Jaspal Singh v. Manoj and others), under Sections
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:162611 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 14310 of 2024 Applicant :- Manoj And 9 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Yogesh Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Rajendra Prasad Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Yogesh Kumar Tripathi, learned counsel for applicants and Sri Vinod Singh, Advocate holding brief of Sri Rajendra Prasad, learned counsel for Opposite Party No. 2. 2. Impugned summoning order dated 01.08.2023 passed by Additional Civil Judge (Junior Division)/Judicial Magistrate, Court No. 2, Moradabad in Complaint Case No. 1502 of 2022 (Jaspal Singh vs. Manoj and others), under Sections 323, 504, 506 IPC, is reproduced hereinafter: "पतत्रावलली आददेश हदेततु प्रस्ततुत हहई। प्रत्रारर्थी कदे ववदत्रान अधधिवकत्रा कको तलबली कदे ववन्दतु पर पपूवर मम सतुनत्रा जत्रा चतुकत्रा हहै। प्रत्रारर्थी नदे अपनदे प्रत्राररनत्रा पत मम करन वकयत्रा वक प्रत्रारर्थी कदे वपतत्रा रत्राम कतु कुं वर धसकुंह पतुत हकोवशयत्रार धसकुंह गत्राम मधितुवत्रा खत्रालसत्रा रत्रानत्रा छजलहैट , धजलत्रा मतुरत्रादत्राबत्राद कदे नत्राम आरत्राजली गत्राटत्रा सकुं0-173 रकबत्रा 0.3010 हदे० धजसमम प्रत्रारर्थी कदे वपतत्रा वकदर भत्राग जको करलीब 760 वगर मलीटर कदेतफल कदे बहहैधसयत सकुंक्रमणलीय भपूवमधिर ररकत्रारर मत्राल कत्रागजत्रात खततौनली कदे मत्राधलक कत्रावबज व दखलील चलदे आतदे हहै। प्रत्रारर्थी कदे वपतत्रा ककी उम्र करलीब 85 वरर सदे अधधिक हहै तरत्रा आखखों सदे भली बहहत कम वदखत्राई ददेतत्रा हहै और उम्र दरत्राज हकोनदे कदे कत्रारण चलनदे-वफरनदे मम भली असमरर हहै। प्रत्रारर्थी व उसकदे वपतत्रा ककी आरत्राजली जको आबत्रादली मम हहै धजसमम 584 वगर मलीटर सदे कतु छ कमरदे व टलीनशदेर आवद जको आवत्रासलीय कदे रूप मम प्रयकोग हको रहली हहै तरत्रा शदेर 176 वगरमलीटर रकवत्रा प्रत्रारर्थी नदे अपनदे वनजली रत्रास्तदे कदे प्रयकोग मम लत्रानदे हदेततु मकत्रान कदे उत्तर वदशत्रा मम पपूरब पशशचम रत्रास्तत्रा छकोडत्रा हहै। वदनत्राकुंक 15.03.2022 कको प्रत्रारर्थी कदे पडकोस कदे हली मनकोज , प्रवदेश कतु मत्रार पतुतगण परम धसकुंह व इन्द्रजलीत पतुत मतुखरत्राम व बलवलीर पतुत कतु लदलीप , दलीपक पतुतगण बलवलीर व शलीमवत रत्राजदेन्द्रली पत्नली परम धसकुंह नदे जबरजस्तली प्रत्रारर्थी ककी आरत्राजली पर कब्जत्रा करनदे कत्रा प्रयत्रास वकयत्रा तरत्रा कतु छ सत्रामत्रान रत्रालकर अपनत्रा कब्जत्रा दशत्रारयत्रा प्रत्रारर्थी नदे उक मनकोज आवद कदे ववरुद्ध धसववल वत्राद यकोधजत वकयत्रा जको वक ववचत्रारत्राधिलीन हहै। वदनत्राकुंक 19-06-2022 कको पतुननः उक लकोगखों नदे गत्रागाँव कदे मजदपूर धजनमम धिमरधसकुंह सहैनली पतुत खचमरपू धसकुंह व धित्रान धसकुंह पतुत नत्रपू धसकुंह, शयकोवलीर पतुत नत्रपू धसकुंह व दको अजत्रात व्यवकयखों नदे एक रत्राय हकोकर समय करलीब बत्रारह बजदे वदन टट देक्टर टटत्रालली सदे वमटली ककुं करलीट , रकोढत्रा रत्रालकर प्रत्रारर्थी कत्रा वनजली रत्रास्तत्रा जको 176 मलीटर कत्रा प्रत्राधररनली अपनली आरत्राजली सदे छकोडत्रा रत्रा उस पर जबरजस्तली अवहैधि कब्जत्रा करनदे ककी नलीयत सदे रत्रास्तदे कको बन्द कर रहदे रदे और अपनली वमशलकयत बनत्रानदे कत्रा प्रयत्रास कर रहदे रदे। प्रत्रारर्थी कदे वपतत्रा जको बपूढदे हकोनदे कदे कत्रारण उक लकोगखों सदे शत्राकुंवत पपूवरक कहत्रा वक वह इस तरह ककी वदेजत्रा हरकत नत्रा करम , मदेरली समपधत्त पर कब्जत्रा न करम तको वह गत्रालली गलतौच व झगडत्रा फसत्राद पर अमत्रादत्रा हको गयदे। प्रत्रारर्थी व उसककी पत्नली सतुमन कतु मत्रारली व लडकदे हनली चतौधिरली नदे गत्रालली गलतौच करनदे कको मनत्रा वकयत्रा तको मत्रारपलीट व हत्रारत्रापत्राई करनदे लगदे, शकोर पर कत्राफकी लकोग धजनमम ददेवरत्राज धसकुंह पतुत जगत धसकुंह , प्रदलीप कतु मत्रार पतुत करतत्रार धसकुंह आवद आ गयदे तरत्रा घटनत्रा ददेखली और उक लकोगको कको ललकत्रारत्रा धजस पर उक लकोग आयन्दत्रा ददेख लदेनदे ककी धिमककी ददेकर चलदे गयदे। प्रत्राधररनली 112 नकुंबर पतुधलस कको फकोन वकयत्रा, लदेवकन पतुधलस आई और रत्रानदे कदे धलए वह कहकर चलली गई उक लकोग उसकदे बत्राबजपूद भली वमटली व रकोढत्रा रत्रालतदे रहदे। धजस पर प्रत्रारर्थी नदे वदनत्राकुंक 01.07.2022 कको शलीमत्रान वररष्ठ पतुधलस अधिलीकक महकोदय मतुरत्रादत्राबत्राद कको रधजस्टटलीशतुदत्रा प्रत्राररनत्रा पत प्रस्ततुत वकयत्रा लदेवकन प्रत्रारर्थी ककी ररपकोटर दजर नहहीं हहई। मजबपूरन प्रत्रारर्थी शलीमत्रान जली शरण मम आयत्रा हहै। अतनः शलीमत्रान जली सदे प्रत्राररनत्रा हहै वक रत्रानत्राध्यक रत्रानत्रा छजलहैट कको घटनत्रा ककी ररपकोटर दजर करनदे कदे आददेश पत्राररत करनदे ककी कक पत्रा करम। प्रत्रारर्थी दत्रारत्रा प्रस्ततुत प्रत्राररनत्रा पत कदे प्रकत्राश मम प्रत्रारर्थी कत्रा बयत्रान धित्रारत्रा 200 दकुं०प्र०स० एवकुं ब्यत्रान गवत्राहत्रान पली० रब्लपू०-1 प्रदलीप कतु मत्रार एवकुं पली० रब्लपू०-2 ददेवरत्राज धसकुंह कत्रा बयत्रान अन्तगरत धित्रारत्रा 202 दकुं०प्र० सकुं० कदे तहत अकुंवकत वकयत्रा गयत्रा। सतुनत्रा तरत्रा प्रपतखों कत्रा अवलकोकन वकयत्रा। प्रत्रारर्थी दत्रारत्रा प्रस्ततुत प्रत्राररनत्रा पत मम वकयदे गयदे करनखों कत्रा समररन प्रत्रारर्थी कदे बयत्रान धित्रारत्रा 200 दकुं० प्र०सकुं० एवकुं गवत्राहत्रान कदे बयत्रान अन्तगरत धित्रारत्रा 202 दकुं०प्र०सकुं० मम ककोई ववरकोधित्राभत्रारली तथ्य नहहीं पत्रायदे जत्रातदे हह। अतनः मत्रामलदे कदे समस्त तथ्य एवकुं प्रवतशस्रवतयखों कको दृवष्टिगत रखतदे हहए ववपकलीगण मनकोज , प्रवदेश, इन्द्रपत्राल, बलवलीर कतु लदलीप, दलीपक, शलीमवत रत्राजदेन्द्रली, धिमर धसकुंह, धिन धसकुंह एवकुं शयकोवलीर धसकुंह कदे ववरुद्ध प्ररम दृष्टियत्रा अपरत्राधि अन्तगरत धित्रारत्रा 323, 504, 506 भत्राकुं०दकुं०सकुं० गवठित हकोनत्रा प्रतलीत हकोतत्रा हहै। आददेश अवभयतुक मनकोज, प्रवदेश, इन्द्रपत्राल, बलवलीर, कतु लदलीप, दलीपक, शलीमतली रत्राजदेन्द्रली, धिमर धसकुंह, धिन धसकुंह एवकुं शयकोवलीर धसकुंह कको अन्तगरत धित्रारत्रा 323, 504, 506 भत्रा०दकुं०सकुं० कदे तहत परलीकण वकयदे जत्रानदे हदेततु जररयदे सम्मन आहहत वकयत्रा जत्रातत्रा हहै। प्रत्राररनत्रा पत आवशयक पहैरवली अन्दर सपत्राह करम तरत्रा सपूचली गवत्राहत्रान दत्राधखल करदे। पतत्रावलली वत्रास्तदे हत्राधजरली अवभयतुक वदनत्राकुंक 04/09/2023 कको पदेश हको।"
Legal Reasoning
3. Learned counsel for applicants submits that above referred impugned order is bereft of requisite reasoning as required under Section 204 Cr.P.C. 4. Learned counsel appearing for complaint is not able to contradict the above submission since in impugned order no reason has been assigned to proceed against applicants. 5. I have also considered above submission and found merit since after mentioning contents of complaint, Trial Court concerned has not even reflected the contents of statements recorded under Sections 200 and 202 Cr.P.C., whether on basis of such statements offences under Sections 323, 504, 506 IPC are made out so much as that there are sufficient ground to proceed against applicants. Therefore, impugned order is in the teeth of a judgment passed by Supreme Court in Lalankumar Singh and others vs. State of Maharashtra, 2022 SCC OnLine SC 1383. This Court has also criticized such summoning orders which are passed without application of mind, in various judgments. (See: Seema Devi and others vs. State of U.P. and another, 2024:AHC:119837 and Devendra Arora alias Devendra Kumar and another vs. State of U.P. and another, 2024LAHC:137569) 6. In view of above, without commenting any further on merit of case, impugned summoning order dated 01.08.2023 passed by Additional Civil Judge (Junior Division)/Judicial Magistrate, Court No. 2, Moradabad in Complaint Case No. 1502 of 2022 (Jaspal Singh vs. Manoj and others), under Sections 323, 504, 506 IPC, is hereby set aside. Matter is remitted back to Trial Court concerned to pass a fresh order in accordance with law after hearing complainant only as well as taking note of judgments passed by Supreme Court in Lalankumar Singh (supara) and Mohammad Wajid and another vs. State of U.P. and others, 2023 SCC OnLine SC 951, expeditiously, preferably within a period of three months from today, if there is no legal impediment.
Decision
7. With aforesaid observations/ directions, the application is disposed of. 8. Registrar (Compliance) to take steps. Order Date :- 4.10.2024 AK