✦ High Court of India

Sanjeev Kumar v. Subhash Chandra Chauhan and others), under Sections

Case Details

Neutral Citation No. - 2024:AHC:157541 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 13485 of 2024 Applicant :- Subhash Chandra Chauhan And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Pramod Kumar,Sanjay Kumar Rajbhar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Pramod Kumar, learned counsel for applicants and perused the record. 2. Impugned summoning order dated 22.12.2023 passed by Additional Chief Judicial Magistrate III, Gautambudh Nagar in Complaint Case No. 10426 of 2023 (Sanjeev Kumar vs. Subhash Chandra Chauhan and others), under Sections 323, 504, 506 IPC, is reproduced hereinafter: "पतत्रावलली आज आददेश हदेततु ननियत हहै। पररिवत्रादली कदे नवदत्रानि अधधिवकत्रा कको पपूवर नतधथि परि सतुनित्रा जत्रा चतुकत्रा हहै। पतत्रावलली कत्रा अवलकोकनि नकयत्रा गयत्रा। पररिवत्रादली दत्रारित्रा अपनिदे पररिवत्राद पत मम कथिनि नकयत्रा गयत्रा नक नदनित्रानांक 16.07.2023 कको समय नदनि कदे लगभग 11:30 बजदे स्थित्रानि- यथित्राथिर अस्पतत्राल, ककॉमनशरयल मत्रानकर ट कदे समलीप, सहैक्टरि ओमदेगत्रा-प्रथिम, गदेटरि निकोएडत्रा, थित्रानित्रा बलीटत्रा-2, जनिपद गगौतमबतुद्ध निगरि मम प्रत्राथिर्थी अपनित्रा स्वत्रास्थ्य उपचत्रारि परित्रामशर हदेततु व घरिदेलपू सत्रामत्रानि मत्रानकर ट मम लदेनिदे कदे धलए गयत्रा थित्रा। तभली रित्रास्तदे मम जत्रातदे समय वहत्रानां प्रत्राथिर्थी कको अचत्रानिक सतुभत्राष चगौहत्रानि व उसकदे पतुत नदधगवजय ननिवत्रासलीगण मकत्रानि सनां0-9-जदे, सहैक्टरि चत्राई 4 गदेटरि निकोएडत्रा जनिपद गगौतमबतुद्धनिगरि उत्तरि प्रददेश व उनिकदे सत्राथि एक अन्य अजत्रात व्यनक नित्राम पतत्रा नित्रामत्रालपूम निदे जबरिनि पकड़करि व घदेरि करि लत्रात ककी ठकोकरि मत्रारिली व सतुभत्राष चगौहत्रानि निदे गलदे नगरिवत्रानि पकडकरि घदेरिकरि चत्राटत्रा मत्रारित्रा व नदधगवजय निदे लत्रात मत्रारितदे हहए पलीठ मम घपू नांसत्रा मत्रारित्रा , धजससदे प्रत्राथिर्थी कत्राफकी डरि गयत्रा , इस हत्रादसदे मम प्रत्राथिर्थी निदे अपनिदे आपकको बचत्रानिदे कदे धलए शकोरि मचत्रायत्रा, तको बलीच-बचत्राव कदे धलए लकोग आए, धजसमम अनवनित्राश नित्रामक व्यनक भली मगौकदे परि आयत्रा थित्रा तको सस्थिनत कको भत्रानांपतदे हहए यदे नवपकलीगण जत्रातदे -जत्रातदे प्रत्राथिर्थी व उसकदे पररिजनिनों कको झपूठदे तथ्यनों कदे आधित्रारि परि गनांभलीरि कदे स बनित्राकरि फनां सत्रानिदे बबत्रारद करिनिदे ककी धिमककी ददेकरि गए हहै एवनां धिमककी मम प्रत्राथिर्थी कदे पररिजनिनों कदे करिलीब 45 तकोलदे सकोनिदे कदे आभपूषण जको सतुभत्राष चगौहत्रानि कदे कब्जदे मम मत्राफर त शलीमनत वसतुन्धिरित्रा कदे हहै , सत्रामत्रानि कको नित्रा मत्रामाँगनिदे ककी धिमककी दली हहै औरि कहत्रा हहै नक सकोनिदे कदे आभपूषण 'कको भपूल जत्राओ, प्रत्राथिर्थी निदे इस घटनित्रा ककी सपूचनित्रा अपनिदे नपतत्रा कको दली , प्रत्राथिर्थी कदे नपतत्रा ततुरिन्त घटनित्रास्थिल परि पहह माँचदे, तब उक नवपकलीगण कत्रारि सदे जत्रातदे हहए ददेखदे गए थिदे। उलदेखनिलीय तथ्य यह हहै नक ' मत्राफर त ऑनिलत्राईनि "जलीवनिसत्राथिली" नित्रामक वहैवसत्राईट कदे उक सतुभत्राष चगौहत्रानि निदे अपनिली पतुतली शलीगनत वसतुन्धिरित्रा ककी शत्रादली नदनित्रानांक 29.11.2020 कको प्रत्राथिर्थी कदे सत्राथि यह बत्रातकरि ककी थिली नक उनिककी बदेटली वसतुन्धिरित्रा गदेजतुएट हहै तथित्रा हष्ट पतुष्ट व स्वस्थ्य हहै एवनां सनांस्कत्राररित हहै व घरि कत्रा सभली कत्रायर *करिनिदे मम ननिपतुण व सनिथिर हहै। असल रूप मम शलीगनत वसतुन्धिरित्रा पतुतली सतुभत्राष चगौहत्रानि, एक पहैरि सदे लनांगडली / नवकलत्रानांग हहै एवनां एक हत्राथि सदे अकम व अपत्रानहज हहै व नदमत्रागली रूप सदे भली कमजकोरि हहै, घरि कत्रा ककोई भली कत्रायर करिनिदे मम असकम हहै , यह सनि तथ्य नवपकली पक निदे बदननियत रिखतदे हहए प्रत्राथिर्थी व उसकदे पररिजनिनों सदे छल -कपट ककी मनांशत्रा सदे नछपत्राकरि व कपट सदे धिकोखत्रा ददेकरि प्रत्राथिर्थी कदे सत्राथि वसतुन्धिरित्रा ककी शत्रादली ककी थिली। शत्रादली ककी बत्रातचलीत कदे दगौरित्रानि ककोनवड-19 वहैसशवक महत्रामत्रारिली आ गई थिली, शत्रादली उपरित्रान्त जब शलीमनत वसतुन्धिरित्रा ककी शत्रारिलीररिक कमतत्रा व स्वत्रास्थ्य व उसकदे व्यवहत्रारि कदे बत्रारिदे मम सनांजत्रानि हहआ तब इनि नवपकली पक सदे सत्रामत्राधजक मयत्रारदत्रा सदे बत्रातचलीत ककी व जत्रानिनित्रा चत्राहत्रा नक उन्हनोंनिदे (नवपकली पक) निदे झपूठली जत्रानिकत्रारिली ददेकरि, जत्रानिबपूझकरि धिकोखत्राधिडली व कपट सदे शत्रादली क्यनों ककी। इस बत्रात परि नवपकली पक प्रत्राथिर्थी सदे कतुब्धि हकोकरि रिनांधजश मत्रानिनिदे लगदे। इसकदे उपरित्रान्त नदनित्रानांक 14.02.2022 कको प्रत्राथिर्थी ककी पत्निली वसतुन्धिरित्रा प्रत्राथिर्थी ककी मजर्थी कदे नबनित्रा अपनिदे नपतत्रा सतुभत्राष चगौहत्रानि कको बतुलत्राकरि अपनित्रा सत्रामत्रानि व घरि मम रिखत्रा सत्रामत्रानि आभपूषण इत्यत्रानद लदेकरि चलली गई , धजसमम प्रत्राथिर्थी ककी मत्रातत्रा व पररिजनि कदे रिखदे सकोनिदे कदे आभपूषण वजनिली लगभग 45 तकोलदे कको भली अपनिदे सत्राथि लदेकरि चलली गई। पररिवत्रादली व उसकदे पररिजनि कदे उक वजनिली आभपूषणनों कको वसतुन्धिरित्रा पतुतली सतुभत्राष चगौहत्रानि अपनिदे भत्राई ककी ससतुरित्राल मम एक शत्रादली समत्रारिकोह मम शत्रानमल हकोनिदे कदे धलए अपनिदे मत्रायकदे कदे पररिजनि सनांग गई थिली, पहनिनिदे कदे धलयदे लदेकरि गई थिली , इस भरिकोसदे कदे सत्राथि नक वह शत्रादली सदे लगौटनिदे कदे बत्राद उक आभपूषणनों कको वत्रानपस लगौटत्रा ददेगली , लदेनकनि उक वजनिली आभपूषणनों कको वत्रानपस निहहीं लगौटत्रायत्रा उलदेखनिलीय हहै शत्रादली नदनित्रानांनकत 09.12.2020 मम थिली। इस दगौरित्रानि नवपकलीगण प्रत्राथिर्थी ककी पत्निली व उसकदे पररिजनिनों निदे प्रत्राथिर्थी व उसकदे पररिजनिनों कको अत्यत्राधधिक रूप सदे प्रतत्रानडत नकय, धजससदे प्रत्राथिर्थी नडप्रदेशनि मम चलत्रा गयत्रा औरि बलीमत्रारि रिहनिदे लगत्रा , प्रत्राथिर्थी कत्रा खपूनि गलकोनबनि लदेबल 3 परि पहह माँच गयत्रा, डकॉक्टरि ककी रित्राय परि आई०सली०यपू० यपूननिट, यथित्रारथि अस्पतत्राल सस्थित सहैक्टरि ओमदेगत्रा, गदेटरि निकोएडत्रा, जनिपद गगौतम बतुद्ध निगरि, उत्तरि प्रददेश मम उपचत्रारि हदेततु नदनित्रानांक 03.02.2022 मम दत्राधखल हहआ औरि अभली भली प्रत्राथिर्थी कत्रा उपचत्रारि चल रिहत्रा हहै। प्रत्राथिर्थी अभली भली ककोई कत्राम -धिन्धित्रा निहहीं करि पत्रा रिहत्रा हहै। नवपकली पक अब प्रत्राथिर्थी कको झपूठदे कदे स मम फनां सत्रानिदे ककी तहैयत्रारिली मम लगदे हहए हहै। उक पररिवत्राद कत्रा कत्रारिण प्रत्राथिर्थी / पररिवत्रादली कदे सत्राथि मत्रारिपलीट करिनिदे, गनांभलीरि झपूठ तथ्य बनित्राकरि गनांभलीरि कदे स मम फनां सत्राकरि बबत्रारद करि ददेनिदे व बदननियतली रिखतदे हहए प्रत्राथिर्थी पररिजनिनों कदे सकोनिदे कदे आभपूषण कधथित कको जब्त करिनिदे ककी मनांशत्रा सदे वत्रानपस नि लगौटत्रानिदे कदे कक त्य व छल - कपट सदे नवशवत्रास मम लदेकरि शत्रादली करिनिदे मम झत्रानांसत्रा ददेनिदे कदे कक त्य कदे सम्बन्धि मम उक पररिवत्राद मजबपूरिली मम प्रत्राथिर्थी / पररिवत्रादली मत्रानिनिलीय न्यत्रायत्रालय मम यकोधजत करि रिहत्रा हहै। पतुधलस थित्रानित्रा हत्राजत्रा बलीटत्रा -2, गगौतमबतुद्धनिगरि मम अभली तक ककोई कत्रायरवत्राहली नवपकलीगण कदे धखलत्राफ अमल मम निहहीं लत्रायली गई हहै। पररिवत्रादली कत्रा सशपथि ब्यत्रानि अनांतगरत धित्रारित्रा 200 दनां० प्र० सनां० दजर नकयत्रा गयत्रा धजसकत्रा अवलकोकनि नकयत्रा गयत्रा। पररिवत्रादली दत्रारित्रा धित्रारित्रा 202 दनां०प्र०सनां० कदे अनांतगरत सत्राकली सली०डब्ल्यपू -01 कदे रूप अवनिलीश कतु मत्रारि कको प्रस्ततुत नकयत्रा गयत्रा हहै। पतत्रावलली परि दत्राधखल समस्त प्रपतनों कत्रा अवलकोकनि नकयत्रा गयत्रा। पतत्रावलली कदे अवलकोकनि सदे नवनदत हहै नक नवपकलीगण सतुभत्राष चगौहत्रानि व नदधगवजय दत्रारित्रा पररिवत्रादली कदे सत्राथि गत्रालली गलगौज, मत्रारिपलीट व जत्रानि सदे मत्रारिनिदे ककी धिमककी ददेनिदे जहैसली घटनित्रा कत्राररित करिनिदे कत्रा आरिकोप प्रतलीत हकोतत्रा हहै। अततः पतत्रावलली परि उपलब्धि समस्त मगौधखक एवनां दस्तत्रावदेजली सत्राक्ष्य कदे आधित्रारि परि नवपकलीगण सतुभत्राष चगौहत्रानि व नदधगवजय कको धित्रारित्रा- 323,504,506 भत्रा०दनां०सनां० कदे अपरित्राधि मम नवचत्रारिण हदेततु तलब करिनिदे कत्रा प्रथिम दृष्टयत्रा मत्रामलत्रा प्रतलीत हकोतत्रा हहै। आददेश अनभयतुकगण सतुभत्राष चगौहत्रानि व नदधगवजय कको धित्रारित्रा - 323,504,506 भत्रा०दनां०सनां कदे अपरित्राधि हदेततु दत्रारित्रा सम्मनि तलब नकयत्रा जत्रातत्रा हहै। पररिवत्रादली आवशयक पहैरिवली ननियमत्रानितुसत्रारि अनांदरि सपत्राह करिदे। पतत्रावलली वत्रास्तदे हत्राधजरिली नदनित्रानांक 12.02.2024 कको पदेश हको।"

Legal Reasoning

3. Learned counsel for applicants submits that above referred impugned order is bereft of requisite reasoning as required under Section 204 Cr.P.C. 4. I have also considered above submission and found merit since Trial Court concerned has not even reflected the contents of statements recorded under Sections 200 and 202 Cr.P.C., whether on basis of such statements offences under Sections 323, 504, 506 IPC are made out so much as that there are sufficient ground to proceed against applicants. Therefore, impugned order is in the teeth of a judgment passed by Supreme Court in Lalankumar Singh and others vs. State of Maharashtra, 2022 SCC OnLine SC 1383. This Court has also criticized such summoning orders which are passed without application of mind, in various judgments. (See: Seema Devi and others vs. State of U.P. and another, 2024:AHC:119837 and Devendra Arora alias Devendra Kumar and another vs. State of U.P. and another, 2024LAHC:137569) 5. In view of above, without commenting any further on merit of case, impugned summoning order dated 22.12.2023 passed by Additional Chief Judicial Magistrate III, Gautambudh Nagar in Complaint Case No. 10426 of 2023 (Sanjeev Kumar vs. Subhash Chandra Chauhan and others), under Sections 323, 504, 506 IPC, is hereby set aside. Matter is remitted back to Trial Court concerned to pass a fresh order in accordance with law after hearing complainant only as well as taking note of judgments passed by Supreme Court in Lalankumar Singh (supara) and Mohammad Wajid and another vs. State of U.P. and others, 2023 SCC OnLine SC 951, expeditiously, preferably within a period of three months from today, if there is no legal impediment.

Decision

6. With aforesaid observations/ directions, the application is disposed of. 7. Registrar (Compliance) to take steps. Order Date :- 26.9.2024 AK

This is the original judgment text as indexed from the source corpus. Always verify against the official court record before relying on it in a filing — you can do so on eCourts or the Supreme Court of India website. ← Search more judgments