✦ High Court of India

High Court

Case Details High Court of India
Court
High Court of India
Bench
Not available
Length
1,358 words

Order

- "1. The order dated 21.11.2024 passed by the respondent No.5/District Basic Education Officer, Bijnor by which the application of the petitioner for payment of family pension was rejected is under challenge in the present petition.

2. Nobody is present on behalf of the petitioner though Sri B.P. Singh, learned counsel for the respondent No.5 is present.

3. While going through the aforesaid order, the Court is prima facie opinion that the claim for family pension has been rejected by the respondent No.5 only on the basis of the opinion given by the D.G.C. (Civil) Bijnor. Apart from the same, no other reason whatsoever has been assigned by the respondent No.5 in the order impugned.

4. In this view of the matter, the Court is of the opinion that the order passed by the respondent No.5 is without application of mind and the same is liable to be set aside.

5. At this stage, a prayer has been made by learned counsel for the respondents to grant some time to seek Instructions in the matter.

6. Prayer is allowed and two weeks time is granted to seek Instructions in the matter.

7. Put up as fresh on 24.02.2025."

3. Today Sri B.P. Singh, learned counsel respondents no. 3 and 5 states that he has obtained instructions and has himself submitted a copy of the instructions received for perusal of the Court. The instructions so received, is taken on record. The instructions specify several reasons which do not find place in the impugned order. The said instructions are as follows :- "पप्रेषक, जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर। सिप्रेवला मम, शर भभूपप्रेशि पतलाप जसिसिंह, पररषदरय अजधिवकला, मलाननरय उच्च न्यलायलालय, इललाहलाबलाद । पतलासिंककः बप्रेजसिक पमशिन / 11150 /2024-25 शदनलासिंककः 22 फरवरर, 2025 शवषयकः- मलाननरय उच्व न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशवकला सिसिंख्यला 1196/2025 Instructions पप्रेषण करनप्रे शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य मम ( ) कप्रे सिम्बन्धि मम। महयोदय, कक पयला उपयगु रक शवषयक पकरण कला सिसिंदभर ग्रहण करनप्रे कला कष्ट करम , जियो मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य मम ( Instructions पप्रेषण शकयप्रे जिलानप्रे शवषयक हहै। ) उक सिसिंदभर मम सिलानगुरयोधि अवगत करलानला हहै शक मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य कप्रे सिम्बन्धि मम ववॉशछित- Instructions शनम्नवतत् हहै :-

1. शर शिफफीउररहमलान सिप्रेवलाशनवकत्त पधिलान अध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपद शबजिननौर सिप्रे शदनलासिंक 30.06.2006 कयो सिप्रेवलाशनवकजत्त उपरलान्त इसि कलायलारलय सिप्रे शनगरत पर०पर०ओ० सिसिंख्यला BSA BIJ -0611/ /2006 कप्रे दलारला पमशिन पलाप्त करतप्रे हहए शदनलासिंक 01.08.2023 कयो शदवसिंगत हयो गयप्रे। शर शिफफीउररहमलान कफी मकत्यगु कप्रे उपरलान्त स्व०शर शिफफीउररहमलान कफी दभूसिरर पत्नर वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला पलाररवलाररक पमशिन कफी मलासिंग कफी गयर।

2. वलाशदनर दलारला स्व०शर शिफफीउररहमलान सिप्रे शववलाह करनप्रे सिम्बन्धिर कयोई वहैद्य शववलाह करनप्रे सिम्बन्धिर दस्तलावप्रेजि उपलब्धि नहहीं करलायप्रे गयप्रे।

3. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला पस्तगुत शिपथ पत जजिसिमम स्व० शर शिफफीउररहमलान दलारला कहला गयला हहै शक शरमतर शनगहत अनरसि कयो मम शदनलासिंक 20.05.1996 कयो तललाक दप्रे चगुकला हह सिं कला मगुझसिप्रे कयोई तलालगुक वलास्तला नहहीं हहै और न हर उनकफी मगुझ पर कयोई दप्रेनदलारर वलाजजिब हहै। ममनप्रे शरमतर गगुलनलार पगुतर मगु सिंशिर गगुलनलार अहमद मरहहम शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर सिप्रे शवजधिवत शिरह शनकलाह कर जलयला हहै और अब शरमतर गगुलनलार हर मप्रेरर पत्नर कप्रे रूप मम रहतर हहै। शरमतर गगुलनलार मप्रेरर पभूणर रूप सिप्रे पत्नर बन चगुकफी हहै जियो शनयमलानगुसिलार शववलाह हयोनप्रे कला वहैद्य दस्तलावप्रेजि नहहीं हहै।

4. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार कप्रे दलारला शिपथ पत (इकरलार नलामला शववलाह) पस्तगुत शकयला गयला जजिसिमम शदनलासिंक 20.01.1997 कयो कहला गयला हहै शक शर शिफफीउररहमलान पथम पक एवसिं शरमतर गगुल-ए-अनलार वप्रेगम शदतरय पक नप्रे आपसि मम स्वप्रेच्छिला तथला पसिन्नतला पभूवरक मगुसस्लम ररशत ररवलाजि कप्रे अनगुसिलार शनकलाह कर जलयला हहै और दयोननों वहैधिलाशनक व शिरई तनौर पर पशत पत्नर हहै।

5. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला शर शिफफीउररहमलान सिप्रे पहलर पत्नर शरमतर शनगहत अनरसि कप्रे न्यलायलालय दलारला तललाक एवसिं अपनप्रे शनकलाह सिप्रे सिम्बसन्धित कयोई भर अशभलप्रेख उपलब्धि नहहीं करलायप्रे गयप्रे। • अतकः उपरयोक तथयनों कप्रे आधिलार पर वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 खसणण्डित करनप्रे ययोग्य हहै। भवदरय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर। कलायलारलय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर"

4. The order impugned passed by the respondent no. 5 has been enclosed as Annexure No.1 to the writ petition and reads as follows : "कलायलारलय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर पतलासिंक बप्रेजसिक / पमशिन / 2024-25 शदनलासिंक: 21.11.2024 खणण्डि शशिकला अजधिकलारर हल्दनौर जिनपद शबजिननौर शवषयकः स्व० शर शिफफीउररहमलान पधिलानलाध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपदत् शबजिननौर कफी दभूसिरर पत्नर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर -24 शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन पदलान शकयप्रे जिलानप्रे कप्रे सिम्बन्धि मम। उपयगु रक शवषयक अपनप्रे पतलासिंक ख०शशि० /170-71/2024-25 शदनलासिंक 16.

07.2024 कला सिन्दभर ग्रहण करनप्रे कला कष्ट करम , जजिसिकप्रे दलारला स्व० शर शिफफीउररहमलान सिप्रेवलाशनवकत्त पधिलान अध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपद शबजिननौर कफी दभूसिरर पत्नर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर -मनौ० चलाहशिररर बर-24 शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन दप्रेय हहै अथवला नहर सिम्बन्धिर मलागरदशिरन/शदशिला शनदरशि हप्रेतगु अनगुरयोधि शकयला गयला हहै। उपरयोक कप्रे क्रम मम ण्डिर०जिर०सिर० जसिशवल , शबजिननौर सिप्रे शवजधिक रलाय पलाप्त कफी गयर , ण्डिर०जिर०सिर०, जसिशवल शबजिननौर दलारला दर गयर शवजधिक रलाय कप्रे आधिलार पर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर -24, शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन दप्रेय नहर हहै। पकरण मभूल रूप मम वलाशपसि शकयला जिलातला हहै। सिसिंलग्न यथयोपरर। ह०अ०/- (ययोगप्रेन्द्र कगु मलार) जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर पकषलासिंकन बप्रेजसिक /पमशिन/8367-70/2024- 25 शदनलासिंक : उकहै व। पशतजलशप शनम्नलासिंशकत कयो सिभूचनलाथर एसिंव आवश्यक कलायरवलाहर हप्रेतगु पप्रेशषत

1. शशिकला शनदप्रेशिक (बप्रेजसिक), उत्तर पदप्रेशि लखनऊ/पयलागरलाजि ।

2. सिशचव, बप्रेजसिक शशिकला पररषद, उत्तर पदप्रेशि पयलागरलाजि।

3. शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर-24, शबजिननौर। ह०अ०/- जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर"

5. Evident it is from the order dated 21.11.2024 which is impugned in the present writ petition that it has been passed by a statutory authority i.e. the respondent no.5-District Basic Education Officer, Bijnor, without application of mind and relying solely upon a legal opinion obtaining from the D.D.C. (Civil), Bijnor. No reasons whatsoever are ascribed in the impugned order dated 21.11.2024. Under the circumstances, the order impugned of 21.11.2024 cannot be sustained and is hereby quashed.

6. This Court is constrained to observe that the action of the Basic Education Officer, Sri Yogendra Kumar in passing the impugned order dated 21.11.2024, in the manner he has is unacceptable and it amounts to abdicating his authority to pass a reasoned order at the feet of the opinion of the D.D.C. (Civil). Such a state of affairs cannot be countenanced.

7. This petition, is therefore, allowed with cost of Rs.5,000/- that shall be paid by the respondent no.5 to the petitioner within one month.

9. It is however, left open to the competent authority to take a fresh decision on the application of the petitioner after due application of mind strictly in accordance with law. Order Date :- 4.3.2025 Md Faisal (Jayant Banerji, J.)

3. While going through the aforesaid order, the Court is prima facie opinion that the claim for family pension has been rejected by the respondent No.5 only on the basis of the opinion given by the D.G.C. (Civil) Bijnor. Apart from the same, no other reason whatsoever has been assigned by the respondent No.5 in the order impugned.

4. In this view of the matter, the Court is of the opinion that the order passed by the respondent No.5 is without application of mind and the same is liable to be set aside.

5. At this stage, a prayer has been made by learned counsel for the respondents to grant some time to seek Instructions in the matter.

6. Prayer is allowed and two weeks time is granted to seek Instructions in the matter.

7. Put up as fresh on 24.02.2025."

3. Today Sri B.P. Singh, learned counsel respondents no. 3 and 5 states that he has obtained instructions and has himself submitted a copy of the instructions received for perusal of the Court. The instructions so received, is taken on record. The instructions specify several reasons which do not find place in the impugned order. The said instructions are as follows :- "पप्रेषक, जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर। सिप्रेवला मम, शर भभूपप्रेशि पतलाप जसिसिंह, पररषदरय अजधिवकला, मलाननरय उच्च न्यलायलालय, इललाहलाबलाद । पतलासिंककः बप्रेजसिक पमशिन / 11150 /2024-25 शदनलासिंककः 22 फरवरर, 2025 शवषयकः- मलाननरय उच्व न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशवकला सिसिंख्यला 1196/2025 Instructions पप्रेषण करनप्रे शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य मम ( ) कप्रे सिम्बन्धि मम। महयोदय, कक पयला उपयगु रक शवषयक पकरण कला सिसिंदभर ग्रहण करनप्रे कला कष्ट करम , जियो मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य मम ( Instructions पप्रेषण शकयप्रे जिलानप्रे शवषयक हहै। ) उक सिसिंदभर मम सिलानगुरयोधि अवगत करलानला हहै शक मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 शरमतर गगुलनलार बनलाम स्टप्रेट आफ यभू०पर० व 04 अन्य कप्रे सिम्बन्धि मम ववॉशछित- Instructions शनम्नवतत् हहै :-

1. शर शिफफीउररहमलान सिप्रेवलाशनवकत्त पधिलान अध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपद शबजिननौर सिप्रे शदनलासिंक 30.06.2006 कयो सिप्रेवलाशनवकजत्त उपरलान्त इसि कलायलारलय सिप्रे शनगरत पर०पर०ओ० सिसिंख्यला BSA BIJ -0611/ /2006 कप्रे दलारला पमशिन पलाप्त करतप्रे हहए शदनलासिंक 01.08.2023 कयो शदवसिंगत हयो गयप्रे। शर शिफफीउररहमलान कफी मकत्यगु कप्रे उपरलान्त स्व०शर शिफफीउररहमलान कफी दभूसिरर पत्नर वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला पलाररवलाररक पमशिन कफी मलासिंग कफी गयर।

2. वलाशदनर दलारला स्व०शर शिफफीउररहमलान सिप्रे शववलाह करनप्रे सिम्बन्धिर कयोई वहैद्य शववलाह करनप्रे सिम्बन्धिर दस्तलावप्रेजि उपलब्धि नहहीं करलायप्रे गयप्रे।

3. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला पस्तगुत शिपथ पत जजिसिमम स्व० शर शिफफीउररहमलान दलारला कहला गयला हहै शक शरमतर शनगहत अनरसि कयो मम शदनलासिंक 20.05.1996 कयो तललाक दप्रे चगुकला हह सिं कला मगुझसिप्रे कयोई तलालगुक वलास्तला नहहीं हहै और न हर उनकफी मगुझ पर कयोई दप्रेनदलारर वलाजजिब हहै। ममनप्रे शरमतर गगुलनलार पगुतर मगु सिंशिर गगुलनलार अहमद मरहहम शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर सिप्रे शवजधिवत शिरह शनकलाह कर जलयला हहै और अब शरमतर गगुलनलार हर मप्रेरर पत्नर कप्रे रूप मम रहतर हहै। शरमतर गगुलनलार मप्रेरर पभूणर रूप सिप्रे पत्नर बन चगुकफी हहै जियो शनयमलानगुसिलार शववलाह हयोनप्रे कला वहैद्य दस्तलावप्रेजि नहहीं हहै।

4. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार कप्रे दलारला शिपथ पत (इकरलार नलामला शववलाह) पस्तगुत शकयला गयला जजिसिमम शदनलासिंक 20.01.1997 कयो कहला गयला हहै शक शर शिफफीउररहमलान पथम पक एवसिं शरमतर गगुल-ए-अनलार वप्रेगम शदतरय पक नप्रे आपसि मम स्वप्रेच्छिला तथला पसिन्नतला पभूवरक मगुसस्लम ररशत ररवलाजि कप्रे अनगुसिलार शनकलाह कर जलयला हहै और दयोननों वहैधिलाशनक व शिरई तनौर पर पशत पत्नर हहै।

5. वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला शर शिफफीउररहमलान सिप्रे पहलर पत्नर शरमतर शनगहत अनरसि कप्रे न्यलायलालय दलारला तललाक एवसिं अपनप्रे शनकलाह सिप्रे सिम्बसन्धित कयोई भर अशभलप्रेख उपलब्धि नहहीं करलायप्रे गयप्रे। • अतकः उपरयोक तथयनों कप्रे आधिलार पर वलाशदनर शरमतर गगुलनलार दलारला मलाननरय उच्च न्यलायलालय इललाहलाबलाद मम ययोजजित यलाशचकला सिसिंख्यला 1196/2025 खसणण्डित करनप्रे ययोग्य हहै। भवदरय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर। कलायलारलय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर"

4. The order impugned passed by the respondent no. 5 has been enclosed as Annexure No.1 to the writ petition and reads as follows : "कलायलारलय जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर, शबजिननौर पतलासिंक बप्रेजसिक / पमशिन / 2024-25 शदनलासिंक: 21.11.2024 खणण्डि शशिकला अजधिकलारर हल्दनौर जिनपद शबजिननौर शवषयकः स्व० शर शिफफीउररहमलान पधिलानलाध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपदत् शबजिननौर कफी दभूसिरर पत्नर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर -24 शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन पदलान शकयप्रे जिलानप्रे कप्रे सिम्बन्धि मम। उपयगु रक शवषयक अपनप्रे पतलासिंक ख०शशि० /170-71/2024-25 शदनलासिंक 16.

07.2024 कला सिन्दभर ग्रहण करनप्रे कला कष्ट करम , जजिसिकप्रे दलारला स्व० शर शिफफीउररहमलान सिप्रेवलाशनवकत्त पधिलान अध्यलापक पभू०मला०शव० करनपगुर गलावडर शवकलासि शवकलासि कप्रेत हल्दनौर जिनपद शबजिननौर कफी दभूसिरर पत्नर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर -मनौ० चलाहशिररर बर-24 शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन दप्रेय हहै अथवला नहर सिम्बन्धिर मलागरदशिरन/शदशिला शनदरशि हप्रेतगु अनगुरयोधि शकयला गयला हहै। उपरयोक कप्रे क्रम मम ण्डिर०जिर०सिर० जसिशवल , शबजिननौर सिप्रे शवजधिक रलाय पलाप्त कफी गयर , ण्डिर०जिर०सिर०, जसिशवल शबजिननौर दलारला दर गयर शवजधिक रलाय कप्रे आधिलार पर शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर -24, शबजिननौर कयो पलाररवलाररक पमशिन दप्रेय नहर हहै। पकरण मभूल रूप मम वलाशपसि शकयला जिलातला हहै। सिसिंलग्न यथयोपरर। ह०अ०/- (ययोगप्रेन्द्र कगु मलार) जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर पकषलासिंकन बप्रेजसिक /पमशिन/8367-70/2024- 25 शदनलासिंक : उकहै व। पशतजलशप शनम्नलासिंशकत कयो सिभूचनलाथर एसिंव आवश्यक कलायरवलाहर हप्रेतगु पप्रेशषत

1. शशिकला शनदप्रेशिक (बप्रेजसिक), उत्तर पदप्रेशि लखनऊ/पयलागरलाजि ।

2. सिशचव, बप्रेजसिक शशिकला पररषद, उत्तर पदप्रेशि पयलागरलाजि।

3. शरमतर गगुलनलार शनवलासिर मनौ० चलाहशिररर बर-24, शबजिननौर। ह०अ०/- जजिलला बप्रेजसिक शशिकला अजधिकलारर शबजिननौर"

5. Evident it is from the order dated 21.11.2024 which is impugned in the present writ petition that it has been passed by a statutory authority i.e. the respondent no.5-District Basic Education Officer, Bijnor, without application of mind and relying solely upon a legal opinion obtaining from the D.D.C. (Civil), Bijnor. No reasons whatsoever are ascribed in the impugned order dated 21.11.2024. Under the circumstances, the order impugned of 21.11.2024 cannot be sustained and is hereby quashed.

6. This Court is constrained to observe that the action of the Basic Education Officer, Sri Yogendra Kumar in passing the impugned order dated 21.11.2024, in the manner he has is unacceptable and it amounts to abdicating his authority to pass a reasoned order at the feet of the opinion of the D.D.C. (Civil). Such a state of affairs cannot be countenanced.

7. This petition, is therefore, allowed with cost of Rs.5,000/- that shall be paid by the respondent no.5 to the petitioner within one month.

9. It is however, left open to the competent authority to take a fresh decision on the application of the petitioner after due application of mind strictly in accordance with law. Order Date :- 4.3.2025 Md Faisal (Jayant Banerji, J.)

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