State v. Rajkaran), directed the revenue official to correct the mistake in the revenue
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04.11.2024, placed before this Court by Sri Hemant Kumar Pandey, learned State Counsel, is taken on record. The order dated
04.11.2024 passed in the suit instituted under the Code of 2006, is extracted hereinunder:- "प्रस्तुत (cid:13)ाद अन्तग2त (cid:29)ारा-144 उ० प्र० रा० संनिहता-2006 (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह पुत्र रामपाल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ग्राम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी द्वारा नि(cid:13)पक्षीगण गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)(cid:13)ाजिस(cid:7)ी ग्राम सजिEहा परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी जिजला खीरी के नि(cid:13)रूद्ध निद(cid:7)ॉक 14/11/2022 को प्रस्तुत निकया गया। (cid:13)ाद दज2 कर प्रधित(cid:13)ादीगणों को (cid:7)ोनिटस नि(cid:7)ग2त निकये गयें। जो तामील संलग्न पत्रा(cid:13)ली है। (cid:13)ादी के अप(cid:7)े (cid:13)ाद पत्र में उEेख निकया गया है, निक (cid:13)ादी की भूनिम स्तिस्थत ग्राम गफ्फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की गाटा संख्या 170/0.227 हे0, 171/0.340 हे0, 172/0.668 हे0 37/0.769 हे०, 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में प्राथO के कब्जे (cid:13) दखल में है। उक्त भूनिम के पू(cid:13)2 चकबन्दी के गाटा संख्या 185, 186, 187 प्रथम चक(cid:13)न्दी के गाटा है तथा निद्वतीय चकबन्दी के 92, 93, 291, 292 (cid:13) 295 जिज(cid:7)की (cid:7)ई गाटा संख्याए 170/0.227 हे० (cid:13) गाटा संख्या 171/0.340 हे० (cid:13) गाटा संख्या 172/0.668 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 37/0.769 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में दज2 कागजात है जिजस पर (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल चला आ रहा है। उक्त भूनिम के कब्जा (cid:13) दखल के आ(cid:29)ार पर (cid:13)ादी उक्त भूनिम का संक्रमणीय भूनिम(cid:29)र हो गया है और नि(cid:13)पक्षीगणो के स्(cid:13)त्(cid:13) समाप्त हो गये है। (cid:13)त2मा(cid:7) समय में भूनिम नि(cid:13)पक्षीगणो के (cid:7)ाम दज2 कागजात है और नि(cid:13)पक्षीगण (cid:13)ादी की भूनिम पर अ(cid:7)ाधि(cid:29)कार रूप से (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्पन्न करते है इस कारण (cid:13)ादी (cid:13) प्रधित(cid:13)ादीगणो में (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्पन्न होता रहता है इस कारण (cid:13)ादी उक्त भूनिम को राजस्(cid:13) अभिभलेखो में अप(cid:7)े (cid:7)ाम दज2 करा(cid:7)ा चाहता है उक्त भूनिम (cid:13)ादी की पैतृक भूनिम है (cid:13)ादी (cid:13)रासत (cid:13) (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर उक्त भूनिम का उत्तराधि(cid:29)कारी है ए(cid:13)ं (cid:13)त2मा(cid:7) समय में (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल है। चकबन्दी के दौरा(cid:7) भूनिम श्रेणी-4 में दज2 थी, जिजसको चकबन्दी कम2चारिरयो द्वारा खुद2-बुद2 कर निदया गया परन्तु (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल बराबर ब(cid:7)ा रहा। (cid:13)ाद पत्र की (cid:29)ारा-2 में (cid:13)र्णिणत भूनिम का (cid:13)ादी की संक्रमणीय भूनिम(cid:29)र घोनिषत निकये जा(cid:7)े तथा हजा2 मुकदमा निदलाये जाये की याच(cid:7)ा की गयी है। पत्रा(cid:13)ली में प्रधित(cid:13)ादी संख्या 04 सरकार उ०प्र० की ओर से जिजला शासकीय अधि(cid:29)(cid:13)क्ता द्वारा खिलखिखत कथ(cid:7) प्रस्तुत कर मुख्य रूप से कहा गया है निक (cid:13)ादी का (cid:13)ाद (cid:29)ारा-34 भू० राजस्(cid:13) अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 106 पंचायतीराज अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 8 ०सी०पी०सी० (cid:13) (cid:29)ारा-49 चकबन्दी अधि(cid:29)नि(cid:7)यम से बाधि(cid:29)त है। (cid:13)ादी का नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर कोई कब्जा (cid:7)ही है (cid:13)ादी के कोई स्(cid:13)त्(cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम में उत्पन्न (cid:7)ही हुये है नि(cid:13)(cid:13)ानिदत 4 आराजी नि(cid:7)यमतः राजस्(cid:13) अभिभलेख में दज2 है। (cid:13)ादी निकसी भी अ(cid:7)ुतोष को प्राप्त कर(cid:7)े का अधि(cid:29)कारी (cid:7)ही है। पत्रा(cid:13)ली में नि(cid:7)म्(cid:7)खिलखिखत (cid:13)ाद सृजिजत निकये गये जो नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त है। 1- क्या (cid:7)न्हू (cid:13) द्वारिरका पुत्रगण लल्तू की पू(cid:13)2 गाटा संख्या 185, 186 (cid:13) 187 (cid:13)त2मा(cid:7) गाटा संख्या 172 के दज2 खातेदार थे यनिद हाँ तो प्रभा(cid:13)? 2:- क्या (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे यनिद हों तो प्रभा(cid:13)? 3:- क्या (cid:13)ादी कब्जे (cid:13) उत्तराधि(cid:29)कार के आ(cid:29)ार पर नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम(cid:29)र हो गया है यनिद हों तो प्रभा(cid:13) ? 4:- क्या के दार पुत्र गोपाल नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर (cid:13)ादी के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर हकदार हो गये है यनिद हों तो प्रभा(cid:13)? 5:- क्या के दार पुत्र गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है यनिद हाँ तो प्रभा(cid:13)? 6:- (cid:13)ादी को अन्य कोई सहता न्यायसंगत हो तो प्रदा(cid:7) की जाये। बाद निबन्दु सृजिजत कर(cid:7)े के पश्चात पत्रा(cid:13)ली साक्ष्य हेतु नि(cid:7)यत की गयी। पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा अभिभलेखीय साक्ष्य में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम से सम्बस्तिन्(cid:29)त (cid:13)त2मा(cid:7) उद्धरण खतौनि(cid:7)या (cid:13) फसली (cid:13)ष2 1425 फ० की खसरा की छायाप्रधितयां ए(cid:13)ं जो०च०आ०पत्र-2 क (cid:13) सी०एच०-45 की प्रमाभिणत प्रधितयां तथा आ(cid:29)ार (cid:13)ष2 खतौ(cid:7)ी स(cid:7)् फसली 1392 से 1397 फ० (cid:13) (cid:7)कल (cid:7)क्शा चकबन्दी स(cid:7)् 1362 (cid:13) 1363 फ० (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा निद(cid:7)ांनिकत 14/10/1998 की मूल प्रधित (cid:13) (cid:13)ादी द्वारा स्(cid:13)ंय की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र (cid:13) ग(cid:13)ाह अ(cid:7)ूप कु मार की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र, (cid:13) सतीश सिंसह की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र (cid:13) (cid:13)ीर सिंसह की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र प्रस्तुत निकये गये है। (cid:13)ादी द्वारा फ० स(cid:7)् 1425 (cid:13) 1417 के खसरा प्रस्तुत निकये गये है जिजसमें राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम दज2 है तथा उद्धरण खतौ(cid:7)ी में राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम दज2 (cid:7)ही है। जो संलग्न पत्रा(cid:13)ली है। उपरोक्त के सम्बन्(cid:29) में क्षेत्रीय लेखपाल के बया(cid:7) दज2 निकये गये जिजसमें कहा गया है, निक उक्त (cid:13)ाद में (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह पुत्र रामपाल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ग्राम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर द्वारा दाखिखल निकया गया खसरा ग्राम गफ् फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की बा(cid:13)त गाटा संख्या 171, 172, 170, 474, 468 (cid:13) 37 मेरे द्वारा (cid:7)ही ब(cid:7)ाया गया है इस खसरे पर मेरे हस्ताक्षर (cid:13) मोहर (cid:7)ही है फजO हस्ताक्षर से खसरा तैयार निकया गया है खसरे पर र्डाली गयी निद(cid:7)ांक 11/08/2023 है उक्त खसरे पर मेरे हस्ताक्षर (cid:7)ही है जारी खसरे पर लेखपाल क्षेत्र गफ् फार(cid:7)गर खिलखा गया है जबनिक लेखपाल क्षेत्र जिससोक(cid:7) है खसरा पूण2 रूप से फजO है। पत्रा(cid:13)ली पर संलग्न खसरे को देखकर लेखपाल द्वारा कहा गया यह खसरा मेरे द्वारा जारी (cid:7)ही है। मै(cid:7)े (cid:13)ादी के नि(cid:13)द्धा(cid:7) अधि(cid:29)(cid:13)क्ता के नि(cid:13)द्वतापू(cid:13)2क तक\ को न्यायालय में नि(cid:13)स्तार से सु(cid:7)ा ए(cid:13)ं पत्रा(cid:13)ली पर उपलब्(cid:29) साक्ष्यो का सम्यक परिरशील(cid:7) निकया गया, तत्पश्चात बाद निबन्दु (cid:13)ार नि(cid:7)स्तारण नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-01 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसा कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक गाटा संख्या 172 (cid:7)न्हू (cid:13) द्वारिरका पुत्रगण लल्तू के (cid:7)ाम हो तथा गाटा संख्या 172/0.668 हे0 जोनिक मौजूदा समय में (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती में दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 01 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-02 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे या (cid:13)ाखिलग। (cid:13)ाद नि(cid:13)न्दु संख्या 02 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-03 पत्रा(cid:13)ली में संलग्न उद्धरण खतौ(cid:7)ी के अ(cid:13)लोक(cid:7) से नि(cid:13)निदत हो रहा है निक (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी कब्जा है या (cid:7)ही तथा पत्रा(cid:13)ली में संलग्न 5 (cid:13)त2मा(cid:7) उद्धरण खतौ(cid:7)ी में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख (cid:7)ही है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी (cid:13) (cid:13)ादी के पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम पू(cid:13)2त में दज2 थे या (cid:7)ही। बाद निबन्दु संख्या 03 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-04 पत्रा(cid:13)ली में संलग्न अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयम(cid:7)ामा के दार के द्वारा निद(cid:7)ांक 14/10/1998 को राजकर(cid:7) सिंसह के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत कराया गया था जिजसमें (cid:13)ादी को सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिसद्ध कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था जोनिक (cid:13)ादी द्वारा (cid:7)ही कराया गया है। (cid:13)ादी का कोई भी कब्जा (cid:13) दखल नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:7)ही है। कब्जे के समथ2(cid:7) में कोई भी अभिभलेख प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है (cid:7) ही (cid:13)ादी द्वारा प्रस्तुत उद्धरण खतौनि(cid:7)यो में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 04 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-05 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसा कोई भी ऐसा अभिभलेख (cid:13) साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकया गया है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक के दार पुत्र गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है या (cid:7)हीं। बाद निबन्दु संख्या 05 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-06 पत्रा(cid:13)ली के संलग्न अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिसद्ध करते हुए (cid:13)ादी को सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था। इस न्यायालय द्वारा कोई भी सहायता प्रदा(cid:7) निकया जा(cid:7)ा न्यायसंगत (cid:7)ही है। बाद नि(cid:13)न्दु संख्या 06 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। पत्रा(cid:13)ली के अ(cid:13)लोक(cid:7) से स्पZ होता है, निक (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह के (cid:7)ाम भूनिम दज2 अभिभलेख हो। पत्रा(cid:13)ली में संलग्न सी०एच०-41 (cid:13) 45 में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम गाटा संख्या 170 गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)० सजिEया जंगबहादुरगंज परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी का (cid:7)ाम बतौर बै(cid:7)ामा दज2 अभिभलेख है (cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत गाटा संख्या 171 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 172 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 37 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 474 ग्राम समाज के (cid:7)ाम ए(cid:13)ं 468 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम तथा गाटा संख्या 153 रामकु मार पुत्र सीताराम, हलीमा पत्(cid:7)ी मो० इकबाल, कमला दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी फू ल सिंसह, प्रेमा दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी रामभज(cid:7), सन्तोष कु मार (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न्द्र सिंसह पुत्रगण भिश(cid:13)राम दज2 अभिभलेख थे जिजसमें से रामकु मार पुत्र सीताराम (cid:7)े अप(cid:7)े निहस्से की कु ल भूनिम संन्तोष (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न्द्र कु मार पुत्रगण भिश(cid:13)राम सिंसह (cid:13) रिरनिषपाल (cid:13) सतेन्द्र कु मार पुत्रगण रामभज(cid:7) (cid:13) नि(cid:13)निप(cid:7) कु मार (cid:13) नि(cid:13)(cid:7)ीत कु मार पुत्रगण फू ल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर के हक में बै(cid:7)ामा नि(cid:7)ष्पानिदत निकया गया है, पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ऐसा कोई साक्ष्य (cid:7)ही प्रस्तुत निकया गया है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख था या (cid:7)हीं। क्षेत्रीय लेखपाल के बया(cid:7)ो से भी स्पZ है निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह द्वारा दाखिखल खसरा फजO है इस प्रकार (cid:13)ादी द्वारा फजO अभिभलेखो के आ(cid:29)ार पर न्यायालय से अ(cid:7)ुतोष चाहा गया है जो निदया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत (cid:7)ही है। नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह का कब्जा (cid:13) दखल मौजूदा समय में (cid:7)ही है। (cid:13)ादी को चानिहए था निक अंपजीकृ त (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था। (cid:13)ादी द्वारा (cid:29)ारा-144 उ० प्र० रा० संनिहता-2006 अन्तग2त प्रस्तुत (cid:13)ाद ग्राहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण नि(cid:7)रस्त निकया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत प्रतीत होंता है। आदेश उपरोक्त नि(cid:13)(cid:13)ेच(cid:7)ा(cid:7)ुसार (cid:13)ादी द्वारा (cid:29)ारा-144 उ०प्र०रा० संनिहता-2006 अन्तग2त प्रस्तुत (cid:13)ाद ग्राहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण सव्यय नि(cid:7)रस्त निकया जाता है। पत्रा(cid:13)ली (cid:13)ाद आ(cid:13)श्यक काय2(cid:13)ाही दाखिखल दफ्तर हो।" 7) Thus, the subject matter of the present petition relates to correction of revenue records. 6 8) It is to be noted that the proceedings related to correction of revenue records are summary in nature and they do not decide any right or title between the parties. Furthermore, the order passed in proceedings of such nature are always subject to declaration of rights which may be sought by the parties concerned by instituting a regular suit. 9) Section 40A of the U.P. Land Revenue Act, 1901, (now repealed) as also Section 39 of U.P. Revenue Code, 2006, which is applicable w.e.f. 11.02.2016, make it clear that no order passed in the proceedings related to correction of revenue records shall debar any person from establishing his rights in the land by means of a regular suit. 10) Considering the aforesaid as also that the issue involved in this petition, which requires proper adjudication, I am not inclined to interfere in this petition, which is disposed of with liberty to the petitioner to pursue the remedy of regular suit for his rights over the property in dispute. 11) It is made clear that this Court has not considered the merits of the case, as such, it is expected that the concerned authority/court, would pass the order after due consideration of the facts of the case and the evidence adduced by the parties as also the law on the issue involved. 12) With the aforesaid observations, the petition is disposed of. Order Date :- 24.04.2025 Jyoti/-
04.11.2024, placed before this Court by Sri Hemant Kumar Pandey, learned State Counsel, is taken on record. The order dated
04.11.2024 passed in the suit instituted under the Code of 2006, is extracted hereinunder:- "प्रस्तुत (cid:13)ाद अन्तग2त (cid:29)ारा-144 उ० प्र० रा० संनिहता-2006 (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह पुत्र रामपाल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ग्राम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी द्वारा नि(cid:13)पक्षीगण गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)(cid:13)ाजिस(cid:7)ी ग्राम सजिEहा परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी जिजला खीरी के नि(cid:13)रूद्ध निद(cid:7)ॉक 14/11/2022 को प्रस्तुत निकया गया। (cid:13)ाद दज2 कर प्रधित(cid:13)ादीगणों को (cid:7)ोनिटस नि(cid:7)ग2त निकये गयें। जो तामील संलग्न पत्रा(cid:13)ली है। (cid:13)ादी के अप(cid:7)े (cid:13)ाद पत्र में उEेख निकया गया है, निक (cid:13)ादी की भूनिम स्तिस्थत ग्राम गफ्फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की गाटा संख्या 170/0.227 हे0, 171/0.340 हे0, 172/0.668 हे0 37/0.769 हे०, 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में प्राथO के कब्जे (cid:13) दखल में है। उक्त भूनिम के पू(cid:13)2 चकबन्दी के गाटा संख्या 185, 186, 187 प्रथम चक(cid:13)न्दी के गाटा है तथा निद्वतीय चकबन्दी के 92, 93, 291, 292 (cid:13) 295 जिज(cid:7)की (cid:7)ई गाटा संख्याए 170/0.227 हे० (cid:13) गाटा संख्या 171/0.340 हे० (cid:13) गाटा संख्या 172/0.668 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 37/0.769 हे0 (cid:13) गाटा संख्या 474/0.130 हे0 (cid:13) 468/0.085 हे0 (cid:13) 153/0.325 हे0 (cid:13)त2मा(cid:7) समय में दज2 कागजात है जिजस पर (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल चला आ रहा है। उक्त भूनिम के कब्जा (cid:13) दखल के आ(cid:29)ार पर (cid:13)ादी उक्त भूनिम का संक्रमणीय भूनिम(cid:29)र हो गया है और नि(cid:13)पक्षीगणो के स्(cid:13)त्(cid:13) समाप्त हो गये है। (cid:13)त2मा(cid:7) समय में भूनिम नि(cid:13)पक्षीगणो के (cid:7)ाम दज2 कागजात है और नि(cid:13)पक्षीगण (cid:13)ादी की भूनिम पर अ(cid:7)ाधि(cid:29)कार रूप से (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्पन्न करते है इस कारण (cid:13)ादी (cid:13) प्रधित(cid:13)ादीगणो में (cid:13)ाद नि(cid:13)(cid:13)ाद उत्पन्न होता रहता है इस कारण (cid:13)ादी उक्त भूनिम को राजस्(cid:13) अभिभलेखो में अप(cid:7)े (cid:7)ाम दज2 करा(cid:7)ा चाहता है उक्त भूनिम (cid:13)ादी की पैतृक भूनिम है (cid:13)ादी (cid:13)रासत (cid:13) (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर उक्त भूनिम का उत्तराधि(cid:29)कारी है ए(cid:13)ं (cid:13)त2मा(cid:7) समय में (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल है। चकबन्दी के दौरा(cid:7) भूनिम श्रेणी-4 में दज2 थी, जिजसको चकबन्दी कम2चारिरयो द्वारा खुद2-बुद2 कर निदया गया परन्तु (cid:13)ादी का कब्जा (cid:13) दखल बराबर ब(cid:7)ा रहा। (cid:13)ाद पत्र की (cid:29)ारा-2 में (cid:13)र्णिणत भूनिम का (cid:13)ादी की संक्रमणीय भूनिम(cid:29)र घोनिषत निकये जा(cid:7)े तथा हजा2 मुकदमा निदलाये जाये की याच(cid:7)ा की गयी है। पत्रा(cid:13)ली में प्रधित(cid:13)ादी संख्या 04 सरकार उ०प्र० की ओर से जिजला शासकीय अधि(cid:29)(cid:13)क्ता द्वारा खिलखिखत कथ(cid:7) प्रस्तुत कर मुख्य रूप से कहा गया है निक (cid:13)ादी का (cid:13)ाद (cid:29)ारा-34 भू० राजस्(cid:13) अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 106 पंचायतीराज अधि(cid:29)नि(cid:7)यम, 8 ०सी०पी०सी० (cid:13) (cid:29)ारा-49 चकबन्दी अधि(cid:29)नि(cid:7)यम से बाधि(cid:29)त है। (cid:13)ादी का नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर कोई कब्जा (cid:7)ही है (cid:13)ादी के कोई स्(cid:13)त्(cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम में उत्पन्न (cid:7)ही हुये है नि(cid:13)(cid:13)ानिदत 4 आराजी नि(cid:7)यमतः राजस्(cid:13) अभिभलेख में दज2 है। (cid:13)ादी निकसी भी अ(cid:7)ुतोष को प्राप्त कर(cid:7)े का अधि(cid:29)कारी (cid:7)ही है। पत्रा(cid:13)ली में नि(cid:7)म्(cid:7)खिलखिखत (cid:13)ाद सृजिजत निकये गये जो नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त है। 1- क्या (cid:7)न्हू (cid:13) द्वारिरका पुत्रगण लल्तू की पू(cid:13)2 गाटा संख्या 185, 186 (cid:13) 187 (cid:13)त2मा(cid:7) गाटा संख्या 172 के दज2 खातेदार थे यनिद हाँ तो प्रभा(cid:13)? 2:- क्या (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे यनिद हों तो प्रभा(cid:13)? 3:- क्या (cid:13)ादी कब्जे (cid:13) उत्तराधि(cid:29)कार के आ(cid:29)ार पर नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम(cid:29)र हो गया है यनिद हों तो प्रभा(cid:13) ? 4:- क्या के दार पुत्र गोपाल नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर (cid:13)ादी के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर हकदार हो गये है यनिद हों तो प्रभा(cid:13)? 5:- क्या के दार पुत्र गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है यनिद हाँ तो प्रभा(cid:13)? 6:- (cid:13)ादी को अन्य कोई सहता न्यायसंगत हो तो प्रदा(cid:7) की जाये। बाद निबन्दु सृजिजत कर(cid:7)े के पश्चात पत्रा(cid:13)ली साक्ष्य हेतु नि(cid:7)यत की गयी। पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा अभिभलेखीय साक्ष्य में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम से सम्बस्तिन्(cid:29)त (cid:13)त2मा(cid:7) उद्धरण खतौनि(cid:7)या (cid:13) फसली (cid:13)ष2 1425 फ० की खसरा की छायाप्रधितयां ए(cid:13)ं जो०च०आ०पत्र-2 क (cid:13) सी०एच०-45 की प्रमाभिणत प्रधितयां तथा आ(cid:29)ार (cid:13)ष2 खतौ(cid:7)ी स(cid:7)् फसली 1392 से 1397 फ० (cid:13) (cid:7)कल (cid:7)क्शा चकबन्दी स(cid:7)् 1362 (cid:13) 1363 फ० (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा निद(cid:7)ांनिकत 14/10/1998 की मूल प्रधित (cid:13) (cid:13)ादी द्वारा स्(cid:13)ंय की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र (cid:13) ग(cid:13)ाह अ(cid:7)ूप कु मार की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र, (cid:13) सतीश सिंसह की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र (cid:13) (cid:13)ीर सिंसह की ग(cid:13)ाही का शपथपत्र प्रस्तुत निकये गये है। (cid:13)ादी द्वारा फ० स(cid:7)् 1425 (cid:13) 1417 के खसरा प्रस्तुत निकये गये है जिजसमें राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम दज2 है तथा उद्धरण खतौ(cid:7)ी में राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम दज2 (cid:7)ही है। जो संलग्न पत्रा(cid:13)ली है। उपरोक्त के सम्बन्(cid:29) में क्षेत्रीय लेखपाल के बया(cid:7) दज2 निकये गये जिजसमें कहा गया है, निक उक्त (cid:13)ाद में (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह पुत्र रामपाल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी ग्राम जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर द्वारा दाखिखल निकया गया खसरा ग्राम गफ् फार(cid:7)गर परग(cid:7)ा मगदापुर तहसील गोला जिजला खीरी की बा(cid:13)त गाटा संख्या 171, 172, 170, 474, 468 (cid:13) 37 मेरे द्वारा (cid:7)ही ब(cid:7)ाया गया है इस खसरे पर मेरे हस्ताक्षर (cid:13) मोहर (cid:7)ही है फजO हस्ताक्षर से खसरा तैयार निकया गया है खसरे पर र्डाली गयी निद(cid:7)ांक 11/08/2023 है उक्त खसरे पर मेरे हस्ताक्षर (cid:7)ही है जारी खसरे पर लेखपाल क्षेत्र गफ् फार(cid:7)गर खिलखा गया है जबनिक लेखपाल क्षेत्र जिससोक(cid:7) है खसरा पूण2 रूप से फजO है। पत्रा(cid:13)ली पर संलग्न खसरे को देखकर लेखपाल द्वारा कहा गया यह खसरा मेरे द्वारा जारी (cid:7)ही है। मै(cid:7)े (cid:13)ादी के नि(cid:13)द्धा(cid:7) अधि(cid:29)(cid:13)क्ता के नि(cid:13)द्वतापू(cid:13)2क तक\ को न्यायालय में नि(cid:13)स्तार से सु(cid:7)ा ए(cid:13)ं पत्रा(cid:13)ली पर उपलब्(cid:29) साक्ष्यो का सम्यक परिरशील(cid:7) निकया गया, तत्पश्चात बाद निबन्दु (cid:13)ार नि(cid:7)स्तारण नि(cid:7)म्(cid:7)(cid:13)त निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-01 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसा कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक गाटा संख्या 172 (cid:7)न्हू (cid:13) द्वारिरका पुत्रगण लल्तू के (cid:7)ाम हो तथा गाटा संख्या 172/0.668 हे0 जोनिक मौजूदा समय में (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती में दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 01 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-02 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी के बाबा चकबन्दी के समय (cid:7)ाबाखिलग थे या (cid:13)ाखिलग। (cid:13)ाद नि(cid:13)न्दु संख्या 02 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-03 पत्रा(cid:13)ली में संलग्न उद्धरण खतौ(cid:7)ी के अ(cid:13)लोक(cid:7) से नि(cid:13)निदत हो रहा है निक (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी कब्जा है या (cid:7)ही तथा पत्रा(cid:13)ली में संलग्न 5 (cid:13)त2मा(cid:7) उद्धरण खतौ(cid:7)ी में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख (cid:7)ही है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी (cid:13) (cid:13)ादी के पू(cid:13)2जो के (cid:7)ाम पू(cid:13)2त में दज2 थे या (cid:7)ही। बाद निबन्दु संख्या 03 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-04 पत्रा(cid:13)ली में संलग्न अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयम(cid:7)ामा के दार के द्वारा निद(cid:7)ांक 14/10/1998 को राजकर(cid:7) सिंसह के हक में नि(cid:7)ष्पानिदत कराया गया था जिजसमें (cid:13)ादी को सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर (cid:13) अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिसद्ध कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था जोनिक (cid:13)ादी द्वारा (cid:7)ही कराया गया है। (cid:13)ादी का कोई भी कब्जा (cid:13) दखल नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:7)ही है। कब्जे के समथ2(cid:7) में कोई भी अभिभलेख प्रस्तुत (cid:7)ही निकये गये है (cid:7) ही (cid:13)ादी द्वारा प्रस्तुत उद्धरण खतौनि(cid:7)यो में (cid:13)ादी का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख है। बाद निबन्दु संख्या 04 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-05 पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी द्वारा ऐसा कोई भी ऐसा अभिभलेख (cid:13) साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)ही निकया गया है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक के दार पुत्र गोपाल की भूनिम पर (cid:13)सीयत के आ(cid:29)ार पर कब्जा है या (cid:7)हीं। बाद निबन्दु संख्या 05 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। बाद निबन्दु संख्या-06 पत्रा(cid:13)ली के संलग्न अ(cid:7)रजिजस्टर्ड2 (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर (cid:13)सीयत(cid:7)ामा जिसद्ध करते हुए (cid:13)ादी को सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था। इस न्यायालय द्वारा कोई भी सहायता प्रदा(cid:7) निकया जा(cid:7)ा न्यायसंगत (cid:7)ही है। बाद नि(cid:13)न्दु संख्या 06 (cid:7)कारात्मक रूप से नि(cid:7)णOत निकया जाता है। पत्रा(cid:13)ली के अ(cid:13)लोक(cid:7) से स्पZ होता है, निक (cid:13)ादी द्वारा ऐसे कोई भी अभिभलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत (cid:7)हीं निकये गये है जिजससे जिसद्ध हो सके निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह के (cid:7)ाम भूनिम दज2 अभिभलेख हो। पत्रा(cid:13)ली में संलग्न सी०एच०-41 (cid:13) 45 में नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम गाटा संख्या 170 गीता दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी स्(cid:13)० गंगाराम नि(cid:7)० सजिEया जंगबहादुरगंज परग(cid:7)ा पसग(cid:13)ां तहसील मोहम्मदी का (cid:7)ाम बतौर बै(cid:7)ामा दज2 अभिभलेख है (cid:13) नि(cid:13)(cid:13)ानिदत गाटा संख्या 171 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 172 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 37 तालाब के (cid:7)ाम (cid:13) गाटा संख्या 474 ग्राम समाज के (cid:7)ाम ए(cid:13)ं 468 (cid:7)(cid:13)ी(cid:7) परती के (cid:7)ाम तथा गाटा संख्या 153 रामकु मार पुत्र सीताराम, हलीमा पत्(cid:7)ी मो० इकबाल, कमला दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी फू ल सिंसह, प्रेमा दे(cid:13)ी पत्(cid:7)ी रामभज(cid:7), सन्तोष कु मार (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न्द्र सिंसह पुत्रगण भिश(cid:13)राम दज2 अभिभलेख थे जिजसमें से रामकु मार पुत्र सीताराम (cid:7)े अप(cid:7)े निहस्से की कु ल भूनिम संन्तोष (cid:13) राजेश कु मार (cid:13) (cid:29)म]न्द्र कु मार पुत्रगण भिश(cid:13)राम सिंसह (cid:13) रिरनिषपाल (cid:13) सतेन्द्र कु मार पुत्रगण रामभज(cid:7) (cid:13) नि(cid:13)निप(cid:7) कु मार (cid:13) नि(cid:13)(cid:7)ीत कु मार पुत्रगण फू ल सिंसह नि(cid:7)(cid:13)ासी जिससोक(cid:7) परग(cid:7)ा मगदापुर के हक में बै(cid:7)ामा नि(cid:7)ष्पानिदत निकया गया है, पत्रा(cid:13)ली में (cid:13)ादी ऐसा कोई साक्ष्य (cid:7)ही प्रस्तुत निकया गया है निक जिजससे जिसद्ध हो सके निक नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह का (cid:7)ाम (cid:13) पू(cid:13)2जो का (cid:7)ाम दज2 अभिभलेख था या (cid:7)हीं। क्षेत्रीय लेखपाल के बया(cid:7)ो से भी स्पZ है निक (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह द्वारा दाखिखल खसरा फजO है इस प्रकार (cid:13)ादी द्वारा फजO अभिभलेखो के आ(cid:29)ार पर न्यायालय से अ(cid:7)ुतोष चाहा गया है जो निदया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत (cid:7)ही है। नि(cid:13)(cid:13)ानिदत भूनिम पर (cid:13)ादी राजकर(cid:7) सिंसह का कब्जा (cid:13) दखल मौजूदा समय में (cid:7)ही है। (cid:13)ादी को चानिहए था निक अंपजीकृ त (cid:13)सीयत(cid:7)ामा के आ(cid:29)ार पर सक्षम न्यायालय में (cid:13)ाद योजिजत कर अ(cid:7)ुतोष प्राप्त कर(cid:7)ा चानिहए था। (cid:13)ादी द्वारा (cid:29)ारा-144 उ० प्र० रा० संनिहता-2006 अन्तग2त प्रस्तुत (cid:13)ाद ग्राहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण नि(cid:7)रस्त निकया जा(cid:7)ा न्यायोधिचत प्रतीत होंता है। आदेश उपरोक्त नि(cid:13)(cid:13)ेच(cid:7)ा(cid:7)ुसार (cid:13)ादी द्वारा (cid:29)ारा-144 उ०प्र०रा० संनिहता-2006 अन्तग2त प्रस्तुत (cid:13)ाद ग्राहय (cid:7) हो(cid:7)े के कारण सव्यय नि(cid:7)रस्त निकया जाता है। पत्रा(cid:13)ली (cid:13)ाद आ(cid:13)श्यक काय2(cid:13)ाही दाखिखल दफ्तर हो।" 7) Thus, the subject matter of the present petition relates to correction of revenue records. 6 8) It is to be noted that the proceedings related to correction of revenue records are summary in nature and they do not decide any right or title between the parties. Furthermore, the order passed in proceedings of such nature are always subject to declaration of rights which may be sought by the parties concerned by instituting a regular suit. 9) Section 40A of the U.P. Land Revenue Act, 1901, (now repealed) as also Section 39 of U.P. Revenue Code, 2006, which is applicable w.e.f. 11.02.2016, make it clear that no order passed in the proceedings related to correction of revenue records shall debar any person from establishing his rights in the land by means of a regular suit. 10) Considering the aforesaid as also that the issue involved in this petition, which requires proper adjudication, I am not inclined to interfere in this petition, which is disposed of with liberty to the petitioner to pursue the remedy of regular suit for his rights over the property in dispute. 11) It is made clear that this Court has not considered the merits of the case, as such, it is expected that the concerned authority/court, would pass the order after due consideration of the facts of the case and the evidence adduced by the parties as also the law on the issue involved. 12) With the aforesaid observations, the petition is disposed of. Order Date :- 24.04.2025 Jyoti/-