✦ High Court of India

Vakil Kumar v. State of U.P. and another

Case Details High Court of India

Court No. - 12 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 11923 of 2024 Applicant :- Rakesh Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Ors. Counsel for Applicant :- Nishant Srivastava,Vivek Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Lavania,J. Heard learned counsel for the applicant and learned AGA for the

1. State as well as perused the record.

2. By means of the present application under Section 482 Cr.P.C. the applicant has assailed the order dated 13.12.2024, passed by learned Additional Session Judge/F.T.C. 1st, Gonda (in short "revisional court") in Criminal Revision No.437 of 2022 "Vakil Kumar Vs. State of U.P. and another.

3. By means of the order impugned, the revisional court in the revision filed, challenging the order dated 12th September, 2022, passed by the District Magistrate, Gonda whereby the application of the opposite party No.2, registered as Case No.2151 of 2022 (Vakil Kumar Pandey Vs. State), under Section 25 of the Police Act was rejected.

4. The revisional court released the vehicle in favour of opposite party No.2/Vakil Kumar Pandey (whose particulars are wrongly indicated as Vakil Kumar Shukla in the instant application and the same is apparent from the copy of the suit seeking decree of declaration relating to the mud loader in issue, annexed as Annexure No.5) after considering the statement of the applicant recorded by the Investigating Officer (I.O.), after lodging of the F.I.R. No.111/2022, under Sections 419, 420 I.P.C., in terms of Section 161 Cr.P.C.. The relevant portion of the order dated 13.12.2024 reads as under :- "पत्रावली के अवलोकन से विववि(cid:15)त होता है विक विवद्वान अवर न्यायालय द्वारा प्रश्नगत आ(cid:15)ेश वि(cid:15)नांविकत 12.9.2022 यह कहते हुये पारिरत विकया गया है विक" उपविनरीक्षक थाना कटरा बाजार द्वारा अवगत कराया गया है विक वकील कुमार पाण्डेय पुत्र सरजू प्रसा(cid:15) पाण्डेय विनवासी नकही थाना कटरा बाजार गोण्डा तथा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला पुत्र राजकुमार शुक्ला विनवासी उपरोक्त के मध्य मडलोडर मशीन के स्वाविमत्व को लेकर विववा(cid:15) है। (cid:15)ोनो पक्ष उक्त मशीन पर अपना - अपना अधि8कार होना बता रहे है। आवे(cid:15)क द्वारा न्यायालय के समक्ष मडलोडर मशीन के स्वाविमत्व के सम्बन्8 में अपना कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नही 2 विकया जा सका है। स्वाविमत्व सिसध्(cid:15) न होने के कारण प्रश्नगत मडलोडर मशीन अवमुक्त विकया जाने का कोई औधिAत्य नही है। अतः प्राथCना पत्र वि(cid:15)नांविकत - 20.01.2022 विनरस्त विकया जाता है" से क्षुब्8 होकर यह विनगरानी प्रस्तुत की गयी है। - 222/0.028 हेक्टेयर जो नकही में स्थिस्थत है उक्त के प्रकाश में विनगरानीकताC द्वारा (cid:15)ाखिFल प्रपत्रों का अवलोकन विकया जाय तो सूAी से (cid:15)ाखिFल टैक्स इनवाइस वि(cid:15)नांविकत -1 जुलाई 2021 को विनगरानीकताC वकील कुमार पाण्डेय के पक्ष में ओम इण्टरप्राइजेज द्वारा जारी की गयी है। यही नही विनगरानीकताC द्वारा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला के विवरूद्ध (cid:15)जC करायी गयी प्राथविमकी अ०सं० - 111/2022, 8ारा - 419, 420 भा०(cid:15)ं०स० में (cid:15)ौरान विववेAना विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा -161 (cid:15)०प्र०स में सी०डी० के पAाC नं०-6 में आरोपी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा स्पष्ट रूप से कथिथत विकया गया है विक " साहब मै तथा वकील कुमार पाण्डेय बहुत , करीब डेढ़ साल पहले वकील कुमार पाण्डेय को डेढ लाF रूपये मुझसे अच्छे विमत्र थे उ8ार लेकर विमट्टी लोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था। डेढ लाF रूपये के ब(cid:15)ले में उन्होंने मेरे पास अपना Fेत गाटा सं० , ब8ंक रF वि(cid:15)या था " से स्पष्ट है विक उक्त विमट्टी लोडर मशीन स्वंय विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला के बयान के अनुसार वकील कुमार पाण्डेय ने राकेश कुमार शुक्ला से डेढ लाF रूपये उ8ार लेकर Fरी(cid:15)ा था और उक्त डेढ लाF रूपये के ब(cid:15)ल अपनी जमीन विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला को विगरवी के रूप में वि(cid:15)या था। यही नहीं प्रस्तुत प्रकरण में बयान गवाह ग्रामीण श्री गुलाबAन्(cid:15) धितवारी पुत्र (cid:15)ेवता प्रसा(cid:15) ने भी विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा - 161 (cid:15)०प्र०सं० में कहा है विक वकील कुमार पाण्डेय पुत्र सरजू प्रसा(cid:15) पाण्डेय तथा राकेश कुमार शुक्ला पुत्र राजकुमार शुक्ला (cid:15)ोनो लोग हमारे गांव नकही के विनवासी है। तथा (cid:15)ोनो , परन्तु सच्चाई यह है विक वकील पाण्डेय को पैसे की बहुत लोग से मेरे अच्छे सम्बन्8 है सख्त जरूरत थी , सिजसके खिलये , उनको विमट्टी Fो(cid:15)ने वाली मशीन मडलोडर Fरी(cid:15)नी थी उन्होंने डेढ लाF रूपये राकेश कुमार शुक्ला से उ8ार खिलये थे तथा इसके ब(cid:15)ले में अपना Fेत उनके पास बं8क रF वि(cid:15)ये थे। इस सम्बन्8 में एक इकरारनामा गोण्डा कAेहरी में (cid:15)ोनो लोगो की मौजू(cid:15)गी में खिलFा गया था " से भी यह स्पष्ट है विक मात्र विनगनानीकताC द्वारा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला से उक्त विमट्टी Fो(cid:15)ने वाली मशीन को Fरी(cid:15)ने के खिलये मु० - डेढ लाF रूपये उ8ार खिलये थे और उक्त रूपयो के बाबत अपनी जमीन राकेश कुमार शुक्ला को बन्8क के रूप में (cid:15)ी गयी थी। इसी कथन का समथCन अन्य गांव के गवाहान (cid:15)शरथ लाल, संजय कुमार , शुक्ला शास्थिन्त Aन्द्र धितवारी, थिशव बाबू धितवारी व रोविहत कुमार धितवारी ने अपने - अपने बयान 8ारा - 161 (cid:15)०प्र०सं० में विकया है । सिजससे भी इस तथ्य की पुविष्ट होती है विक मात्र विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा उक्त मडलोडर मशीन को Fरी(cid:15)ने के खिलये विनगरानीकताC वकील कुमार पाण्डेय को मु०- 150000/- रूपये उ8ार वि(cid:15)या गया है। Aूंविक स्वीकृत रूप से यह उभय पक्षो ने स्वीकार विकया है विक उक्त मडलोडर मशीन मु०- 2,15000/- रूपये की थी। सिजसके बाबत टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) भी विनगनानीकताC द्वारा (cid:15)ाखिFल है। मात्र उ8ार वि(cid:15)ये गये रूपये मु०- 15,0000/- से उक्त टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) जो विनगरानीकताC के पक्ष में विवक्रेता कम्पनी ओम इण्टरप्राइजेज को नकारा नही जा सकता। यही नही स्वयं विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा- 161(cid:15)०प्र०सं० से भी इस बात की पुविष्ट होती है विक उ8ार रूपये लेकर विनगरानीकताC वकील पाण्डेय ने उक्त मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था और जो वि(cid:15)नांक- 20 सिसतम्बर 2021 का टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) विनगरानीकताC व विवपक्षी (cid:15)ोनो के पक्ष में जारी हो जाने से इस तथ्य की पुविष्ट नही होती है विक उक्त मडलोडर मशीन का स्वाविमत्व विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला है। क्योंविक स्वयं विवपक्षी व ग्राम नकही के अन्य ग्रामवासिसयो द्वारा विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान में स्पष्ट रूप से बयान वि(cid:15)या है विक वकील कुमार पाण्डेय को पैसो की सख्त जरूरत थी, उन्हे मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ना था। तब राकेश कुमार शुक्ला से वकील कुमार पाण्डेय ने अपनी जमीन विगरवी रFकर मु०- 150000/- रूपये उ8ार लेकर मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था। विवपक्षी की ओर से जो बैंक स्टेटमेन्ट (cid:15)ाखिFल विकया 3 गया है , से यह स्पष्ट नही है विक उक्त रूपया उनके द्वारा मडलोडर मशीन विवक्रेता ओम इण्टरप्राइजेज को वि(cid:15)या। उपरोक्त विवश्लेषण से यह तथ्य स्पष्ट है विक उक्त मडलोडर मशीन का प्रथम दृष्टया रFते हुये मै इस मत का हूँ विक अवर न्यायालय द्वारा पारिरत आ(cid:15)ेश वि(cid:15)नांविकत -

12.09.2022 विवधि8 सम्मत नही है, जो अपास्त विकये जाने योग्य है तथा अवर न्यायालय को पत्रावली इस विन(cid:15)oश के साथ प्रेविषत विकये जाने योग्य है विक प्रथम दृष्टया मडलोडर मशीन का स्वामी वकील कुमार पाण्डेय साविबत है। इसखिलये मडलोडर मशीन के थाने पर Fड़े रहने से उसके विवनष्ट होने की पूरी सम्भावना है। अतः ऐसे में प्रश्नगत मडलोडर मशीन को विनगनानीकताC के पक्ष में विनम्नखिलखिFत शतr के अ8ीन रिरलीज विकया जाता है" On being confronted, after taking note of the statement of 5. applicant and principle of approbate and reprobate, learned counsel for the applicant has submitted that he may be permitted to withdraw the present application with liberty to pursue the civil suit pending. In view of the aforesaid, the application under Section 482 Cr.P.C.

6. is dismissed. Order Date :- 9.1.2025 ML/-

Court No. - 12 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 11923 of 2024 Applicant :- Rakesh Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Ors. Counsel for Applicant :- Nishant Srivastava,Vivek Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Lavania,J. Heard learned counsel for the applicant and learned AGA for the

1. State as well as perused the record.

2. By means of the present application under Section 482 Cr.P.C. the applicant has assailed the order dated 13.12.2024, passed by learned Additional Session Judge/F.T.C. 1st, Gonda (in short "revisional court") in Criminal Revision No.437 of 2022 "Vakil Kumar Vs. State of U.P. and another.

3. By means of the order impugned, the revisional court in the revision filed, challenging the order dated 12th September, 2022, passed by the District Magistrate, Gonda whereby the application of the opposite party No.2, registered as Case No.2151 of 2022 (Vakil Kumar Pandey Vs. State), under Section 25 of the Police Act was rejected.

4. The revisional court released the vehicle in favour of opposite party No.2/Vakil Kumar Pandey (whose particulars are wrongly indicated as Vakil Kumar Shukla in the instant application and the same is apparent from the copy of the suit seeking decree of declaration relating to the mud loader in issue, annexed as Annexure No.5) after considering the statement of the applicant recorded by the Investigating Officer (I.O.), after lodging of the F.I.R. No.111/2022, under Sections 419, 420 I.P.C., in terms of Section 161 Cr.P.C.. The relevant portion of the order dated 13.12.2024 reads as under :- "पत्रावली के अवलोकन से विववि(cid:15)त होता है विक विवद्वान अवर न्यायालय द्वारा प्रश्नगत आ(cid:15)ेश वि(cid:15)नांविकत 12.9.2022 यह कहते हुये पारिरत विकया गया है विक" उपविनरीक्षक थाना कटरा बाजार द्वारा अवगत कराया गया है विक वकील कुमार पाण्डेय पुत्र सरजू प्रसा(cid:15) पाण्डेय विनवासी नकही थाना कटरा बाजार गोण्डा तथा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला पुत्र राजकुमार शुक्ला विनवासी उपरोक्त के मध्य मडलोडर मशीन के स्वाविमत्व को लेकर विववा(cid:15) है। (cid:15)ोनो पक्ष उक्त मशीन पर अपना - अपना अधि8कार होना बता रहे है। आवे(cid:15)क द्वारा न्यायालय के समक्ष मडलोडर मशीन के स्वाविमत्व के सम्बन्8 में अपना कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नही 2 विकया जा सका है। स्वाविमत्व सिसध्(cid:15) न होने के कारण प्रश्नगत मडलोडर मशीन अवमुक्त विकया जाने का कोई औधिAत्य नही है। अतः प्राथCना पत्र वि(cid:15)नांविकत - 20.01.2022 विनरस्त विकया जाता है" से क्षुब्8 होकर यह विनगरानी प्रस्तुत की गयी है। - 222/0.028 हेक्टेयर जो नकही में स्थिस्थत है उक्त के प्रकाश में विनगरानीकताC द्वारा (cid:15)ाखिFल प्रपत्रों का अवलोकन विकया जाय तो सूAी से (cid:15)ाखिFल टैक्स इनवाइस वि(cid:15)नांविकत -1 जुलाई 2021 को विनगरानीकताC वकील कुमार पाण्डेय के पक्ष में ओम इण्टरप्राइजेज द्वारा जारी की गयी है। यही नही विनगरानीकताC द्वारा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला के विवरूद्ध (cid:15)जC करायी गयी प्राथविमकी अ०सं० - 111/2022, 8ारा - 419, 420 भा०(cid:15)ं०स० में (cid:15)ौरान विववेAना विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा -161 (cid:15)०प्र०स में सी०डी० के पAाC नं०-6 में आरोपी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा स्पष्ट रूप से कथिथत विकया गया है विक " साहब मै तथा वकील कुमार पाण्डेय बहुत , करीब डेढ़ साल पहले वकील कुमार पाण्डेय को डेढ लाF रूपये मुझसे अच्छे विमत्र थे उ8ार लेकर विमट्टी लोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था। डेढ लाF रूपये के ब(cid:15)ले में उन्होंने मेरे पास अपना Fेत गाटा सं० , ब8ंक रF वि(cid:15)या था " से स्पष्ट है विक उक्त विमट्टी लोडर मशीन स्वंय विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला के बयान के अनुसार वकील कुमार पाण्डेय ने राकेश कुमार शुक्ला से डेढ लाF रूपये उ8ार लेकर Fरी(cid:15)ा था और उक्त डेढ लाF रूपये के ब(cid:15)ल अपनी जमीन विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला को विगरवी के रूप में वि(cid:15)या था। यही नहीं प्रस्तुत प्रकरण में बयान गवाह ग्रामीण श्री गुलाबAन्(cid:15) धितवारी पुत्र (cid:15)ेवता प्रसा(cid:15) ने भी विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा - 161 (cid:15)०प्र०सं० में कहा है विक वकील कुमार पाण्डेय पुत्र सरजू प्रसा(cid:15) पाण्डेय तथा राकेश कुमार शुक्ला पुत्र राजकुमार शुक्ला (cid:15)ोनो लोग हमारे गांव नकही के विनवासी है। तथा (cid:15)ोनो , परन्तु सच्चाई यह है विक वकील पाण्डेय को पैसे की बहुत लोग से मेरे अच्छे सम्बन्8 है सख्त जरूरत थी , सिजसके खिलये , उनको विमट्टी Fो(cid:15)ने वाली मशीन मडलोडर Fरी(cid:15)नी थी उन्होंने डेढ लाF रूपये राकेश कुमार शुक्ला से उ8ार खिलये थे तथा इसके ब(cid:15)ले में अपना Fेत उनके पास बं8क रF वि(cid:15)ये थे। इस सम्बन्8 में एक इकरारनामा गोण्डा कAेहरी में (cid:15)ोनो लोगो की मौजू(cid:15)गी में खिलFा गया था " से भी यह स्पष्ट है विक मात्र विनगनानीकताC द्वारा विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला से उक्त विमट्टी Fो(cid:15)ने वाली मशीन को Fरी(cid:15)ने के खिलये मु० - डेढ लाF रूपये उ8ार खिलये थे और उक्त रूपयो के बाबत अपनी जमीन राकेश कुमार शुक्ला को बन्8क के रूप में (cid:15)ी गयी थी। इसी कथन का समथCन अन्य गांव के गवाहान (cid:15)शरथ लाल, संजय कुमार , शुक्ला शास्थिन्त Aन्द्र धितवारी, थिशव बाबू धितवारी व रोविहत कुमार धितवारी ने अपने - अपने बयान 8ारा - 161 (cid:15)०प्र०सं० में विकया है । सिजससे भी इस तथ्य की पुविष्ट होती है विक मात्र विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा उक्त मडलोडर मशीन को Fरी(cid:15)ने के खिलये विनगरानीकताC वकील कुमार पाण्डेय को मु०- 150000/- रूपये उ8ार वि(cid:15)या गया है। Aूंविक स्वीकृत रूप से यह उभय पक्षो ने स्वीकार विकया है विक उक्त मडलोडर मशीन मु०- 2,15000/- रूपये की थी। सिजसके बाबत टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) भी विनगनानीकताC द्वारा (cid:15)ाखिFल है। मात्र उ8ार वि(cid:15)ये गये रूपये मु०- 15,0000/- से उक्त टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) जो विनगरानीकताC के पक्ष में विवक्रेता कम्पनी ओम इण्टरप्राइजेज को नकारा नही जा सकता। यही नही स्वयं विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला द्वारा विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान 8ारा- 161(cid:15)०प्र०सं० से भी इस बात की पुविष्ट होती है विक उ8ार रूपये लेकर विनगरानीकताC वकील पाण्डेय ने उक्त मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था और जो वि(cid:15)नांक- 20 सिसतम्बर 2021 का टैक्स इनवाइस रसी(cid:15) विनगरानीकताC व विवपक्षी (cid:15)ोनो के पक्ष में जारी हो जाने से इस तथ्य की पुविष्ट नही होती है विक उक्त मडलोडर मशीन का स्वाविमत्व विवपक्षी राकेश कुमार शुक्ला है। क्योंविक स्वयं विवपक्षी व ग्राम नकही के अन्य ग्रामवासिसयो द्वारा विववेAक को वि(cid:15)ये गये बयान में स्पष्ट रूप से बयान वि(cid:15)या है विक वकील कुमार पाण्डेय को पैसो की सख्त जरूरत थी, उन्हे मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ना था। तब राकेश कुमार शुक्ला से वकील कुमार पाण्डेय ने अपनी जमीन विगरवी रFकर मु०- 150000/- रूपये उ8ार लेकर मडलोडर मशीन Fरी(cid:15)ा था। विवपक्षी की ओर से जो बैंक स्टेटमेन्ट (cid:15)ाखिFल विकया 3 गया है , से यह स्पष्ट नही है विक उक्त रूपया उनके द्वारा मडलोडर मशीन विवक्रेता ओम इण्टरप्राइजेज को वि(cid:15)या। उपरोक्त विवश्लेषण से यह तथ्य स्पष्ट है विक उक्त मडलोडर मशीन का प्रथम दृष्टया रFते हुये मै इस मत का हूँ विक अवर न्यायालय द्वारा पारिरत आ(cid:15)ेश वि(cid:15)नांविकत -

12.09.2022 विवधि8 सम्मत नही है, जो अपास्त विकये जाने योग्य है तथा अवर न्यायालय को पत्रावली इस विन(cid:15)oश के साथ प्रेविषत विकये जाने योग्य है विक प्रथम दृष्टया मडलोडर मशीन का स्वामी वकील कुमार पाण्डेय साविबत है। इसखिलये मडलोडर मशीन के थाने पर Fड़े रहने से उसके विवनष्ट होने की पूरी सम्भावना है। अतः ऐसे में प्रश्नगत मडलोडर मशीन को विनगनानीकताC के पक्ष में विनम्नखिलखिFत शतr के अ8ीन रिरलीज विकया जाता है" On being confronted, after taking note of the statement of 5. applicant and principle of approbate and reprobate, learned counsel for the applicant has submitted that he may be permitted to withdraw the present application with liberty to pursue the civil suit pending. In view of the aforesaid, the application under Section 482 Cr.P.C.

6. is dismissed. Order Date :- 9.1.2025 ML/-

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