High Court
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:122054 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 10172 of 2024 Applicant :- Sher Singh And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Chakshuvendra Pachauri Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Chakshuvendra Pachauri, learned counsel for applicant and learned A.G.A. for the State.
Legal Reasoning
3. The applicants before this Court are father and brother of wife of complainant. There is no dispute that wife has filed matrimonial litigation against complainant, which is also referred in the statement of complainant. 4. In the complaint, complainant has set out a case that occurrence took place on two dates i.e. 28.04.2020 at place of complainant and lateron on 22.06.2020 at in-laws' house. Out of said two dates, one date is no corroborated in the statement of complainant, wherein he has mentioned date of occurrence as 29.04.2020. In the complaint, complainant has mentioned that on 28.04.2020 seven persons were involved in alleged assault. However, this fact has also not been corroborated in his statement, wherein he has not mentioned name of any persons. The name of assailants are also silent in regard to subsequent occurrence allegedly took place on 22.06.2020. 5.. In the aforesaid circumstances, I have carefully perused the impugned order, which is reproduced hereinafter:- " ददिनननांक -15.07.2022 पतनवलली प्रस्ततुत। पतनवलली वनस्तते बहस तलवली दनयत हहै। पररिवनदिली अधधिवकन ककी बहस सतुनली। वनस्तते आदितेश लनांच बनदि पतेश हहो। लनांच बनदि पररिवनदिली कन सनांकतेप मम कथन इस प्रकनरि हहै दक पररिवनदिली कन दववनह ददिनननांक 25.02.2020 कहो ज्यहोदत पतुतली शतेरि धसनांह कते सनथ दबनन दकसली दिनन-दिहतेज कते सनांपन्न हहआ थन। उसली समय ज्यहोदत ककी छहोटली बहन पपूनम ककी शनदिली रिनमपतुरि, हनथरिस जनांक्शन कते मनलीष सते उसली मण्डप मम हहई थली। जब ज्यहोदत दवदिन हहोकरि पररिवनदिली कते घरि आई, तहो उसकहो पररिवनदिली व उसकते पररिवनरिलीजननों नते पपूरर मनन-सम्मनन व आदिरि सत्कनरि ददियन। ददिनननांक 29.02.2020 कहो ज्यहोदत ककी बतुआ कन लड़कन सहोनपू पररिवनदिली कते घरि आयन औरि आकरि ज्यहोदत सते एकनन्त मम बनत करिनते लगन दक ज्यहोदत कहो मतेरिते सनथ भतेज दिहो, मतेरिली ररिश्ततेदिनरिली मम एक्सलीडतेन्ट हहो गयन हहै। घरि मम कहोई नहली हहै। खननते -पलीनते ककी परितेशननली हहै। ज्यहोदत कहो मम अपकते यहनहाँ दिहो -तलीन ददिन मम करि जनऊहाँगन। पररिवनदिली नते ररिश्ततेदिनरिली हहोनते कते वजह सते सहोनपू कते सनथ ज्यहोदत कहो भतेज ददियन। दिहो ददिन बनदि ज्यहोदत कहो पररिवनदिली सहोनपू कते यहनहाँ सते बतुलनकरि लते आयन , लतेदकन इसली बलीच ज्यहोदत नते सतुहनगरिनत व उसकते बनदि पररिवनदिली कहो कहोई भली शनरिलीररिक सनांबनांधि स्थनदपत नहहीं करिनते ददियन। ददिनननांक 03.03.2020 ककी ज्यहोदत कते दपतन शतेरि धसनांह, भनई दशवम, दनहनल धसनांह एनांव सहोनपू पररिवनदिली कते यहनहाँ आयते औरि पररिवनदिली कते यहननां सते ज्यहोदत कहो रिस्म-ररिवनज कते अनतुसनरि मय ज्यहोदत कते सलीधिन कते अलनवन पररिवनदिली ककी मनतन कते जतेवरिनत 1 सहोनते कन हनरि, सहोनते ककी 4 चपूडली, मनांगलसपूत, टलीकन व बतेसरि व 2 अनांगपूठली सहोनते ककी, 1 ककौंधिनली चननांदिली ककी लच्छते सपूतली व बजनते चनहाँदिली कते , तहोदडयन व एक मनांगलसपूत चननांदिली कन तथन 5000/- रूपयते नगदि सदहत ज्यहोदत कहो नगतेन्द्र कतुमनरि व सरिलन दितेवली व पररिवनरिलीजननों कते सनमनते दवदिन करिनकरि लते गयते। जनतते समय कह गयते दक हहोलली कते बनदि हम ज्यहोदत कहो भतेज दिमगते। आप हहोलली कते बनदि ज्यहोदत कहो बतुलन लननन। इसकते बनदि पररिवनदिली अपनली पत्नली ज्यहोदत कहो बतुलननते गयन , तहो ससतुरिनललीजननों नते कहन दक अभली कतुछ ददिन बनदि ज्यहोदत कहो बतुलन लते जननन, तहो पररिवनदिली वनदपस आ गयन। इसली बलीच कई बनरि कहनते कते बनदि ददिनननांक कहो पररिवनदिली , लतेदकन धलयते गयते पररिवनदिली कते कहन-सतुनन परि उन्हहोनम टनलमटपूल करि कहन दक बनदि मम जतेवरिनत ततुम्हनरिते रूपयते-जतेवरि वनदपस दिते आयमगते। इसकते उपरिनन्त ज्यहोदत घरि आ गई , लतेदकन ज्यहोदत अपनते आचरिर , तहो ससतुरिनललीजननों नते ज्यहोदत कहो तहो पररिवनदिली कते सनथ भतेज ददियन - रूपयनों कहो वनदपस नहहीं दकयन। अपनली पत्नली कहो बतुलननते गयन 26.04.2020 व्यवहनरि सते पररिवनदिली व उसकते पररिवनरिलीजननों कहो अपमनदनत करिनते लगली व पररिवनदिली कते सनथ पत्नली धिमर कन पनलन न करिकते उसकते सनथ शनरिलीररिक सनांबनांधि भली स्थनदपत नहहीं करि रिहली थली, अदपततु उल-जलपूल बनतम करितली। पडहोसली गननांव रिनमपतुरि ककी रिहनते वनलली ज्यहोदत ककी बतुआ कहो भली यह बनत बतनई , तहो उन्हहोनम भली कहोई समतुदचत जवनब नहहीं ददियन औरि ददिनननांक 28.04.2020 समझननते ककी कहोदशश ककी बतुआ कते लड़कते सहोनपू व जननतेन्द्रपनल धसनांह कहो बतुलन धलयन। उक सभली लहोग समय करिलीब हहोकरि आयते औरि पररिवनदिली व उसकते पररिवनरिलीजननों कते सनथ घरि मम घतुसकरि भनरिली बद्तमलीजली , मनतन कमलतेश , तहो उसनते अपनते दपतन शतेरि धसहनां कहो ज्यहोदत नते घरि मम दबनन बनत कते क्लतेश व भनरिली कलह ककी। जब उसकहो , भनई दशवम व दनहनल धसनांह एनांव अपनली 6 बजते सननांय एकरिनय , गनलली - गललौज व मनरि - - बचनव करिनते , तब उक लहोग अपनते सनथ लनई गनड़ली मम ज्यहोदत कहो लतेकरि यह कहतते हहए दक अब ततुम्हनरिते यहननां न , उसते , सन्तहोष दितेवली आददि कनफकी लहोग आ गयते धजन्हहोनम बलीच , न ज्यहोदत आयतेगली औरि न हली ततुम्हनरिली मनहाँ कन जतेवरि व रूपयन वनदपस दितेगते , सहो करि धलयन। झपूठते मतुकदिमम मम फहाँसननते व जनन सते मनरि दितेनते ककी धिमककी दितेतते हहए , ककष्रनदितेवली पलीट ककी। मलौहलते कते मतुकतेश कतुमनरि ककी कदशश ककी तहो हम कभली ज्यहोदत कहो भतेजमगते - हड़प करिनन थन तहो हमम हजम चलते गयते। उसकते बनदि भली पररिवनदिली व उसकते पररिवनरिलीजन ररिश्ततेदिनरिनों आददि कते मनध्यम सते ज्यहोदत कहो बतुलननते व ज्यहोदत कते पररिवनरिलीजननों कहो समझननते बतुझननते कन प्रयनस करितते रिहते औरि उसली प्रयनस मते कहोई कनयरवनहली नहहीं ककी। 22.06.2020 ददिनननांक कते इरिनदिते सते अपनते सनथ अपनली मनहाँ कमलतेश दितेवली कहो लतेकरि अपनली ससतुरिनल ज्यहोदत कहो लतेतेनते गयन कहो पररिवनदिली अपनते भनई ककी शनदिली कन न्यलौतन दितेनते व अपनन दिनम्पत्य जलीवन बचनयते रिखनते , तहो ससतुरिनललीजननों नते पररिवनदिली व उसककी मनहाँ कते सनथ अभद्रतन ककी व ज्यहोदत नते भली पररिवनदिली कते सनथ आनते सते मनन करि ददियन एनांव गनलली - गललौज करितते हहए घरि सते धिक्कते दितेकरि बनहरि दनकनल ददियन। वहनहाँ सते आनते कते बनदि पररिवनदिली ररिपहोटर दिजर करिननते थननते परि गयन मजबपूरिन पररिवनदिली दनरिन ररिपहोटर बजररियते रिधजस्टटली डनक शलीमनन पतुधलस अधधिकक, हनथरिस कहो भतेजली गई , वहनहाँ भली कहोई कनयरवनहली नहहीं हहई। अतत , परि वहनहाँ कहोई कनयरवनहली नहहीं हहई। अदभयतुकगर कहो तलब दकयते जननते ककी प्रनथरनन ककी गई हहै। पररिवनदिली दनरिन अपनते ब्यनन अनांतगरत धिनरिन-200 दिनां०प्र०सनां० तथन सनकलीगर सरिलन दितेवली, मतुकतेश कतुमनरि, कमलतेश दितेवली व वलीरितेन्द्र धसनांह कते ब्यनन अनांतगरत धिनरिन -200 दिनां०प्र०सनां० मम दिजर करिनयते गयते। पतनवलली मम मलीदडएशन समटरि, हनथरिस ककी आख्यन सनांलग्न हहै धजसकते अनतुसनरि उभय़पकनों मम मलीदडएशन असफल रिहन। सतुनन तथन पतनवलली कन अवलहोकन दकयन। पतनवलली कते अवलहोकन सते दवददित हहै दक पररिवनदिली दनरिन अपनते बयनन अनां०धिनरिन दिनां०प्र०सनां० मम कथन दकयन - गललौज व गयन हहै दक दवपकलीगर शतेरि धसनांह मनरि - पलीट ककी गई व जनन सते मनरिनते ककी धिमककी दिली गई। पररिवनदिली कते कथननों कन समथरन अन्य सनकलीगर दनरिन , दशवम व दनहनल धसनांह कहो अनां० धिनरिन , दशवम व दनहनल धसनांह दनरिन पररिवनदिली व उसककी मनहाँ कते सनथ गनलली दकयन गयन हहै। दवपकलीगर शतेरि धसनांह - 323, 504, 506 -200 भन०दिनां०सनां० मम , सहोनपू व जननतेन्द्रपनल धसनांह दनरिन कहोई , ज्यहोदत तलब करिनते कन आधिनरि पयनरप्त हहै। अन्य दवपकलीजन कमलतेश दितेवली दवदशष्ट अपरिनधि कनररित करिनन नहहीं पनयन गयन हहै , अतत उनकहो तलब करिनते कन आधिनरि पयनरप्त नहहीं हहै। आदितेश अदभयतुकगर शतेरि धसनांह, दशवम व दनहनल धसनांह कहो अनां० धिनरिन 323, 504, 506 भन०दिनां०सनां० मम जररियते सम्मन तलब दकयन जनतन हहै। पररिवनदिली आवश्यक पहैरिवली अनांदिरि सप्तनह करिम। पररिवनदिली सपूचली गवनहनन दिनधखल करिम। सपूचली गवनहनन दिनधखल हहोनते कते पश्चनत अदभयतुकगर कते दवरूद्द सम्मन जनरिली हहो। पतनवलली वनस्तते हनधजरिली मतुललजमनन ददिनननांक 09.08.2022 कहो पतेश हहो।" 6. That despite there were allegations against number of persons in the complaint and not a single person's name was mentioned in the statement, still the learned Trial Court has summoned the applicants i.e. three in number without assigning any specific reason to summon only three persons. In this regard a reference made by learned counsel for applicants that the complainant in his statement in regard to occurrence took place on 29.04.2020, has stated that brother and father of his wife have hold his collars only and no assault was made would became relevant. 7. In the aforesaid circumstances, the learned Trial Court has not only missed facts as mentioned in the complaint but failed to note that it was not corroborated by the statement of complainant and as such has committed a legal error in summoning the applicants. There was no reason to summon only applicants (three in number) and not to summon rest of proposed accused as well as there was no reason why present applicants would not get same benefit as granted to other proposed accused by not summoning them. Impugned order is passed without considering entire facts of the case. 8. In the aforesaid circumstances and discussion, the impugned order does not survive. Accordingly, the impugned order dated 15.07.2022 passed by learned Judicial Magistrate, Hathras in Complaint Case No. 963 of 2020, under Sections 323, 504, 506 I.P.C., Police Station Hathras Junction, District Hathras is set aside. However, considering that this order is passed without issuing notice to opposite party no. 2 i.e. complainant, this application is disposed of with a direction that the matter is remitted back to learned Trial Court to pass a fresh order, taking note of above observations, after hearing the complainant. 9. Registrar (Compliance) to take steps. Order Date :- 30.7.2024 SK Srivastava
Arguments
2. The applicants has approached this Court to invoke inherent jurisdiction. Learned counsel for applicants has referred relevant document such as complaint, statement of complainant recorded under Section 200 Cr.P.C. and witnesses recorded under Section 202 Cr.P.C. submits that impugned order passed under Section 204 Cr.P.C. was passed by the Magistrate without application of mind.