High Court
Case Details
1 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} 2025:CGHC:1179 अ्ቚति(cid:21)वे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय , बि’लासपुर बि+्ቓ-य सुरति.(cid:21) बि/+ाँक-03/01/2025 बि+्ቓ-य उ्ሾोबि4(cid:21) बि/+ाँक-08/01/2025 /ाቄኌ78क अपील ्ቅमाँक -25 /2023 1. शि<वकु मार उ्ቛ- /ा/ू साहू बिप(cid:21)ा-ति(cid:21)हारूराम साहू, उ्-लगभग 25 व4-, बि+वासी-शिछरा-8ीह, था+ा-हसौ/, जिFला-FांFगीर चाम्पा, छ्ቈीसगढ़ व(cid:21)-मा+ बि+वासी-पा+ी टंकी, कोर’ा, था+ा-को(cid:21)वाली, जिFला-कोर’ा, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथL बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ राज्य, ्ቛारा था+ा-को(cid:21)वाली, जिFला-कोर’ा, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा/ी अपीलाथL ्ቛारा : ्ቦी पव+ कु मार कश्यप, अतिRव्ሹा । <ास+/उ्ቈरवा/ी ्ቛारा : ्ቦी अम+ (cid:21)म्’ोली, अतिRव्ሹा । मा++ीय न्यायमूቔኌ(cid:21) ्ቦी संFय कु मार Fायसवाल !! सी.ए.वी. बि+्ቓ-य !! 1. /78 ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा, 1973 की Rारा-374 (2) के (cid:21)ह(cid:21) ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) इस /ाቄኌ78क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-अपर स्ቔ न्यायाRी<, ए्ቛ०टी०एस०सी० (पॉक्सो), कोर’ा, जिFला-कोर’ा, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा बिव<े4 ्ቚकर्ቓ (पॉक्सो) POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.01.08 15:37:12 +0530 2 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} ्ቅमाँक-33/2019 “छ्ቈीसगढ़ राज्य बिवरू्ሾ शि<वकु मार उ्ቛ- /ा/ू साहू” में पारिर(cid:21) बि+्ቓ-य बि/+ाँक-10/11/2022 को चु+ौ(cid:21)ी /ी गई है । जिFसके (cid:21)ह(cid:21) अपीलाथL को बि+म्+ा+ुसार /ो4जिस्ቍ कर /ቄኌ78(cid:21) बिकया गया है । जिFसे आगे सं.ेप में “्ቚ्ाRी+ बि+्ቓ-य” से सम्’ोतिR(cid:21) बिकया Fा रहा हैः- /ो4जिसति्ቍ /78ा/े< Rारा-354 भार(cid:21)ीय /78 संबिह(cid:21)ा, 1860 Rारा-10 लैंबिगक अपराRों से ’ालकों का संर.्ቓ अतिRबि+यम, 2012 07 व4- के कबिnल कारावास एवं 500/-रूपये का अथ-/78 (cid:21)था अथ-/78 राशि< अ/ा + कर+े की /<ा में 06 माह के अति(cid:21)रिर्ሹ कबिn+ कारावास की सFा से /ቄኌ78(cid:21) बिकया गया । 07 व4- के कबिnल कारावास एवं 500/-रूपये का अथ-/78 (cid:21)था अथ-/78 राशि< अ/ा + कर+े की /<ा में 06 माह के अति(cid:21)रिर्ሹ कबिn+ कारावास की सFा से /ቄኌ78(cid:21) बिकया गया । मूल सFायें साथ-साथ चलेंगी । 2. यह अबिववाबि/(cid:21) (cid:21)थ्य है बिक (अ०सा०-1) (cid:21)था (अ०सा०-3) ्ቅम<ः अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-2) के मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा हैं । अशिभयोक््ቔी की छोटी ’ह+ (अ०सा०-4) (cid:21)था भाई (अ०सा०-5) हैं । घट+ा बि/+ाँक-01/05/2019 से 02/10/ 2019 के मध्य की ’(cid:21)ायी गयी है । ये सभी सा.ी उस समय अपीलाथL शि<वकु मार उ्ቛ- /ा/ू साहू के बिप(cid:21)ा के मका+ में बिकराये पर बि+वासर(cid:21) थे । उ+का बिकराये वाला बिहस्सा अपीलाथL के बिप(cid:21)ा के ही मका+ का एक कमरा था और अपीलाथL भी अप+े मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा-पत्+ी-’्ሴे के साथ उस मका+ में बि+वासर(cid:21)् था । इस ्ቚकार, अशिभयोक््ቔी और अपीलाथL के मध्य बिकराये/ार और मका+ स्वामी का सं’ंR रहा है । 3 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} 3. अशिभयोF+ मामला सं.ेप में इस ्ቚकार है बिक अशिभयोक््ቔी के बिप(cid:21)ा (अ०सा०-3) +े था+ा-को(cid:21)वाली, कोर’ा में बि/+ाँक-03/10/2019 को इस आ<य की लिललिx(cid:21) रिरपोट- ्ቚ/<- पी-1 रिरपोट- /F- करवायी बिक उसकी 10 व4Lय पु्ቔी/अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-2) +े उन्हें ’(cid:21)ाया बिक अपीलाथL पढ़ा(cid:21)े समय उसके गाल व छा(cid:21)ी को छू (cid:21)ा था (cid:21)था स्वयं के <रीर को छू +े के लिलए ’ोल(cid:21)ा था । इस ्ቚकार की हरक(cid:21) अपीलाथL उसके साथ करी’ 05-06 माह से कर(cid:21)ा आ रहा था Fो उसे अच्छा +हीं लग(cid:21)ा था । अपीलाथL उसे कह(cid:21)ा था बिक यह ’ा(cid:21)ें वह घर में बिकसी को भी +ा ’(cid:21)ाये । प्ቐा(cid:21) में, अशिभयोक््ቔी +े घट+ा अप+ी माँ (अ०सा०-1) को ’(cid:21)लायी (cid:21)था बिप(cid:21)ा को Fा+कारी बिमल+े पर उस+े बि/+ाँक-03/10/2019 को लिललिx(cid:21) रिरपोट- ्ቚ/<- पी-1 था+े में /F- करवाया । जिFसपर ्ቚथम सूच+ा प्ቔ ्ቚ/<- पी-2 कायम कर घट+ास्थल का मौका-+क्<ा (cid:21)ैयार बिकया गया । साति.यों के ’या+ लिलये गये । अशिभयोक््ቔी के उ् Fांच सं’ंRी /स्(cid:21)ावेFों की Fब्(cid:21)ी की गई । बिववेच+ा पू्ቓ- कर अशिभयोगप्ቔ पे< बिकया गया । 4. अशिभयोF+ की ओर से अप+े प. समथ-+ में कु ल-08 साति.यों का परी.्ቓ (cid:21)था 12 /स्(cid:21)ावेF ्ቚ/<- तिचन्हांबिक(cid:21) करवाये गये । Rारा-313 /78 ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा के (cid:21)ह(cid:21) ’या+ में अपीलाथL +े अप+े बिवपरी(cid:21) साति.यों के कथ+ों को इन्कार कर(cid:21)े हुए स्वयं को बि+/~4 हो+ा ’(cid:21)ाकर यह कहा है बिक बिकराये की राशि< को लेकर अशिभयोक््ቔी के मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा +े बिववा/ बिकया था Fो बिकराये की राशि< +हीं /े+ा चाह(cid:21)े थें और अपीलाथL की पत्+ी के गभ- को चोट पहु ंचाकर उसके बिवरू्ሾ झूnी रिरपोट- /F- करवाये हैं । अपीलाथL ्ቛारा अप+े प. समथ-+ में उसी मका+ के /ूसरे बिकराये/ार साRराम (cid:21)ेली (’०सा०-1) का परी.्ቓ करवाया गया है । जिFस+े अपीलाथL के 4 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} ’चाव की पुबि(cid:128) कर(cid:21)े हुए कहा है बिक उभयप. के मध्य बिकराये की ’ा(cid:21) को लेकर बिववा/ हुआ था और जिFस हाथापाई में अपीलाथL की पत्+ी को चोट लगी थी Fो ’ेहो< हो गई थी । (cid:21)’ उ+के .े्ቔ के पा4-/ आकर अपीलाथL की पत्+ी को अस्प(cid:21)ाल ले गया था । बिकन्(cid:21)ु ्ቚति(cid:21)परी.्ቓ में इस सा.ी +े कहा है बिक यह स’ घट+ा उसके साम+े +हीं हुई थी ’ቄኌ(cid:129)क उसे उसकी पत्+ी +े ’(cid:21)ाया था । उसकी पत्+ी का परी.्ቓ +हीं हुआ है । उभयप. काे सु+ा Fाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथL को इस बि+्ቓ-य की कቄኌ78का-1 के अ+ुसार /ो4जिस्ቍ कर /ቄኌ78(cid:21) बिकया गया है । जिFसे इस अपील में चु+ौ(cid:21)ी /ी गई है। 5. अपीलाथL के बिव्ቛा+ अतिRव्ሹा का (cid:21)क- है बिक रिरपोट- बिवलम्’ से लिलxवायी गई है । अशिभयोF+ ्ቛारा साቌኚय से यह ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) +हीं बिकया गया है बिक घट+ा के समय अशिभयोक््ቔी की उ् 12 व4- से कम थी । बिकराये के बिववा/ को लेकर झूnी रिरपोट- की गई है । अशिभयोक््ቔी और उसके परिरF+ सा.ी बिव्ቫस+ीय +हीं है । इस मामले में बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच(cid:21) रूप से समी.ा + कर(cid:21)े हुए अपीलाथL को /ो4जिस्ቍ कर /ቄኌ78(cid:21) बिकया गया है । अपीलाथL की /ो4जिसति्ቍ सं/ेह से परे स्प(cid:128), पया-् और बिव्ቫस+ीय साቌኚय पर आRारिर(cid:21) +हीं है । “्ቚ्ाRी+ बि+्ቓ-य” ቄኌस्थर रxे Fा+े योग्य +हीं है । अ(cid:21)ः अपील स्वीकार कर उसे /ो4मु्ሹ बिकया Fाये । 6. उ्ቈरवा/ी/<ास+ प. की ओर से उपቄኌस्थ(cid:21) बिव्ቛा+ अतिRव्ሹा +े इस अपील का बिवरोR कर(cid:21)े हुए (cid:21)क- बिकया है बिक अशिभयोF+ साति.यों +े पू्ቓ- रूप से अशिभयोF+ मामले का समथ-+ बिकया है जिF+पर अबिव्ቫास बिकये Fा+े का कोई कार्ቓ +हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाRी+ बि+्ቓ-य” साቌኚय की उतिच(cid:21) समी.ा पर आRारिर(cid:21) है । अशिभयोF+ +े अपीलाथL के बिवरू्ሾ अप+ा मामला सं/ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) बिकया 7. 8. 5 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} है । अपीलाथL प. ्ቛारा अपील में उnाये गये (cid:21)क- स्वीकार योग्य +हीं है । अ(cid:21)ः अपील xारिरF बिकया Fाये । उभयप. का (cid:21)क- सु+ा गया और अशिभलेx का सूቌኚम(cid:21)ापूव-क परिर<ील+ बिकया गया । अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-2) +े न्यायालयी+ साቌኚय में अप+ी Fन्मति(cid:21)शिथ 06/01/ 2009 की ’(cid:21)ायी है । अशिभयोक््ቔी +े कहा है बिक अपीलाथL उसे और उसके भाई- ’ह+ को पढ़ा+े के ’हा+े आ(cid:21)ा था । (cid:21)त्प्ቐा(cid:21)् उसके भाई-’ह+ को पढ़ाकर ’ाहर भेF /े(cid:21)ा था, F’ उसे अके ले कमरे में पा(cid:21)ा था (cid:21)’ छेड़छाड़ कर(cid:21)े हुए उसके पूरे <रीर को छू (cid:21)ा था और स्वयं के <रीर को छू +े के लिलए ’ोल(cid:21)ा था । एक ’ार F’ अपीलाथL की पत्+ी +े उसे कहा बिक अपीलाथL को बिक<बिम< ला+े ’ोले थे (cid:21)ो यह ’ा(cid:21) वह अपीलाथL को ’ोल+े गई, (cid:21)’ वह उसे गा8-+ घूमा+े ले गया और वहां भी छेड़छा8 बिकया था । (cid:21)’ वह घट+ा अप+ी माँ को ’(cid:21)लायी थी । 9. अशिभयोक््ቔी की छोटी ’ह+ (अ०सा०-4) +े अप+ी उ्-09 व4- ’(cid:21)ायी है । उस+े अशिभयोक््ቔी के ’या+ की पुबि(cid:128) कर(cid:21)े हुए कहा है बिक अपीलाथL उ+के कमरे में पढ़ा+े के लिलए आ(cid:21)ा था । बि्ቛर उसे और उसके भाई को ’ाहर भेF /े(cid:21)ा था और उ+से चा/र मांग(cid:21)ा था । बि्ቛर स्वयं चा/र ओढ़कर उसकी ’ह+/अशिभयोक््ቔी को भी अप+े साथ ओढ़ा१ ले(cid:21)ा था और उसके साथ गं/ी-गं/ी हरक(cid:21) कर(cid:21)ा था । F’ वे पीछे मुड़कर /ेx(cid:21)े थे (cid:21)ो उन्हें ’ाहर Fा+े को कह(cid:21)ा था । प्ቐा(cid:21)् में, अशिभयोक््ቔी ’ाहर आकर, रो कर उन्हें ’(cid:21)ा(cid:21)ी थी बिक अपीलाथL उसके साथ गं/ी- गं/ी हरक(cid:21)ें कर(cid:21)ा है । 6 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} 10. अशिभयोक््ቔी का छोटा भाई (अ०सा०-5) है जिFस+े अप+ी उ्-08 व4- ’(cid:21)ायी है । उस+े अशिभयोक््ቔी के ’या+ की पुबि(cid:128) कर(cid:21)े हुए कहा है बिक F’ उसके मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा काम पर चले Fा(cid:21)े थे और वे भाई-’ह+ घर में रह(cid:21)े थे । (cid:21)’ अपीलाथL उ+के कमरे में आकर पढ़ा(cid:21)ा था और उसे (cid:21)था उसकी छोटी ’ह+ को ’ाहर xेल+े भेF /े(cid:21)ा था । उसके प्ቐा(cid:21) अशिभयोक््ቔी के साथ गं/ी-गं/ी हरक(cid:21)ें कर(cid:21)ा था Fो अशिभयोक््ቔी उन्हें प्ቐा(cid:21) में ’(cid:21)ा(cid:21)ी थी । 11. अशिभयोक््ቔी की माँ (अ०सा०-1) +े भी अशिभयोक््ቔी के ’या+ की पुबि(cid:128) कर(cid:21)े हुए कहा है बिक उसके पति(cid:21) सब्Fी बिव्ቅय और वह स्वयं /ूसरे के घर xा+ा पका+े का काय- कर(cid:21)ी थी । (cid:21)’ अपीलाथL उसके ’्ሴों को पढ़ा(cid:21)ा था । अशिभयोक््ቔी उन्हें प्ቐा(cid:21)् में ’(cid:21)ायी थी बिक छोटे भाई-’ह+ को ’ाहर भेFकर अपीलाथL उसके पूरे <रीर को छू (cid:21)ा था और स्वयं के <रीर को छू +े के लिलए उसे कह(cid:21)ा था और बिकसी को ’(cid:21)ा+े से म+ा कर(cid:21)ा था । प्ቐा(cid:21)् में अशिभयोक््ቔी +े उ्ሹ घट+ा उसे राे(cid:21)े हुए ’(cid:21)ायी थी और कही थी बिक यह घर xाली कर /ो, यहां +हीं रह+ा चाह(cid:21)ी । माँ +े यह भी कहा है बिक अपीलाथL की उ्ሹ हरक(cid:21) को एक ’ार उसकी पत्+ी +े भी लिxड़की से /ेx लिलया था (cid:21)’ अपीलाथL +े अप+ी पत्+ी को भी छोड़ /े+े की Rमकी बि/या था । बि्ቛर अपीलाथL की पत्+ी और उसकी माँ +े उ+से मा्ቛी भी मांगी थी और अपीलाथL की पत्+ी ’ेहो< भी हो गई थी । 12. अशिभयोक््ቔी के बिप(cid:21)ा (अ०सा०-3) +े अशिभयोक््ቔी की उ्-10 व4- हो+ा ’(cid:21)ा(cid:21)े हुए कहा है बिक उसे, उसकी पत्+ी (अ०सा०-1) +े ’(cid:21)ाया था बिक उसकी ’ड़ी पु्ቔी/ अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-2) के साथ अपीलाथL छेड़xा+ी कर(cid:21)े हुए गं/ी-गं/ी हरक(cid:21)ें कर(cid:21)ा है और उसके पूरे <रीर को छू (cid:21)ा है (cid:21)था अप+े पूरे <रीर को छू +े के 7 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} लिलए कह(cid:21)ा है । यह ’ा(cid:21) प(cid:21)ा चल+े पर उस+े था+े में ्ቚ/<- पी-1 की लिललिx(cid:21) रिरपोट- /F- करवाया था । जिFसपर अपराR पंFी’्ሾ हुआ था । 13. इस ्ቚकार से, अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-2) +े अपीलाथL ्ቛारा उसके साथ अ्ቨील हरक(cid:21)ें कर+ा ’(cid:21)ाया है जिFसकी पुबि(cid:128) उसके भाई-’ह+-मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा के ’या+ से भी हो(cid:21)ी है । 14. Fहाँ (cid:21)क, बिकराये/ारी को लेकर बिववा/ का ्ቚ् है? इस सं’ंR में, साति.यों के ’या+ में यह (cid:21)थ्य आया है बिक F’ अशिभयोक््ቔी +े घट+ा अप+ी माँ को ’(cid:21)ायी और रिरपोट- के समय अपीलाथL की पत्+ी गभ-व(cid:21)ी थी (cid:21)था बिववा/ हो+े पर वह ’ेहो< भी हो गई थी । बिववा/ हो+े पर पा4-/ भी आया था । यह (cid:21)थ्य भी आया है बिक एक माह का बिकराया 1,600/-रूपये था और रिरपोट- के प्ቐा(cid:21)् अशिभयोक््ቔी के प. +े अपीलाथL का घर भी रिर्ሹ कर बि/या था । उसी समय के एक माह के बिकराये के बिववा/ की ’ा(cid:21) आयी है । उसके पूव- बिकराये को लेकर कभी-कोई बिववा/ रहा हो, ऐसा साቌኚय में स्प(cid:128) +हीं हुआ है । इस ቄኌस्थति(cid:21) में F’ स्वयं अशिभयोक््ቔी +े अप+ी माँ से अपीलाथL की शि<काय(cid:21) कर(cid:21)े हुए कहा था बिक इस घर में +हीं रह+ा चाह(cid:21)ी, इस घर को छोड़ /ो । (cid:21)’ अंति(cid:21)म माह के बिकराये को लेकर हुए बिववा/ की ቄኌस्थति(cid:21) एक सामान्य ቄኌस्थति(cid:21) कही Fा सक(cid:21)ी है क्योंबिक उस समय अपीलाथL के बिवरू्ሾ अशिभयोक््ቔी प. ्ቛारा रिरपोट- कर बि/या गया था । इसलिलए F’ स्वयं ’चाव सा.ी +े बिववा/ +हीं /ेxा है और जिFस पत्+ी की सूच+ा पर बिकराये को लेकर बिववा/ हो+ा ’(cid:21)ाया है, उस पत्+ी का ’चाव में परी.्ቓ +हीं करवाया गया है । (cid:21)’ अशिभलेx में ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) सम्पू्ቓ- साቌኚय को दृबि(cid:128)ग(cid:21) रx(cid:21)े हुए यह +हीं कहा Fा सक(cid:21)ा है बिक मा्ቔ एक माह के बिकराये के बिववा/ को लेकर अशिभयोक््ቔी प. +े अपीलाथL के बिवरू्ሾ झूnी 8 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} रिरपोट- /F- करवायी हो । ऐसी /<ा में, अपीलाथL का यह ’चाव रहा है बिक बिकराये के बिववा/ को लेकर उसे झूnा ्ቛं साया गया है वह स्वीकार योग्य +हीं पाया Fा(cid:21)ा । 15. अपीलाथL प. का /ूसरा (cid:21)क- यह है बिक रिरपोट- बिवलम्’ से लिलxवायी गई है । इस सं’ंR में बिवचार करें (cid:21)ो यह स्प(cid:128) हो(cid:21)ा है बिक अशिभयोक््ቔी और उसके छोटे भाई- ’ह+ को 10 व4- या उससे कम उ् का हो+ा ’(cid:21)ाया गया है । यह भी कहा है बिक अपीलाथL ्ቛारा अशिभयोक््ቔी के छोटे भाई-’ह+ को पढ़ा+े के समय ’ाहर भेFकर, अशिभयोक््ቔी के साथ अ्ቨील हरक(cid:21)ें कर(cid:21)ा था । इ(cid:21)+े कम उ् के ’्ሴों से यह अपे.ा +हीं की Fा सक(cid:21)ी है बिक वह (cid:21)त्काल शि<काय(cid:21) करें । स्वाभाबिवक रूप से +ा’ालिलग पुबि्ቔयों में ऐसी हरक(cid:21)ों के ’ा’(cid:21)् ल्ሸा व संकोच की म+ो/<ा हो(cid:21)ी है । अपीलाथL उ+के मका+ मालिलक का पु्ቔ भी था Fो उ+के घर पढ़ा+े के ’हा+े आ(cid:21)ा था । साቌኚय में यह (cid:21)थ्य भी आया है बिक अशिभयोक््ቔी का बिप(cid:21)ा Fो बिमगL का मरीF है, वह अस्वस्थ था इसलिलए कु छ माह से घर में रहा । यह (cid:21)थ्य भी आया है बिक अशिभयोक््ቔी का बिप(cid:21)ा सब्Fी बिव्ቅय का व्यवसाय कर(cid:21)ा था F’बिक माँ /ूसरों के घर में xा+ा पका+े का काय- करके आय अቌኌF(cid:21) कर(cid:21)ी थीं । यह (cid:21)थ्य भी आया है बिक F’ अशिभयोक््ቔी के मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा समय पर घर +हीं आ(cid:21)े थे (cid:21)’ अशिभयोक््ቔी और उसके भाई-’ह+, अपीलाथL प. के घर में ही उ+के साथ ’ैnकर xा+ा xा(cid:21)े थे । जिFससे भी यह स्प(cid:128) हो(cid:21)ा है बिक /ो+ों परिरवारों के मध्य एक बिव्ቫास का रिरश्(cid:21)ा कायम था । घट+ास्थल का मौका-+क्<ा Fो बिववेचक उपबि+री.क ्ቚहला/ राnौर (अ०सा०-8) +े (cid:21)ैयार बिकया है । उससे भी यह Fाबिहर हो(cid:21)ा है बिक अपीलाथL का Fो मका+ है उसी मका+ के एक कमरे में अशिभयोक््ቔी प. बिकराये पर बि+वासर(cid:21)् थे । जिFसका एक /रवाFा ’ाहर की ओर (cid:21)ो /ूसरा /रवाFा अपीलाथL प. के मका+ में 9 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} अं/र की ओर हॉल में xुल(cid:21)ा था । इससे यह स्प(cid:128) हो(cid:21)ा है बिक /ो+ों परिरवारों के मध्य बिव्ቫास की ቄኌस्थति(cid:21) थी और इसी ’हा+े अपीलाथL, अशिभयोक््ቔी (cid:21)था उसके भाई-’ह+ को पढ़ा+े के ’हा+े आ(cid:21)ा था । ऐसी /<ा में, अशिभयोक््ቔी ्ቛारा ्ቚथम अवसर पर ही अपीलाथL की शि<काय(cid:21) +ा बिकया Fा+ा ल्ሸा व संकोच की म+ो/<ा के कार्ቓ संभव ्ቚकट हो(cid:21)ा है । इस मामले में Fो अशिभयोक््ቔी की उ्, उसकी म+ो/<ा, /ो+ाें परिरवारों के मध्य बिव्ቫास की ቄኌस्थति(cid:21) रही है उसके अ+ुसार जिFस ्ቚकार से, 03-04 माह की लगा(cid:21)ार हो+े वाली घट+ा की शि<काय(cid:21) +ा’ालिलग अशिभयोक््ቔी +े अप+ी माँ से की है, वह एक स्वाभाबिवक म+ो/<ा परिरलति.(cid:21) हो(cid:21)ी है । अपराR एक बि+रं(cid:21)र चल+े वाला ’(cid:21)ाया गया है । इस ቄኌस्थति(cid:21) में, यह +हीं कहा Fा सक(cid:21)ा बिक शि<काय(cid:21) में बिवलम्’ हुआ है और बिवलम्’ का समाRा+्ቚ/ स्प(cid:128)ीकर्ቓ +हीं बि/या गया हो । अ(cid:21)ः अपीलाथL प. का यह /ूसरा (cid:21)क- भी स्वीकार योग्य +हीं पाया Fा(cid:21)ा बिक शि<काय(cid:21) बिवलम्’ से की गई है और अशिभयोक््ቔी या उसके सा.ी अबिव्ቫस+ीय हो । 16. अपीलाथL प. का (cid:21)ीसरा (cid:21)क- यह है बिक अशिभयोF+ सं/ेह से परे यह ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) कर+े में अस्ቛल रहा है बिक घट+ा के समय अशिभयोक््ቔी की उ् 12 व4- से कम थी । इस बिव4य में ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) साቌኚय पर बिवचार करें (cid:21)ो उससे यह स्प(cid:128) हो(cid:21)ा है बिक स्वयं अशिभयोक््ቔी +े अप+ी उ् 10 व4- की ’(cid:21)ायी है (cid:21)था Fन्मति(cid:21)शिथ 06/01/2009 की कही है जिFसकी पुबि(cid:128) उसके मा(cid:21)ा-बिप(cid:21)ा के ’या+ से हो(cid:21)ी है । Fन्मति(cid:21)शिथ के बिव4य में Fन्म ्ቚमा्ቓप्ቔ वास्(cid:21)े अशिभयोक््ቔी की माँ के ्ቛारा बि/या गया आवे/+ ्ቚ/<- पी-8, न्यायालय काय-पालिलक /78ातिRकारी, कोर’ा ्ቛारा Fारी आ/े< की ्ቚति(cid:21)लिलबिप ्ቚ/<- पी-9, रजिFस्ट्रार (Fन्म-मृत्यु पंFीय+) काया-लय Fन्म ्ቚमा्ቓप्ቔ 10 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} ्ቚ/<- पी-5/सी और काया-लय की पंFी ्ቚ/<- पी-7/सी ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) की गई है । जिFसे ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) कर(cid:21)े हुए +गर बि+गम, कोर’ा में प/स्थ स्वास्थ्य अतिRकारी एवं रजिFस्ट्रार बिव+ो/ कु मार सारस्व(cid:21) (अ०सा०-6) का परी.्ቓ करवाया गया है । जिFस+े उ्ሹ /स्(cid:21)ावेFों को ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) कर(cid:21)े हुए ’(cid:21)ाया है बिक Fन्म सूच+ा पंFी ्ቚ/<- पी-7 में (cid:21)त्काली+ रजिFस्ट्रार ्ቦी रघुराF िሺसह के हस्(cid:21)ा.र हैं । जिF+के साथ वह काय- बिकया है इसलिलए उ+के हस्(cid:21)ा.र को वह पहचा+(cid:21)ा है । उ्ሹ /स्(cid:21)ावेFों के अ+ुसार अशिभयोक््ቔी की माँ की ओर से आवे/+, Fन्म से करी’ 03 व4- प्ቐा(cid:21)् F+वरी, 2012 में बि/या गया था और अशिभयोक््ቔी की Fन्मति(cid:21)शिथ का इन््ቖाF भी F+वरी, 2012 में ही हुआ है । इससे यह (cid:21)ो स्प(cid:128) हो(cid:21)ा है बिक Fन्म से 03 व4- के प्ቐा(cid:21)् Fन्मति(cid:21)शिथ का पंFीय+ करवाया गया है । बिकन्(cid:21)ु ऐसा परिरलति.(cid:21) +हीं हो(cid:21)ा है बिक घट+ा Fो व4--2019 की है उस समय अशिभयोक््ቔी का उ् कम /<ा-+े हे(cid:21)ु Fन्मति(cid:21)शिथ का पंFीय+ करवाया गया हो । चू ंबिक, Fन्मति(cid:21)शिथ का पंFीय+ व4-- 2012 में हुआ है और घट+ा व4--2019 की है (cid:21)था अशिभयोक््ቔी का Fन्म अस्प(cid:21)ाल में +हीं ’ቄኌ(cid:129)क घर में हो+ा ’(cid:21)ाया गया है । इस अवस्था में, उ्ሹ Fन्मति(cid:21)शिथ के पंFीय+ पर सं/ेह कर+े का कोई कार्ቓ ्ቚकट +हीं हो(cid:21)ा । 17. ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) साቌኚय से यह ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) हो(cid:21)ा है बिक अशिभयोक््ቔी की Fन्मति(cid:21)शिथ 06/01/2009 है । इस ्ቚकार से वह घट+ा के समय मा्ቔ 10 व4- की ही थी और 11 व4- पू्ቓ- +हीं कर पायी थी । यह भी पाया Fा(cid:21)ा है बिक वह 12 व4- से कम उ् की थी । अशिभयोक््ቔी (cid:21)था साति.यों के ’या+ से यह स्थाबिप(cid:21) हुआ है बिक अपीलाथL ्ቛारा अशिभयोक््ቔी के साथ उसके सम्पू्ቓ- <रीर को छू कर (cid:21)था अप+े स्वयं के <रीर को अशिभयाेक््ቔी से स्प<- करवा+ा, एक से अतिRक ’ार बिवशिभ्ቐ अवसरों 11 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} पर बिकया गया है । इस ्ቚकार, 12 व4- से कम उ् की अशिभयोक््ቔी के साथ एक से अतिRक ’ार लैंबिगक हमला बिकया गया है । इसलिलए अपीलाथL की Rारा-354 भार(cid:21)ीय /78 संबिह(cid:21)ा, 1860 एवं Rारा-10 लैंबिगक अपराRों से ’ालकों का संर.्ቓ अतिRबि+यम, 2012 के (cid:21)ह(cid:21) की गई /ो4जिसति्ቍ ्ቚस्(cid:21)ु(cid:21) साቌኚय को दृबि(cid:128)ग(cid:21) रx(cid:21)े हुए उतिच(cid:21) पायी Fा(cid:21)ी है जिFसमें बिकसी हस्(cid:21).ेप की आवश्यक(cid:21)ा +हीं है । इसलिलए /ो4जिसति्ቍ के िሮ’/ु पर अपील स्वीकार योग्य +हीं पायी Fा(cid:21)ी । 18. Fहाँ (cid:21)क, /78ा/े< का ्ቚ् है? इस सं’ंR में, अपीलाथL प. के बिव्ቛा+ अतिRव्ሹा का (cid:21)क- है बिक Rारा-10 लैंबिगक अपराRों से ’ालकों को संर.्ቓ अतिRबि+यम में न्यू+(cid:21)म /78 05 व4- की है । अपीलाथL एक 25 व4Lय +वयुवक होकर व्यवसायी ’(cid:21)ाया गया है Fो +ा जिस्ቛ- बिववाबिह(cid:21) है ’ቄኌ(cid:129)क उसकी सं(cid:21)ा+ भी है । वह करी’ 2½ व4- से अशिभर.ा में है । अ(cid:21)ः /78ा/े< में उ/ार(cid:21)ा ’र(cid:21)ी Fाये । जिFसका अशिभयोF+ प. +े बिवरोR बिकया है । 19. यह उ्ቤेx+ीय (cid:21)थ्य है बिक अपीलाथL बिवचार्ቓ के समय करी’ 2½ माह (cid:21)क अशिभर.ा में रहा और ्ቚ्ाRी+ बि+्ቓ-य बि/+ाँक-10/11/2022 से आF बि/+ाँक (cid:21)क अशिभर.ा में है । अपीलाथL एक 25 व4Lय +वयुवक होकर व्यवसायी ’(cid:21)ाया गया है Fो +ा जिस्ቛ- बिववाबिह(cid:21) है ’ቄኌ(cid:129)क उसकी सं(cid:21)ा+ भी है । इस ्ቚकार, उस पर पारिरवारक जिFम्मे/ारिरयां भी हैं । इस अवस्था में, मामले के सम्पू्ቓ- (cid:21)थ्य और परिरቄኌस्थति(cid:21)यों को दृबि(cid:128)ग(cid:21) रx(cid:21)े हुए /78 के ्ቚ् पर कु छ उ/ार(cid:21)ा ’र(cid:21)ा Fा+ा उतिच(cid:21) पाया Fा(cid:21)ा है । 20. अ(cid:21)ः /78 के ्ቚ् पर अपील स्वीकार कर(cid:21)े हुए अपीलाथL की Rारा-354 भार(cid:21)ीय /78 संबिह(cid:21)ा, 1806 एवं Rारा-10 लैंबिगक अपराRों से ’ालकों का संर.्ቓ 12 / 12 {Cr. A. No.-25 of 2023} अतिRबि+यम, 2012 में कारावासी /78 07-07 व4- को कम कर(cid:21)े हुए 05-05 व4- के स्ቦम कारावास में परिरवቔኌ(cid:21)(cid:21) की Fा(cid:21)ी है । अथ-/78 की राशि< यथाव(cid:21)् रxी Fा(cid:21)ी है । /ो+ों मूल सFायें साथ-साथ चलेंगी । अपीलाथL की अशिभर.ा अवतिR उसके कारावासी /78 में समायोजिF(cid:21) की Fाये । 21. उपरो्ሹा+ुसार, /78 के ्ቚ् पर अपील आं शि<क रूप से स्वीकार की Fा(cid:21)ी है । 22. अपीलाथL को Fेल में बि+रू्ሾ ’(cid:21)ाया गया है । अ(cid:21)ः उसे समप-्ቓ कर+े की आवश्यक(cid:21)ा +हीं है । 23. बि+्ቓ-य की ्ቚति(cid:21) के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेx (cid:21)था बि+्ቓ-य की सत्य्ቚति(cid:21)लिलबिप सं’ंतिR(cid:21) Fेल अRी.क को आवश्यक काय-वाही हे(cid:21)ु सूच+ाथ- एवं पाल+ाथ- <ी्ቈ(cid:21)ापूव-क ्ቚेबि4(cid:21) हो । सही/- (संFय कु मार Fायसवाल) न्यायाRी< पोम+