिकोक समझझौतके कको हस्तताक्षररित करितके हहए वतादिकतारिश यह करन करितके हह दक उपरिकोक Criminal Misc. Writ Petition No. 789 of 2025 मम अब उनकके मध्य मम ककोई दितावता यता मतामाँर शकेष नहहीं हह तरता उनकके मध्य समस्त दववतादि मध्यस्रतता ककी प्रदक्रियता दतारिता स्वकेच्छता-पनूवर्माक हलि हको रयके हह।"

4. In view of the settlement now arrived at between the parties, we are of the view that no further trial of the case etc., is required.

5. Under such circumstances, the writ petition being Criminal Misc. Writ Petition No.789 of 2025 is allowed. The impugned first information report dated 18.12.2024 giving rise to Case Crime No.359 of 2024, under Sections 85, 115(2), 352 & 351 (2) of B.N.S. and Section 3/4 D.P. Act, Police Station-Koraon, District- Prayagraj is quashed. Order Date :- 29.7.2025 Anil

1. Heard learned counsel for the petitioners, learned A.G.A. for the State and learned counsel appearing for the private respondent.

2. This writ petition has been filed for quashing of the first information report dated 18.12.2024, registered as Case Crime No.359 of 2024, under Sections 85, 115(2), 352 & 351 (2) of B.N.S. and Section 3/4 D.P. Act, Police Station-Koraon, District- Prayagraj.

3. Due to matrimonial dispute, respondent no.4 had lodged an FIR and for quashing of it, the petitioners had filed the instant writ petition. The matter was remitted to the Mediation Centre of the Allahabad High Court by an order dated 17.1.2025, wherein the parties had settled the matter. The settlement agreement has been forwarded by the Mediation Centre to this Court. From paragraphs 7 and 8, it is clear that parties have settled their disputes. Paragraphs 7 & 8 of the settlement agreement are being reproduced here as under: "7. अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके अननुसरिण मम आज ददिनताअंक 13.05.2025 कको पक्षकतारिरों कके मध्य मम दनम्नललिलखित समझझौतता सम्पन्न हहआ हह:- क. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.4.2025 कके प्रस्तरि 7 (b) कके अननुसतारि, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) नके न्यतायतालिय प्रधतान पताररिवताररिक न्यतायताधशश, इलिताहताबतादि कके समक्ष दहअंदिनू दववताह अलधदनयम ककी धतारिता 13 कके अन्तरर्मात वहवतादहक वतादि सअं. 2613/2024 (दिशपक वमतार्मा बनतान शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा) मम वपसश हकेतनु प्रतारर्मानता पत्र दितालखिलि दकयता रता लजसमम ददिनताअंक 10.05.2025 कको आदिकेश पररित हको रयता हह। पक्षकतारि उपरिकोक प्रतारर्मानता पत्र एवअं आदिकेश ददिनताअंक 10.05.2025 दक प्रमतादणत प्रदत मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरम। खि. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7 (a & c) कके अननुसतारि, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) एवअं शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) नके यह दनणर्माय ललियता रता, दक वके अलिर-अलिर रिहनता चिताहतके हह एवअं दववताह दवच्छकेदि करिनता चिताहतके हह तरता दिकोनरों पक्ष आपसश सहमदत सके न्यतायतालिय प्रधतान न्यतायताधशश, इलिताहताबतादि कके समक्ष दहन्दिनू दववताह अलधदनयम दक धतारिता 13-बश कके अन्तरर्मात एक सअंयनुक दववताह दवच्छकेदि यतादचिकता (वहवतादहक वतादि सअं. 738/2025) दितालखिलि दकयता रता। उपरिकोक दववताह दवच्छकेदि यतादचिकता ककी प्रमतादणत प्रदत पक्षकतारि मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरम। र. यह दक अअंतररिम समझझौतता कके प्रस्तरि 7(d) कके अननुसतारि पक्षकतारिरों कके मध्य यह समझझौतता हहआ रता, दक, शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) अपनश पत्नश-प्रदतवताददिनश सअं. 4 (शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा) कको एकमनुश्त धनरितादश र . 6,00,000/- (र. छछः लिताखि मतात्र), लजसमम पत्नश कता स्रतायश रनुजतारिता भतता, सशधन, भरिण-पकोषण एवअं अन्य सभश दवतशय दितावके शतादमलि हह , शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) दडिमताण्डि डिड ताफ्ट कके जररियके शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको अदिता करिमरके तरता एकमनुश्त तय धनरितादश प्रताप्त हको जतानके कके पश्चितातत् पत्नश दकसश भश अलधदनयम कके तहत भदवष्य मम दकसश भश प्रकतारि कता रनुजतारिता भतता भरिण -पकोषण कके ललिए हकदितारि नहहीं हकोरश न हश भदवष्य मम यतादचिकताकततार्मा सअं . 1-पदत एवअं उनकके पररिवतारिजनको ककी सम्पदत मम ककोई दितावता करिमरश। घ. यह दक अअंतररिम समझझौतता कके अननुसतारि ददिनताअंक 15.04.2025 कको शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) ननॅ र. 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र) कता एक दडिमताण्डि डिड ताफ्ट सअं. 012283 ददिनताअंक 11.04.2025 यनूकको बहक कके दतारिता प्रदतवताददिनश सअं .4-पत्नश (Ms Supriya Varma) कके नताम जतारिश दकयता रयता रता, मध्यस्रतता कके न्द्र मम प्रस्तनुत दकयता रता तरता पक्षकतारिरों ककी सहमदत सके पत्रतावलिश मम रिखिता रयता रता , लजसके आज ददिनताअंक 13-05- 2025 कको शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको ससौंप ददियता (प्रदतवताददिनश सअं . 4-पत्नश) रयता हह , लजसककी प्रतादप्त शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा दशवतानश वमतार्मा सनुदनशश्चित करितश हह। ङ. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7(f) कके अननुसतारि आज शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं. 1-पदत) नके र. 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र) कता एक अन्य दडिमताण्डि डिड ताफ्ट सअं. 012286 ददिनताअंक 23.04.2025 यनूकको बहक कके दतारिता प्रदतवताददिनश सअं .4-पत्नश (Ms Supriya Varma) कके नताम जतारिश दकयता रयता हह , मध्यस्रतता कके न्द्र मम प्रस्तनुत दकयता, लजसके शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) कको ससौंप ददियता रयता हह , लजसककी प्रतादप्त शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं. 4-पत्नश) सनुदनशश्चित करितश हह। चि. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके पस्तरि 7(g) कके अननुसतारि शश दिशपक वमतार्मा @ सकोननू (यतादचिकताकततार्मा सअं.1-पदत) नके एकमनुश्त भरिण-पकोषण ककी शकेष बकतायता धनरितादश अरतार्मातत् र . 2,00,000/- (र. दिको लिताखि मतात्र ) कको पताररिवताररिक न्यतायतालिय , प्रयताररिताज कके खितातके मम जमता करि ददियता हह। उक बकतायता धनरितादश कता भनुरततान शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा @ दशवतानश वमतार्मा (प्रदतवताददिनश सअं . 4-पत्नश) कको मताननशय पताररिवताररिक न्यतायतालिय , इलिताहताबतादि दतारिता वहवतादहक वतादि सअं . 738/2025 कके अअंदतम दनणर्माय कके समय करि ददियता जतायकेरता। छ. यह दक अअंतररिम समझझौतता ददिनताअंक 15.04.2025 कके प्रस्तरि 7(h) कके अननुसतारि, शश नरिकेन्द्र वमतार्मा (यतादचिकताकततार्मा सअं.2) नके न्यतायतालिय अपरि मनुख्य न्यतादयक मलजस्टड केट, कक्ष सअंख्यता- 10, प्रयताररिताज कके समक्ष प्रककीणर्मा प्रतारर्मानता पत्र सअं . 66/XII/2025 (नरिकेन्द्र कनु मतारि बनताम शशमतश सनुदप्रयता वमतार्मा (दशवतानश) एवअं अन्य) मम वतापसश हकेतनु प्रतारर्मानता पत्र दितालखिलि दकयता रता , लजसमम दितालखिलि दिफ्तरि कता आदिकेश पररित हको रयता हह। उपरिकोक ककी प्रमतादणत प्रदत पक्षकतारि मताननशय उच्चि न्यतायतालिय कके समक्ष अरलिश सनुनवताई कके समय प्रस्तनुत करिमरके। ज. यह दक दिकोनरों पक्षरों कके मध्य यह भश तय हहआ हह , दक उपरिकोक वतादि कके अदतररिक भश पक्षकतारिरों दतारिता यददि ककोई अन्य वतादि (civil and criminal) एक दिनूसरिके कके लखिलिताफ दितालखिलि दकयके हह, वके उन समस्त वतादिरों /मनुकदिमरों कको सम्बशन्धत न्यतायतालिय मम प्रतारर्मानता पत्र प्रस्तनुत करितके हहए वतापस/समताप्त करिता लिकेरम। झ. यह दक दिकोनरों पक्ष एक दिनूसरिके कके लखिलिताफ, अपनके वहवतादहक सअंबन्धरों सके सअंबशन्धत ककोई नयता वतादि / मनुकदिमता दितालखिलि नहहीं करिकेरम।

8. उपरिकोक समझझौतके कको हस्तताक्षररित करितके हहए वतादिकतारिश यह करन करितके हह दक उपरिकोक Criminal Misc. Writ Petition No. 789 of 2025 मम अब उनकके मध्य मम ककोई दितावता यता मतामाँर शकेष नहहीं हह तरता उनकके मध्य समस्त दववतादि मध्यस्रतता ककी प्रदक्रियता दतारिता स्वकेच्छता-पनूवर्माक हलि हको रयके हह।"

4. In view of the settlement now arrived at between the parties, we are of the view that no further trial of the case etc., is required.

5. Under such circumstances, the writ petition being Criminal Misc. Writ Petition No.789 of 2025 is allowed. The impugned first information report dated 18.12.2024 giving rise to Case Crime No.359 of 2024, under Sections 85, 115(2), 352 & 351 (2) of B.N.S. and Section 3/4 D.P. Act, Police Station-Koraon, District- Prayagraj is quashed. Order Date :- 29.7.2025 Anil

This is the original judgment text as indexed from the source corpus. Always verify against the official court record before relying on it in a filing — you can do so on eCourts or the Supreme Court of India website. ← Search more judgments