High Court
Case Details
Neutral Citation No. - 2024:AHC:112422 Court No. - 74 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5438 of 2024 Applicant :- Smt Haneefa And 4 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Irshad Ahmad Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Heard Sri Irshad Ahmad, learned counsel for applicants and Sri Mithilesh Kumar, learned A.G.A. 2. Impugned order in its entirety is reproduced hereinafter: "14.02.2023 पतत्रावलली पपेश हहई। पररिवत्राद पत परि पररिवत्रादनली कपे ववदत्रान अधधिवकत्रा कको पपूवर वतिधथि मम बहस तिलबली परि ससुनत्रा जत्रा चसुकत्रा हहै। पररिवत्रादनली नपे अपनपे पररिवत्राद पत कपे समथिरन मम बयत्रान धित्रारित्रा सली.आरि.पली.सली. मम कथिन वकयत्रा हहै वदनत्रानांक 07.06.2020 कको मण्डली -200 वकशनदत्रास सरित्राय सम्भल सपे बपेटपे कत्रा ररिश्तित्रा तिय हहआ। वपे लकोग पहैरित्राडत्राईज टपू ररिस्ट ठत्राबपे आयपे थिपे। हमम भली बसुलत्रा धलयत्रा। हमनपे उनककी खत्रावतिरिदत्रारिली करिली। उन लकोगगों नपे कहत्रा वक हमत्रारिली लड़ककी कको अपनत्रा लको। लड़ककी कको कसु छ शगसुन दपे दको। धजसकपे सनांबनांधि मम ममनपे इक्यत्रावन हजत्रारि रुपयपे नकद व तिलीन गत्राम सकोनपे ककी अनांगपूठली व दको जकोड़ली कपडपे औरि पन्द्रह गत्राम सकोनपे कत्रा हत्रारि औरि 150 गत्राम चत्रानांदली ककी पत्रायल दली। हमनपे कहत्रा वक तिसुम हमत्रारिपे लड़कपे अपनत्रा लको तिको उन्हगोंनपे कहत्रा वक एक महलीनपे बत्राद अपनत्रायमगपे। वपे लकोग हनलीफत्रा , आशकत्रारि , इकरित्रारि , तित्राररिक 23.08.2020 ककी आयपे। , एहतिपेशत्राम धजनककी ममन खपूब खत्रावतिरि दत्रारिली ककी। उसकपे बत्राद जब ममनपे अपनपे बपेटपे कको उनसपे अपनत्रानपे कको कहत्रा तिको उक सभली लकोगगों नपे कहत्रा वक हमत्रारिली बपेटली कको तिसुम्हत्रारित्रा लड़कत्रा पसन्द नहहीं हहै। रिहपे हम। तिब ममनपे बकोलत्रा मपेरिपे दत्रारित्रा वदयत्रा गयत्रा इक्यत्रावन हजत्रारि रुपयपे नकद हमत्रारिली लड़ककी शत्रादली करिनत्रा नहहीं चत्राहतिली औरि हम इस शत्रादली सपे इनांकत्रारि करि , हत्रारि , , अनांगपूठली व दको जकोड़ली कपड़पे मसुझपे वत्रापस करि दको। यह बत्राति ससुनतिपे हली पत्रायलम सभली लकोग आग बबपूलत्रा हको गयपे औरि कहनपे लगपे वक हमत्रारिपे पत्रास तिपेरित्रा ककोई समत्रान नहहीं हहै। अगरि तिपूनपे हमसपे समत्रान वत्रापस मत्रानांगत्रा तिब तिसुझपे जत्रान सपे मत्रारि दमगपे। हमनपे धिकोकत्राधिड़ली करिकपे तिपेरित्रा समत्रान हड़प धलयत्रा हहै। तिपूनपे हमत्रारिली वशकत्रायति पसुधलस सपे ककी तिको तिह हम तिसुझपे दहपेज प्रथित्रा कपे मसुकदमपे मम फनां सत्रा दमगपे। मपेरिपे ववरिकोधि परि उक हनलीफत्रा नपे मसुझपे धिक्कत्रा दपे वदयत्रा धजससपे मम जमलीन परि वगरि गयली औरि चकोट लग गयली। मपेरिपे शकोरि परि रिईस खत्रानां , सललीम व बहहति सपे लकोग ममौकपे परि आ गयपे धजन्हगोंनपे मपेरिपे सत्राथि हहयली घटनत्रा कको दपेखत्रा। उपरिकोक लकोग पपूवर - मम भली वहनत्रा परिवलीन कत्रा ररिश्तित्रा महपेन्दली हसन आवद लकोगगों कपे सत्राथि डरित्रा धिमकत्राकरि उनसपे मकोटली रिकम ऐनांठ चसुकपे हम। इस छलपपूरर कत्रायर कको इन्हकोनपे अपनत्रा पपेशत्रा बनत्रा धलयत्रा हहै। उक लकोगगों नपे मपेरिपे सत्राथि ठगली ककी हहै। महै थित्रानपे गयली। पसुधलस नपे मपेरित्रा प्रत्राथिरनत्रापत लपेकरि रिख धलयत्रा औरि मसुकदमत्रा धलखनपे परि टत्रालमटकोल करितिपे रिहपे। महैनपे पसुधलस अधिलीक्षक सनांभल कको भली पत प्रपेवषिति वकयत्रा। उस परि भली ककोई कत्रायरवत्राहली नहहीं हहई। पररिवत्रादनली कपे बयत्रान अन्तिगरति धित्रारित्रा 200 दनां०प्र०सनां० अनांवकति वकयपे गयपे। पररिवत्रादली कपे दत्रारित्रा सत्राक्षलीगर पली०डब्लपू -1 रिहलीस, पली०डब्लपू-2 सललीम कको परिलीवक्षति करित्रायत्रा गयत्रा। धजनकपे बयत्रान अन्तिगरति धित्रारित्रा 202 दनां०प्र०सनां० अनांवकति वकयपे गयपे। पररिवत्रादली कको ससुनत्रा तिथित्रा पतत्रावलली कत्रा अवलकोकन वकयत्रा। पररिवत्रादली दत्रारित्रा पररिवत्राद पत मम वकयपे गयपे कथिन कत्रा समथिरन स्वयनां कत्रा बयत्रान धित्रारित्रा 200 द.प्र.सनां. मम वकयत्रा गयत्रा। पररिवत्रादली कपे कथिनगों कत्रा समथिरन सत्राक्षलीगर पली०डब्लपू- 1 रिहलीस, पली०डब्लपू 2 सललीम नपे अपनपे बयत्रान अनांतिगरति धित्रारित्रा 202 द.प्र.सनां० मम वकयत्रा हहै। उक बयत्रानगों कपे अवलकोकन सपे प्रथिम दृष्टयत्रा अवभयसुकगर आशकत्रारि, एहतिपेशत्राम कको धित्रारित्रा -406 भत्रा०दनां०सनां० व अवभयसुकत्रा हनलीफत्रा कको धित्रारित्रा -406, 323 भत्रा०दनां०सनां० कपे इकरित्रारि, तित्राररिक, अवभयकोग मम तिलब वकयपे जत्रानपे कत्रा आधित्रारि पयत्रारप्त हहै। तिदनसुसत्रारि अवभयसुकगर उक धित्रारित्रा मम तिलब वकयपे जत्रानपे यकोग्य हहै। आदपेश एहतिपेशत्राम कको धित्रारित्रा -406 अवभयसुकगर आशकत्रारि, भत्रा०दनां०सनां० व अवभयसुकत्रा हनलीफत्रा कको धित्रारित्रा -406,323 मत्रा०दनां०सनां० मम तिलब इकरित्रारि, तित्राररिक, वकयत्रा जत्रातित्रा हहै। अवभयसुकगर कपे ववरुद्ध सम्मन जत्रारिली हको। पहैरिवली अववलम्ब
Legal Reasoning
note of judgment passed by this Court in Application Under Section No.194 of 2024, Neutral Citation No.2024 AHC:110869, Anuj Gupta & Ors Vs. State of U.P. & Ors, wherein a judgment passed by Supreme Court in Vijay Kumar Ghai & Ors. Vs. State of West Bengal & Ors, (2022) 7 SCC 124 has been relied upon.In order to make out a case under Section 405 I.P.C., there must be entrustment, however, in present case, according to complaint, would be bride side has not only refused to marry with would be groom, but have not returned the 'shagun', but there was no entrustment. 5. Court also takes note of judgment passed by Supreme Court in Lalankumar Singh and others vs. State of Maharashtra, 2022 SCC OnLine SC 1383 where in para 38 it is held that: "38. The order of issuance of process is not an empty formality. The Magistrate is required to apply his mind as to whether sufficient ground for proceeding exists in the case or not. The formation of such an opinion is required to be stated in the order itself. The order is liable to be set aside if no reasons are given therein while coming to the conclusion that there is a prima facie case against the accused…." 6. In aforesaid circumstances considering that learned Trial Court has not even considered basic ingredients of Section 405 I.P.C., therefore, Court is of considered opinion that impugned order does not survive. However, considering that Court is passing present order even without issuing notice to O.P. No.2, therefore, impugned summoning order dated 14.2.2023 passed by Civil Judge (Junior Division)/Judicial Magistrate, Sambhal at Chandausi in Complaint No.391 of 2020 (Smt. Asghari Begum Vs. Haneefa & Ors) under Sections 323 and 406 of I.P.C., Police Station-Kotwali Chandausi, District-Sambhal at Chaudausi are hereby set-aside however, matter is remanded back to learned Trial Court to pass a fresh order taking note of judgment passed by Supreme Court in Lalankumar Singh (supra). 7. With aforesaid direction, this application is allowed. Order Date :- 15.7.2024 SB
Arguments
ककी जत्रायपे। पररिवत्रादली समस्ति सत्राक्षलीगर ककी सपूचली प्रस्तिसुति करिपे। पतत्रावलली वदनत्रानांक- 4.4.23 कको वत्रास्तिपे हत्राधजरिली अवभयसुकगर पपेश हको। " 3. Learned counsel for applicants submits that even considering contents of complaint and statement of witnesses recorded under Sections 200 and 202 Cr.P.C., ingredients of Sections 405 I.P.C. (Criminal breach of trust) is not made out since there is no entrustment. 4. Aforesaid submissions has a merit and for that Court takes