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Case Details

Neutral Citation No. - 2024:AHC:126262 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 11792 of 2024 Applicant :- Sukhpal And 2others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Sanjive Kumar Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Applicants before this Court are three in numbers who were summoned by impugned order dated 31.10.2023 passed under Section 204 Cr.P.C. to face trial under Section 392 I.P.C. Impugned summoning order in its entirety is reproduced hereinafter: "ददिनननांक 31.10.2023 पतनवलली पपेश हहयली। पररिवनदिली कपे दवदनन अधधिवकन कको तलबली कपे दबन्दिद परि सदनन। सनांकपेप मम पररिवनदिली कन कथन हहै दक ददिनननांक 22.08.22 कको पनथर्थी अपनपे नननन कपे सनथ खपेत परि थन। पनथर्थी कपे नननन ऋदषिपनल टटबवहैल परि लपेटपे हहयपे थपे। पनथर्थी खपेत कपे मपेढ कको ठलीक करि रिहन थन। समय करिलीब 10.30 बजपे रिनदत पनथर्थी कपे गननांव कपे सदखपनल, दबजपेन्द्र व आशलीषि व इनकपे सनथ मम दिको व्यदक अजनत थपे , धजन्हम पनथर्थी नहहीं जननतन थन , धजनकपे हनथथों मम ननजनयज हधथयनरि थपे , गनधलयननां दिपेतपे हहए पनथर्थी ककी शटर ककी जपेब सपे 1250/- रूपयपे जको फसल ककी खनदि लननपे कको रिखपे थपे व एक चनईनन ककी टनचर बहैटरिली व एक हनथ ककी घडली लटट लली। मनरिपलीट ककी , शकोरिगदल परि पनथर्थी कपे नननन ऋदषिपनल व पनस हली खपेत परि कनम करि रिहपे इन्द्रपनल आ गयपे धजन्हथोंनपे मदलधजमननथों कको टनचर ककी रिकोशनली मम पहचननन व घटनन कको दिपेखन तथन पनथर्थी कको बचनयन। मदलधजमनन जनतपे समय जनन सपे मनरिनपे ककी धिमककी दिपेतपे हहए चलपे गयपे। पनथर्थी थननपे गयन परिन्तद ककोई सदनवनई नहहीं हहयली तब उसनपे वररिष पदधलस अधिलीकक बदिनयट यूँ कको पनथरनन पत ददियन ककोई कनयरवनहली नहहीं हहयली। तब मजबटरि हकोकरि पनथर्थी न्यनयनलय ककी शरिण मम आयन हहै। सदन तथन पतनवलली कन अवलकोकन दकयन। पररिवनदिली नपे स्वयनां कन बयनन धिनरिन दिनां०प०सनां० कपे अन्तगरत अनांदकत करिनयन -200 हहै एवनां समथरन मम सनकली सली०डब्ल० -1 इन्द्रपनल व सली०डब्लट० -2 ऋदषिपनल कपे बयनन धिनरिन -202 दिनां०प०सनां० कपे अन्तगरत अनांदकत करिनयपे गयपे हह धजसमम उन्हथोंनपे पररिवनदिली कपे कथनको कन हली समथरन दकयन हहै। पररिवनदिली दनरिन पलपेखलीय सनक्ष्य मम स्वयनां कन शपथ पत , एस०एस०पली० बदिनयट यूँ कको पपेदषित पनथरनन पत ककी पदत , मपेडलीकल ररिपकोटर आददि दिनधखल दकयपे गयपे हहै। पररिवनदि पत एवनां पररिवनदिली दनरिन पस्तदत ममौधखक व पलपेखलीय सनक्ष्य कन अवलकोकन करिनपे कपे उपरिनन्त दवपकलीगण सदखपनल , दबजपेन्द्र एवनां आशलीषि कपे दवरुद्ध धिनरिन 392 भन०दिनां०सनां० अनांतगरत पथम दृष्टयन मनमलन बननन पतलीत हकोतन हहै। अततः अदभयदकगण उक अपरिनदि कपे दवचनरिण हपेतद आहहत दकयपे जननपे यकोग्य हहै। आदिपेश अदभयदकगण सदखपनल पदत तनरिनचन्द्र, दबजपेन्द्र पदत तनरिनचन्द्र एवनां आशलीषि पदत सदखपनल दनवनसलीगण गनम समसपदरि बलट थननन मदजररियन धजलन बदिनयट यूँ कको धिनरिन 392 भन०दिनां०सनां० कपे अनांतगरत दिण्डनलीय अपरिनधि कपे दवचनरिण हपेतद दनरिन सम्मन आहहत दकयन जनतन हहै। पररिवनदिली आवश्यक पहैरिवली अनांदिरि सपनह करिम। पतनवलली दवशपेषि सतवनदि कपे रूप मम पनांजलीकक त ककी जनयपे। पतनवलली वनस्तपे हनधजरिली ददिनननांक 30.11.2023 कको पपेश हको।"

Legal Reasoning

2. Sri Sanjive Kumar Gupta, learned counsel for applicants submits that applicants are related to each other as well as they are related to complainant also. He further submits that complaint is based on false allegations. Contents of complaint are not completely corroborated by statements of complainant and witnesses. Neither date of occurrence nor time was disclosed therein as well as no specific reason was assigned in impugned summoning order. 3. In order to appreciate rival submissions, I have carefully perused above referred impugned summoning order as well as statements of complainant and witnesses recorded under Section 200 Cr.P.C. and 202 Cr.P.C. respectively which are reproduced hereinafter: "बयनन अन्तगरत धिनरिन 200 सली०आरि०पली०सली० सनकली कन ननम अधखलपेश उम्र 19 वषिर पदत कनन्तली धसनांह दनवनसली गनम समसपदरि बलट थननन मदजररियन धजलन बदिनयट नां नपे बयनन ददियन दक दवपकलीगण मपेरिपे पररिवनरि कपे हली हहै यह लकोग मपेरिपे मनमन लगतपे हह महै अपनपे नननन कपे सनथ रिहतन हह यूँ इन लकोगथों सपे मपेरिन जमलीन कन दववनदि हहै मदकदिमन चल रिहन हहै। दवपकलीगण सदखपनल , , दवरिपेन्द्र आशलीषि व दिको अजनत लकोगथों नपे मपेरिपे सनथ मनरिपलीट ककी औरि रू० 1250/- खनदि ककी टनचर व हनथ ककी घडली छलीन लली इन लकोगथों कपे हनथ मम हधथयनरि भली थपे। xx बयनन अन्तगरत धिनरिन 202 सली०आरि०पली०सली० इन्द्रपनल पदत वपेरि धसनांह उम्र 31 वषिर पपेशन- खपेतली दनवनसली गनम समसपदरि बलट थननन मदजररियन धजलन बदिनयट नपे सशपथ बयनन दकयन दकतः- आज सपे सनढपे चनरि मनह पहलपे ककी घटनन हहै। महै रिनत मम अपनपे खपेत ककी मपेढ़ ठलीक करि रिहन थन। मपेरिपे बरिनबरि कपे खपेत मम मपेरिपे गननांव कपे अधखलपेख पदत कननन्त व अधखलपेश कपे नननन ऋदषिपनल कनम करि रिहपे थपे। ऋदषिपनल टटबवहैल परि सको रिहपे थपे। समय करिलीब 10.30 बजपे मपेरिपे गननांव कपे सदखपनल , दवजपेन्द्र पदत तनरिनचन्द्र आशलीषि पदत सदखपनल व 2 अन्य व्यदक इनकपे सनथ मपे औरि थपे। इन सभली परि ननजनयज हधथयनरि थपे। यपे सभली लकोग अधखलपेश कपे सनथ मनरिपलीट करि रिहपे थपे औरि गन्दिली गन्दिली गनधलयननां दिपे रिहपे थपे। शकोरि परि महै व अधखलपेश कपे नननन ऋदषिपनल आ गए। तभली सदखपनल नपे अधखलपेश ककी जपेब सपे 1250/- रूपयपे व टनचर बहैटरिली व एक हनथ ककी घडली लटटकरि लपे गए। इस घटनन कको महैनपे व ऋदषिपनल नपे अपनली आयूँ खको सपे टटबवहैल परि जल रिहली लनईट ककी रिकोशनली मपे दिपेखन थन। xx बयनन अन्तगरत धिनरिन 202 सली०आरि०पली०सली० आज सनकली ऋदषिपनल पदत दिलीपलनल उम्र 58 वषिर पपेशन कक दषि दनवनसली -शमसपदरि बलट PS मदजररियन , धजलन बदिनयट यूँ नपे सशपथ बयनन दकयन दकतः- आज सपे लगभग सनढपे सनत मनह पहलपे ककी बनत हहै , महै रिनत मपे अपनपे खपेत परि टटबवहैल परि लपेटन थन। मपेरिन धिपेवतन अखलपेश पदत कननन्त खपेत परि कनम करि रिहन थन, समय करिलीब रिनदत 10 बजपे कपे लगभग मपेरिपे गननांव कपे सदखपनल , दवजपेन्द्र पदत तनरिनचन्द्र व आशलीषि पदत सदखपनल, दिको व्यदक अन्य इनकपे सनथ मम औरि थपे। इन सभली परि ननजनयज हधथयनरि थपे , यपे सभली लकोग अधखलपेश कपे सनत मनरिपलीट करि रिहपे थपे औरि गन्दिली - गन्दिली गनधलयननां दिपे रिहपे थपे , शकोरि परि महै बरिनबरि खपेत मम कनम करि रिहपे इन्द्रपनल पदत वलीरिपनल दनवनसली गनम शमसपदरि बलट आ गयपे तभली सदखपनल नपे अधखलपेश ककी जपेब सपे 1250/- रू० व टनचर , बहैटरिली , एक हनथ ककी घडली लटट करि लपे गए। इस घटनन कको महैनपे व इन्द्रपनल नपे अपनली आयूँ खको सपे टटबवहैल परि जल रिहली लनईट ककी रिकोशनली मम दिपेखन थन।" 4. In the complaint, it is not under dispute that neither date of occurrence, nor time was mentioned, except time of occurrence was mentioned in statement of some of witnesses. Otherwise, nature of occurrence remained consistent in all the statements. 5. Learned Trial Court after considering statements has assigned reasons as well as taken note of medical report that complainant was injured also. At this stage veracity of injury report could not be considered. 6. This Court has to scrutinize only as to whether there are sufficient grounds to proceed against applicant on basis of material available on record or not. 7. As referred above, learned Trial Court has not only considered statement of complainant but has also considered medical report, therefore, prima-facie all the ingredients of Section 392 I.P.C. are made out, therefore, only on ground that parties are related to each other, it could not be a ground to quash summoning order. 8. Accordingly, I don't find any error in impugned summoning order, therefore, prayers made in this application are rejected. 9. At this stage, learned counsel for the applicants submits that applicants undertakes to appear before learned Trial Court within a period of three weeks from today and prays that in case any bail application is filed, same may be considered in light of judgment passed by Supreme Court in Satender Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation (2021) 10 SCC 773. The Court takes note of submission that Trial Court will decide bail application of applicants expeditiously. 10. With aforesaid observations/direction, this application is

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