High Court
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:115078 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 8529 of 2024 Applicant :- Nahid And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Manoj Kumar,Shailendra Counsel for Opposite Party :- Abdul Momin,G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Applicants before this Court are aggrieved by impugned summoning order dated 9.1.2024, passed by learned Additional Chief Judicial Magistrate, Court No.7, Allahabad, whereby they have been summoned to face trial for an offences under Sections 406, 504 and 506 of I.P.C. 2. Sri Manoj Kumar, learned counsel for the applicants submits that even if contents of complaint, statement of complainant recorded under Section 200 of Cr.P.C. as well as statement of witnesses recorded under Section 202 Cr.P.C. are considered to be a gospel truth, still essential ingredients for above referred offences are not made out. 3. Learned counsel for the applicants refers statement of complainant recorded under Section 200 of Cr.P.C. as well as statement of witnesses recorded under Section 202 Cr.P.C. as well as the impugned order. Relevant part thereof are reproduced hereinafter: "बययान पररिवयाद अन्तररत धयारिया 200 CRPC 06/03/2023 कको मम रगौसनररि करिरेलल 1-3 चयाय ककी ददकयान परि प्रततवयादलरण सरे तमलया। मम अपनल घरिरेललू परिरेशयानल मम थया। , अपनरे जरूरिल कयाम सरे रयया थया। वहयाहां मम तको प्रततवयादलरण नरे बम्बई मम कयाम करिनरे कया लकोभ तदयया। कम्पनल मम कयाम करिनरे 08/03/2023 रूपयया लररेरया। 20,000/- 20,000/- रूपयया तदयया कको ममनरे करे ललयरे मम इनसरे तमलतया रिहया। इन्हकोनरे मदझरे बहलयानया शदरू तकयया। 29/04/2023 कको हमसफरि ररेस्ट हयाऊस मम तमलया जहयाहां इन्हकोनरे मदझरे पमसया वयापस करिनरे कको मनया करि तदयया। औरि हमकको रयालल रलगौच तकयया। शयादल करे मयाहगौल मम लकोरगों नरे बलच बचयाव तकयया। मम रियात 10 बजरे करिरेलल रयया परि थयानरे परि ककोई कयायरवयाहल न हहई। 18/07/2023 कको S.S.P कको दरिखयास्त तदयया। पदललस दयारिया ककोई कयायरवयाहल न हहई। पलूछनरे परि बतयायया पहलरे सरे ककोई तववयाद न थया।" xxx "बययान पल.डब्ललू-1 अहांतररत धयारिया 202 सल.आरि.पल.सल. रिणतवजय लसहांह आयद लरभर -37 वरर पदत्र स्व० मतई परेशया सरिकयारिल नगौकरिल तनवयासल स्थयाई पतया - 167 चयाहांदपदरि सलकोरिल थयानया - कनरलरहांज, प्रययाररियाज नरे बहलफ बययान तकयया तकक - मम तदनयाहांक 29/04/2023 कको शयादल समयारिकोह मम हमसफरि ररेस्ट हयाउस मम लरभर 07.50 बजरे शयाम पहह हुँचया थकोडल दरेरि बयाद खयानया खयानरे लरया तक कद छ हल समय मम शकोरि हहआ तको ममनरे दकोडकरि दरेखया एक मतहलया व दको पदरुर एक व्यतक्ति कको शयादल समयारिकोह मम हल रयालल रदपया जयान मयाल ककी धमतकयगों व रुपयया वयापस न करिनरे ककी बयात करि रिहरे थरे। पतया चलया तक रयालल दरेनरे वयालल मतहलया कया नयाम नयातहरि तथया दको पदरुर मम सरे एक कया नयाम जमलल अहमद व दलूसरिरे कया आतमरि हम यहल लकोर कह रिहरे थरे तक बयाम्बरे मम कम्पनल मम न तको नगौकरिल तमलरेरल न रुपयया तमलरेरया औरि यह भल धमककी तदयया तक आइन्दया भतवष्य मम रुपयरे पमसरे ककी बयात मत करिनया। कयाफकी लकोर जको वयाहहुँ परि मगौजलूद थरे उनकरे हस्तकरेप सरे मयामलया शयान्त हहआ। उपरिकोक्ति मतहलया नयातहद व पदरुर जमलल अहमद व आतमरि गयाम ललगौलल लजलया फतरेहपदरि करे तनवयासल हम। ममनरे स्वयहां घटनया कया सत्ययापन वयादल सरे तकयया उन्हकोनरे भल यहल बयातम बतयाई।" xxx " Impugned order तदनयाहांक-09-01-2024 पत्रयावलल परेश हहई। पररिवयादल करे अलधवक्तिया कको बहस तलबल परि सदनया रयया। पत्रयावलल कया पररिशललन तकयया। पररिवयादल दयारिया बययान अहांतररत धयारिया 200 दहां.प्र.सहां. मम कथन तकयया रयया हम तक तदनयाहांक 06.03.2023 कको वह रगौसनररि करिमलल मम अपनरे जरूरिल कयायर सरे रयया थया। वहयाहां वह अतभयदक्तिरण सरे चयाय ककी ददकयान परि तमलया। वह अपनल घरिरेललू परिरेशयानल मम थया तको अतभयदक्तिरण नरे उसरे मद हांबई मम कयाम करिनरे कया लकोभ तदयया औरि उससरे कहया तक वहयाहां कहां पनल मम कयाम करिनरे करे ललए बलस हजयारि रुपयरे लररेरया। तदनयाहांक 08.03.2023 कको उसनरे बलस हजयारि रुपयरे तदयया औरि वह अतभयदक्तिरण सरे तमलतया रिहया। तफरि अतभयदक्तिरण नरे उसरे बहलयानया शदरू तकयया। तदनयाहांक 29.04.2023 कको वह अतभयदक्तिरण सरे हमसफरि ररेस्टहयाउस मम तमलया वहयाहां परि अतभयदक्तिरण नरे उसरे पमसया वयापस करिनरे सरे मनया करि तदयया औरि उसरे रयाललययाहां दल। शयादल करे मयाहगौल मम लकोरगों नरे बलच बचयाव तकयया। वह रियात दस बजरे थयानया करिमलल रयया परि थयानरे परि ककोई कयायरवयाहल नहहीं ककी रयल। पररिवयादल दयारिया धयारिया 202 दहां.प्र.सहां. करे तहत बतगौरि पल.डब्ललू, 1 रिणतवजय लसहांह कको परिलतकत करियायया रयया हम लजनसरे बययान तदयया हम तक तदनयाहांक 29.04.2023 कको वह शयादल समयारिकोह मम हमसफरि ररेस्टहयाउस मम रियात 07.50 परि पहह हांचया थया। थकोडल दरेरि बयाद वह खयानया भल खयानरे लरया। तभल कद छ समय मम शकोरि हहआ तको उसनरे दगौडकरि दरेखया तक एक मतहलया व दको पदरुर एक व्यतक्ति कको शयादल समयारिकोह मम रयाललययाहां, जयान सरे मयारिनरे ककी धमककी व उसकया रुपयया वयापस न करिनरे ककी बयात करि रिहरे थरे। उसरे पतया चलया तक मतहलया कया नयाम नयातहद तथया पदरुरगों कया नयाम जमलल अहमद व आतमरि थया। वह लकोर कह रिहरे थरे तक बहांबई मम कहां पनल मम न तको नगौकरिल तमलरेरल औरि न हल उसरे रुपयया तमलरेरया औरि यह भल धमककी दरे रिहरे थरे तक भतवष्य मम कभल रुपयरे पमसरे ककी बयात मत करिनया। वहयाहां मगौजलूद लकोरगों करे हस्तकरेप सरे मयामलया शयाहांत हहआ। न्ययाययालय दयारिया पयाररित आदरेश तदनयाहांतकत 31.10.2023 करे अनदपयालन मम सहांबहांलधत थयानरे दयारिया आख्यया अहांतररत धयारिया 202(1) दहां.प्र.सहां. प्रस्तदत ककी रयल हम। लजसमम कथन तकयया रयया हम तक घटनया थयानया धलूमनरहांज ककी हम। सहांबहांलधत थयानरे दयारिया पररिवयादल नरे अपनरे कथनगों मम घटनया घटनया हकोनरे करे बयाबत ककोई आख्यया प्रस्तदत नहहीं ककी रयल हम। उलरेखनलय हम तक " मम हकोनया बतयायया हम " हकोनया बतयायया औरि थयानरे ककी ररिपकोटर मम ररेस्ट हयाउस कया नयाम " हमसफरि ररेस्टहयाउस " सफरि ररेस्टहयाउस रयया हम। पररिवयादल एवहां उसकरे दयारिया परिलतकत करियायरे रयरे सयाकल करे कथनगों सरे अतभयदक्तिरण . कया मयामलया प्रथम दृष्टयया हकोनया 406, 504, 506 करे तवरूद्ध धयारिया भया०दहां०सहां० बनतया हम। तद्नदसयारि अतभयदक्तिरण कको उपरिकोक्ति धयारियाओहां मम तलब तकयरे जयानरे कया आधयारि पययारप हम। आदरेश अतएव अतभयदक्तिरण जमलल अहमद नयातहद व आतमरि उफर मकोनलू कको अहांतररत धयारिया 406, 504,506 भया०दहां०सहां मम तलब तकयया जयातया हम। पररिवयादल अहांदरि सपयाह मय रवयाहयान सलूचल पमरिवल करिरे। पत्रयावलल वयास्तरे हयालजरिल तदनयाहांक 15.02.2024 कको परेश हको।"
Legal Reasoning
4. Per contra, Sri Abdul Momin, learned counsel for the O.P. No.2 has supported the impugned order and submitted that all ingredients of above referred offences are made out and learned Magistrate has assigned requisite reasons in the impugned order that there are sufficient ground to proceed. 5. In order to appreciate rival submissions, few judgments passed by Supreme Court on the issue in A.M.Mohan Vs. State represented by SHO and Another, 2024 SCC Online SC 339 and Deepak Gaba Vs. State of U.P. & Anr, (2023) 3 SCC, 423 being relevant are taken note of. 6. I have carefully perused contents of complaint, statement of complainant recorded under Section 200 of Cr.P.C. as well as statement of witnesses recorded under Section 202 Cr.P.C. and is of considered opinion that on the basis of allegations that complainant has given Rs.20,000/- to accused persons i.e. applicants on an assurance of a job, but neither the job was provided nor money was returned, would not be sufficient to fall within the fore corners of offence of criminal breach of trust since basic ingredient of 'entrustment' is absolutely missing. 7.So far as ingredients of Sections 504 and 506 of I.P.C. are concerned only averment made in the statement was that " 29/04/2023 कको हमसफरि ररेस्ट हयाऊस मम तमलया जहयाहां इन्हकोनरे मदझरे पमसया वयापस करिनरे कको मनया करि तदयया। औरि हमकको रयालल रलगौच तकयया।" 8. Above referred statement would fall short of the ingredients under Section 504 and 506 of I.P.C. since neither there was an alarm, nor nature of abuse was specified as well as nature of insult was not such, that it would provoke complainant to commit an act to breach the peace. 9. Court also takes note of judgments passed in A.M.Mohan (supra) and Deepak Gaba (supra). 10. In aforesaid circumstances, since ingredients of above referred sections are not made out, therefore, in view of judgment passed by Supreme Court in A.M.Mohan and Deepak Gaba (supra), it is a fit case where inherent jurisdiction could be invoked. 11. Therefore, impugned summoning order dated 9.1.2024, passed by learned Additional Chief Judicial Magistrate, Court No.7, Prayagraj as well as criminal proceedings of the Complaint Case No.1983 of 2023 (Aslam Jameer Vs. Jameel Ahmad) under Sections 406, 504, 506 I.P.C., Police Station-Kareilly, District- Prayagraj are hereby is set aside and application is allowed. Order Date :- 19.7.2024 SB