✦ Allahabad High Court · 02 Apr 2025

Rajendra Singh v. Board Of Revenue & Anr.

WRIT - B No. 985 of 2025MUNIR4 min read

Judgment

Court No. - 49 Case :- WRIT - B No. - 985 of 2025 Petitioner :- Rajendra Singh Respondent :- Board Of Revenue And Another Counsel for Petitioner :- Amar Singh Yadav, Manoj Kumar Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble J.J. Munir,J. In compliance with the order dated 25.03.2025, a report dated 01.04.2025 has been submitted by the Registrar, Board of Revenue, U.P. at Prayagraj, the relevant part whereof reads: मा० उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० न्यायालय के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० आदे उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०श के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कि राजस्व परिषद उ०प्र०क राजस्व परिरषद उ० उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०प्र० उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० , प्रश्नगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० से उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०कण्ड अपील संख्या अपील संख्या-1210/2019, त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०क कृ त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० काय2वाही की तिथि से अब सूचना कि राजस्व परिषद उ०प्र०नम्नवत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० है कि राजस्व परिषद उ०प्र०। राम भवन सिंसह बनाम राजे उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०न्द्र सिंह में दिनांक सिंसह में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कि राजस्व परिषद उ०प्र०दनांक 25.03.2025 प्रयागराज में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कि राजस्व परिषद उ०प्र०वचाराधीन की तिथि से अब तित कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०थि से अब0 से उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० अब कि राजस्व परिषद उ०प्र०नयत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कि राजस्व परिषद उ०प्र०दनांक 25.03.2025

01.04.2025 कृ त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० काय2वाही अतिधवक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ागण के न्यायिक कार्य से विरत होने के कारण अगली सुनवाई हेतु दिनांक के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० न्यातियक काय2 से उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कि राजस्व परिषद उ०प्र०वरत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० होने उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० के उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० कारण के न्यायिक कार्य से विरत होने के कारण अगली सुनवाई हेतु दिनांक अगली सुनवाई हेतु दिनांक हे उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ु कि राजस्व परिषद उ०प्र०दनांक 01.04.2025 उभयपक्ष द्वारा अगले सप्ताह की तिथि चाही गई द्वारा अगले उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० सप्ताह की तिथि से अब तित कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०थि से अब0 चाही गई हेतु दिनांक / कि राजस्व परिषद उ०प्र०नस्त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ारण के न्यायिक कार्य से विरत होने के कारण अगली सुनवाई हेतु दिनांक हे उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ु कि राजस्व परिषद उ०प्र०दनांक 08.04.2025 कि राजस्व परिषद उ०प्र०नयत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०। कि राजस्व परिषद उ०प्र०नयत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० । बार संघ की तरफ से शोक प्रस्ताव। अगली सुनवाई की तिथि से अब त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०रफ से शोक प्रस्ताव। अगली सुनवाई से उपरोक्त आदेश के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र० श के समादर में अवगत कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ोक प्रस्त कराना है कि राजस्व परिषद उ०प्र०ाव। अगली सुनवाई हेतु दिनांक / Now, for the Court to adjourn a case, on account of a strike resolution or a resolution of the Bar to abstain from judicial work on any count, be it condolence or otherwise, is absolutely illegal and a violation of the Supreme Court's command in Ex-Capt.

Harish Uppal v. Union of India and another, (2003) 2 SCC 45, Common Cause, a registered society and others v. Union of India and others, (2006) 9 SCC 295, Krishnakant Tamrakar v. State of Madhya Pradesh, (2018) 17 SCC 27 and District Bar Association, Dehradun through its Secretary v. Ishwar Shandilya and others, (2020) 17 SCC 672. The Member (Judicial) of the Board of Revenue, U.P. at Prayagraj will explain, through a report to be made within a week, under what circumstances he has adjourned cases taking cognizance of resolution of the Bar deciding to abstain from judicial work. Lay as fresh on 11.04.2025. Let this order be communicated to the Member (Judicial) through the Registrar, Board of Revenue, U.P. at Prayagraj by the Registrar (Compliance) within 24 hours. Order Date :- 2.4.2025 Prashant D.

Precedent status how later indexed judgments have treated this case

No known negative treatment found in the Courts & Cases corpus.

This is a result about the indexed corpus, not a finding that the judgment remains good law. Coverage may be incomplete.

Why is this linked?

This is the original judgment text, reproduced from the public court record. Always verify it against the official record before relying on it in a filing — check it on Allahabad High Court or eCourts case status (search case no. WRIT - B No. 985 of 2025). ← Search more judgments