High Court
Case Details
1 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 2025:CGHC:14390 अ्ቚति(cid:21)वे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय , बि’लासपुर दाቄኌ-.क अपील ्ቅमांक -17 /2007 1. भुवने्ቫर साहू बिप(cid:21)ा-हरिरलाल साहू, उ्-लगभग 25 व्ቧ<, पेशा-सायकल दुकान व कृ बि्ቧ, बिनवासी-सूखापाली, थाना-सरिरया, (cid:21)हसील-सारंगढ़, जिBला-रायगढ़, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथC बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ शासन, ्ቛारा थाना-सरिरया, (cid:21)हसील-सारंगढ़, जिBला-रायगढ़, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवादी अपीलाथC ्ቛारा : ्ቦी रूप नायक, अतिIव्ሹा सह ्ቦी संBीव कु मार साहू, अतिIव्ሹा। शासन/उ्ቈरवादी ्ቛारा : ्ቦी अरिሷवद दु’े, शासकीय अतिIव्ሹा । माननीय न्यायमूቔኌ(cid:21) ्ቦी संBय कु मार Bायसवाल !! पीठ पर बिन्ቓ<य !! 25/03/2025 1. इस न्यायालय ्ቛारा बिदनांक-12/03/2025 को अपीलाथC के बिवरू्ሾ गैर Bमान(cid:21)ी वारंट Bारी कर उसे बिदनांक-25/03/2025 को न्यायालय में उपቄኌXथ(cid:21) होने हे(cid:21)ु आदेशिश(cid:21) बिकया गया था । उ्ሹ आदेश के परिरपालन में अपीलाथC आB Xव(cid:21)ः उपቄኌXथ(cid:21) । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.26 14:02:07 +0530 2 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 2. द-. ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा, 1973 की Iारा-374 (2) के (cid:21)ह(cid:21) ्ቚX(cid:21)ु(cid:21) इस दाቄኌ-.क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-बि्ቛ(cid:21)ीय अपर स्ቔ न्यायाIीश, रायगढ़, कै म्प कोट<- सारंगढ़, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-109/2005 “छ्ቈीसगढ़ शासन बिवरू्ሾ भुवने्ቫर साहू” में पारिर(cid:21) बिन्ቓ<य बिदनांक-29/12/2006 को चुनौ(cid:21)ी दी गई है । जिBसके (cid:21)ह(cid:21) अपीलाथC को बिनम्नानुसार दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-.(cid:21) बिकया गया है । जिBसे आगे सं्ቌेप में “्ቚ्ाIीन बिन्ቓ<य” से सम्’ोतिI(cid:21) बिकया Bा रहा हैः- दो्ቧजिसति्ቍ द-.ादेश Iारा-376 भार(cid:21)ीय द-. संबिह(cid:21)ा, 1860 Iारा-450 भार(cid:21)ीय द-. संबिह(cid:21)ा, 1860 07 व्ቧ< का स्ቦम कारावास एवं 2,000/- रूपये का अथ<द-. (cid:21)था अथ<द-. राशिश अदा न करने की दशा में 03 माह के अति(cid:21)रिर्ሹ स्ቦम कारावास की सBा से दቄኌ-.(cid:21) बिकया गया । 07 व्ቧ< का स्ቦम कारावास एवं 2,000/- रूपये का अथ<द-. (cid:21)था अथ<द-. राशिश अदा न करने की दशा में 03 माह के अति(cid:21)रिर्ሹ स्ቦम कारावास की सBा से दቄኌ-.(cid:21) बिकया गया । दोनों मूल सBायें साथ-साथ चलेंगी । 3. अशिभयोBन मामला सं्ቌेप में इस ्ቚकार है बिक 30 व्ቧCय अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) अपने पति(cid:21) और ’्ሴों के साथ ्ቇाम-सूखापाली में बिनवासर(cid:21) थी । घटना बिदनांक- 04/08/2005 को दोपहर लगभग 02:30 अशिभयोक््ቔी अपने घर में अके ली थी (cid:21)था उसका पति(cid:21) काय<वश ’ाहर गया हुआ था और उसके ’्ሴे बिव्ቕालय गये हुए थे । सास (cid:21)था Bेठ-Bेठानी उसी मकान में पृथक-पृथक बिनवास कर(cid:21)े हैं Bो बिक कशिथ(cid:21) 3 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} घटना के समय उसी मकान के दूसरे बिहXसे में मौBूद थें और वह घर के परछी में सोयी थी । इसी दौरान अपीलाथC भुवने्ቫर साहू घर में घुसकर उसका हाथ-’ांह पकड़कर खींच(cid:21)े हुए अंदर ले गया और Bमीन में पटक बिदया (cid:21)था उसके साथ ’लात्संग करने लगा (cid:21)ो वह तिच्ቤायी और अपने ’चाव का ्ቚयास की । ’लात्संग के दौरान ही अशिभयोक््ቔी की सास (अ०सा०-2) आयी (cid:21)ो उसे देखकर अपीलाथC भागने लगा और तिच्ቤाने की आवाB सुनकर उसके Bेठ (अ०सा०-15) व Bेठानी (अ०सा०-3) आये और अपीलाथC को पकड़ने का ्ቚयास बिकये (cid:21)ो वह छु ड़ाकर भाग गया । B’ उसका पति(cid:21) (अ०सा०-14) वापस घर आया (cid:21)ो उसे घटना ’(cid:21)ायी । बिwर उसी बिदन थाना-सरिरया में अपीलाथC के बिवरू्ሾ नामBद रिरपोट< दB< करवायी जिBसपर पुलिलस ्ቛारा ्ቚदश< पी-1 का ्ቚथम सूचना प्ቔ कायम बिकया गया । अशिभयोक््ቔी से उसकी साड़ी, पेटीकोट एवं अं(cid:21)रवኚᮌ की Bब्(cid:21)ी ्ቚदश< पी-2 के (cid:21)ह(cid:21) की गई । अनुमति(cid:21) (cid:21)था सहमति(cid:21) उपरां(cid:21) अशिभयोक््ቔी का .ाॅक्टरी परी्ቌ्ቓ करवाया गया । घटनाXथल का मौका नक्शा ्ቚदश< पी-4 (cid:21)ैयार बिकया गया । अपीलाथC के अं(cid:21)रवኚᮌ की Bब्(cid:21)ी ्ቚदश< पी-12 के (cid:21)ह(cid:21) की गई । .ॉक्टर ्ቛारा (cid:21)ैयार कर दी गई Xलाई. (cid:21)था Bब्(cid:21) वኚᮌों को रासायबिनक परी्ቌ्ቓ हे(cid:21)ु भेBा गया । साति्ቌयों के ’यान लिलये गये । अपीलाथC का भी .ॉक्टरी परी्ቌ्ቓ करवाया गया । संपू्ቓ< बिववेचना उपरां(cid:21) अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया । 4. अशिभयोBन की ओर से अपने प्ቌ समथ<न में 20 साति्ቌयों का परी्ቌ्ቓ (cid:21)था 25 दX(cid:21)ावेB ्ቚदश< तिचन्हांबिक(cid:21) करवाये गये । Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा के (cid:21)ह(cid:21) ’यान में अपीलाथC ने अपने बिवपरी(cid:21) साति्ቌयों के कथनों को इन्कार कर(cid:21)े हुए कहा है बिक वह बिनद~्ቧ है और उसे झूठा wं साया गया है । उसकी ओर से ’चाव में बिकसी सा्ቌी का परी्ቌ्ቓ नहीं करवाया गया । उभयप्ቌ काे सुना Bाकर बिवचार्ቓ न्यायालय 4 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} ्ቛारा अपीलाथC को इस बिन्ቓ<य की कቄኌ-.का-2 के अनुसार दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-.(cid:21) बिकया गया है । जिBसे इस अपील में चुनौ(cid:21)ी दी गई है । 5. अपीलाथC प्ቌ के बिव्ቛान अतिIव्ሹा का (cid:21)क< है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक 30 व्ቧCय बिववाबिह(cid:21) मबिहला है Bो इस मामले में सहम(cid:21) प्ቌ रही है । उसने अशिभयोक््ቔी के साथ कोई B’रदX(cid:21)ी नहीं बिकया है । घटना को अशिभयोक््ቔी की सास ्ቛारा देख लिलये Bाने पर और सास ्ቛारा तिच्ቤाने पर अशिभयोक््ቔी के Bेठ-Bेठानी, Bो उसी मकान के दूसरे बिहXसे में मौBूद थे, उनके आ Bाने पर अपीलाथC के बिवरू्ሾ झूठी रिरपोट< लिलखवायी गई है । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच(cid:21) रूप से समी्ቌा न कर(cid:21)े हुए अपीलाथC को ्ቔुबिटपूव<क दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-.(cid:21) बिकया गया है । अपीलाथC की दो्ቧजिसति्ቍ संदेह से परे Xप्ቖ, पया<् और बिव्ቫसनीय साቌኚय पर आIारिर(cid:21) नहीं है । “्ቚ्ाIीन बिन्ቓ<य” ቄኌXथर रखे Bाने योग्य नहीं है । अ(cid:21)ः अपील Xवीकार कर उसे दो्ቧमु्ሹ बिकया Bाये । 6. उ्ቈरवादी/शासन प्ቌ की ओर से उपቄኌXथ(cid:21) बिव्ቛान अतिIव्ሹा ने इस अपील का बिवरोI कर(cid:21)े हुए (cid:21)क< बिकया है बिक अशिभयोBन साति्ቌयों ने पू्ቓ< रूप से अशिभयोBन मामले का समथ<न बिकया है जिBनपर अबिव्ቫास बिकये Bाने का कोई कार्ቓ नहीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाIीन बिन्ቓ<य” साቌኚय की उतिच(cid:21) समी्ቌा पर आIारिर(cid:21) है । अशिभयोBन ने अपीलाथC के बिवरू्ሾ अपना मामला संदेह से परे ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) बिकया है । अपीलाथC प्ቌ ्ቛारा अपील में उठाये गये (cid:21)क< Xवीकार योग्य नहीं है । अ(cid:21)ः अपील खारिरB बिकया Bाये । 7. उभयप्ቌ का (cid:21)क< सुना गया और अशिभलेख का सूቌኚम(cid:21)ापूव<क परिरशीलन बिकया गया । 5 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 8. अशिभयोBन के ्ቚX(cid:21)ु(cid:21) साቌኚय से यह ቄኌXथति(cid:21) Xप्ቖ है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक 30 व्ቧCय बिववाबिह(cid:21) मबिहला है जिBसके 02 ’्ሴे भी हैं । वह उसी ्ቇाम- सूखापाली के शासकीय बिव्ቕालय में रसोईया का काम करने करी’ 10:00 ’Bे Bा(cid:21)ी थी Bो मध्यान्ह भोBन ’ना(cid:21)ी थी । उसी बिव्ቕालय में उसके ’्ሴे भी अध्ययनर(cid:21) थे । वह दोपहर में वापस अपने घर भी आ(cid:21)ी थी और पुनः बिव्ቕालय Bा(cid:21)ी थी । बिव्ቕालय से उसके घर की दूरी मा्ቔ ½ बिकलोमीटर की रही । यह ቄኌXथति(cid:21) Xप्ቖ हो(cid:21)ी है बिक अशिभयोक््ቔी के पति(cid:21) (अ०सा०-14) का भाई (अ०सा०- 15) है जिBसकी पत्नी (अ०सा०-3) हैं । दोनों भाईयों का आपस में ’ंटवारा हो चुका है । मकान का एक बिहXसा अशिभयोक््ቔी के पति(cid:21) (अ०सा०-14) को (cid:21)ो दूसरा बिहXसा अशिभयोक््ቔी के Bेठ (अ०सा०-15) को बिमला है, ’ीच में दीवार ’(cid:21)ायी गयी है । अशिभयोक््ቔी प्ቌ के मकान के बिहXसे में अशिभयोक््ቔी के पति(cid:21) ्ቛारा हालर बिमल भी चलाया Bा(cid:21)ा है और दोनों भाईयों के बिहXसे के ’ीच में उनकी माँ (अ०सा०-2) को एक कमरा बिमला हुआ है । कशिथ(cid:21) घटना के समय अशिभयोक््ቔी की सास (अ०सा०-2) उस मकान के सामने ቄኌXथ(cid:21) अलेखराम के घर गई हुई थी । घटनाXथल वाले मकान की संपू्ቓ< ቄኌXथति(cid:21) पटवारी ्ቛारा (cid:21)ैयार नक्शा ्ቚदश< पी-4 से Xप्ቖ हो(cid:21)ा है । यह भी Xप्ቖ हो(cid:21)ा है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के मकान के जिBस बिहXसे में घटना कारिर(cid:21) होना ’(cid:21)ाया गया है उससे लगा हुआ ही उसके Bेठ (अ०सा०-15) के मकान का बिहXसा है और उन दोनों के मकान के (cid:21)ीन (cid:21)रw अन्य लोगों के मकान है । अशिभयोक््ቔी के घटनाXथल वाले कमरे से तिच्ቤाने पर उसके Bेठ के मकान में भी सुनाई देगा (cid:21)था आस-पड़ोस में भी सुनाई देगा । यह ቄኌXथति(cid:21) भी Xप्ቖ है बिक कशिथ(cid:21) घटना के समय अशिभयोक््ቔी की Bेठानी (अ०सा०- 3) और Bेठ (अ०सा०-15) अपने बिहXसे के मकान में ही मौBूद थे । 6 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 9. न्यायालयीन ’यान में अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ने अपीलाथC के बिवरू्ሾ अशिभयोBन के मामले की पुबि्ቖ की है । .ॉक्टर Bय कु मार चौIरी (अ०सा०-9) ने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) का घटना के दूसरे ही बिदन बिदनांक-05/08/2005 को .ॉक्टरी परी्ቌ्ቓ कर ्ቚति(cid:21)वेदन ्ቚदश< पी-10 बिदया है । जिBसके अनुसार इस ’ा’(cid:21) बिनति(cid:135)(cid:21) अशिभम(cid:21) नहीं आया है बिक कशिथ(cid:21) घटना के समय अशिभयोक््ቔी के साथ B’रन ’लात्संग हुआ हो । उसके शरीर पर बिकसी ्ቚकार के कोई चोट नहीं पाये गये हैं । मामले में अशिभयोक््ቔी के Xलाई. (cid:21)ैयार कर और उसके अं(cid:21)रवኚᮌों को Bब्(cid:21) कर रासायबिनक परी्ቌ्ቓ हे(cid:21)ु भेBा गया है । रासायबिनक परी्ቌ्ቓ रिरपोट< ्ቚा् भी हुई है, िሷक(cid:21)ु उसे ्ቚदश< तिचन्हांबिक(cid:21) नहीं बिकया गया है । उस परी्ቌ्ቓ रिरपोट< के अनुसार वीय< (cid:21)था मानव शु्ቅा्ቓु पाये गये हैं, िሷक(cid:21)ु उस Bांच रिरपोट< के ’ा’(cid:21) Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा के (cid:21)ह(cid:21) ’यान में अपीलाथC से कोई ्ቚ् पूछकर उसका Xप्ቖीकर्ቓ नहीं लिलया गया है । अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक बिववाबिह(cid:21) मबिहला है और रिरपोट< के समय घर में उसके पति(cid:21) की भी उपቄኌXथति(cid:21) थी । ऐसी दशा में, B’ अन्य कोई परी्ቌ्ቓ रिरपोट< नहीं है (cid:21)’ बिनति(cid:135)(cid:21) रूप से यह नहीं कहा Bा सक(cid:21)ा बिक अशिभयोक््ቔी के Xलाई. या कपड़ों में पाया गया वीय< या मानव शु्ቅाु्ቓ अपीलाथC का ही हो । Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा के (cid:21)ह(cid:21) उ्ሹ परी्ቌ्ቓ रिरपोट< के ’ा’(cid:21) अपीलाथC से ्ቚ् पूछ कर उसका कोई Xप्ቖीकर्ቓ नहीं लिलया गया है । इसलिलए भी उ्ሹ Bांच रिरपोट< को अपीलाथC के बिवरू्ሾ दो्ቧजिसति्ቍ का आIार नहीं ’नाया Bा सक(cid:21)ा । 10. अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के सहम(cid:21) या असहम(cid:21) होने का ्ቚ् है? इस सं’ंI में, अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1), उसकी Bेठानी (अ०सा०-3), Bेठ (अ०सा०-15) 7 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} एवं सास (अ०सा०-2) के ’यान से यह Xप्ቖ हो(cid:21)ा है बिक B’ सास उस कशिथ(cid:21) कमरे में पहु ंची (cid:21)ो उसने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के साथ अपीलाथC को संबिदग्I अवXथा में देख लिलया था । Bेठानी (अ०सा०-3) और Bेठ (अ०सा०-15) के अनुसार वे सास (अ०सा०-2) के तिच्ቤाने की आवाB सुनकर मौके पर पहु ंचे थे । B’बिक Xवयं सास (अ०सा०-2) का कथन है बिक वह अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के तिच्ቤाने पर मौके पर पहु ंची थी । 11. सभी साति्ቌयों के ’यान को सम्ቇ रूप से देखे (cid:21)ो यह ቄኌXथति(cid:21) Xप्ቖ हो(cid:21)ी है बिक यबिद अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ्ቚारंभ में ही आवाB देकर सहाय(cid:21)ा की मांग कर(cid:21)ी (cid:21)ो उसी घर के दूसरे बिहXसे में मौBूद Bेठानी (अ०सा०-3) और Bेठ (अ०सा०-15) पहले अशिभयोक््ቔी की आवाB सुनकर मौके पर पहु ंच सक(cid:21)े थे क्योंबिक उसकी सास (अ०सा०-2) बिकसी अन्य के मकान में सामने (cid:21)रw गई हुई थी । अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ने यह भी ’(cid:21)ाया है बिक अपीलाथC ने उसका और Xवयं का कपड़ा उ(cid:21)ार बिदया था । उसकी Bेठानी (अ०सा०-3) के कथन में भी आया है बिक B’ वह पहु ंची (cid:21)ो देखी बिक अशिभयोक््ቔी और अपीलाथC पूरे कपड़े नहीं पहने थे । इसी ्ቚकार का कथन सास (अ०सा०-2) का भी रहा है । अशिभयोक््ቔी ने यह भी कहा है बिक अपीलाथC ने करी’ 05 बिमनट (cid:21)क उसके साथ सं’ंI ’नाया था । कቄኌ-.का-22 में वह कह(cid:21)ी है बिक यबिद सास कमरे में नहीं आयी हो(cid:21)ी (cid:21)ो उ्ሹ सं’ंI और समय (cid:21)क चल(cid:21)ा या नहीं चल(cid:21)ा, इस बिव्ቧय में वह नहीं ’(cid:21)ा सक(cid:21)ी । इसी ्ቚकार, उनके साቌኚय में यह (cid:21)थ्य भी आया है बिक घटना को B’ सास और Bेठ- Bेठानी ने देख लिलया (cid:21)था अशिभयोक््ቔी के पति(cid:21) (अ०सा०-14) को सूतिच(cid:21) बिकया गया (cid:21)’ गांव में पंचाय(cid:21) की गई थी और पंचाय(cid:21) के प(cid:135)ा(cid:21) रिरपोट< दB< करवायी गई । 8 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 12. इन स’ अवXथाओं में B’ अशिभयोक््ቔी ने यह Xवीकार बिकया है बिक अपीलाथC का उसके घर में पूव< से आना-Bाना था, जिBस (cid:21)थ्य को उसके परिरBनों ने पु्ቖ बिकया है । उस ቄኌXथति(cid:21) में, Bेठ और Bेठानी के इस कथन को देख(cid:21)े हुए बिक उन्होंने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के तिच्ቤाने की आवाB नहीं सुनी थी ’ቄኌ(cid:139)क सास (अ०सा०-2) के तिच्ቤाने की आवाB सुनकर मौके पर पहु ंचे थे । सास (अ०सा०-2) ने कहा है बिक B’ वह घर में पहु ंची (cid:21)ो उसने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) और अपीलाथC को संबिदग्I अवXथा में देख लिलया था, Bो दोनों ही उस समय पूरे कपड़े नहीं पहने हुए थे । उस समय अपीलाथC को पकड़ने का ्ቚयास भी बिकया गया था, िሷक(cid:21)ु वह भाग गया था । इसलिलए अशिभयोक््ቔी का यह कथन संदेह से परे बिव्ቫसनीय नहीं पाया Bा(cid:21)ा बिक अपीलाथC ने उसके साथ उसकी इच्छा या सहमति(cid:21) के ’गैर ’लपूव<क शारीरिरक सं’ंI ’नाया था । 13. ऐसी दशा में, अपीलाथC की दो्ቧजिसति्ቍ Xप्ቖ, पया<् और बिव्ቫसनीय साቌኚय पर आIारिर(cid:21) नहीं है । अशिभयोक््ቔी और उसके परिरBन साति्ቌयों का ’यान संबिदग्I होने के कार्ቓ अपीलाथC के बिवरू्ሾ मामला संदेह से परे ्ቚमाशि्ቓ(cid:21) नहीं है । ऐसी दशा में, “्ቚ्ाIीन बिन्ቓ<य” ቄኌXथर रखे Bाने योग्य नहीं पाया Bा(cid:21)ा । 14. 15. अ(cid:21)ः अपील Xवीकार की Bा(cid:21)ी है । “्ቚ्ाIीन बिन्ቓ<य” अपाX(cid:21) बिकया Bा(cid:21)ा है (cid:21)था अपीलाथC को संदेह का लाभ दे(cid:21)े हुए आरोबिप(cid:21) अपराI से दो्ቧमु्ሹ बिकया Bा(cid:21)ा है । अपीलाथC को Bमान(cid:21) पर ’(cid:21)ाया गया है । द-. ्ቚबि्ቅया संबिह(cid:21)ा, 1973 की Iारा-437 (क) के (cid:21)ह(cid:21) उसका Bमान(cid:21)-मुचलका और 06 माह के लिलए ्ቚभावशील रहेगा (cid:21)त्प(cid:135)ा(cid:21)् अन्य न्यायालय में उपቄኌXथ(cid:21) होने की आवश्यक(cid:21)ा ना रहने पर मु्ሹ समझा Bायेगा । 9 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 16. बिन्ቓ<य की ्ቚति(cid:21) के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय<वाही हे(cid:21)ु सूचनाथ< एवं पालनाथ< शी्ቈ(cid:21)ापूव<क वापस ्ቚेबि्ቧ(cid:21) हो । सही/- (संBय कु मार Bायसवाल) न्यायाIीश पोमन