✦ High Court of India

High Court

Case Details

Neutral Citation No. - 2024:AHC:131823 Judgment Reserved on 12.8.2024 Delivered on 14.8.2024. Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 13230 of 2024 Applicant :- H S Narula And 3 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Rajesh Kumar Tripathi,Shashi Kant Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A.,Ravindra Kumar Srivastava,Vikas Mani Srivastava Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Shashi Kant Shukla, lerned counsel for applicants, Sri Ravindra Kumar Srivastava, learned counsel for O.P. No.2 and Sri Om Prakash Mishra, learned A.G.A. for State. 2. Applicants before this Court are owners of one M/s DSC Ltd. 3. At this stage it is not under dispute that aforesaid Company had executed an agreement dated 18.5.2012 with complainant’s company for construction of residential units at Meerut. It was the case of complainant that on a promise of regular payment, they had invested about Rs.13 lakhs for construction, however, said payment was not made and later on company’s construction material was also confiscated. 2

Legal Reasoning

4. It is further case of complainant that a civil suit was filed at the behest of complainant in the year 2013 against present applicants for permanent injunction. Said civil suit is still pending where applicants are appearing. It is further case of complainant that on 20.10.2019, applicants have proposed for a settlement and to put pressure to enter into an agreement on a very minimum amount. Complainant alleged that it was modus operandi of applicants to put pressure on small construction companies to negotiate on a very small amount. 5. In aforesaid circumstances, complainant filed a complaint, under Section 156 (3) Cr.P.C. on 28.2.2020, which was considered as a criminal complaint vide order dated 30.9.2020. 6. In aforesaid case, statement of complainant was recorded under Section 200 Cr.P.C. as well as of witnesses under Section 202 Cr.P.C. and thereafter by way of impugned order passed under Section 204 Cr.P.C. dated 13.3.2024, applicants were summoned to face trial under Section 406 I.P.C., relevant part thereof is reproduced hereinafter: " परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिवद्वान अधि(cid:15)वक्ताके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन तक(cid:18)को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनसुनातथापत्रावली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकाअवलो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकन दिकया। पत्रावली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)शी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकननसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनस्पष्ट होता है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराहो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनताहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारादिकप्रा(cid:3)म्भ में परिवादिनी की ओर से धारामें परिवादिनी की ओर से धारापरि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकी ओर से धाराओ(cid:3)से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:15)ा(cid:3)ा 156 (3) (cid:7)ण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था प्रदि)या संदिहता के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अ(cid:15)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन प्राथ+ना पत्र प्रस्तुत दिकया गया था तथा दिवद्वान न्यायालय द्वा(cid:3)ा वा(cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन उक्त प्राथ+ना पत्र को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)वा(cid:7) के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन रूप में परिवादिनी की ओर से धारा पंजी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकृत दिकये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन जाने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतु आ(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशिशत दिकया गया, साथ ही के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:15)ा(cid:3)ा 200 व 202 (cid:7)ण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था प्रदि)या संदिहता के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अ(cid:15)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन गवाहान व अशिभ में परिवादिनी की ओर से धाराले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनखी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनय साक्ष्य प्रस्तुतक(cid:3)ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनहे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतुआ(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशिशत दिकयागया। परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अपने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)वा(cid:7) के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन समथ+न में परिवादिनी की ओर से धारा(cid:15)ा(cid:3)ा 200 (cid:7)ण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाप्रदि)यासंदिहताके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन बयानमें परिवादिनी की ओर से धारास्पष्ट होता है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारारूपसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकथनदिकयाहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारादिक उन्हो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है जो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिक ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कम+चा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा. फम+ के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन साथड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०जी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारापसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनफै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाबनाने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन काय+ को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3)एकअग्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनमै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियादिकया जिजसमें परिवादिनी की ओर से धारा परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा फम+ ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कुल 21 लाख रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन खच+ क(cid:3) दि(cid:7)ये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। जिजसमें परिवादिनी की ओर से धारा से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवल (cid:7)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन- ती के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन लाख रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन का ही के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनमे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन प्राप्त हुआ। हुआ। दिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कपट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया व छल क(cid:3)के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन परि(cid:3)वा(cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अग्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनमे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया दिकया तथा अब दिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी हैपरि(cid:3)वा(cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनफम+ कालगायाहुआरुपयानहीं लौटा रहे हैं। गवाहानलौट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाा(cid:3)हे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनहैं। गवाहान 3 25 18.05.2012 13,08,104/- अन्तग+त (cid:15)ा(cid:3)ा 202 (cid:7)ं०प्र०सं० गवाह नवी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन चन्द्र शर्मा ने कथन किया है कि शमा+ ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कथन दिकया है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा दिक कंक(cid:3)खे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनड़ा के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पास ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० लिल० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन द्वा(cid:3)ा ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०जी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन मे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:3)ठ कैण्ट कै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराण्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया ईस्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया प्रो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनजे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया की ओर से धारा बाबत (cid:3)क्षा मंत्रालय भ में परिवादिनी की ओर से धाराा(cid:3)त स(cid:3)का(cid:3) के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन साथ कान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन आ(cid:15)ा(cid:3) प(cid:3) रि(cid:3)हायशी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन यूदिनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया का दिनमा+ण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है क(cid:3) (cid:3)हीं लौटा रहे हैं। गवाहान थी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। इस बाबत जब मैं अपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लिलये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनरि(cid:3)हायशी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनसाईट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियायूदिनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाप(cid:3)अपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनपत्नि के साथ पहुंचा तो मुझे वहांPनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन साथपहुंचातो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनमुझे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवहां प(cid:3) उक्त कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनग दिमले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। तथा उन्होंने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन चे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनय(cid:3)मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारान, व प्रबं(cid:15) दिन(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशक से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन प(cid:3) बात क(cid:3) हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ओ०आ(cid:3)० ब्लाक में परिवादिनी की ओर से धारा इसके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन बा(cid:7) रि(cid:3)हायशी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनयूदिनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाकादिनमा+ण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी हैकाकान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनको सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराया(cid:3)हो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतथा दि(cid:7)नांक को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन मे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:3)ठ कैण्ट कै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया साईट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया प(cid:3) ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगों द्वा(cid:3)ा दिनष्पादि(cid:7)त कान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था हजा(cid:3)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पन्नो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा लिलखी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन तथा उन प(cid:3) दिवश्वास (cid:3)खने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कहा जिजस प(cid:3) मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर 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तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन काम क(cid:3)वाते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:3)हे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। लगभ में परिवादिनी की ओर से धाराग रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा(cid:15)न(cid:3)ाशिशदिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी हैप(cid:3)बकायाहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। कुछसमय बा(cid:7) बकाया (cid:15)न(cid:3)ाशिश का प्रधितशत (cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3) समझौता दिकया दिक तुमहें परिवादिनी की ओर से धारा तुम्हा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन 20 बकाया(cid:15)न(cid:3)ाशिशका प्रधितशत(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3)समझौताक(cid:3)ले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कहानहीं लौटा रहे हैं। गवाहानतो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पू(cid:3)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन जी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवनमुक(cid:7)मालड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:3)हजायें परिवादिनी की ओर से धारागे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। इनलो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकहादिकये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनउनलो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगोंने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रैंड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाबना (cid:3)खाहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। छो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनछो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनको सुना तथा पत्रावली का अवलोकनसमयसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनभ में परिवादिनी की ओर से धाराुगतान(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकालालच(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3)उनप(cid:3) बे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनईमानी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनअपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:7)(cid:3)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनप(cid:3)सबकान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनहैंतथाउसके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन बा(cid:7)सभ में परिवादिनी की ओर से धाराी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनफमWका काय+ अपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकी ओर से धाराओ(cid:3)से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनदि(cid:7)खाक(cid:3)भ में परिवादिनी की ओर से धाराुगतानप्राप्त हुआ।क(cid:3)के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कामवो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3)(cid:7)ते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हैंतथाऐसी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारासी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनफम+ की ओर से धाराको सुना तथा पत्रावली का अवलोकनईबकाया(cid:15)न(cid:3)ाशिशअ(cid:7)ानहीं लौटा रहे हैं। गवाहानक(cid:3)ते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवहअपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन समय (cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3) समझौता क(cid:3) ले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा तथा इसी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन का फाय(cid:7)ा इच्छानुसा(cid:3) ओने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन प्रधितशत रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन का उठ कैण्टा क(cid:3) ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ की ओर से धारा समय (cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन का समझौता क(cid:3)ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन का (cid:7)बाव बनाया। ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ का क(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनब 20,56,914 रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा स(cid:7)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनष हानि व अपने को सदोष हादिन व अपने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन स(cid:7)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनष हानि व अपने को सदोष लाभ में परिवादिनी की ओर से धारा पहुंचाया। गवाह (cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनपक कुमा(cid:3) ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कथन दिकया है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारादिक कंक(cid:3)खे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनड़ा साईट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया प(cid:3) परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन व हम सब का ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पांच- छः लोगो के साथ लो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन साथ परि(cid:3)चयहुआतथाड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अधि(cid:15)का(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनपरि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकी ओर से धारासाईट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया प(cid:3) बनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिबल्डिं]ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाग को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दि(cid:7)खाते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हुए कहा दिक तुम्हे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन बकाया (cid:15)न(cid:3)ाशिश के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन 20 प्रधितशत को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3) समझौता क(cid:3)ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा तो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनऑदिफसआक(cid:3) समझौता क(cid:3) ले विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनना नहीं लौटा रहे हैं। गवाहान तो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पू(cid:3)ा जी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवन मुक(cid:7)मा लड़ते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:3)ह जाओगे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। समझौता न क(cid:3)ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन प(cid:3) कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिनधि(cid:15) शमा+ को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:15)मकी ओर से धारा (cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन तथा उनको सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लालच (cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3) उकसाया। ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अधि(cid:15)का(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फज_ आ(cid:15)ा(cid:3) प(cid:3) फज_ एवं झूठ कैण्टी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकान्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया्रै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराक्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट कियाड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थादिनष्पादि(cid:7)तक(cid:3)के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमसभ में परिवादिनी की ओर से धाराी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन खचWप(cid:3)दिबल्डिं]ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थागबनवाने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनका काम क(cid:3)ाया। हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनफमW के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन द्वा(cid:3)ा क(cid:3)ाये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन गये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन काम को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनअपनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धाराओ(cid:3) से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन क(cid:3)ाया गया काम दि(cid:7)खाक(cid:3) हम सब का रुपया हड़प लिलया। उन्होंने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिबना लिललिखत अनुमधित के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ही के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ व अन्य फमW को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन उप संदिव(cid:7)ा कहके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कामक(cid:3)वाया। हमा(cid:3)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनसाथभ में परिवादिनी की ओर से धाराी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनइसकम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनहमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनबे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकाया(cid:15)न(cid:3)ाशिशकाके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवल 25 प्रधितशत(cid:15)न(cid:3)ाशिश(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक(cid:3)समझौतादिकया थावहभ में परिवादिनी की ओर से धाराी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतबदिकया थाजबहमने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन इनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लिखलाफ (cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनवानी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन व फौज(cid:7)ा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन मुक(cid:7)मे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिकये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। इन्होंने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हमसे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन समझौता दिकया था हमें परिवादिनी की ओर से धारा रुपये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा सख्त जरू(cid:3)त थी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन इसलिलये विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन मजबू(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन में परिवादिनी की ओर से धारा 25 प्रधितशत प(cid:3) (cid:7)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन इनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन कहने विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन प(cid:3) समझौता क(cid:3) लिलया था। हमा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन फम+ की ओर से धारा ओ(cid:3) से विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन लिखलाफ हुई एफ०आई०आ(cid:3)० वआ(cid:3)ो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनप पत्र व वा(cid:7) - 20 4 अतः लोगो के साथ उक्त तथ्यों में परिवादिनी की ओर से धारा हुए समझौते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकननामे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन की ओर से धारा प्रधित पत्रावली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन प(cid:3) संलग्न है। इनके ऊपर श्रीमति निशि है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। इनके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ऊप(cid:3) श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनमधित दिनशिश शमा+की ओर से धाराकम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकाभ में परिवादिनी की ओर से धाराी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनकाफी ओर से धारारूपयाबकायाहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। , परि(cid:3)त्नि के साथ पहुंचा तो मुझे वहांस्थयों व गवाहान के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन बयान के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन आ(cid:15)ा(cid:3) प(cid:3) प्रथम -406 दृष्ट होता है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारायादिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी हैद्वा(cid:3)ा(cid:15)ा(cid:3)ा भ में परिवादिनी की ओर से धाराा(cid:3)ती के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनय(cid:7)ण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थासंदिहताअमानतमें परिवादिनी की ओर से धाराख्यानतका अप(cid:3)ा(cid:15)कारि(cid:3)तदिकयाजानाप्रती के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतहो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनताहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। जिजसके विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन दिवचा(cid:3)ण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी हैहे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतुदिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है। श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन एच०एस० नरूला ) मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा० एम०एस०नरूला ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० लिल० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन नई दि(cid:7)ल्ली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन तलब दिकया जाना उधिचत प्रती के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनत हो सुना तथा पत्रावली का अवलोकनताहै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। ( चै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराय(cid:3)मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारान ( प्रबन्(cid:15)कदिन(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशक श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन सु(cid:15)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:3) कुमा(cid:3) तथा 4. ) वाईस प्रे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनजिसड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया ( आ(cid:3)०के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०सै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारानी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन ( दिन(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशक ), 2. ), 3. आ(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनश दिवपक्षी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनगण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है । श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन एच०एस० नरूला (चै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धाराय(cid:3)मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारान), 2. श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन सु(cid:15)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन(cid:3) कुमा(cid:3) (वाईस तथा 4. आ(cid:3)०के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० प्रबन्(cid:15)क दिन(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशक) श्री के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन एम०एस० नरूला ( प्रे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनजिसड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनन्ट बनाने के कार्य को लेकर एक अग्रीमैन्ट किया), 3. सै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारानी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (दिन(cid:7)े विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशक) मै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा० ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया थाी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन०एस०सी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन० लिल० कम्पनी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन नई दि(cid:7)ल्ली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:15)ा(cid:3)ा 406 भ में परिवादिनी की ओर से धाराा०(cid:7)ं०सं० के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन अप(cid:3)ा(cid:15) में परिवादिनी की ओर से धारा प(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनक्षण जो कि डी०एस०सी० कम्पनी के कर्मचारी है हे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनतु तलब दिकया जाता है कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा। परि(cid:3)वादि(cid:7)नी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन पै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा(cid:3)वी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन क(cid:3)ें परिवादिनी की ओर से धारा। गवाहन सूची के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन (cid:7)ालिखल क(cid:3)ें परिवादिनी की ओर से धारा। पै कि प्रारम्भ में परिवादिनी की ओर से धारा(cid:3)वी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन उप(cid:3)ांत समन जा(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। पत्रावली के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन वास्ते विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन हाजिज(cid:3)ी के विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनअशिभ में परिवादिनी की ओर से धारायुक्तदि(cid:7)नांक 24.04.2024 को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनपे विद्वान अधिवक्ता के तर्को को सुना तथा पत्रावली का अवलोकनशहो सुना तथा पत्रावली का अवलोकन। "

Legal Reasoning

7. Learned counsel for applicants submits that dispute in present case was essentially of a civil nature, but complainant has given it a criminal colour. Complainant has already relegated to civil suit wayback in the year 2013, as such a complaint filed in year 2020 i.e. after 7 years is barred by provisions of law. 8. Learned counsel for applicants in support of above submissions has referred Section 468 Cr.P.C. i.e. ‘Bar of taking cognizance after a lapse of period of limitation’. He further referred Section 406 I.P.C. which is punishable with imprisonment of either description for a term which may extend to three years or with fine or with both and to take cognizance of such offence, limitation is of three years. For reference, Section 468 Cr.P.C. is reproduced hereinafter: “Section 468 – Bar to taking cognizance after lapse of the period of limitation: 5 1.Except as otherwise provided elsewhere in this Code, no Court, shall take cognizance of an offence of the category specified in Sub-Section (2), after the expiry of the period of limitation. 2.The period of limitation shall be- (a)six months, if the offence is punishable with fine only; (b)one year, if the offence is punishable with imprisonment for a term not exceeding one year; (c)three years, if the offence is punishable with imprisonment for a term exceeding one year but not exceeding three years. 3.For the purposes of this section, the period of limitation, in relation to offences which may be tried together, shall be determined with reference to the offence which is punishable with the more severe punishment or, as the case may be, the most severe punishment.” 9. Learned counsel for applicants further submitted that it is still under dispute as to whether complainant’s company has executed some constructions or not and as to whether it has spent certain money or not, therefore, on facts of this case, no offence is made out under Section 406 I.P.C. as well as basic ingredients of ‘entrustment’ was missing. 10. Learned counsel for the complainant has not disputed above facts of present case as mentioned above, except that during proceedings of a civil suit at a later stage in the year 2019, applicants have forced complainant to enter into a compromise, as such it may be a case of continuing offence as defined under Section 472 Cr.P.C. and in a given circumstances, there will be no bar. For reference Section 472 Cr.P.C. is also reproduced hereinafter: “ Section 472 – Continuing offence 6 In the case of a continuing offence, a fresh period of limitation shall begin to run at every moment of the time during which the offence continues.” 11. Learned counsel for applicants also referred impugned order that there are sufficient grounds for proceedings against applicants. 12. Heard learned counsel for parties and perused the records. 13. In above factual and legal background, it is not under dispute that an agreement was executed between parties which does not appear to be finally executed and a dispute arose. It is a case of complainant that she has spent huge money towards construction and not only said amount was not paid, but companies’ construction materials were confiscated by applicants as well as that a civil suit was filed wayback in year 2013 at the behest of complainant. 14. On basis of records available before this Court from year 2013 to 2019, no material was placed that there were any negotiations for settlement or otherwise between parties and that suddenly in the year 2019, i.e. after six years the complainant has come up with a case that applicants have tried for settlement and only thereafter she has filed present complaint. 15. From contents of complaint an argument that it would be a continuing offence does not appear to have a legal basis as for continuing offence there must be repeated cause of action. However,as referred above, in present case there was a gap of six years, therefore, argument of learned counsel for applicants in respect of Section 468 Cr.P.C. becomes relevant. 7 16. As referred above,Section 468 Cr.P.C. prescribes a limitation for alleged offence of ‘criminal breach of trust’ which is of three years which got expired in year 2017. Alleged occurrence which took place in year 2019 could not be considered to be a ground to consider it a continuing offence, rather it would be a fresh cause of action, if any, therefore, cognizance of offence taken after about 7 years was absolutely barred by Section 468 Cr.P.C. 17. Court also considered the case on merits that since a suit has already been filed by complainant, therefore, at very belated stage to file an application under Section 156 (3) Cr.P.C. was nothing, but an attempt to give a cloak of a criminal case to a dispute which was essentially of a civil dispute and for that a reference was taken of judgments passed by Supreme Court in case of A.M.Mohan Vs. State represented by SHO and Another, 2024 SCC Online SC 339 and Paramjeet Batra Vs. State of Uttarakhand (2013) 11 SCC 673. For reference, relevant part of aforesaid judgments are reproduced hereinafter: A.M.Mohan (supra) “ 10. The Court has also noted the concern with regard to a growing tendency in business circles to convert purely civil disputes into criminal cases. The Court observed that this is obviously on account of a prevalent impression that civil law remedies are time consuming and do not adequately protect the interests of lenders/creditors. The Court also recorded that there is an impression that if a person could somehow be entangled in a criminal prosecution, there is a likelihood of imminent settlement. The Court, relying on the law laid down by it in the case of G. Sagar Suri v. State of U.P. held 8 that any effort to settle civil disputes and claims, which do not involve any criminal offence, by applying pressure through criminal prosecution should be deprecated and discouraged. The Court also observed that though no one with a legitimate cause or grievance should be prevented from seeking remedies available in criminal law, a complainant who initiates or persists with a prosecution, being fully aware that the criminal proceedings are unwarranted and his remedy lies only in civil law,should himself be made accountable, at the end of such misconceived criminal proceedings, in accordance with law.“ Paramjeet Batra (supra) 12. While exercising its jurisdiction under Section 482 of the Code the High Court has to be cautious. This power is to be used sparingly and only for the purpose of preventing abuse of the process of any court or otherwise to secure ends of justice. Whether a complaint discloses a criminal offence or not depends upon the nature of facts alleged therein. Whether essential ingredients of criminal offence are present or not has to be judged by the High Court. A complaint disclosing civil transactions may also have a criminal texture. But the High Court must see whether a dispute which is essentially of a civil nature is given a cloak of criminal offence. In such a situation, if a civil remedy is available and is, in fact, adopted as has happened in this case, the High Court should not hesitate to quash the criminal proceedings to prevent abuse of process of the court.. 18. In aforesaid circumstances, no allegations are made out even on merit against applicants, as well as cognizance of offence itself is barred under Section 468 Cr.P.C. 19. Accordingly, impugned order dated 13.3.2024 passed by Judicial Magistrate/Addl. Civil Judge (Jr. Div.), Court No.5 Meerut in 9 Complaint Case No.9581 of 2019 (Nidhi Sharma Vs. M/s DSC and others) and entire criminal proceedings initiated in pursuance of aforesaid complaint case is hereby quashed and this application is accordingly allowed. Order Date :- 14.8.2024 SB

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