High Court
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:116208 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 7880 of 2024 Applicant :- Anant Kumar And 7 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Pavan Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Pavan Kumar Srivastava, learned counsel for applicants and perused the record. 2. Applicants before this Court are summoned by means of impugned order dated 05.08.2023 passed under Section 204 Cr.P.C. to face trial under Sections 147, 323, 504, 506 IPC.
Legal Reasoning
3. Learned counsel for applicants submits that complainant has not approached Trial Court with clean hands as she has suppressed that on basis of alleged occurrence a NCR was lodged under Sections 323, 504 IPC on 17.03.2022 against four persons, i.e., Archana, Kiranjeet, Shirmala and Anant Kumar, whereas in complaint allegations were alleged against eight accused, therefore, the occurrence has been exaggerated. Learned counsel also submits that as per complainant, her daughter, Puja was injured and her gold ornaments were snatched, however, neither said daughter was examined under Section 202 Cr.P.C. nor Trial Court considered that no case was made for offence of theft and loot though none have been summoned for aforesaid offence. On basis of above submission, learned counsel submits that impugned order is bereft of adequate reasons and application of judicial mind. 4. For reference impugned order is reproduced hereinafter: "पतत्रावलली पपेश हहई। पपूवर मम पररिवत्राददिनली कपे दवदत्रान अधधिवकत्रा कको तलबली कपे दबन्दिद परि सदनत्रा जत्रा चदकत्रा हहै तथत्रा आज तलबली आदिपेश हपेतद दनयत हहै। प्रस्तदत पररिवत्रादि पत कपे मत्राध्यम सपे पररिवत्राददिनली दत्रारित्रा अदभिकथन दकयत्रा गयत्रा हहै दक पररिवत्राददिनली तथत्रा उसकपे पडकोसली रित्रामधिन कत्रा गलली कको लपेकरि दववत्रादि हहै इसली रिरंधजश सपे ददिनत्राक 16.03.2022 कको सदबह 7.30 बजपे जब पररिवत्राददिनली ककी लडककी पपूजत्रा अपनपे हहैण्ड पम्प परि गपेहह रं धिको रिहली थली दक उसली समय अचरनत्रा पदतली रित्रामधिन , दकरिनजलीत पदतली रित्रामधिन तथत्रा दशमरलत्रा पत्नली रित्रामधिन एक रित्राय हकोकरि आयली औरि पररिवत्राददिनली ककी लडककी पपूजत्रा दत्रारित्रा धिकोए जत्रा रिहपे गपेहह रं कको छछींट ददियत्रा तथत्रा जब पपूजत्रा नपे दवरिकोधि दकयत्रा तको यपे लकोग मत्रारं बहन ककी भिदली-भिदली गत्राधलयत्रा दिपेनपे लगपे तब तक अन्नत कद मत्रारि , जयन्त कद मत्रारि पदतगण रित्रामधिन, लधलतत्रा पत्नली सकोनपू , रिलीनत्रा पत्नली धिनरित्राज तथत्रा रित्रामधिन भिली ममौकपे परि आ गयपे औरि जत्रान सपे मत्रारिनपे कको ललकत्रारितपे हहए उपरिकोक लकोगगों कपे सत्राथ मपेरिली पदतली पपूजत्रा कको यपे लकोग भिली मत्रारिनपे पलीटनपे लगपे। दकरिनजलीत नपे मपेरिली • पदतली पपूजत्रा ककी बत्रायली आआ ख परि सबजली कत्राटनपे वत्रालपे चत्राकपू सपे मत्रारित्रा धजससपे पपूजत्रा कको चकोट लगली। शकोरि सदनकरि महै , मपेरिली पदतली सरिकोज मपेरिपे घरि आयपे ररिश्तपेदित्रारि ममौसम कद मत्रारि , मपेरिपे गत्रारंव ककी पडकोसन पत्रावरतली तथत्रा गत्रारंव कपे व्यदकयगों नपे घटनत्रा दिपेखत्रा तथत्रा बचत्राव दकयत्रा। मत्रारिनपे पलीटनपे कपे दिमौरित्रान दकरिनजलीत नपे पपूजत्रा कत्रा मरंगलसपूत तथत्रा अचरनत्रा नपे पपूजत्रा कत्रा कत्रान कत्रा झत्रालत्रा छलीन धलयत्रा जत्रातपे समय मदललजमत्रान जत्रान सपे मत्रारिनपे ककी धिमककी दिपेतपे हहए चलपे गयपे। पररिवत्राददिनली अपनली पदत कपे सत्राथ घटनत्रा ककी सपूचनत्रा दिपेनपे थत्रानत्रा मरिदिह गयली औरि घटनत्रा ककी सपूचनत्रा ददियत्रा तब दिरिकोगत्रा जली नपे कहत्रा दक कपे वल चत्रारि आदिमली कत्रा नत्राम धलखकरि दिको तथत्रा मरंगलसपूत तथत्रा कत्रान ककी झत्रालत्रा छलीननपे वत्रालली बत्रात मत धलखको नहछीं तको तदम्हत्रारिली ररिपकोटर नहछीं धलखदगत्रा आवपेदिक नपे दिरिकोगत्रा जली कपे डरि सपे जहैसत्रा दिरिकोगत्रा जली नपे कहत्रा वहैसत्रा हली धलखकरि दिपे ददियत्रा। पदधलस नपे मपेरिली पदतली कत्रा डत्राक्टरिली परिलीक्षण प्रत्राथदमक स्वत्रास्थ्य कपे न्द्र मरिदिह मम करित्रायत्रा। पररिवत्राददिनली अनपढ गवत्राह मदहलत्रा हहै आज तक यह जत्रानतली रिहली दक पदधलस पररिवत्राददिनली कत्रा मदकदिमत्रा कत्रायम करिकपे मदकदिमत्रा चलत्रा ददियत्रा हकोगत्रा। लपेदकन जब पररिवत्राददिनली थत्रानत्रा परि जत्राकरि पतत्रा दक तको मत्रालदम हहआ दक थत्रानत्रा पदधलस नपे पररिवत्राददिनली कत्रा मदकदिमत्रा नहछीं चलत्रायत्रा हहै तब पररिवत्राददिनली नपे पदधलस अधिलीक्षक महकोदिय गत्राजलीपदरि कको ददिनत्रारंक 07.10.2022 कको पररिवत्राददिनली ककी पपूरिली ररिपकोटर दिजर करिनपे तथत्रा मदललजमत्रान कपे दवरूद्ध मदकदिमत्रा चलत्रायपे जत्रानपे हपेतद आवपेदिन ददियत्रा लपेदकन आज तक थत्रानत्रा पदधलस नपे न तको पररिवत्राददिनली ककी पपूरिली ररिपकोटर दिजर दकयत्रा औरि न हली मदललजमत्रान कपे दवरूद्ध ककोई कत्रायरवत्राहली दकयत्रा औरि न हली मदकदिमत्रा चलत्रायत्रा दववश हकोकरि आप शलीमत्रान कपे समक्ष यह पररिवत्रादि पत प्रस्तदत दकयत्रा. पररिवत्राददिनली दत्रारित्रा दिमौरित्रान जत्रारंच स्वयरं कको अन्तगरत धित्रारित्रा - 200 दिरं०प्र०सरं० तथत्रा अपनपे सत्राक्षलीगण सरिकोज, ममौसम कद मत्रारि कको अन्तगरत धित्रारित्रा 202 दिरं०प्र०सरं० क्रमशशः पली०डबलपू०- 1, पली०डबलपू०-2 सशपथ परिलीदक्षत करित्रायत्रा गयत्रा हहै। पररिवत्राददिनली दत्रारित्रा सलीचली कपे मत्राध्यम सपे अदभिलपेखलीय सत्राक्ष्य भिली दित्राधखल दकयपे गयपे हहै। इस प्रकत्रारि पररिवत्रादि पत मम वदणरत कथनगों व तत्रालत्वक दबन्दिदओ ककी प्रथम दृष्टयत्रा पददष्ट पररिवत्राददिनली व पररिवत्राददिनली सत्राक्षलीगण कपे बयत्रान तथत्रा अदभिलपेखलीय सत्राक्ष्यगों सपे हकोतली हहै। पररिवत्रादि कथत्रानक एवरं पररिवत्राददिनली तथत्रा पररिवत्राददिनली सत्रादक्षयगों कपे बयत्रानगों मम तत्रालत्वक दबन्दिदओरं परि समत्रानतत्रा व मतहैक्यतत्रा कको दृदष्टगत रिखतपे हहए अदभियदकगण अचरनत्रा , दकरिनजलीत, दशमरलत्रा, अनन्त कद मत्रारि, जयन्त कद मत्रारि, लधलतत्रा, रिलीनत्रा, रित्रामधिन दत्रारित्रा प्रथम दृष्टयत्रा अपरित्राधि अऩ्तगरत धित्रारित्रा - 147, 323, 504, 506 भित्रा०दि०सरं० कत्राररित दकयत्रा जत्रानत्रा प्रतलीत हकोतत्रा हहै अतएव अदभियदकगण कको उपरिकोक उपरिवदणरत धित्रारित्राओरं मम दवचत्रारिण हपेतद तलब दकयपे जत्रानपे यकोग्य हहै। आदिपेश अदभियदकगण अचरनत्रा, दकरिनजलीत, दशमरलत्रा, अनन्त कद मत्रारि, जयन्त कद मत्रारि, लधलतत्रा, रिलीनत्रा, रित्रामधिन दत्रारित्रा प्रथम दृष्टयत्रा अपरित्राधि अन्तगरत धित्रारित्रा - 147, 323, 504, 506 भित्रा०दिरं०सरं० कपे अपरित्राधि कत्रा प्रसरंजत्रान लपेतपे हहए उन्हपे दवचत्रारिण हपेतद तलब दकयत्रा जत्रातत्रा हहै। पररिवत्राददिनली आवश्यक पहैरिवली अन्दिरि सपत्राह करिम। बत्रादि पहैरिवली सम्मन जत्रारिली हको , पतत्रावलली ददिनत्रारंक - 11.09.2023 कको पपेश हको।" 5. I have carefully perused the complaint as well as statements recorded under Sections 200 and 202 Cr.P.C. and at this stage I found merit in argument of learned counsel for applicants that there is exaggeration in contents of complaint. Complainant has not submitted NCR before Trial Court. Alleged injured witness was also not examined though her injury report was placed on record. As such argument of learned counsel for applicants that impugned order is passed without application of judicial mind has substance. 6. In view of above, application is partly allowed. Impugned order dated 05.08.2023 passed by Civil Judge (Junior Division)/ Fast Tract Court No. 2, Ghazipur in Complaint Case No. 35733 of 2022 (Malati Devi vs. Archana and others), under Sections 147, 323, 504, 506 IPC, Police Station Mardah, District Ghazipur, is hereby set aside. However, considering that this order is passed without issuing notice to complainant, therefore, matter is remitted back to Trial Court concerned to pass fresh order in accordance with law after hearing concerned parties. 7. Registrar (Compliance) to take steps. Order Date :- 22.7.2024 AK