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Case Details

Neutral Citation No. - 2024:AHC:140489 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 13302 of 2024 Applicant :- Harun And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Ajay Kumar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Ajay Kumar Mishra,learned counsel for applicants. 2. Applicants before this Court have been summoned by impugned order dated 30.8.2023 passed under Section 204 Cr.P.C. to face trial under Sections 323, 354-B, 452 and 504 I.P.C.

Legal Reasoning

3. Learned counsel for applicants submitted that instant criminal proceedings are counterblast since earlier on 27.4.2023 a prompt F.I.R. was lodged at the behest of applicants against complainant side for committing an offence under Sections 323, 324, 504 and 506 I.P.C. and according to instructions, after investigation, a charge-sheet has been filed. 4. In order to appreciate above submissions, I have carefully perused the impugned order as well as statement of complainant recorded under Section 200 Cr.P.C. and both are reproduced hereinafter: "30.08.2023 पतत्रावलली पपेश हहई। पररिवत्राददिनली मय दवदत्रान अधधिवकत्रा उपससस्थित आयपे। पतत्रावलली आज तलबली आदिपेश हपेततु दनयत हहै। दवगत दतधस्थि परि पररिवत्राददिनली कपे दवदत्रान अधधिवकत्रा कको तलबली कपे प्रश्न परि सतुनत्रा जत्रा चतुकत्रा हहै। ससंकपेप मम पररिवत्राददिनली कत्रा कस्थिन हहै दक पररिवत्राददिनली कपे गत्रासंव कत्रा हली हत्रारून बहहत हली गतुण्डत्रा प्रववृधत्ति कत्रा व्यदक हहै जको दक पररिवत्राददिनली परि गलत दनगत्राह रिखतत्रा हहै औरि रित्रासतपे मम आतपे -जत्रातपे समय पररिवत्राददिनली सपे अश्ललील हरिकतम करितत्रा हहै तस्थित्रा पररिवत्राददिनली परि फसबतययों कसतत्रा हहै। इसककी दशकत्रायत पररिवत्राददिनली नपे अपनपे पदत सदत्राम सपे ककी तको पररिवत्राददिनली कपे पदत नपे हत्रारून कपे दपतत्रा यत्राकक ब सपे दशकत्रायत ककी दक अपनपे बपेटपे कको समझत्रा लपे , मपेरिली पत्नली कपे सत्रास्थि गलत हरिकतम करितत्रा हहै। इस बत्रात परि उलटत्रा यत्राकक ब नपे पररिवत्राददिनली कपे पदत कको हली गत्रालली दिपेनली शतुरू करि दिली औरि दिकोनयों मम कहत्रा सतुनली हको गयली। यत्राकक ब नपे कहत्रा दक तक मपेरिपे बपेटपे कको बदिनत्राम करि रिहली हहै, दकसली ददिन तपेरिपे घरि मम घतुसकरि ततुझपे बतत्राऐगम। ददिनत्रासंक 10.06.2023 कको समय करिलीब 10 बजपे सतुबह ककी हहै दक पररिवत्राददिनली अपनपे घरि मम स्थिली तभली हत्रारून , शत्राहआलम पतुतगण यत्राकक ब, फय्यकम व यत्राकक ब व अय्यकब पतुतगण मतुनपे दनवत्रासलीगण य, जनपदि अमरिकोहत्रा अपनपे हत्रास्थियों मम लत्राठली -डण्डपे गत्राम धलसडली, खतुदिर, स्थित्रानत्रा-बछरित्रायक लपेकरि, पररिवत्राददिनली कको मत्राय -बदहन ककी गन्दिली गन्दिली गत्राधलयत्रासं बकतपे हहए पररिवत्राददिनली कपे घरि मम घतुस आयपे औरि आतपे हली उक हत्रारून व फहै य्यकम नपे पररिवत्राददिनली ककी ककोलली गलत दनयत सपे भरि लली औरि पररिवत्राददिनली कपे सत्रास्थि गलत कत्राम करिनपे कपे इरित्रादिपे सपे पररिवत्राददिनली कको कमरिपे कपे अन्दिरि कको खखींचकरि लपे गयपे तस्थित्रा हत्रारून नपे पररिवत्राददिनली कपे पहनपे कपडपे फत्राड ददियपे तस्थित्रा सलवत्रारि कत्रा नत्राडत्रा तकोड ददियत्रा तस्थित्रा गलत कत्राम करिनपे कत्रा प्रयत्रास करिनपे लगत्रा। पररिवत्राददिनली नपे शकोरि मचत्रायत्रा तको शकोरि सतुनकरि पररिवत्राददिनली कत्रा पदत सदत्राम आ गयत्रा उसनपे बचत्रानपे ककी ककोदशश ककी तको उसकको भली अदभयतुकगण उपरिकोकत नपे बतुरिली तरिह सपे लत्रात-घकसयों व लत्राठली-डण्डयों सपे मत्रारित्रा-पलीटत्रा औरि घरिपेलक सत्रामत्रान तकोडकरि नतुकसत्रान दकयत्रा। इस मत्रारिपलीट कपे दिदौरित्रान अदभयतुकगण नपे पररिवत्राददिनली जको दक गभरवतली हहै , कको नलीचपे जमलीन परि दगरित्राकरि उसकपे पपेट परि लत्रातम मत्रारिली . धजससपे पररिवत्राददिनली कपे गभर मम पल रिहपे बच्चपे कको नतुकसत्रान पहह यचत्रा। इसली बलीच गत्रासंव कपे ससंजय एवसं फरिमत्रान आददि लकोग आ गयपे। धजन्हकोनपे पररिवत्राददिनली व उसकपे पदत कको अदभयतुकगण उपरिकोक सपे बचत्रायत्रा वरिनत्रा अदभयतुकगण पररिवत्राददिनली ककी इज्जत लकट लपेतपे . जत्रातपे समय अदभयतुकगण आईऩ्दित्रा मदौकत्रा दमलनपे परि जत्रान सपे मत्रारिनपे ककी धिमककी दिपेतपे हहए भत्राग गयपे। पररिवत्राददिनली अपनपे पदत कपे सत्रास्थि लपेकरि ररिपकोटर हपेततु स्थित्रानत्रा मदहलत्रा स्थित्रानपे गयपे। लपेदकन पतुधलस नपे पररिवत्राददिनली ककी ररिपकोटर दिजर नहखीं ककी , न हली पररिवत्राददिनली कको आयली चकोटको कत्रा मपेदडकल करित्रायत्रा। मत्रारिपलीट सपे पररिवत्राददिनली कपे गभर कको चकोट पहहचत्रानपे कपे कत्रारिण पररिवत्राददिनली कको उसकत्रा इलत्राज करित्रानत्रा पड रिहत्रा हहै। तब पररिवत्राददिनली नपे उक सम्बन्धि मम एक प्रत्रास्थिरनत्रा पत शलीमत्रान पतुधलस अधिलीकक महकोदिय, जनपदि अमरिकोहत्रा कत्रा बधजरियपे रिधजसटडर डत्राक प्रपेदषित दकयत्रा। परिन्ततु उक प्रत्रास्थिरनत्रा पत परि भली ककोई कत्रायरवत्राहली नहखीं हहई। पररिवत्राददिनली ककी ओरि सपे मदौधखक सत्राक्ष्य कपे रूप मम धित्रारित्रा -200 दिण्ड प्रदक्रियत्रा ससंदहतत्रा कपे अन्तगरत सवयसं कत्रा बयत्रान असंदकत करित्रायत्रा हहै तस्थित्रा धित्रारित्रा -202 दिण्ड प्रदक्रियत्रा ससंदहतत्रा कपे अन्तगरत सली०डबलक० -1 फरिमत्रान अलली व सली०डबलक० -2 अमरिपत्राल भत्रारितली कको परिलीदकत करित्रायत्रा गयत्रा हहै। पररिवत्रादि परि सतुनत्रा एवसं पतत्रावलली कत्रा अवलकोकन दकयत्रा। पररिवत्रादिली दत्रारित्रा अपनपे धित्रारित्रा 200 दिसं०प्र०ससं० कपे बयत्रानयों मम दवपकलीगण दत्रारित्रा पररिवत्राददिनली कपे घरि मम घतुसकरि गत्रालली गलदौज करिनपे व मत्रारिपलीट करिनपे व पररिवत्राददिनली 202 कपे सत्रास्थि अश्ललील हरिकतम करितपे हहए कपडपे डे़ फत्राडनपे कत्रा कस्थिन हहै। धित्रारित्रा दिसं०प्र०ससं० कपे असंतगरत परिलीदकत करित्रायपे गयपे गवत्राहयों नपे पररिवत्रादिली कपे कस्थिनयों ककी सम्पतुदष्टि ककी हह अतत 202 बयत्रान धित्रारित्रा पररिवत्रादिली कपे बयत्रान धित्रारित्रा दिसं०प्र०ससं० व गवत्राहत्रान कपे 200 दिसं०प्र०ससं० कपे आधित्रारि परि इस सतरि परि अदभयतुकगण हत्रारून एवसं शत्राहआलम कपे दवरूद्ध धित्रारित्रा -452, 323, 354 बली , 504 भ०दिसं०ससं० कपे अन्तगरत प्रस्थिम दृष्टियत्रा मत्रामलत्रा बनतत्रा प्रतलीत हकोतत्रा हहै। शपेषि अदभयतुकगण कपे ससंबसंधि मम पररिवत्राददिनली नपे अपनपे बयत्रान अन्तगरत धित्रारित्रा दिसं०प्र०ससं० मम ककोई कस्थिन नहखीं दकयत्रा हहै। जहत्राय तक धित्रारित्रा -427, 506 पररिवत्राददिनली दत्रारित्रा सत्रामत्रान कपे तकोडफकोड भत्रा०दिसं०ससं० कत्रा प्रश्न हहै तको , जत्रान सपे मत्रारिनपे ककी धिमककी व बल्वत्रा करिनपे -200 व 147 कपे ससंबसंधि मम ककोई कस्थिन नहखीं दकयत्रा हहै। तदिनतुसत्रारि अदभयतुकगण कको उक अपरित्राधि कपे धलए दवचत्रारिण हपेततु तलब दकयपे जत्रानपे कत्रा पयत्रारप्त आधित्रारि नहखीं हहै। आदिपेश अदभयतुकगण हत्रारून एवसं शत्राह आलम कपे दवरूद्ध धित्रारित्रा-452, 323, 354 बली, 504 भ०दिसं०ससं० कपे अन्तगरत दिण्डनलीय अपरित्राधि कपे दवचत्रारिण हपेततु जररियपे सम्मन ददिनत्रासंक 28.09.2023 कपे धलए तलब दकयत्रा जत्रायपे। पररिवत्राददिनली अन्तगरत धित्रारित्रा 204 दिसं०प्र०ससं० पहैरिवली अन्दिरि एक सप्तत्राह करिम।" xxx 200 Cr.P.C. " बयत्रान अन्तगरत धित्रारित्रा 03.07.2023 नत्राम-नईमत्रा (पत्नली सदत्राम), उम्र 25 वषिर, दनवत्रासली-गत्राम धलसडली खतुदिर, अमरिकोहत्रा नपे सशपस्थि बयत्रान दकयत्रा दक ददिनत्रासंक 10.06.2023 कको सतुबह 10.00 बजपे मपेरिपे पदत खपेत परि गयपे स्थिपे तस्थित्रा मह घरि परि अकपे लली स्थिली तको हत्रारून व शत्राह आलम नपे मपेरिपे सत्रास्थि मत्रारिपलीट करि कपडपे फत्राडपे तस्थित्रा बत्तिमलीजली करिली। मपेरिपे पदत खपेत सपे आ गए तको उन्हम भली मत्रारित्रापलीटत्रा। मपेरिपे पदत नपे हत्रारून कपे दपतत्रा सपे दशकत्रायत करिली तको उन्हकोनपे - गलदौज करिली पलीछपे सपे अय्यकब व फय्यकम भली आ गयपे। हत्रारून व शत्राह आलम गत्रालली नपे मपेरिपे गभरवतली पपेट परि लत्रात मत्रारिली। एसएसपली महकोदिय कको पत धलखत्रा परिन्ततु ककोई कत्रायरवत्राहली नहखीं हहई।" 5. It is the case of complainant that both applicants came inside her house and committed the offence of assault and outraged her modesty. Court has also perused the statement of witnesses recorded under Section 202 Cr.P.C. wherein allegation has been extended to other persons also However, as referred above in the impugned order, learned Magistrate has considered entire material and also took note that consistent allegations were only against the present two applicants for committing an offence under above referred sections. So far as other allegations in respect of offence under Sections 427, 506 and 147 are concerned they were disbelieved. Even the involvement of other persons was disbelieved, therefore, this Court is of considered opinion that learned Trial Court has a passed a reasoned order based on correct appreciation of materials available on record. 6. The Impugned summoning order dated 30.8.2023, therefore, is in terms of judgment passed by Supreme Court in Lalankumar Singh and others vs. State of Maharashtra, 2022 SCC OnLine SC 1383 and Delhi Race Club (1940) Ltd. & Ors. Vs. State of Uttar Pradesh & Anr, 2024 INSC 626, therefore, I don't find that any circumstances exist in the present case to invoke the inherent powers. 7. So far as argument in respect of counterblast is concerned, it cannot be a sole ground to disbelieve the statement so recorded in the proceedings as well as a ground to ignore a well reasoned order passed by learned Trial Court. 8. Application therefore, being sans merit is accordingly rejected. Order Date :- 31.8.2024 SB

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