High Court
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:133811 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 12428 of 2024 Applicant :- Amar Tripathi @ Awadhesh Narain Tripathi Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Ram Lal Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Ram Lal Mishra, learned counsel for applicant and perused the record. 2. In the present case, it was alleged by complainant that there was some commercial dispute with applicant as allegedly he has not paid for chemical supplied to him. It was further alleged that when complainant went to factory of applicant, he alongwith other accused caused hurt to him. Trial Court had summoned applicant by means of impugned order dated 18.08.2023 passed under Section 204 Cr.P.C. to face trial under Sections 406, 323, 504, 506 IPC as well as that complainant has given cloak of criminal offence to a dispute essentially of a civil nature.
Legal Reasoning
3. Learned counsel for applicant submits that basis of commercial transaction is a paper wherein some amount has been mentioned without even endorsing the name of applicant. 4. In order to appreciate the above submission, I have carefully perused impugned order and relevant part thereof is mentioned hereinafter: "ससुनना एववं पतनावलली कना अवललोकन ककयना। पतनावलली कके अवललोकन सके कवकदित हहै कक पररिवनादिली दनारिना प्रस्तसुत पररिवनादि कवपकलीगण कके कवरुद्ध इस आशय सके प्रस्तसुत ककयना गयना हहै कक पररिवनादिली रिनाहहल दितना पहैटट लोकके म इवंकडियना प्रना० लल० कना डिनायरिकेक्टरि हहै। प्रनारर्थी ककी कवं पनली मम कके कमकरिण कना कनाम हलोतना हहै। पररिवनादिली नके शली अमरिननार कतपनाठली कके आग्रह परि रूपयके 5,44,000/- कना कके कमकल अपनके व अमरि ननार कतपनाठली कके व्यनापनाररिक सम्बन्ध कलो दिकेखतके हहयके उधनारि कदियना रना लजिसककी पनावतली भली अमरि ननार कतपनाठली नके प्रनारर्थी कलो अपनके हस्तनाकरि करि कदिननावंक 13.03.2019 कलो दिके दिली रली औरि आश्वनासन कदियना रना कक एक दिलो मनाह बनादि पपूरिके रूपयके दिके दिमगके औरि रिसलीदि प्रनाप्त करि लमगके। कदिननावंक 13.03.2019 सके लकेकरि आजि तक उपरिलोक्त अमरि ननार कतपनाठली नके प्रनारर्थी दनारिना कदियके गयके उधनारि मनाल कना भसुगतनान नहहीं ककयना हहै। जिब - जिब भली प्रनारर्थी नके अपनके पहैससों कके बनारिके मम बनात ककी अमरि ननार कतपनाठली अक्सरि टनाल मटलोल करितके रिहतके रिहके कभली करिलोनना कना हवनालना दिकेकरि कभली व्यनापनारि नहली चल रिहना कभली कसु छ बहनानना बनना करिकके प्रनारर्थी कलो टनालतके रिहके हहै। उनककी नलीयत पपूरिली तरिह सके प्रनारर्थी कके पहैसके हड़प लकेनके ककी हलो गयली हहै यहनाहाँ तक कक यह प्रनारर्थी कना फलोन भली नहहीं उठनातके रके प्रनारर्थी नके कई बनारि फलोन ककयना ककन्तसु अमरि कतपनाठली नके प्रनारर्थी कके फलोन कना जिवनाब नहहीं कदियना तब प्रनारर्थी अपनके पहैसके कना तगनादिना करिनके कदिननावंक 07.07.2022 कलो अपनके कमत अकभषकेक पनाण्डिकेय व जनान वमनार्मा कके सनार उनककी उपरिलोक्त फहै क्टटली मम गयना तलो पपटट ली कके गनाडिर्मा नके जिहैसके हली दिरिवनाजिना खलोलना तलो वहनाहाँ ममौजिपूदि महैनकेजिरि बबलपू कतवनारिली तरना अमरि ननार कतपनाठली कना सनालना आरि० कके ० शसुक्लना व उनकके सनालके आरि० कके ० शसुक्लना कना भनावंजिना - अलखलकेश शसुक्लना एववं अमरि ननाप कतपनाठली कमलके औरि प्रनारर्थी कलो दिकेखतके हहए भड़क गयके औरि प्रनारर्थी कके सनार गनालली गलमौजि करिनके लगके तरना प्रनारर्थी कके सनार हनारना पनाई करिनके लगके लजिस परि प्रनारर्थी कके उपरिलोक्त कमतलो नके बलीच बचनाव करिकके अमरि ननार कतपनाठली एवंव उक्त ललोगलो सके प्रनारर्थी कलो बचनायना। इतनके मम अमरिननार कतपनाठली नके प्रनारर्थी कलो धमककी दिली औरि कहना कक मपनके तसुम्हनारिके पहैसके हड़प ललयके हहै तसुम्हके जिलो करितके बनके करि लकेनना औरि आजि कके बनादि अगरि मकेरिके इलनाकके मम कदिख गयके तलो हम तसुम्हके लजिन्दिना नहली छलोड़मगके । पररिवनादिली दनारिना अपनके करन कके समरर्मान मम स्वयवं कना बयनान अवंतगर्मात धनारिना 200 दिवं० प्र० सवं० तरना धनारिना 202 दिवं० प्र० सवं० कके अवंतगर्मात सनाकलीगण पली०डिब्लपू०-1 जनान वमनार्मा, पली०डिब्लपू०-2 अकभषकेक पनाण्डिकेय कलो परिलीककत करिनायना गयना हहै। लजिन्हसोंनके पररिवनादिली कके करनसों कना पपूणर्मा समरर्मान ककयना हहै। उपरिलोक्त कववकेचन तरना पतनावलली परि उपलब्ध समस्त सनाक्ष्य कके आललोक मम कवपकलीगण अमरि कतपनाठली कके कवरुद्ध प्ररम दृष्टयना अपरिनाध अन्तगर्मात धनारिना - 406,323, 504, 506 भना०दिवं०सवं० एववं बबलपू कतवनारिली , आरिकके ० शसुक्लना, अलखलकेश शसुक्लना कके कवरुद्ध प्ररम दृष्टयना अपरिनाध अन्तगर्मात धनारिना - 323,504,506 भना०दि०सवं० ससृलजित हलोनना पररिलककत हलोतना हहै। अततः उक्त कवपकलीगण उपरिलोक्त अपरिनाध हकेतसु तलब ककयके जिनानके यलोग्य हहै। आदिकेश अकभयसुक्तगण अमरि कतपनाठली कलो अपरिनाध अन्तगर्मात धनारिना - 406,323,504,506 भना०दिवं०सवं० एववं अकभयसुक्तगण बबलपू कतवनारि , आरि०कके ०शसुक्लना व अलखलकेश शसुक्लना कलो अपरिनाध अन्तगर्मात धनारिना - 323,504,506 भना०दिवं०सवं० कके कवचनारिण हकेतसु जिररियके सम्मन तलब ककयना जिनातना हहै। पररिवनादिली कलो आदिकेकशत ककयना जिनातना हहै कक वह धनारिना 204(3) दिवं०प्र०सवं० कके अनसुपनालन मम सम्मन कके सनार पररिवनादि पत ककी प्रकतललपली प्रस्तसुत करिम। उपरिलोक्त अनसुपनालन कके उपरिनान्त कनायनार्मालय दनारिना अकभयसुक्तगण ककी उपसस्रकत हकेतसु सम्मन जिनारिली हलो। पतनावलली कदिननावंक 22.09.2023 कलो वनास्तके हनालजिरिली मसुसलजिमनान हलो।" 5. I find substance in argument of learned counsel for applicant that it was a commercial transaction which appears to fall under a dispute and since it is not on record, whether complainant has initiated any civil proceedings or not, therefore, it may be a case where criminal colour has been given to a commercial dispute. The proof of transaction of chemical also does not have necessary details. On basis of facts of case offence under Section 406 IPC is not made out, since there is no entrustment. The Court also takes note of a judgment passed by Supreme Court in A.M. Mohan Vs. State Represented by SHO and another, 2024 SCC OnLine SC 339. 6. In view of above, application is allowed in part. Impugned summoning order dated 18.08.2023 as well as bailable warrant dated 31.01.2024 passed by Civil Judge (Junior Division), Court No. 9, Kanpur Nagar in Complaint Case No. 4166 of 2022, under Sections 406, 323, 504, 506 IPC, Police Station Govind Nagar, District Kanpur Nagar, are hereby quashed. 7. Since this order is passed without issuing notice to Opposite Party No. 2, i.e., complainant, therefore, matter is remitted back to Trial Court concerned to pass fresh order in accordance with law after hearing complainant expeditiously, preferably within a period of three months from today, if there is no legal impediment. 8. Registrar (Compliance) to take steps. Order Date :- 21.8.2024 AK